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Food facts in Hindi – भोजन के तथ्य

Food facts in Hindi – भोजन के तथ्य

1. पराठा और दही साथ नही खाए

आजकल दही के साथ पराठे का चलन ज़ोरों पर है, लेकिन अच्छे स्वास्थ के लिए हमें तली हुई चीजों के साथ दही का सेवन नही करना चाहिए. पराठों में होने वाली चर्बी की मात्रा हमारे पाचन प्रकिया को धीमा करती है, जिसके कारण हमारे शरीर को जो ऊर्जा चर्बी से मिलनी चाहिए नही मिल पाती.
लेकिन फिर भी कोई किसी तली हुए खाने के साथ दही खाना पंसद करता है तो ऐसे में दही थोड़ा सेंधा नमक, काला नमक या आमला पाउडर ड़ाल सेवन करें, इससें दही के साथ तला हुआ खाने के नाकारात्मक प्रभाव कम हो जाते है.

2. खाने के साथ चाय नही लेनी चाहिए

हम में से बहुत से लोगों को अपने खाने के साथ चाय पीने या खाने के तुरंत बाद चाय लेने की आदत होती है, जिसके कारण पेंट की गैस की समस्या रहती है.क्योंकि चाय पीने के कारण हमारे शरीर में प्रोटीन एसीमीलेशन गड़बड़ हो जाता है जिसके चलते हमारा शरीर सही मात्रा में प्रोटीन को ले नही पाता.

इसी वजह से हमें अपच या और तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
अगर आपको ज्यादा चाय पीने की आदत है, तो आप चाय खाने के एक घंटे पहले या बाद में पीए, लेकिन खाने के साथ कभी नही.

3. अंडे से करें वजन कम

अंडे सबसे ज्यादा हेल्थी फूड में से एक है. इसमें प्रोटीन की मात्रा काफी अच्छी होने के साथ-साथ काफी सारे विटामीन और मिनरल भी होते है. अंडे में कुछ खास गुण ऐसे भी है जो आपको वजन घटाने में मदद कर सकते है. जाने वो खास गुण

वजन घटाने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपना रोज का कैलरी इंनटेक कम करदें. एक बड़े अंड़े में सिर्फ 78 कैलरी होती है, जबकि पोषक तत्वों की मात्रा काफी ज्यादा होती है. जिसमें अंडे की जर्दी विशेष रूप से पौष्टिक होती है. जिसे खाने से आपको पेंट भरा लगेगा और पूरे दिन में कैलरी लेने की मात्रा भी कम रहेगी.

अंड़ो में हाई प्रोटीन सामग्री के कारण उनमें पोषक तत्व घने होते है. अगर हम तुलना करें कम प्रोटीन वाले खाने की, तो हाई प्रोटीन का खाना हमारी भूख को कम करने में मदद करता है.
अंड़े के अंदर सारे जरूरी एमिनो एसिड सही अनुपात में होते है.

जिससे हमारे शरीर को जरूरी प्रोटीन मिल जाता है और मेटाबोलीज़म भी सही रहता है.
नाश्ते में अंड़े खाने से हमें कम भूख लगती है और खाने की इच्छा भी कम रहती है मुकाबले नाश्ते में कुछ और लेने कें.

4. काजू

काजू का पेड़ एक ट्रोपीकल सदाबहार पेड़ है जिस पर काजू सेब और काजू बीज होते है. काजू बीज जिसें आसान भाषा में काजू भी कहा जाता है लोगों में प्रचलित है. इसके अलावा काजू को सादा, भून कर या किसी रेसीपी में भी इस्तेमाल किया जाता है. जबकि इसको पनीर और मक्खन में भी प्रयोग किया जाता है. काजू का मुख्यता उत्पादन भारत, वियतनाम, नाइजीरिया और आईवरी कोस्ट पर होता है.

काजू में एंटी ओक्सीडेट होते है जो हमें कैसर के कारक हवा में कणों से हमारी रक्षा करते है. यह एक एनर्जी वाला फूड है और इसमें स्वस्थ मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है जो अच्छे हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है. इसके अलावा काजू हमारे दांत और मसूड़ो को स्वस्थ रखता है. काजू में कोलेस्ट्रॉल नही होता.

इसके अलावा काजू में हाई काँपर कंटेट होता है जो ऐनर्जी बनाए रखने में मदद करता है. काजू का सेवन हमारे शरीर में न केवल आईरन की मात्रा को बढ़ाता है बल्कि हड्डी और प्रतिरोधक टीशुस को भी अच्छा करता है. साथ ही हमारे तव्चा और बालों के टीशुस को भी ठीक करता है. इसके अलावा मेनोपोसल महिलाओं में सामान्य नींद के पैटर्न को ठीक करता है.

आत्या हर्ब द्वारा बनाई गई हर्बल यूनानी दवाईयों में ड्राई फ्रूट्स प्रमुख तत्व हैं. कंपनी द्वारा काजू का उपयोग काफी सारी दवाईयों में प्रमुख तत्व की तरह उपयोग होता है.
ड्राई फ्रूट्स की प्रीमियम गुणवत्ता जो कि अभी तक चिकित्सा प्रयोजन के लिए उपयोग की जाती है, अब जनता के लिए बाजार में उपलब्ध हैं.

अब आप हकीम सुलेमान काजू नट्स सीधे आत्या हर्बस की वेबसाइट पर जाकर या आप स्नेपडील से भी सीधे ओर्डर कर सकते है. ई-शाँपीग से परिचित नही है तो घबराए नही 011-66250978 पर काँल कर ओर्डर करें.

काजू हमेशा बिना उसके शेल के बेचे जाते है क्योंकि शेल में एक तेल होता है जिससें की रेशस हो सकते है जो कि आईवीवाए नाम के ज़हर के बराबर है. काजू के बीज का शेल बहुत सारी जगह जैसे पेंट करने के लिए ल्यूब्रिकेंट में इसका उपयोग किया जाता है.

5. चावल खाने का सही समय

लंच

दिन के समय हमारा मेटाबोलिजिम हाई होता है जिससे हम कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल सही कर पाते है.

खाने का गलत समय

रात

इससे सिर्फ हमारे शरीर का फैट बढ़ता है. हम में से बहुत से लोग चावल को स्टार्च ओवरटोन की वजह से नही खाते है, लेकिन चावल में कार्बोहाइड्रेट से एनर्जी मिलती है जिससे हमें भूख कम लगती है. इसके अलावा खाने का समय बहुत बड़ा अंतर पैदा करता है.

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