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फंगल स्किन इंफेक्शन के बारे में – fungal skin infection in hindi

फंगल स्किन इंफेक्शन के बारे में – fungal skin infection in hindi

फंगी इंफेक्शन के कई सारे प्रकार होते है जिनमें से काफी सारे इंसानों को संक्रमित कर सकते है. यह अलग अलग प्रकार से आपकी स्कीन को प्रभावित कर सकते है. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है फंगल इंफेक्शन क्या है, इसके प्रकार, जोखिम, इलाज और रोकथाम –

फंगल स्किन इंफेक्शन क्या होता है – what is fungal skin infection in hindi

  • फंगी हर जगह रहती है, यह पौधे, मिट्टी या आपकी त्वचा पर भी रह सकती है. 
  • हालांकि, आपकी स्किन पर मौजूद यह सूक्ष्म (जिन्हें माइक्रोस्कोप से देखा जा सके) ऑर्गेनिज़म कोई समस्या पैदा नही करते है. 
  • लेकिन सामान्य के मुकाबले तेज़ी से किसी चोट आदि के कारण फैलने पर यह कोई नुकसान नही देते है.
  • फंगी इंफेक्शन गर्म या नमी वाले वातावरण में फैलते है.
  • फंगल स्किन इंफेक्शन का विकास पसीने या हवा न पहुँच पाने वाले एरिया में हो सकता है. जैसे पैर, प्यूबिक एरिया आदि.
  • इस तरह के इंफेक्शन में स्कैली रैश के साथ खुजली और त्वचा के रंग में बदलाव देखने को मिलता है.
  • कुछ फंगल स्किन इंफेक्शन कॉमन होते है लेकिन इनमें काफी खुजली और असहजता हो सकती है.
  • अक्सर देखने को मिलता है कि फंगल स्किन इंफेक्शन सीधे संपर्क या संक्रमित रोगी के कपड़े आदि समेत व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने से हो सकता है.

फंगल इंफेक्शन के सामान्य प्रकार क्या है – what are the most common fungal skin infections in hindi

कई सारे फंगल इंफेक्शन स्किन को प्रभावित कर सकते है. इसके अलावा मूकोज़ मेमब्रेन भी फंगल इंफेक्शन का कॉमन एरिया है. उदाहरण के लिए योनि यीस्ट इंफेक्शन और ओरल थ्रश. निम्न प्रकार के फंगल इंफेक्शन आपकी स्किन को प्रभावित कर सकते है.

एथलीट फुट

  • यह पैरों की स्किन को प्रभावित करता है जहां दो पैरों की अंगूलियों के बीच फंगल इंफेक्शन हो जाता है.
  • इस कंडीशन के दौरान खुजली, जलन आदि होती है.
  • प्रभावित क्षेत्र की त्वचा लाल, स्कैली, सूखी और पपड़ी पड़ना आदि देखने को मिलता है.
  • त्वचा का फटना या फुंसी आदि होना
  • कुछ मामलों में इंफेक्शन शरीर के दूसरे भागों जैसे नाखून, प्यूबिक या हाथों तक फैल सकता है.

शरीर पर रिंगवर्म

  • यह फंगस के कारण होने वाली कंडीशन है जो टोर्सो और लिंब पर होती है.
  • शरीर के अलग हिस्सों पर रिंगवर्म के अलग नाम होते है जैसे एथलीट फुट और जॉक इच.
  • रिंगवर्म के लक्षणों में रिंग शेप रैश होते है.
  • अधिकतर इन गोल रैश के अंदर स्किन हेल्दी दिखती है जिसमें अक्सर खुजली होती है.
  • इसके उपचार के लिए एंटीफंगल क्रीम का उपयोग किया जाता है.

जॉक इच

  • यह एक प्रकार का फंगल इंफेक्शन है जो ग्रोइन और जांघों पर होता है.
  • यह अधिकतर व्यस्क पुरूषों में होता है.
  • इसका मुख्य लक्षण लाल खुजली वाले रैश जो प्यूबिक एरिया और ऊपरी जांघ के अंदरूनी हिस्से के आसपास होता है.
  • एक्सरसाइज या किसी शारीरिक गतिविधि के बाद यह रैश ज्यादा खराब हो जाते है.
  • खराब मामलों में यह पेट के निचले हिस्से से लेकर नीतंबू तक फैल सकते है.
  • प्रभावित त्वचा स्कैली, पपड़ी पड़ना या फटना जैसे दिख सकती है.
  • जबकि रैश की बाहरी सतह डार्क दिख सकती है.

कैंडिडिआसिस

  • इस तरह का स्किन इंफेक्शन कैंडिडा फंगी के कारण होता है.
  • फंगी का यह प्रकार शरीर के अंदर व बाहर दोनों जगह होता है.
  • इसका अधिक विकास होने पर इंफेक्शन हो जाता है.
  • कैंडिडिआसिस स्किन इंफेक्शन गर्म, नमी और कम हवा पहुँचने वाले एरिया में होता है.
  • इस तरह के एरिया जैसे ब्रेस्ट के नीचे, नीतंबू के फोल्ड, डायपर रैश आदि.
  • इसके लक्षणों में लाल रैश, खुजली होते है.

खोपड़ी पर रिंगवर्म

  • इस तरह का फंगल इंफेक्शन आपकी खोपड़ी और बालों को नुकसान पहुँचा सकता है.
  • यह बच्चों में होना आम है जिसका इलाज डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं के साथ किया जाता है.
  • इसके लिए एंटीफंगल शैम्पू भी आते है.
  • इसके लक्षणों में गंजापन के पैच बनना जिसपर त्वचा लाल या स्कैली होती है.
  • खुजली और स्कैलिंग समेत पैच में दर्द या ऐंठन महसूस हो सकती है.

टिनिया वर्सिकलर

  • यह फंगल इंफेक्शन छोटा ओवल शेप का पैच होता है जो स्किन पर विकसित होता है.
  • यह विशेष प्रकार के फंगस मालासेज़िया की ओवरग्रोथ के कारण होता है.
  • इस तरह के पैच स्किन के दूसरे हिस्सों की तुलना में हल्के या डार्क रंग के होते है.
  • पैच आपकी चेस्ट, कमर या अपर आर्म में हो सकते है.
  • ऐसे पैच लाल, भूरा, गहरा होने के अलावा इची, फ्लैकी या स्कैली होता है.
  • टिनिया वर्सिकलर गर्मियों के मौसम या गर्म वातावरण में होता है.

ऑनिओमाइकोसिस (नाखून का संक्रमण)

  • यह नाखून के इंफेक्शन का प्रकार होता है.
  • यह अंगूलियों के नाखून, पैरों के नाखून में होना आम है.
  • नाखूनों के पीला, ब्राउन या सफेद होना ऑनिओमाइकोसिस में देखने को मिलता है.
  • इसके अलावा ऑनिओमाइकोसिस के लक्षण – नाखूनों का टूटना या पतला होना भी होता है. 

इस तरह के इंफेक्शन का इलाज करने के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं ली जानी चाहिए. जबकि गंभीर मामलों में डॉक्टर आपके प्रभावित नाखून को निकाल सकते है.

फंगल इंफेक्शन के रिस्क फैक्टर – fungal infection risk factors in hindi

ऐसे कई फैक्टर जो आपके फंगल स्किन इंफेक्शन के रिस्क को कम कर सकता है जैसे –

  • पसीना ज्यादा आना
  • स्किन को साफ व सूखा न रखना
  • गर्म या सूखे मौसम में रहना
  • कपड़े, जूते, टावल आदि सामान शेयर करना
  • टाइट कपड़े या जूते पहनना
  • स्किन से संपर्क रखने वाली गितिविधियों में भाग लेना
  • संक्रमित जानवरों के संपर्क में आना
  • दवाएं, कैंसर उपचार, एचआईवी के कारण खराब इम्युन सिस्टम होना

डॉक्टर को कब दिखाएं – when to see a doctor in hindi

कई प्रकार के फंगल स्किन इंफेक्शन ओटीसी फंगल के उपचार में मदद कर सकते है. लेकिन निम्न कंडीशन में डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए –

  • हेयर लॉस के पैच या स्कैली स्किन
  • उपचार के बाद फिर से फंगल इंफेक्शन होना
  • डायबिटीज़ होने पर स्किन समस्या हो जाना
  • फंगल इंफेक्शन का अंदेशा
  • खराब इम्युन सिस्टम
  • स्किन इंफेक्शन जो बेहतर नही होते

फंगल स्किन इंफेक्शन का इलाज – skin fungus treatment in hindi

फंगल इंफेक्शन का इलाज करने के लिए एंटीफंगल दवाओं का उपयोग किया जाता है. इससे फंगी सीधे मर जाती है या उसे बढ़ने से रोक देती है. एंटीफंगल, ओटीसी या डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं कई तरह के फॉर्म में आती है जैसे –

  • गोली
  • क्रीम
  • ऑइंटमेंट
  • पाउडर
  • शैम्पू
  • स्प्रै

फंगल स्किन इंफेक्शन का अंदेशा होने पर आप ओटीसी प्रोडक्ट ट्राई कर सकते है. गंभीर मामलों या इंफेक्शन बने रहने पर डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं ले सकते है. दवाओं के साथ प्रभावित एरिया को साफ व सूखा रखें और ढ़ीले कपड़े, जूते पहने जिससे त्वचा तक हवा पहुँच सके.

फंगल स्किन इंफेक्शन से बचाव – prevention from fungal skin infection in hindi

  • अच्छी हाइजिन बनाए रखें.
  • अपने कपड़े, टावल या दूसरे पर्सनल आइटम साझा न करें.
  • रोजाना साफ कपड़े पहने, खासकर मोज़े और अंडरवियर.
  • टाइट जूते या कपड़े पहनने से बचें.
  • नहाने, तैराकी आदि के बाद सूखे कपड़ों से साफ करें.
  • जिम में साफ मशीन या मैट आदि लें.
  • संक्रमित जानवरों से दूर रहें.

अंत में

फंगल इंफेक्शन सामान्य है, हालांकि यह फंगल स्किन इंफेक्शन गंभीर नही होते है लेकिन इनसे असहजता और त्वचा का लाल होना समेत खुजली आदि हो सकते है. इलाज न मिलने पर रैश फैल सकते है या ज्यादा खुजली आदि हो सकती है.

ऐसे कई प्रकार के ओटीसी प्रोडक्ट है जो फंगल स्किन इंफेक्शन का इलाज करने में मदद कर सकती है. लेकिन आराम न मिलने पर डॉक्टर से मिलकर उनके द्वारा बताया गया उपचार लिया जाना चाहिए.