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सेरेब्रल पाल्सी के बारे में सबकुछ – Cerebral palsy in hindi

सेरेब्रल पाल्सी के बारे में सबकुछ – Cerebral palsy in hindi

इस लेख में आप जानेंगे सेरेब्रल पाल्सी क्या होता है, इसके लक्षण, कारण, रिस्क फैक्टर, प्रकार, पहचान, निदान, इससे जुड़ी हुई कंडीशन, इलाज, बचाव और घरेलू उपाय – 

सेरेब्रल पाल्सी क्या होता है – what is cerebral palsy in hindi

  • सेरेब्रल पाल्सी एक प्रकार का डिसऑर्डर का ग्रुप होता है जो मांसपेशियों की गतिविधियों और कॉडिनेशन को प्रभावित करता है.
  • कई मामलों में सुनने, महसूस करने और दृष्टि की क्षमता प्रभावित हो जाती है.
  • सेरेब्रल शब्द का जुड़ाव दिमाग से होता है. वहीं पाल्सी का शरीर की गतिविधि के साथ कमजोरी या समस्या हो सकती है.

सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण क्या है – What are the symptoms of cerebral palsy in hindi

  • इसके लक्षण एक से दूसरे व्यक्ति में अलग होने के अलावा हल्के से गंभीर हो सकते है.
  • सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित लोगों को चलने, बैठने के अलावा वस्तुओं को पकड़ने में भी परेशानी होती है.
  • समय के साथ लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते है.
  • साथ ही यह लक्षण दिमाग के प्रभावित हिस्से पर निर्भर करते है.
  • अधिकतर बच्चे जो सेरेब्रल पाल्सी के साथ जन्म लेते है उनमें कुछ महीनों या सालों तक इसके लक्षण नही दिखाई देते है.
  • बच्चों में लक्षण 3 से 4 साल की आयु के आसपास दिखते है. 

इसके कुछ अन्य आम लक्षणों में –

  • झटके पड़ना
  • निगलने में परेशानी
  • चलने में समस्या
  • दौरे पड़ना
  • अंधापन
  • चीज़े देरी से समझना
  • मांसपेशियों की ऐंठन
  • चलना, फिरना देर से सिखना

सेरेब्रल पाल्सी के कारण क्या है – what causes cerebral palsy in hindi

  • असामान्य दिमाग का विकास या दिमाग का विकास होते समय किसी चोट के लगने के कारण सेरेब्रल पाल्सी हो सकती है.
  • इस तरह की दिमाग क्षति के कारण पोस्चर, चलना फिरना जैसी गतिविधियों को प्रभावित करती है.
  • इस तरह की दिमाग की क्षति जन्म से पहले, दौरान या शुरूआती सालों में हो सकती है.
  • अधिकतर मामलों में सेरेब्रल पाल्सी की असल वजह पता नही चलती है.

लेकिन सेरेब्रल पाल्सी के कुछ आम कारणों में –

  • प्रसव या डिलीवरी के दौरान ऑक्सीजन की कमी
  • जेनेटिक कारण जिसके चलते असमान्य दिमाग का विकास होता है.
  • दिमाग का इंफेक्शन
  • दिमाग में अंंदरूनी चोट
  • गंभीर पीलिया होना
  • दिमाग का इंफेक्शन
  • गिरने, दुर्घटना के कारण दिमाग में चोट लगना

सेरेब्रल पाल्सी का सबसे अधिक रिस्क किसको होता है – who’s at the risk for cerebral palsy in hindi

निम्न फैक्टर के कारण सेरेब्रल पाल्सी की रिस्क बढ़ सकता है जिसमें –

  • समय से पहले जन्म होना
  • जन्म के समय वजन कम होना
  • जन्म के समय सिर के स्थान पर पैर या नितंबू पहले बाहर आना
  • जुड़वा या उससे अधिक बच्चे होने
  • गर्भावस्था के दौरान टॉक्सिक पदार्थ के संपर्क में आना

सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार – what are the different types of cerebral palsy in hindi

सेरेब्रल पाल्सी के कई प्रकार है जो दिमाग के अलग अलग हिस्सों को प्रभावित करते है. इसका हर प्रकार अलग तरह का मूवमेंट डिसऑर्डर का कारण होता है. सेरेब्रल पाल्सी के प्रकारों में –

स्पास्टिक सेरेब्रल पाल्सी

  • यह सेरेब्रल पाल्सी के सबसे आम प्रकारों में से एक है.
  • इसमें मांसपेशियों की कठोरता के कारण चलने फिरने में परेशानी होती है.
  • स्पास्टिक सेरेब्रल पाल्सी वाले रोगियों में कई चलने फिरने की असामान्यताएं जैसे पैरों को घुटनों से मोड़ना आदि.
  • कमजोर मांसपेशियां और लक्वा मारना भी हो सकता है.
  • यह पूरे शरीर या किसी हिस्सों को प्रभावित कर सकता है.

डिस्किनेटिक सेरेब्रल पाल्सी

  • डिस्किनेटिक सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित लोगों को शरीर के मूवमेंट को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
  • इस डिसऑर्डर के कारण हाथ, पैरों में असामान्य गतिविधियां होती है.
  • कुछ मामलों में चेहरा और जीभ भी प्रभावित हो जाते है.
  • यह गतिविधियां धीमी, तेज या झटके जैसी हो सकती है.
  • इससे प्रभावित रोगी को चलने, बैठने, निगलने या बात करने में परेशानी हो सकती है.

हाइपोटॉनिक सेरेब्रल पाल्सी

  • इसमें मासंपेशियां बहुत ज्यादा रिलैक्स हो जाती है.
  • हाथ और पैर आसानी से मूवमेंट करते है.
  • इस सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार वाले बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है.
  • आयु बढ़ने पर कमजोर मांसपेशियों के कारण सीधे बैठने में परेशानी होती है.
  • इसके अलावा बोलने, चलने और खराब रिफ्लैक्स होते है.

अटैक्सिक सेरेब्रल पाल्सी

  • यह बहुत ही रेयर कंडीशन है जिसमें मांसपेशी गतिविधियां काफी ज्यादा झटकेदार आदि होती है.
  • इस तरह के प्रकार से प्रभावित रोगियों को संतुलन और समझने की समस्या होती है.
  • ऐसे लोगों को लिखने, चीज़े पकड़ने, चलने में परेशानी होती है.

मिक्सड सेरेब्रल पाल्सी

  • कुछ रोगियों को अनेक प्रकार के सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण एक साथ होते है इसे मिक्सड सेरेब्रल पाल्सी कहते है.

सेरेब्रल पाल्सी की पहचान कैसे होती है – How is cerebral palsy classified in hindi

  • लेवल 1 सेरेब्रल पाल्सी – इसे बिना किसी लिमिटेशन के चलने फिरने के रूप में पहचाना जाता है. 
  • लेवल 2 सेरेब्रल पाल्सी – इसके होने पर रोगी लंबी दूरी तक चल नही पाता है. साथ ही वह दौड़ और जंप भी नही कर पाता है. चलने फिरने से लिए किसी न किसी सहारे की जरूरत होती है.
  • लेवल 3 सेरेब्रल पाल्सी – ऐसा रोगी थोड़ी सपोर्ट के साथ बैठ सकता है लेकिन खड़ा नही हो सकता है.
  • लेवल 4 सेरेब्रल पाल्सी – ऐसे रोगी को चलने के लिए सहारे की जरूरत होती है या विलचेयर पर स्वतंत्र रूप से घूम सकते है.
  • लेवल 5 सेरेब्रल पाल्सीसिर और गर्दन की पोजीशन को बनाए रखने के लिए सपोर्ट की जरूरत होती है. साथ ही खड़े होने या बैठने के लिए सहारा चाहिए होता है.

सेरेब्रल पाल्सी का निदान कैसे होता है – how is cerebral palsy diagnosed in hindi

इसका निदान करने के लिए डॉक्टर द्वारा पूरी मेडिकल हिस्ट्री जानना, शारीरिक एक्जाम करना जिसमें न्यूरोलॉजिकल एक्जाम शामिल होता है. लक्षणों का परीक्षण करने पर अन्य टेस्ट करवाएं जा सकते है जिसमें –

  • सीटी स्कैन
  • एमआरआई
  • अल्ट्रासाउंड
  • ब्लड टेस्ट
  • ईईजी 

सेरेब्रल पाल्सी का निदान हो जाने पर, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जानने के लिए निम्न टेस्ट किए जा सकता है जिसमें –

  • दोनों आंखों का टेस्ट जिसमें दृष्टि देखी जाती है.
  • अंधापन
  • बोलने की समस्या
  • समझने की समस्या
  • मूवमेंट डिसऑर्डर

सेरेब्रल पाल्सी से जुड़ी अन्य समस्याएं – What other conditions are associated with cerebral palsy in hindi

सेरेब्रल पाल्सी रोगियों को अन्य कंडीशन हो सकती है जिसमें –

  • बोलने में परेशानी
  • रीढ़ की हड्डी में असमानता आना
  • ऑस्टियोअर्थेराइटिस
  • दांतों की समस्याएं
  • खराब बोन डेंसिटी
  • मल-पेशाब का पता न लगना

सेरेब्रल पाल्सी का इलाज कैसे होता है – How is cerebral palsy treated in hindi

इसके उपचार का लक्ष्य सीमाओं को बढ़ाना और जटिलताओं से बचाव करना होता है. ट्रीटमेंट में दवाएं, सहयोगी यंत्र और सर्जरी होती है.

  • सहयोगी यंत्र – चलने में मदद करने वाले यंत्र, विलचेयर, कान की मशीन, नजर वाले चश्मे शामिल है.
  • दवाएं – डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
  • सर्जरी – ऑर्थोपेडिक सर्जरी की मदद से दर्द में राहत और चलना फिरना बेहतर होता है. साथ ही टाइट मांसपेशियों को रिलीज करने में मदद मिलती है.
  • अन्य उपचार – स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी, साइकोथेरेपी, बोल चाल वाली थेरेपी, स्टेम सेल थेरेपी आदि.

सेरेब्रल पाल्सी से बचाव कैसे होता है – how can cerebral palsy be prevented in hindi

  • इसकी अधिकतर समस्याओं का बचाव नही हो सकता है.
  • हालांकि, अगर आप प्रेगनेंट है या गर्भवती होने का प्लान कर रही है तो आप कुछ बचाव के तरीके अपना सकती है.
  • भ्रूण को दिमाग की क्षति से बचाने के लिए वैक्सीन लगवाए.
  • गर्भावस्था के दौरान नियमित डॉक्टर की जांच करवाती रहें.
  • इससे समयपूर्व जन्म, जन्म के समय कम वजन और इंफेक्शन से बचाव हो सकता है.

सेरेब्रल पाल्सी के घरेलू उपचार – what are the home remedies of cerebral palsy in hindi

  • वैसे तो इस रोग को जड़ से खत्म नही किया जा सकता है और न ही इसका पूर्ण रूप से इलाज संभव हैं. 
  • लेकिन सेरेब्रल पाल्सी के घरेलू उपचार अपनाकर अवस्था को बेहतर बनाया जा सकता हैं. 
  • जिसके लिए ज़रूरी है कि माता-पिता हमेशा सकारात्मक और बच्चे के ठीक होने की आशा रखें. 
  • इसके अलावा फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी भी इसके उपाय में प्रयोग की जाती हैं.
  • इसके इलाज़ के दौरान रोगी की सुनने और देखने की क्षमता में सुधार के लिए स्पीच और लैंग्वेज़ थेरपी दी जाती हैं. 
  • घोड़े की सवारी आज सबसे प्रभावी न्यूरो विकास पद्धति माना जाती हैं.

अंत में

सेरेब्रल पाल्सी का कोई इलाज नही है. लेकिन इसे प्रभावी रूप से मैनेज किया जा सकता है. इस तरह का उपचार एक से दूसरे व्यक्ति में अलग होता है. इसके कुछ रोगियों को सहायक यंत्रों की जरूरत नही होती है. जबकि कुछ को लंबे समय तक इनकी जरूरत पड़ती है. 

समस्या की गंभीरता के आधार पर उपचार सेरेब्रल पाल्सी वाले रोगियों का जीवन बेहतर कर सकता है. किसी अन्य समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.