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अनिद्रा के बारे में सबकुछ – insomnia in hindi

अनिद्रा के बारे में सबकुछ – insomnia in hindi

अच्छी सेहत के लिए नींद का पूरा होना बेहद जरूरी है क्योंकि अगर आप सोएंगे नहीं तो आप स्वस्थ नहीं रह पाएंगे. अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित व पूरी नींद लेना सबसे बेहतरीन तरीका हैं. 

इंसान के शरीर को नींद की उतनी ही जरूरत होती है जितनी खाने पीने की, वहीं पर्याप्त नींद नहीं लेने से कार्य क्षमता पर बुरा असर पड़ता हैं. 

लेकिन बहुत से लोग ऐसे होते है जिनको नींद नही आती हैं. ऐसे ही लोगों को आज हम बताने वाले है अनिद्रा रोग क्या होता है, इसके कारण, लक्षण, प्रकार और घरेलू उपचार –

अनिद्रा क्या होता है – what is insomnia in hindi

  • यह एक प्रकार का स्लीप डिसऑर्डर है जिसमें नींद आने में परेशानी, पूरी नींद न लेना या दोनों होते है.
  • इस समस्या से पीड़ित लोगों को नींद से जागने पर फ्रेश महसूस नही होता है.
  • ऐसा इसलिए क्योंकि वह लोग नींद के बीच में ही उठ जाते है जिसके कारण उन्हें थकान समेत अन्य लक्षण दिखते है.
  • हफ्तें में 3 रात नींद की समस्या को 3 महीने से ज्यादा हो जाने को अनिद्रा समझा जा सकता है.
  • इस कारण किसी भी व्यक्ति के जीवन में अधिक तनाव और काम करने में परेशानी होती है.

अनिद्रा के कारण – insomnia causes in hindi

  • हर उम्र में शरीर को नींद की अलग अवधि की जरूरत पड़ती हैं. 
  • बात करें नवजात शिशु की तो वह 18 घंटे तक सोते हैं. 
  • वहीं व्यस्कों को औसतन आठ घंटे की नींद की जरूरत होती हैं. 
  • पर्याप्त नींद न मिलने का सीधा असर हमारे शरीर की रोजमर्रा की दिनचर्या पर पड़ता हैं. 
  • जिसके कारण मधुमेह, वज़न का बढ़ना, उच्च रक्त चाप जैसी बीमारियाँ होने के आसार बढ़ जाते हैं.
  • डॉक्टरों के अनुसार हफ्ते में तीन बार पूरी रात न सोने और समस्या का 3 महीनों तक बने रहने को अनिद्रा समझा जाता हैं. 
  • यह दुनिया भर की आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जो किसी भी उम्र के पुरुषों और महिलाओं में हो सकती हैं. 

इन दिनों लोग विभिन्न प्रकार की अनिद्रा से पीड़ित हैं –

अनिद्रा के रिस्क फैक्टर – risk factors for insomnia in hindi

यह किसी भी आयु में हो सकता है और पुरूषों की तुलना में यह महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है. इसके रिस्क फैक्टर में –

  • तनाव का स्तर ज्यादा होना
  • खराब बैठे रहने वाली लाइफ़स्टाइल
  • भावनात्मक डिसऑर्डर
  • काम करने के समय में बदलाव
  • दूसरे देशों में ट्रेवल करना

इसके अलावा निम्न मेडिकल कंडीशन जैसे –

  • मोटापा
  • कार्डियोवस्कुलर रोग
  • मेनोपोज़

अनिद्रा के लक्षण – insomnia symptoms in hindi

  • सुबह सुबह ज्यादा जल्दी उठना
  • नींद आने में परेशानी
  • सोते रहने में कठिनाई
  • नींद के बाद भी फ्रेश नही उठना

इन लक्षणों के चलते निम्न लक्षण हो सकते है –

  • चिड़चिड़ापन
  • थकान
  • मूड में बदलाव
  • फोकस करने में परेशानी

अनिद्रा का इलाज – treating insomnia in hindi

  • रात को सोने से पहले कैफीनेटिड ड्रिंक्स को न पीएं.
  • साथ ही रात को सोने से पहले एक्सरसाइज न करें.
  • जब सोने का समय हो तो उस समय कोशिश करें कि आप फोन या टीवी का इस्तेमाल न करें.
  • अनिद्रा की समस्या गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर बताई गई दवाएं ली जानी चाहिए.
  • डॉक्टर की सलाह पर मेलाटॉनिन भी लिया जा सकता है.

प्रेगनेंसी में अनिद्रा का इलाज – insomnia and pregnancy in hindi

  • गर्भावस्था के पहली और तीसरी तिमाही में अनिद्रा की समस्या बहुत आम है.
  • हार्मोन बदलाव के कारण मतली, अधिक पेशाब आना शरीर के कुछ बदलाव होते है जो प्रेगनेंसी में होते है.
  • इसके अलावा घबरहाट, दर्द, कमर में असहजता के कारण आपको जागते रहने पड़ सकता है.

इसका इलाज –

  • गर्भावस्था के दौरान एक्टिव रहें.
  • हेल्दी डाइट लें.
  • खुद को पानी की कमी न होने दें.
  • नियमित रूप से नींद लें.
  • डॉक्टर से बात करके एक्सरसाइज रूटीन, दवाएं या सप्लीमेंट जानें.

बच्चों में अनिद्रा का इलाज – insomnia in children in hindi

  • बच्चों में अनिद्रा के लक्षण जैसे दिन के समय सोना
  • मूड स्वींग और चिड़चिड़ापन
  • नियमित न रहना
  • याद रखने में परेशानी
  • ध्यान न देना
  • इसके अलावा जो इलाज व्यस्कों को दिया जाता है वहीं बच्चों को भी दिया जाता है.

अनिद्रा की जटिलताएं – complications of insomnia in hindi

अनिद्रा के कारण कई रोगों के होने का रिस्क बढ़ जाता है जैसे –

साथ ही अनिद्रा से निम्न खतरे बढ़ जाते है जैसे –

अनिद्रा का घरेलू उपचार – insomnia home remedies in hindi

हरी पत्तेदार सब्जीयाँ लें

  • जिन सब्जियों के पत्ते बड़े होते है उसमें लिसलिसापन होता है जो नींद आने में काफी मदद करता हैं. 
  • पोरो और पालक की सब्जियों को नियमित रुप से खाने से बेहतर नींद आती हैं.

मैग्नीशियम और कैल्शियम

  • मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों ही नींद बढ़ाने वाले रसायन होते हैं. 
  • जब यह दोनों साथ में ली जाए तो और असरदार होती हैं. 
  • मैग्नीशियम भोजन में लेने से दिल की बीमारी का खतरा भी कम होता हैं.

मेडिटेशन

  • अनिद्रा के अलावा बहुत सारे रोगों के इलाज में मेडिटेशन लाभ देती है.
  • इससे तनाव, घबराहट, दर्द, पाचन समस्याएं, अवसाद को कम किया जा सकता है

एरोमाथेरेपी

  • यह एक तरह की सुगंध होती है और सुगंध का मस्तिष्क से गहरा संबध होता हैं. देखा जाता है कि बहुत से लोग तकिए के नीचे चमेली के फूल रख कर सोते हैं. 
  • वहीं कई लोग अपने बालकनी में रजनीगंधा या इसी तरह के सुगंधित फूलों के पौधे लगा कर रखते हैं. इससे रात में बेहतर नींद आती हैं. 
  • अनिद्रा से ग्रसित लोगों के लिए लेवेंडर के फूल भी काफी असरदार होते हैं. 
  • तकिए के नीचे इसके फूल रख देने से सुगंध पूरे कमरे में फैल जाती है और बेहतर नींद आती हैं.

योग और ध्यान

  • योग का अभ्यास और नियम से ध्यान लगाना अनिद्रा में बहुत महत्वपूर्ण होता हैं. 
  • याद रहें कि योग करने में ज्यादा कठिन आसन नहीं करें, कोशिश करें कि साधारण आसन करें जिससे मन को शांति मिलें. 
  • बेड पर जाने से पहले 5 से 10 मिनट तक ध्यान जरूर करें. 
  • ध्यान लगाने के दौरान कहीं भटके नहीं और मन को सिर्फ अपनी सांस पर एकाग्र रखें, ऐसा करने से रात में बेहतर नींद आएगी.

ग्रीन टी

  • ग्रीन टी में एल थियानिन नामक एमीनो एसिड होता हैं. 
  • इसे दिन में पीने से चुस्ती और ताजगी छाई रहती हैं. 
  • साथ ही इसे रात में पीने से गहरी नींद आती हैं.

अंत में

अनिद्रा कोई असहजता नही बल्कि एक नींद विकार है जिसका इलाज संभव है. अगर आपको लगता है कि आपको अनिद्रा की समस्या है तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए. जिससे वह इसके होने के कारण जानकर उचित उपचार दे सकें.