हार्ट अटैक गंभीर चिकित्सा स्थिति होती है जिसमें तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है. इस लेख में आप जानेंगे हार्ट अटैक क्या है, इसके कारण, लक्षण, रिस्क फैक्टर, निदान, उपचार, जटिलताएं और रोकथाम –

हार्ट अटैक क्या है – what is heart attack in hindi

जब अचानक से हमारे हार्ट तक पहुँचने वाली ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो जाती है और इसके चलते हमारी जान जाने की संभावना हो जाती है तो ऐसी स्थिति को हार्ट अटैक के रूप में जाना जाता है.

इसके होने के कई कारण हो सकते है लेकिन कुछ लोगों को हार्ट अटैक से पहले कुछ संकेत दिख सकते है जैसे –

  • मतली
  • थकान
  • सांस लेने में परेशानी
  • पसीना आना
  • चेस्ट में दर्द
  • शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द

हार्ट अटैक के कारण क्या होते है? – what are the causes of heart attack in hindi

  • इसके सबसे आम कारणों में से एक है आर्टरीज़ में प्लेग का बनना जिसमें ब्लड को हार्ट की मांसपेशियों में जाने से रोकता है.
  • हार्ट अटैक का कारण ब्लड क्लॉट या ब्लड वैसल्स का नुकसान भी हो सकता है.

हार्ट अटैक के लक्षण क्या होते है? – what are the symptoms of Heart Attack in hindi

इसके अलावा हार्ट अटैक के कई ऐसे लक्षण होते है जो पुरूषों व महिलाओं में अलग अलग होते है.

हार्ट अटैक के रिस्क फैक्टर – what are the risk factors of Heart Attack in hindi

निम्न स्थितियों के कारण हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है, लेकिन कुछ फैक्टर को आप बदल नही सकते जैसे –

  • लिंग – महिलाओं की तुलना में पुरूषों को इसकी संभावना अधिक होती है.
  • आयु – 65 से अधिक आयु वाले लोगों में हार्ट अटैक का रिस्क अधिक होता है.
  • पारिवारिक इतिहास – इसकी फैमिली हिस्ट्री होने, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या डायबिटीज़ होने पर रिस्क अधिक होता है.

निम्न रिस्क फैक्टर को बदला जा सकता है जैसे –

हार्ट अटैक का निदान कैसे होता है? – How to diagnose Heart Attack in hindi

  • आपकी शारीरिक जांच और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर स्थिति का निदान किया जाता है.
  • हार्ट की जांच के लिए डॉक्टर ईसीजी भी करा सकते है.
  • इसके अलावा ब्लड सैंपल या हार्ट की स्थिति को जांचने के लिए अन्य टेस्ट किए जा सकते है.

हार्ट अटैक पर क्या ट्रीटमेंट दिया जाता है? – what is the treatment of heart attack in hindi

  • हार्ट अटैक के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर निम्न टेस्ट कर सकते है. जिसके बाद कारण के आधार पर उचित उपचार दिया जाता है. 
  • इसके लिए डॉक्टर आपको कैथिटर दे सकते है जिसे नसों में डालकर प्लेग बनने वाले एरिया देख सकते है. जिसके बाद प्रक्रिया पूरी की जाती है.
  • हार्ट अटैक होने पर सर्जरी या नॉन सर्जरी प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है. जिससे दर्द में राहत और बाद में हार्ट अटैक आने से बचाव किया जा सके.

हार्ट अटैक उपचार की प्रक्रिया –

  • हार्ट वाल्व सर्जरी – वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी में वाल्व को बदला जाता है जिससे हार्ट को पंप करने में मदद मिले.
  • पेसमेकर – स्कीन के नीचे एक डिवाइस लगाया जाता है जो सामान्य हार्टबीट के लिए जरूरी होता है.
  • स्टेंट – यह एक छोटी ट्यूब होती है जिसे आर्टरी में डाला जाता है.
  • हार्ट ट्रांसप्लांट – जब हार्ट अटैक के कारण टिश्यू को नुकसान हो जाता है इसे तब किया जाता है.
  • हार्ट बाईपास सर्जरी – इसमें ब्लॉकेज के आसपास ब्लड को रिरूट किया जाता है.
  • एंजियोप्लास्टी – इसमें ब्लॉक आर्टरी से प्लेग को हटाया जाता है.

इसके अलावा डॉक्टर द्वारा हार्ट अटैक का इलाज करने के लिए दवाएं भी दी जाती है.

वैकल्पिक उपचार –

  • लाइफस्टाइल बदलाव से हार्ट की हेल्थ को बेहतर करके हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है.
  • हार्ट के स्वास्थ के लिए हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल जरूरी है.

हार्ट अटैक होने पर क्या जटिलताएं होती है? – what are the complications of Heart Attack in hindi

  • हार्ट अटैक से कई जटिलताएँ जुड़ी होती है जब हार्ट अटैक आता है तो वह सामान्य ह्दयताल को बदल देता है. गंभीर होने पर रोक देता है.
  • इस असामान्य ह्दयताल को अतालता कहा जाता है.
  • हार्ट अटैक के दौरान जब हार्ट तक ब्लड की सप्लाई नही पहुँचती है तो इससे कुछ टिश्यू मर सकते है.
  • इससे हार्ट कमजोर हो सकता है और हार्ट फेलियर जैसे जीवन हानि के मौके अधिक हो सकते है.
  • हार्ट अटैक आपके हार्ट वाल्व को प्रभावित करके लीक कर सकते है.

इन सभी के अलावा हार्ट अटैक के मामलों में उपचार मिलने में समय और क्षति हुआ एरिया आपके हार्ट पर लंबे समय के प्रभाव को बता सकते है.

हार्ट अटैक की रोकथाम – heart attack prevention in hindi

  • ऐसे बहुत सारे फैक्टर होते है जो हमारी पहुँच से दूर होते है लेकिन कुछ स्टेप्स से आप अपने हार्ट को हेल्दी रख सकते है.
  • हार्ट रोग के मुख्य कारणों में से एक स्मोकिंग करना है.
  • इसे स्मोकिंग बंद करके हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर ठीक किया जा सकता है.
  • इसके अलावा मोटापे से बचें, हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज़, शराब से दूर रहने से रिस्क को कम किया जा सकता है.
  • डायबिटीज़ के मामले में दवाएं समय पर लेने के साथ अपने ब्लड ग्लूकोज़ लेवल की जांच रखें.

हार्ट अटैक या अन्य हार्ट से जुड़ी हुए किसी अन्य सवाल या संबंधित समस्या के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. स्थिति के आधार पर वह आपको उचित उपचार उपलब्ध कराएंगे.

References –

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