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सिर चकराना के बारे में – dizziness

सिर चकराना के बारे में – dizziness

इस लेख में आप जानेंगे सिर चकराना क्या होता है, कारण, लक्षण, निदान, इलाज और घरेलू उपाय –

सिर चकराना क्या होता है? – what is Dizziness?

  • यह एक कंडीशन होती है जिसके दौरान प्रभावित व्यक्ति को असंतुलन, चक्कर आना महसूस होता है.
  • इसके कारण आंख और कान जैसी इंद्रियां प्रभावित होती है, जिस कारण कभी कभी बेहोशी हो जाती है.
  • सिर चकराना कोई रोग नहीं होता है लेकिन यह कई डिसऑर्डर का लक्षण हो सकता है. (जानें – कान के इंफेक्शन के बारे में)
  • वर्टिगो और असंतुलन के कारण सिर चकराना हो सकता है लेकिन इन दोनों के लक्षण अलग होते है.
  • वर्टिगो के दौरान सिर घूमने जैसी अनुभूति होती है जैसे आंखों के सामने चीज़ों का घूमना आदि.
  • एक तरफ लेटने के मामले में आपको मोशन सिकनेस जैसा भी महसूस हो सकता है.
  • असंतुलन में व्यक्ति अपना संतुलन खो देता है.
  • सिर चकराना असल में वह कंडीशन में जिसमें आप बेहोशी के आसपास पहुंच जाते है.
  • यह कंडीशन आम है और इसके होने का कारण गंभीर नहीं होता है.
  • कभी कभी सिर चकराने के मामले होने पर चिंता की बात हो सकती है.
  • लगातार सिर चकराने की कंडीशन होने पर डॉक्टर से बात कर जानकारी ली जानी चाहिए.

सिर चकराने के कारण – what are the causes of dizziness in hindi?

  • इसके आम कारणों में से एक माइग्रेन, दवाएं और शराब हो सकते है.
  • कान के अंदरूनी हिस्से (जिससे संतुलन रेगुलेट होता है) में परेशानी के कारण भी सिर चकराना हो सकता है.
  • काफी सारे मामलों में वर्टिगो के कारण भी सिर चकराना होता है.
  • वर्टिगो और इससे संबंधी सिर चकराना के सबसे आम कारणों में बेनिग्न पोजीशनल वर्टिगो (बीपीवी) होता है.
  • जिसमें किसी के पोजीशन बदलने पर थोड़े समय के लिए सिर चकराना होता है.
  • उदाहरण के लिए बैठे रहने के बाद लेट जाने पर कुछ मिनट या क्षणों तक सिर चकराने का अनुभव हो सकता है.
  • सिर चकराना और वर्टिगो मेनिएर रोग के कारण भी हो सकता है.
  • इसके दौरान कान में फ्लूइड बन जाता है जिससे कान का भरे रहना, सुनने में परेशानी और टिनिटस्स जैसी कंडीशन हो सकती है.
  • अन्य संभावित कारणों में नॉन कैसर ट्यूमर हो सकता है जो कान के अंदरूनी हिस्से और दिमाग की नस को जोड़ता है.
  • रेयर मामलों में मल्टीपल स्कलैरोसिस, स्ट्रोक, बिना कैंसर वाला ट्यूमर या किसी दिमाग के डिसऑर्डर के कारण सिर चकराने की स्थिति हो सकती है.

अन्य कारण

  • अचानक से ब्लड प्रेशर का कम होना
  • घबराहट डिसऑर्डर
  • अनेमिया
  • कान का इंफेक्शन
  • अधिक एक्सरसाइज
  • मोशन सिकनेस
  • हार्ट मांसपेशी रोग
  • खून की मात्रा में कमी
  • लो ब्लड शुगर
  • डिहाइड्रेशन
  • हार्ट स्ट्रोक

सिर चकराने के लक्षण क्या है – what are the symptoms of dizziness?

  • बेहोशी महसूस होना
  • असंतुलन
  • आंखों के सामने सबकुछ घूमने का अनुभव
  • तैरने की भावना आना आदि.
  • कभी कभी मतली, उल्टी या बेहोशी साथ होती है जिसमें तुरंत मेडिकल सहायता ली जानी चाहिए.

डॉक्टर से कब मदद लें

  • बार बार सिर चकराने की कंडीशन होना जिसके साथ –
  • सिरदर्द
  • गर्दन में दर्द
  • तेज बुखार
  • धुंधली दृष्टि
  • बेहरापन
  • बोलने में परेशानी
  • सुन्न होना या टिंगलिंग
  • सीने में दर्द
  • उल्टी होना
  • चेतना न होना
  • सिर में चोट लगना
  • आंख या मुंह फड़कना

डॉक्टर द्वारा

  • शारीरिक जांच कर सिर चकराने के कारण को जाना जाता है.
  • वह आपसे पूछ सकते है कि यह कब हुए, किसी कंडीशन में हुए, लक्षण की गंभीरता, अन्य लक्षण आदि.
  • डॉक्टर आपकी आंख और कान को चेक कर सकते है.
  • सीटी स्कैन या एमआरआई जैसे टेस्ट भी किए जा सकते है.

सिर चकराने का इलाज – treatment for dizziness

  • कान के अंदरूनी हिस्से के लिए दवाएं और घर में की जाने वाली एक्सरसाइज से संतुलन को फिर से प्राप्त किया जा सकता है.
  • बीपीवी अनियत्रित वाले रोगियों के लिए सर्जरी एक विकल्प होता है.
  • मेनिएर रोग का इलाज लो सॉल्ट डाइट, कभी कभी इंजेक्शन या कान की सर्जरी से किया जाता है.
  • माइग्रेन का इलाज दवाओं और लाइफस्टाइल बदलावों से किया जाता है जैसे माइग्रेन का कारण पता लगाकर इससे बचा जा सकता है.
  • दवाओं और घबराहट को कम करने वाली तकनीक का उपयोग कर इसके डिसऑर्डर से बचाव हो सकता है.
  • ज्यादा एक्सरसाइज, गर्मी या पानी की कमी के कारण सिर चकराने की कंडीशन में खूब सारा पानी पीना चाहिए.

सिर चकराने के घरेलू उपाय – home remedies for dizziness

  • जैसे ही सिर चकराना शुरू हो तो लेट या बैठ जाएं. ऐसा तब तक करें जबतक यह ठीक न हो जाए.
  • इससे संतुलन खोने, गिरन या चोट लगने से बचाव हो सकता है.
  • सीढियों पर चढ़ते उतरते समय पकड़ पकड़ कर चढ़ें.
  • योगा आदि करने से संतुलन बेहतर होता है.
  • अचानक से पोजीशन बदलने या हिलने से बचें.
  • नियमित रूप से कभी भी सिर चकराना होने पर कार या किसी भारी मशीन आदि का उपयोग करने से बचें.
  • कैफीन, तंबाकू, शराब से बचें.
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें और पूरी नींद लें.
  • तनाव वाली कंडीशन से बचें और संतुलित डाइट का सेवन करें.
  • किसी दवा आदि के कारण सिर चकराना होने पर डॉक्टर से बात करें.
  • पानी की कमी या गर्मी के कारण सिर चकराना होने पर ठंडी जगह पर रेस्ट करें और पानी कमी न होने दें.

अंत में

सिर चकराने के अधिकतर मामले अपने आप ठीक हो जाते है. रेयर मामलों में यह किसी गंभीर कंडीशन के कारण हो सकता है.

बेहोशी या संतुलन के नुकसान होने पर यह सिर चकराना जटिलताओ के कारण हो सकता है. सिर चकराना कभी भी होने पर ड्राइव करना, आदि चीज़ो को तुरंत रोक देना चाहिए.

References –

 

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Ankita Singh

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