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बच्चों से यौन दुर्व्यवहार और मानसिक प्रभाव – Sexual abuse and its mental effect on kids in hindi

बच्चों से यौन दुर्व्यवहार और मानसिक प्रभाव – Sexual abuse and its mental effect on kids in hindi

इस लेख में आप जानेंगे बच्चों से यौन दुर्व्यवहार क्या होता है, प्रकार, फैक्ट, कुछ लोग बच्चों को क्यों नुकसान पहुँचाते है, इसका रिस्क और परिणाम – Sexual abuse and its mental effect on kids in hindi

बच्चों से यौन दुर्व्यवहार क्या होता है – what is child abuse in hindi

चाइल्ड एबयूज (यौन दुर्व्यवहार) एक प्रकार का दुर्व्यवहार या बच्चे की उपेक्षा करना जिससे उसे नुकसान हो. यह माता पिता, अभिभावक आदि से हो सकता है.

बच्चों से यौन दुर्व्यवहार के प्रकार

  • शारीरिक शोषण – मारना, पीटना या कुछ भी चीज़ जिससे शारीरिक नुकसान हो.
  • मेडिकल शोषण – जरूरी मेडिकल समस्याएं न देना.
  • यौन शोषण – रेप, मोलेस्ट या ग्रोपिंग.
  • भावनात्मक शोषण – चिल्लाना, खराब तरीक से बात करना या कोई भावनात्मक जुड़ाव न होना.
  • उपेक्षा – बच्चें को भोजन, घर या जरूरत की चीज़े न देना.

बच्चों के यौन दुर्व्यवहार के बारे में फैक्ट – facts of child abuse in hindi

  • बच्चों से यौन दुर्व्यवहार हमेशा ही रोका जा सकता है.
  • इसके लिए बच्चे के माता पिता और अभिभावक जिम्मेदार होते है जिन्हे बच्चे के व्यवहार की पहचान करनी होती है.
  • साथ ही यह व्यस्कों पर भी लागू होता है जिससे बच्चे को चुनौती या खराब व्यवहार की सोच से निकलने में मदद मिले.
  • हालांकि यह काम एक या दो दिन का नही होता है इसके लिए लंबे समय की मेहनत जरूरी है.

क्यों कुछ लोग बच्चों को नुकसान पहुँचाते है – why some people hurt children in hindi

  • इसका कोई कारण कारण साफ नही है कि क्यों कुछ माता-पिता या व्यस्क बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार करते है.
  • कई चीज़ो की ही तरह ऐसे कई फैक्टर है जो बच्चों से यौन दुर्व्यवहार और अन्य मुद्दों से जुड़े होते है.
  • इन मुद्दों की पहचान कर जानना यौन दुर्व्यवहार के कारण जानना जैसा ही कठिन है. 

बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार का रिस्क कैसे बढ़ता है – what increases a person’s risk for abusing a child in hindi

  • कोई डिसऑर्डर का होना
  • बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार की हिस्ट्री या बचपन में नज़रअंदाजी
  • डिप्रेशन, घबराहट जैसी शारीरिक या मानसिक हेल्थ कंडीशन
  • अभिभावक और बच्चों के बीच खराब रिश्ते
  • सोशल इकोनॉमिक तनाव जैसे पैसे की कमी, बेरोजगारी या मेडिकल समस्या
  • बच्चों से समय से पहले किसी टास्क की उम्मीद करना या कहे बचपन को न समझना
  • पैरेंटिंग स्किल का न होना
  • दोस्त, परिवार, पड़ोसी से सपोर्ट न मिलना
  • परिवार में तनाव जैसे तलाक, घरेलू हिंसा आदि
  • निजी मानसिक समस्याएं जैसे शर्म आना, आत्मविश्वास न होना आदि

यौन दुर्व्यवहार करने वाले व्यस्कों के व्यवहार की कुछ विशेषताएँ –

  • बच्चे के व्यवहार में समस्याओं, बदलाव, परेशानी को इग्नोर करना
  • बच्चों से गलत भाषा में बात करना जिससे वह खुद को बोझ समझने लगे
  • बच्चें से ज्यादा उम्मीदें लगाना जैसे पढ़ाई या शारीरिक
  • खराब व्यवहार पर टीचर आदि को कठिन सजा देने के लिए बोलना
  • बच्चे को शारीरिक स्नेह न देना
  • खराब व्यवहार करने पर बच्चे को सपोर्ट करना
  • बच्चे के व्यवहार पर ध्यान न देना

अगर आपको लगता है कि आप बच्चे को नुकसान पहुँचा सकते है तब क्या करें – what to do if you’re afraid you might hurt a child in hindi

  • माता पिता होना काफी अच्छा अनुभव होता है.
  • लेकिन काफी बार आपका बच्चा आपकी लिमीट को टेस्ट कर सकता हैं.
  • जिसमें की आप उसके अनपेक्षित व्यवहार से चौक भी सकते हैं.
  • ऐसे में सबसे जरूरी है कि बच्चे के अंदर की भावनाओं को पहचाने.

जब आपको लगे कि आपका बच्चा हाथ से निकल गया है तो आपको निम्न स्टेप लेने चाहिए. 

  • डॉक्टर से बात करके सलाह लें जिसमें काफी सारे चीज़े बताई जाती है.
  • बच्चे को अच्छी बातें बताने के साथ थेरेपी आदि दी जाती है.

बचपन में यौन दुर्व्यवहार के नतीजे – consequences of child abuse during childhood in hindi

  • रिसर्च के अनुसार, माता पिता का अलग होना, शारीरिक, मानसिक, सेक्सुअल शोषण, घरेलू हिंसा, घर परिवार में मानसिक स्वास्थ ठीक न होने जैसी स्थितियों को बचपन में भुगतने पर आयु 20 साल तक कम हो सकती है.
  • जो लोग बचपन में यौन दुर्व्यवहार का शिकार होते है, व्यस्क होने पर उनके यह सब करने का खतरा रहता है.
  • जिन लोगों में बचपन में यौन दुर्व्यवहार झेला होता है उन्हें अपने बच्चों को इससे बचाना चाहिए.

बच्चों में यौन दुर्व्यवहार के कुछ लक्षण

  • व्यवहार में बदलाव जैसे गुस्सा आना, हाइपर रहना आदि
  • खेलने कूदने से दूर रहना
  • स्कूल और घर से भागना
  • दोस्त, परिवार आदि से दूर होना
  • खुदकुशी की कोशिश या खुद को नुकसान पहुँचाना
  • अलग व्यवहार
  • स्कूल में परफॉर्मेंस में बदलाव

अंत में

जब माता पिता, अभिभावक और व्यस्क उभरने में मदद करें तो बच्चों को यौन दुर्व्यवहार के मानसिक प्रभाव से बाहर लाया जा सकता है. हालांकि इसका उपचार आसान नही होता है लेकिन जरूरी है कि हर कोई मदद करें. साथ ही इस दुर्व्यवहार की साईकल को रोका जाए जिससे आपस में अच्छे रिलेशनशिप बन सके.