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जल्दी प्रेगनेंट होने के तरीके, पोजीशन और टिप्स – how to get pregnant in hindi

जल्दी प्रेगनेंट होने के तरीके, पोजीशन और टिप्स – how to get pregnant in hindi

सेक्स सिर्फ मौज़ या मज़े के लिए नही होता बल्कि अपने परिवार को बढ़ाने के लिए भी सेक्स किया जाता है. जब आप प्रेगनेंट होने यानि गर्भधारण करने की प्रयास करती है तो इसके लिए आपको बिस्तर में वह सारी बातों का ध्यान रखना पड़ता है जिससे प्रेगनेंट होने के मौके अधिक हो जाएं.

वैसे तो गर्भधारण करने के लिए ऐसे कोई विशेष तरीका नही है. लेकिन कुछ बातें जैसे सेक्स का समय या कितनी बार सेक्स और कुछ खास सेक्स पोजीशन इसके मौके को बढ़ा सकते है.

प्रेगनेंट होने के लिए कब सेक्स करना चाहिए? – pregnant hone ke liye sex kab karna chahiye

  • गर्भधारण करने के लिए सबसे जरूरी है अपनी ओव्यूलेशन साईकिल का पता होना.
  • पीरियड्स का चक्र 28 दिन का होता है, जिसमें 12-17 दिन के बीच ओव्यूलेशन होता है.
  • ओव्यूलेशन के समय ओवरी से एग रिलीज होते है जो यूटेरस से होकर फैलोपियन ट्यूब तक जाते है.
  • इन 12-17 दिन के बीच सेक्स करने पर स्पर्म का इन एग के साथ ठहरने के ज्यादा मौके होते है.
  • इस कोशिश के दौरान स्पर्म करीब 5 दिनों तक एग के साथ रह सकता है.
  • ओव्यूलेशन के दौरान सेक्स करते समय आपका प्रयास यह होना चाहिए कि स्पर्म फैलोपियन ट्यूब तक पहुंच जाए.

हालांकि जरूरी नही सभी महिलाएं अपनी पीरियडस चक्र के इन्ही दिनों पर ओव्यूलेट करें. गर्भधारण में समस्या होने पर या ओल्यूलेशन का पता न लगने पर डॉक्टर से बात करनी चाहिए. 

ओव्यूलेशन पेन के लक्षण – ovulation pain ke symptoms 

  • वेज़ाइनल डिस्चार्ज में बदलाव – ओव्यूलेट करने पर म्यूकस पतला और क्लीयर होता है.
  • शरीर के तापमान में बदलाव – ओव्यूलेट करने के बाद महिलाओं के शरीर का तापमान थोड़ा अधिक हो जाता है. ध्यान रहें कि यह सिर्फ यह बताएगा कि आपको ओव्यूलेशन हो चुका हैं.

अगर आप किसी फार्मेसी स्टोर पर जाते है तो आपको ओव्यूलेशन किट मिल सकती है. इसके द्वारा किए गए टेस्ट आपके यूरीन के हार्मोन बदलाव के बारे में बता देते है. इसके लिए आप किट पर पढ़ सकते है.

प्रेगनेंट होने के लिए कुछ सेक्स पोजीशन – Some sex position to get pregnant in hindi

किसी भी पुरूष के एक ऑर्गेज़म रिलीज में कई लाख स्पर्म होते है. ओव्यूलेशन के समय पर असुरक्षित सेक्स करने से प्रेगनेंसी के मौके बढ़ जाते है. जैसे ही स्पर्म योनि में प्रवेश करता है वैसे ही गर्भधारण के मौके काफी अधिक हो जाते है. इनके अलावा –

  • मीशनरी सेक्स पोजीशन – इस सेक्स पोजीशन में सेक्स करने पर गर्भधारण के अधिक मौके होते है. इस पोजीशन में महिला पार्टनर को पीठ की ओर लेटकर पुरूष ऊपर की तरफ होता है.
  • डॉगी स्टाइल – जैसे की नाम से ही साफ है इसमें पुरूष पीछे होता है. इस पोजीशन से पेनिस सर्वीक्स के अधिक नजदीक रहता है. जिससे प्रेगनेंट होने के मौके अधिक होते है.

इसके अलावा सेक्स पेजीशन में अगर कमर के नीचे तकीया लगा लिया जाए तो और भी बेहतर रहता है. इससे स्पर्म अंदर योनि में ही रहता है, बाहर नही निकलता है.

प्रेगनेंट होने की कोशिश करने वाली महिलाओं को सेक्स के तुरंत बाद खड़ा नही होना चाहिए. कम से कम 15 मिनट तक लेटे रहना चाहिए. 

प्रेगनेंट होने के तरीके – pregnant hone ke tarike in hindi

गर्भधारण करने के लिए सेक्स कितनी बार होना चाहिए? – pregnant hone ke liye sex kitni baar karna chahiye

  • आपने ऐसा पढ़ा होगा कि बहुत कम सेक्स स्पर्म की गुणवत्ता को कम कर देता है.
  • कुछ रिसर्च का मानना है कि एक बार करने के 2-3 दिन बाद सेक्स करने से इसकी क्वालिटी बेहतर हो जाती है.
  • इसके अलावा अध्ययनों की माने तो जो जोड़े हर 1-2 दिन में सेक्स करते है उनके गर्भधारण करने के मौके अधिक होते है.
  • लेकिन ध्यान रहें कि आपना ऐसा कोई भी नियम न बनाए, इससे स्ट्रेस बढ़ सकता है.
  • सेक्स सिर्फ उतनी ही बार करें जितना आपको अच्छा लगे.

क्या लूब्रिकेंट इस्तेमाल करने से गर्भधारण में कोई फर्क पड़ता है?

  • ऐसी सिर्फ दो तिहाई महिलाएं ही है जो लूब्रिकेंट का प्रयोग करती है.
  • लेकिन सवाल यही है कि क्या यह स्पर्म की गुणवत्ता को प्रभावित करते है.
  • हालांकि गर्भधारण करने में इसके कोई प्रभाव नही होते है.
  • जबकि लूब्रिकेंट का उपयोग सेक्स को आसान और आरामदायक बना देता है.

प्रेगनेंट होने के टिप्स – pregnant hone ke tips

सिर्फ सेक्स पोजीशन आदि में ही बदलाव करना गर्भधारण के मौके नही बढ़ाता है. इसके लिए फर्टिलिटी का बूस्ट होना जरूरी है. जिसके लिए –

ऑर्गेज़म

  • पुरूषों के लिए प्रेगनेंट करने के लिए जरूरी है वह इंजेकुलेट करें.
  • जबकि महिलाओं को प्रेगनेंट होने के लिए क्लाइमैक्स होना जरूरी नही हैं.
  • इनके ऑर्गेज़म करने से हो सकता है कि स्पर्म अपनी जगह के करीब पहुंच जाए. 

 वजन पर कंट्रोल होना

  • ज्यादा वजन होना या वजन का कम होना.
  • दोनों स्थितियां फर्टिलिटी को प्रभावित करती है.

स्मोकिंग न करें

  • स्मोकिंग करने से इंफर्टिलिटी के मौके बढ़ सकते है.
  • जिससे गर्भपात और स्पर्म की गुणवत्ता पर असर हो सकता है.

कैफीन का सेवन लिमीट में करना

  • ज्यादा मात्रा में लेने पर दिन में कैफीन के 5 कप फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकते है.
  • इसलिए इसका सेवन तय सीमा में करना चाहिए. 

डॉक्टर को कब दिखाएं

अगर आप गर्भधारण की काफी कोशिश कर चुके है तो ऐसे में फर्टिलिटी स्पेशिलिस्ट को दिखाना चाहिए. यह कोशिश का समय अलग आयु में अलग अलग होता है.

  • 35 वर्ष से कम आयु वाली महिलाओं को 1 साल तक प्रयास के बाद विफल होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
  •  वहीं 35 से अधिक उम्र वाली महिलाओं को प्रयास करने के 6 महीने में डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाली समस्याएं

  • अनियमित पीरियडस या न होना
  • एंडोमेट्रियोसिस
  • पेल्विक सूजन से जुड़े रोग
  • गर्भपात का इतिहास
  • पुरूषों के लिए, हर्निया या कोई और टेस्टिकल समस्या होने पर दिखाना चाहिए.

इन सभी मुद्दों और आपकी हेल्थ और मेडिकल इतिहास के आधार पर डॉक्टर आपको दवा, गर्भधारण के तरीके या जरूरत पड़ने पर सर्जरी आदि की सलाह भी दे सकते हैं.