इस लेख में आप जानेंगे बायोटिन के सकारात्मक और नाकारात्मक साइड इफेक्ट, ओवरडोज़ के बारे में –

बायोटिन के साइड इफेक्ट – biotin side effects

बायोटिन क्या होता है?

  • बायोटिन को विटामिन बी-7 के रूप में भी जाना जाता है जो फैटी एसिड और ग्लूकोज़ का एक रूप है.
  • यह कार्ब्स और अमिनो एसिड को मेटाबॉलाइज़ करके, शरीर के फ़ैट को तोड़ता है.
  • इस फ़ंक्शन के कारण बायोटिन शरीर में एनर्जी बनाने के लिए जरूरी हो जाता है.
  • बायोटिन कई फ़ूड्स और पेय पदार्थों जैसे दूध, गाजर, नट्स आदि में मिलता है.
  • डॉक्टर से सलाह करके आप इसे सप्लीमेंट के रूप में भी ले सकते हैं.

बायोटिन के सकारात्मक साइड इफेक्ट

  • पूरे शरीर में एनर्जी बनाए रखने और विकसित करने के लिए बायोटिन काफ़ी जरूरी सोर्स होता है.
  • विटामिन ही तरह, हमारे शरीर को हेल्दी रहने के लिए बायोटिन की जरूरत पड़ती है.
  • लिवर, नर्वस सिस्टम, हेयर, आंखों आदि को हेल्दी रखने के लिए बायोटिन जरूरी है.
  • कुछ मेडिकल कंडीशन के इलाज में बायोटिन प्रभावी है जिसमें – हाइपोग्लाइसेमिया, हाइपरलिपिडेमिया और डायबिटीज वाले रोगियों में ग्लूकोज़ कंट्रोल करना शामिल है.
  • कुछ लोगों का मानना है कि बायोटिन के सप्लीमेंट लेने से नाखून और बालों को लाभ मिलता है.
  • हालांकि इस बात को लेकर कोई मेडिकल साक्ष्य मौजूद नहीं है.

बायोटिन के नाकारात्मक साइड इफेक्ट

  • यह सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध है लेकिन बायोटिन को डॉक्टर की सलाह पर ही लिया जाना चाहिए.
  • अधिकतर लोग बायोटिन अपनी नियमित डाइट से प्राप्त कर लेते है.
  • बायोटिन का उपयोग करने से पहले डॉक्टर को पहले से चली आ रही अपनी किसी बीमारी के बारे में बताए.
  • अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं तो उसके बारे में डॉक्टर को सूचित करना चाहिए.
  • कुछ दवाओं और पहले से कोई रोग आदि होने पर सप्लीमेंट के नाकारात्मक प्रभाव हो सकते है.
  • इसके अलावा कुछ रोजाना की आदतों के कारण बायोटिन की कमी हो सकती है.
  • इन आदतों में जो महिलाएं स्मोक करती है उनके शरीर में मेटाबॉलिज़म बढ़ जाता है जिस कारण बायोटिन की कमी हो जाती है.
  • कुछ मामलों में देखने को मिला है कि कच्चे अंडे खाने वाले लोग खासकर सफेद भाग अंडे का, उनमें बायोटिन की कमी हो सकती है.
  • बायोटिन की कमी के आम लक्षणों में स्किन रैश, हार्ट रोग, हाई कोलेस्ट्रोल, हेयर लॉस या बाल पतले होना शामिल है.

बायोटिन की ओवरडोज़ होने पर क्या होता है?

  • ज्यादा बायोटिन का मतलब होता है डॉक्टर द्वारा बताई गई डोज़ से अधिक लेना.
  • इस अनुशंसित राशि में वह शामिल है जो आपको स्वाभाविक रूप से भोजन से मिलता है.
  • ऐसे कुछ मामले देखने को मिले है कि जिसमें देखा गया है कि बायोटिन सप्लीमेंट की मात्रा ज्यादा लेने से नाकारात्मक प्रभाव पड़ते है.
  • अधिकांश लोग डाइट से ही बायोटिन की जरूरी मात्रा प्राप्त कर लेते है.
  • बिना डॉक्टर की सलाह के बाोयटिन सप्लीमेंट नहीं लिए जाने चाहिए.
  • थायराइड के मामलों में बायोटिन की अधिक मात्रा के कारण गलत रिपोर्ट आ सकती है.

अंत में

रोजाना की डाइट से मानव शरीर बायोटिन को प्राप्त कर लेता है. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के बायोटिन सप्लीमेंट नहीं लिए जाने चाहिए.

कुछ रेयर हेल्थ कंडीशन है जिनके हो जाने पर नियमित रूप से बायोटिन सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती है. इसके अलावा बायोटिन के साइड इफेक्ट पर रिसर्च अभी जारी है. कुछ अध्ययनों में गंभीर प्रभाव देखने को मिले है. अगर आपको लगता है कि बायोटिन सप्लीमेंट की जरूरत है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

References –

 

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