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क्या होती है ओवेरियन सिस्ट और इसके घरेलू उपचार – ovarian cyst and it’s home treatment in Hindi

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आज के परिपेक्ष में बात करें तो पूरे विश्व में कैंसर का रोग बहुत तेज़ी से बढ़ा हैं. जिसमें भारत भी पीछे नही रहा है. कैंसर से ग्रसितों की संख्या में महिलाओं की गिनती भी कम नही हैं. महिलाओं में सबसे अधिक होने वाले कैंसरों में पहले पायदान पर ब्रेस्ट कैंसर, दूसरे पर सर्वाइकल कैंसर और तीसरे नंबर पर ओवेरियन यानी यूटेरस कैंसर आता हैं.

रोगों और लक्षणों की पूरी जानकारी न होना, इस समस्या की गंभीरता को और बढा देता हैं. इसलिए आज हम आपको बताएंगे ओवरियन सिस्ट के घरेलू उपचार और इसके कुछ लक्षण, लेकिन उससे पहले ओवेरियन सिस्ट के बारे में कुछ जानकारी जो इस प्रकार हैं.

सिस्ट की समस्या

ओवेरियन सिस्ट एक ऐसी समस्या है जो सभी स्त्रियों को उनके जीवनकाल में कभी न कभी जरूर होती हैं क्योंकि ओवरी के भीतर द्रव्य से भरी थैलीनुमा संरचनाएं होती हैं. पीरियड के दौरान इस थैली के आकार की एक संरचना उभरती है, जो फॉलिकल के नाम से जानी जाती हैं. इन फॉलिकल्स से एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्ट्रॉन नाम के हॉर्मोस निकलते है,

जो ओवरी से मैच्योर एग की निकासी में सहायक होते हैं. वहीं कुछ मामलों में पीरियड की निश्चित अवधि खत्म हो जाने के बाद भी फॉलिकल का आकार बढता जाता है जिसे ओवेरियन सिस्ट कहा जाता हैं. सिस्ट के कई कारण हो सकते हैं जैसे, आनुवंशिक प्रभाव, मोटापा, कम उम्र में पीरियड की शुरुआत, गर्भधारण में अक्षमता तथा हॉर्मोन्स का असंतुलन आदि.

सिस्ट के लक्षण

पेट के निचले हिस्से में रुक-रुक कर दर्द और भारीपन महसूस होना सिस्ट की समस्या होना दिखाता हैं. पीरियड का अनियमित और अधिक मात्रा में ब्लीडिंग होना सिस्ट की समस्या के लक्षण हैं. व्यायाम या सहवास के बाद पेल्विक क्षेत्र में दर्द महसूस होना. भी सिस्ट की समस्या के कारण होता हैं. जी मिचलाना और वजाइना में दर्द होना भी सिस्ट की समस्या के लक्षण हैं.

ओवेरियन सिस्ट के घरेलू उपचार

कैस्टर ऑयल पैक

एक कपड़ा लें और उसे मोड़कर तीन से चार परतों बना लें.
कपड़े में दो चम्मच कैस्टर ऑयल डालें और पेट पर रखें.
उसके ऊपर हॉट वॉटर बॉटल रखकर तौलिये की मदद से पेट को कवर करें.
इसे 30 मिनट तक लगाए रखें, ऐसा तीन महीने तक हफ्ते में तीन बार करना होगा.

एप्पल साइडर विनेगर

एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर डालें.
एक चम्मच गुड़रस मिलाएं और हर रोज एक से दो ग्लास इस घोल को पिएं.
इसे पीने से सिस्ट की समस्या दूर हो जाएगी और मासिकधर्म से जुड़ी समस्याओं से भी राहत मिलती हैं.

चुकन्दर का प्रयोग

चुकन्दर से आपके शरीर में एसिडिटी की समस्या भी दूर होती हैं. ऐसे में आधा कप ताज़े चुकन्दर के जूस में एक चम्मच एलोविरा जेल और गुड़रस मिलाएं.
इसे नाश्ते से पहले, दिन में एक बार कुछ दिन तक पिएं. इससे सिस्ट की समस्या में आराम मिलता हैं.

अदरक का रस

अदरक शरीर में गर्माहट पैदा करता है और रूके हुए मासिकधर्म को भी शुरू कर देता है.
थोड़ी अदरक, एक ग्लास एप्पल जूस और एक चौथाई अन्नानास को मिलाकर जूस निकाल लें.
सिस्ट के खत्म हो जाने तक इसे रोज पिए या अदरक वाली चाय भी पी जा सकती हैं.

अलसी के बीज

अलसी के बीज में फाइबर अधिक होता है जिससे शरीर में से नुकसानदायक टॉक्सिन्स, कोलेस्ट्रॉल और अन्य लिवर को नुकसान करने वाले तत्व बाहर निकल जाते हैं.
रोज खाली पेट, एक चम्मच असली के बीज को पीस कर एक ग्लास गर्म पानी में पिएं.

बादाम खाए

भुने हुए बादाम खाएं.
बादाम के तेल से पेट के आसपास की जगह पर मालिश भी कर सकते हैं.
बादाम के तेल में जैसमीन का तेल मिला लेने से अच्छे परिणाम मिलते हैं.

सिंकाई करें

पेट या निचले पेल्विक स्थान पर हॉट बॉटल से सिकाई करें.
ऐसा कम से कम 15 मिनट के लिए करें.
यह एक अच्छा सिस्ट का घरेलू उपचार है, इससे बहुत जल्दी राहत मिलती हैं.

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Kartik Bhardwaj

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