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मलेरिया के बारे में – malaria in hindi

मलेरिया के बारे में – malaria in hindi

इस लेख में आप जानेंगे मलेरिया क्या होता है, मलेरिया के कारण, लक्षण, निदान, जीवन को नुकसान पहुँचाने वाली मलेरिया की जटिलताएं, इलाज और बचाव के टिप्स –

मलेरिया क्या है – what is malaria in hindi

जीवन को खतरे में डालनी वाली बीमारियों में से एक मलेरिया है. यह एनोफ़िलीज़ मच्छर के काटने से फैलने वाला एक संक्रमण है. जब प्लासमोडियम पैरासाइट से संक्रमित मच्छर आपको काटता है तो वही संक्रमण आपके ब्लडस्ट्रीम में फैल जाता है.

जब पैरासाइट हमारे शरीर में होता है तो वह लीवर तक जाता है जहां जाकर वह विकसित होता है. कुछ दिनों के भीतर ही यह विकसित पैरासाइट ब्लडस्ट्रीम में जाकर हमारे रेड ब्लड सेल्स को संक्रमित कर देता है.

2 से 3 दिन या कहे 48 से 72 घंटों के भीतर मलेरिया का इंफेक्शन हमारे रेड ब्लड सेल्स में मल्टीप्लाई होता है. जिससे इंफेक्टिड सेल्स बर्स्ट और खुले रहते है. जिस कारण मलेरिया के लक्षण 2 से 3 दिन के अंदर एक साईकल में दिखने लगते है. 

मलेरिया के कारण – what causes malaria in hindi

प्लासमोडियम पैरासाइट से संक्रमित मच्छर के काटने से मलेरिया हो सकता है. मलेरिया पैरासाइट के 4 प्रकार होते है. 

  • प्लासमोडियम विवैक्स
  • पी. ओवेल
  • पी. मलेरिए
  • पी. फाल्सीपैरम

पी. फाल्सीपैरम को मलेरिया का सबसे घातक रूप माना जाता है. मलेरिया के इस प्रकार से संक्रमित रोगी को जान जाने का खतरा रहता है. शिशु को जन्म देने के समय पर मां के संक्रमित होने पर यह रोग शिशु में भी जा सकता है. जिसे कॉनजेनिटल मलेरिया भी कहा जाता है.

मलेरिया हमारे शरीर में ब्लड के जरिए ट्रांसमिट हो सकता है, तो यह –

  • ट्रांसफ्यूजन
  • पहले से उपयोग की जा चुकी नीडल या सुई का प्रयोग करने
  • अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट)

मलेरिया के लक्षण – malaria symptoms in hindi

मलेरिया के यह लक्षण विकसित होने में 10 दिन से लेकर 4 हफ्तों का समय लग सकता है. कुछ मामलों में हो सकता है कि लक्षण कुछ महीनों तक विकसित ही न हों. मलेरिया के अन्य आम लक्षणों में –

मलेरिया का निदान – malaria diagnosed in hindi

इसके लिए डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री, हाल ही में की गई यात्राएं और शारीरिक जांच कर सकते है. इससे डॉक्टर पता लगा पाएंगे कि कही आपका लीवर या स्पलीन बढ़ तो नही गया है. इसके अलावा मलेरिया के लक्षण होने पर डॉक्टर आपके ब्लड टेस्ट करा सकते है जिससे निम्न बातें पता लगती है –

  • अगर आपको मलेरिया है
  • किस प्रकार का मलेरिया है
  • पैरासाइट के कारण इंफेक्शन जो किसी प्रकार की दवा के प्रति असर नही करते
  • रोग के कारण अनेमिया
  • रोग के कारण वाइटल अंग को नुकसान

मलेरिया के कारण जीवन की क्षति – life threatening complications of malaria in hindi

  • फेफड़ो में फ्लूइड का बढ़ना जिससे सांस लेने में परेशानी या पल्मोनेरी एडिमा
  • दिमाग की नसों की सूजन या सेरिब्रल मलेरिया
  • लिवर, स्पलीन, किडनी आदि जैसे ऑर्गन फेलियर
  • लो ब्लड शुगर
  • रेड ब्लड सेल्स को नुकसान के कारण अनेमिया

मलेरिया का उपचार कैसे होता है – malaria treatment in hindi

  • यह जीवन के लिए खतरनाक कंडीशन हो सकती है खासकर पी. फाल्सीपैरम संक्रमण होने पर यह खतरा अधिक होता है.
  • डॉक्टर द्वारा इंफेक्शन के प्रकार को जानने के बाद उपचार दिया जाता है.
  • कुछ मामलों में डॉक्टर द्वारा प्रीस्क्राइब दवाएं इंफेक्शन को क्लीयर नही करती है.
  • डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं का असर न होने का कारण पैरसाइट का दवा के प्रति रसिस्टेंस होता है.
  • ऐसा होने पर डॉक्टर आपको एक से अधिक दवाएं या असर न होने पर दवाएं बदल सकते हैं.
  • कुछ प्रकार के मलेरिया इंफेक्शन में लिवर स्टेज होती है जिससे वह शरीर में लंबे समय तक रह सकती है.
  • लिवर स्टेज वाले मामलों में मलेरिया के फिर से होने का रिस्क रहता है.
  • ऐसे में डॉक्टर से बात कर दूसरी दवाएं भी ली जाती है.

इसके अन्य घरेलू उपाय

  • सुबह सुबह खली पेट तुलसी के 4 से 5 पत्तों को अच्छी तरह से चबाए, थोड़े ही दिनों में मलेरिया का बुखार उतर जाएगा.
  • मलेरिया को जल्द ठीक करने के लिए 10 ग्राम पानी उबालें और उसमें 2 ग्राम हिंग डालकर उसका लेप बनाए.
  • अब इस लेप को हाथ और पैरो के नाखूनों पर लगाए, 4 दिनों तक ऐसा करने से रोगी जल्दी ठीक होने लगता हैं.
  • नीबू भी मलेरिया में कारगर हैं, नीबू पानी या नीबू की शिकंजी का सेवन करने से मलेरिया के बुखार में आराम पड़ता हैं.
  • 5 काली मिर्च और 50 ग्राम नीम की पत्तियों को बारीक पिसे और इसे एक कप में छानकर थोड़ा-थोड़ा रोगी को दें.
  • मलेरिया के बुखार होने पर प्याज़ का रस बहुत फायदा करता हैं, 4 काली मिर्च का पाउडर, 4 एमएल प्याज़ का रस मिलाकर दिन में 3 बारी पिएं.
  • 1 चम्मच लहसुन के रस में 1 चमच्च तिल के तेल को मिलाकर हाथ-पैरो और नाखूनों पर लगाए.
  • बार-बार बुखार आने पर नियमित छांछ का सेवन करें.
  • मलेरिया होने पर सेब खाए, सेब खाने से बुखार जल्द उतर जाता हैं.
  • सौंठ और पिसा धनिया को बराबर मात्रा में मिला कर चूर्ण बनाए, दिन में तीन बार इसका सेवन करे.

मलेरिया से बचाव के टिप्स – tips to prevent malaria in hindi

  • मलेरिया से बचाव के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नही है. 
  • अपने आसपास स्वच्छता रखें.
  • किसी भी जगह जैसे डब्बे, गमले आदि जगह पर गंदा या साफ पानी जमा न होने दें.
  • मलेरिया का मच्छर गंदे पानी में और डेंगू का साफ पानी में पैदा होता है.
  • इससे बचाव का सबसे बेहतर तरीका है कि अपने आस पास कही भी गंदगी और पानी जमा न होने दें. 

मलेरिया की समस्या होने या लक्षण दिखने पर डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए. साथ ही डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन करना चाहिए.