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व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाइजीन) – personal hygiene

व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाइजीन) – personal hygiene

इस लेख में आप जानेंगे व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाइजीन) क्या होता है, इसके प्रकार, बच्चों के लिए, खराब हाइजीन के प्रभाव और रूटीन बनाना –

व्यक्तिगत स्वच्छता क्या होता है? – what is personal hygiene?

  • पर्सनल हाइजीन का अर्थ होता है कि आप अपने शरीर की केयर कैसे करते है.
  • इसके लिए जरूरी है नहाना, हाथों को थोना, दांतों को ब्रश करना आदि. (जानें – ठंडे पानी से नहाने के फ़ायदे)
  • हर दिन, आप लाखों बाहरी कीटाणुओं और वायरस के संपर्क में आते हैं.
  • यह पूरे शरीर के आसपास घूमते रहते है जबकि कुछ मामलों में यह आपको बीमार कर देते है.
  • जबकि व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने से आप खुद को बीमार होने से बचा सकते है.
  • साथ ही इससे आपको बेहतर दिखने में मदद मिलती है.
  • हर किसी की पर्सनल हाइजीन का आइडिया अलग हो सकता है.

पर्सनल हाइजीन के प्रकार

नाखून की हाइजीन

  • नाखूनों को नियमित रूप से काटना, छोटा और साफ रखना जरूरी होता है.
  • नाखूनों को नेल ब्रश या साफ कपड़े से गंदगी, बिल्डअप और कीटाणुओं को साफ करना.
  • इससे मुंह तक कीटाणुओं का पहुंचना रोका जा सकता है.
  • साथ ही आपको मुंह से नाखून काटने से बचना चाहिए. (जानें – नाखूनों पर सफेद स्पॉट के बारे में)

रोग से बचाव

  • अगर आप बेहतर महसूस नहीं कर रहे है तो आपको कीटाणुओं के दूसरी जगह तक न फैलने के लिए कुछ स्टेप्स का पालन कर सकते है.
  • इसमें छींकने के दौरान मुंह और नाक को ढंकना, कॉमन सर्फेस को एंटीबैक्टीरियल वाइप से साफ करें.
  • साथ ही किसी भी ऐसे सॉलिड टिश्यू को फेंक दें.

टॉयलेट हाइजीन

  • टॉयलेट आदि का इस्तेमाल करने के बाद हाथों को साफ करें.
  • इसके दौरान हाथों को 20 से 30 सेकेंड साबुन से स्क्रब करें.
  • जिस दौरान फिंगर के बीच और हाथों के पिछले हिस्से नाखून के नीचे जरूर साफ करें.
  • गुनगुने पानी से धोएं और सूखी टॉवल से साफ करें.
  • अगर आपके आस पास पानी नहीं है तो अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

हाथों की स्वच्छता

  • हाथों पर मौजूद कीटाणु आसानी से नाक, मुंह, कान या आंख तक पहुंच सकता है.
  • भोजन आदि खाने से पहले और बाद में हाथों को जरूर साफ करें.
  • किसी भी कूड़ा आदि को उठाने के बाद हाथ साफ करें.
  • छींकना या किसी जानवर को छूने के बाद हाथ धोएं.
  • बच्चे के डायपर को बदलने या किसी घाव आदि को साफ करने के बाद हाथ जरूर धोएं. 

दांतों की हाइजीन

  • अच्छी डेंटल हाइजीन का होना सफेद दांतों से अधिक होता है.
  • अपने मसूड़े और दांतों की केयर करना मसूड़ों के रोग और कैविटी से बचाव का बेहतर तरीका है.
  • रोजाना कम से कम दिन में 2 बार दो मिनट के लिए दांतों को ब्रश करना चाहिए.
  • अगर कर सकते है तो हर बार भोजन खाने के बाद दांतों को ब्रश करना चाहिए.
  • दांतों को रोजाना फ्लॉस जरूर करना चाहिए और अपने डेंटिस्ट से एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश के बारे में पूछ सकते है. (जानें – दांतों को चमकाने के घरेलू उपाय)
  • इससे दांतों की सड़न और बैक्टीरिया समेत कीटाणुओं की जमावट से बचा जा सकता है.

शॉवर हाइजीन

  • आपकी निजी पसंद पर निर्भर करता है कि शॉवर लेना चाहते है या नहीं. लेकिन रोजाना दिन में एक बार नहाने से काफी फ़ायदे होते है.
  • रोजाना साबुन से नहाने से डैड स्किन सेल्स, बैक्टीरिया और ऑयल को साफ करने में मदद मिलती है.
  • इसके अलावा हफ्ते में कम से कम 2 बार बालों को शैम्पू से धोना चाहिए.
  • इससे खोपड़ी पर जमा होने वाले बिल्डअप को हटाने और ऑयली जमावट को हटाने में मदद मिलती है.

बच्चों के लिए निजी स्वच्छता

  • इससे बच्चों को हेल्थी रहने, रोगों से दूर रहने और खुद के बारे में जानकारी रहना शामिल है.
  • हाइजीन के बारे में सीखाना कभी भी देर नहीं होता है.
  • बच्चों को कुछ खाने या डायपर बदलने के बाद हाथ धुलवाना, रात को सोने से पहले ब्रश करवाना और धीरे धीरे सीखाना हो सकता है. (जानें – बच्चों के लिए हेल्दी आदतें)

नाखून स्वच्छता

  • छोटे बच्चों के नाखूनों को काटा जा सकता है.
  • लेकिन बड़े बच्चों को नाखूनों की केयर करना सीखाया जा सकता है.
  • रोजाना नहाते समय बच्चे को नाखून साफ करने के बारे में बताए.
  • हफ्ते में एक बार साथ बैठकर नाखून को छोटा करें.
  • 7 साल की आयु के आसपास बच्चे को यह सारे काम करने आने चाहिए.

नहाना

  • आपको बच्चों को नियमित रूप से स्नान करवाना चाहिए.
  • लेकिन 5 साल की आयु के बाद बच्चों को खुद से नहाने दें.
  • आयु बढ़ने के साथ आपको उन्हें बगल, कोहनी, पेट, घुटने, कमर, पैर, गर्दन, ग्रोइन आदि को साफ करना सीखानी चाहिए. (जानें – ग्रोइन दर्द के बारे में)
  • आप उन्हें आंखों में बिना शैम्पू जाए धोना सीखा सकते हैं.

हाथ धोना

  • भोजन से पहले और बाद में गुनगुने कपड़े से बच्चे हाथों को साफ कर सकते हैं.
  • मल त्याग की ट्रेनिंग के दौरान बच्चे को हाथ धोना जरूर सीखाएं.
  • बच्चों को हाथ धोने के दौरान 20 सेकेंड तक हाथ धोने चाहिए, इसके लिए कोई गाना सीखा सकते है.
  • अच्छी निजी स्वच्छता के लिए खाने से पहले, बाहर खेलने के बाद, जानवर को छूने के बाद या किसी बीमार दोस्त से मिलने के बाद हाथ धोने चाहिए.

दांत ब्रश करना

  • बच्चे के पहले दांत निकलने के साथ आप उसे ब्रश करवाना शुरू करवा सकते है.
  • जबकि 3 साल की आयु होने पर उसे खुद दांतों को ब्रश करने दें.
  • हालांकि, ब्रश आदि को अपने सामने करवाना चाहिए जिससे आप देख सकें.
  • बच्चों के ब्रश करने के दौरान 2 मिनट का गाना चलवा सकते है जिससे 2 मिनट का ब्रश किया जा सकें.
  • उनके बड़े होने तक आपको उनकी फ्लॉसिंग करवानी पड़ सकती है. (जानें – ओरल थ्रश के बारे में)

खराब हाइजीन के साइड इफेक्ट

  • अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतें कम बीमारियों और बेहतर स्वास्थ्य से सीधे संबंधित हैं.
  • हालाँकि, व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतें, कुछ मामूली दुष्प्रभाव पैदा कर सकती हैं, जैसे शरीर की गंध और ग्रीसी त्वचा आदि.
  • वे अधिक परेशानी या गंभीर मुद्दों को भी जन्म दे सकते हैं.
  • उदाहरण के लिए, यदि आप बार-बार हाथ नहीं धोते हैं, तो आप आसानी से कीटाणुओं और जीवाणुओं को अपने मुंह या आंखों में स्थानांतरित कर सकते हैं.
  • जिस कारण कुछ पेट वायरस से लेकर पिंक आई जैसी समस्या हो सकती है.
  • ब्रश नहीं करने से दांतों की समस्या और प्लेग बिल्डअप हो सकता है.
  • खराब डेंटल केयर के कारण गंभीर हेल्थ समस्या जैसे हार्ट रोग आदि हो सकते है.
  • साथ ही इससे आपका आत्म-विश्वास प्रभावित हो सकता है.
  • प्रेजेंटेबल दिखना और महसूस करना आपको आत्मविश्वास में वृद्धि और आपकी उपस्थिति में गर्व की भावना दे सकता है.
  • अच्छी निजी स्वच्छता को बनाए रखने से कुछ रोगों का रिस्क कम हो सकता है जैसे सिर की जूं, प्यूबिक लिस, डायरिया, एथलीट फूट, पिनवॉर्म, हॉट टब रेश, स्वीमर ईयर, स्कैबीज़, रिंगवॉर्म आदि.

निजी स्वच्छता रूटीन को बनाने के लिए

  • रिमाइंडर सेट करना – इससे नहाना, बाल धोना, दांत ब्रश करना आदि का फोन में रिमाइंडर सेट कर सकते है.
  • संकेत का इस्तेमाल – आप टॉयलेट के बाद हाथ धोने का याद रखने के लिए किसी लिखे हुए नोट को टांग सकते है.
  • प्रैक्टिस से परफेक्ट – किसी नई आदत को याद करने में समय लगता है. इसमें एक से दो हफ्ते का समय लग सकता है.

अंत में

अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतों का निर्माण सीखने और सम्मान करने के लिए जीवन भर लेता है. इन शिष्टाचार में खुद की देखभाल करना आपके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है.

यदि आपको इन प्रथाओं के अनुकूल होना मुश्किल है, तो अपने डॉक्टर या दंत चिकित्सक से बात करें. कभी-कभी, स्पष्टीकरण और प्रदर्शन खुद की बेहतर देखभाल करने के लिए एक अच्छी शुरुआत है.

References –

 

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Ankita Singh

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