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पैरों में ऐंठन होने पर घरेलू उपचार – Leg Cramps home treatment in Hindi

पैरों में ऐंठन होने पर घरेलू उपचार – Leg Cramps home treatment in Hindi

मांसपेशियों में क्रैम्प जिसे आसान भाषा में ऐंठन या पैर में बाटा आना भी कहा जाता हैं. अक्‍सर मामलों में देखा जाता है कि लोगों की रात को सोते समय पैरों में बहुत ज्‍यादा ऐंठन होती हैं. इसके अलावा रात को नींद के बीच पैरों में ऐंठन हो जाती है जिसके चलते बहुत से लोग दुपट्टा आदि अपने पैरों में बांधते हैं. लेकिन आराम नहीं मिलता हैं. 

ऐसा होना कोई गंभीर बीमारी होना नहीं होता है, बस आपको अपनी सेहत का ध्‍यान रखना जरूरी होता हैं. ऐंठन होने का मतलब है कि शरीर दिन भर की थकान झेल नहीं पा रहा हैं. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है पैरों की ऐंठन से बचने के घरेलू उपचार –

पैरों की ऐंठन से बचने के घरेलू उपचार – Leg Cramps home treatment in Hindi

गर्म सिकाई

  • रात को नींद के बीच में ऐंठन हो जाने पर प्रभावित पैर को खड़े होकर हल्का हल्का वजन डालें.
  • खड़े होते समय पैर के पंजे पर खड़े हो और धीरे धीरे एड़ी को नीचे रखें इससे स्ट्रेच भी होता है.
  • रात को पैरों में दर्द होने पर गर्म पानी की बोतल को पैरों में रखे या फिर वॉर्म शॉवर भी ले सकते हैं. 
  • अगर कुछ न हों ऐंठन वाली जगह पर पानी गर्म करके उसी से सिकाई कर लें. 
  • यह ऐंठन में आराम पाने का अच्छा उपाय हैं.
  • इन सभी के अलावा ड्राई हीट भी काफी मदद करती है.
  • डायबिटीज, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी आदि के मामलों में गर्म सिकाई अच्छा विकल्प नहीं है.

स्ट्रेचिंग

  • ऐंठन आने वाली मांसपेशी को रिलैक्स करें.
  • रात को ऐंठन का कारण बनने वाली एक्टिविटी को न करें.
  • इसके अलावा हल्का स्ट्रेच जरूर करें.
  • जिसके बाद हल्की मसाज भी की जा सकती है.

अच्छा संतुलित भोजन

  • हड्डियां कमजोर होने पर पैरों में ऐंठन और दर्द होता हैं. 
  • ऐसे में कैल्शियम से भरपूर भोजन का सेवन जरूर करें
  • हर दिन ऐसा करने पर कुछ समय बाद दर्द होना बंद हो जाता हैं. 
  • इसलिए संतुलित आहार जरूर लें यह ऐंठन से बचने के घरेलू उपचार का हिस्सा है जो बहुत लाभ देता हैं.

मैग्नीशियम

  • नियमित रूप से पैर में बाटा आने और किसी अन्य गंभीर समस्या न होने पर डाइट में मैग्नीशियम को शामिल करें.
  • अखरोट और बीज मैग्नीशियम के बेहतरीन सोर्स होते है.
  • गर्भवती महिलाओं के पैर में बाटा आने की कंडीशन को मैग्नीशियम के सेवन से उपचारित किया जाता है.
  • इसके सप्लीमेंट के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

मसाज

  • ऐंठन में आराम पाने का अच्छा उपाय है कि ऐंठन होने पर सरसों के तेल से मसाज करना बहुत लाभ देता हैं. 
  • ऐसा करने से पैरों में खून का संचार अच्‍छा बना रहता है और साथ ही दर्द में राहत भी मिलती हैं.

फल

  • अपनी प्रतिदिन की खुराक में नट्स, बीन्‍स, साबून अनाज वाली ब्रेड, केला और संतरों को शामिल करें. 
  • इनमें पोटेशियम और मैग्‍नीशियम पूरी मात्रा में होता है और साथ ही पैरों में होने वाली ऐंठन में आराम पाने का अच्छा उपाय हैं.

खूब पानी पीएं

ऑयल

  • जिस जगह पर दर्द हो रहा हों, वहां लैवेंडर ऑयल या रोजमैरी ऑयल लगाकर मसाज करें. 
  • बाद में तौलिए से लपेट लें, यह ऐंठन में आराम पाने का अच्छा उपाय हैं.

चले फिरे

  • बाट आने के बाद थोड़ा बहुत चलना फिरना बहुत जरूरी होता है.
  • इससे मांसपेशियों को सिकुड़न के बाद रिलैक्स करने में मदद मिलती है.

सरसों का तेल

  • इसमें बहुत सारे गुण होते हैं. इसमें एसिटीक एसिड होता है, जो शरीर के दर्द को दूर करता है. 
  • ऐसे में सरसों के तेल को गुनगुना करके पैरों पर लगाएं. 
  • यह ऐंठन में आराम पाने का अच्छा उपाय हैं.

दवाएं

  • कई बार कुछ विशेष दवाओं से भी पैरों में ऐंठन होने लगती हैं. जैसे- गर्भनिरोधक, डिप्रेशन दूर करने वाली आदि. ऐसे में अपने डॉक्‍टर से परामर्श लें.

पैरों में ऐंठन होने के कारण क्या होता है

  • मांसपेशियों में ऐंठन तब होती है जब एक मांसपेशी अनैच्छिक रूप से अपने आप सिकुड़ जाती है. 
  • आमतौर पर दर्द के समय पर लोगों को दर्द वाले स्थान पर सख्त गांठ महसूस होती हैं. यह सिकुड़ी हुई मांसपेशी होती है.
  • ऐंठन अधिकतर एक कारण से होती है. यदि आपने किसी मांसपेशी को तनावपूर्ण नहीं किया है, तो आप शायद इसलिए ऐंठन कर रहे हैं क्योंकि आपकी मांसपेशी थकान या अधिक उपयोग की जा चुकी है. (जानें – सिबेसियस सिस्ट के बारे में)
  • इसके अलावा आपके शरीर में पानी की कमी होने पर भी ऐंठन हो सकती है.
  • साथ ही शरीर में पोटेशियम या मैग्नीशियम की कमी होने पर पैरों में ऐंठन हो सकती है.
  • यह मिनरल हमारे शरीर को स्मूद रूप से काम करने और फ्लूइड को शरीर में मिनरल प्रोसेस करने में मदद मिलती है.
  • अधिकतर पैरों में ऐंठन की समस्या में किसी चिंता की आवश्यकता नहीं होती है.
  • 65 से अधिक आयु वाले लोग इसके अधिक रिस्क पर होते है.
  • पैरों में बाटा आने का कारण शराब, डायबिटीज या हाइपोथायरोइडिज्म हो सकता है.
  • बाट ज्यादा आने की स्थिति में डॉक्टर से मिलकर बात करनी चाहिए.

अंत में

अगर आपको रात में नींद के दौरान पैरों में ऐंठन होती है तो आपको चिकित्‍सक से सलाह लेनी चाहिए. साथ ही विटामिन डी, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और पोटेशियम की दवाओं का सेवन करें या इन सभी जरूरी तत्वों से युक्त भरपूर फ़ूड्स का सेवन करना चाहिए. (जानें – विटामिन डी की कमी के लक्षण)

पैरों में दर्द होने पर सबसे पहले कारण जानने की कोशिश करें. अगर गर्भवती स्‍त्री को होता है, तो ऊपर बताए गए उपाय का इस्तेमाल करें. बच्‍चों को ऐसा होने पर उनकी मालिश करें. लेकिन अगर ये दर्द हमेशा होता है तो डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें.