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माउथ अल्सर के कारण और इलाज – mouth ulcer home remedies in hindi

माउथ अल्सर के कारण और इलाज – mouth ulcer home remedies in hindi

माउथ अल्सर को नासूर भी कहा जाता है, आमतौर पर यह छोटे होने के अलावा इनमें काफी दर्द होता है. यह मुँह में कही भी या मसूड़ों पर विकसित हो सकते है जिससे मसूड़ों की सूजन आदि हो जाते है.

मुंह में अल्सर होने पर पानी पीने, भोजन खाने और बात करने में परेशानी होना हो सकता है. महिलाएं, व्यस्को के साथ आनुवांशिक रूप से माउथ अल्सर वाले लोगों को इनके होने का रिस्क रहता है.

हालांकि, यह संक्रामक नही होते है और एक से दो हफ्तों के भीतर यह अपने आप चले जाते है. अगर आपको नासूर हो जाता है या माउथ अल्सर में बहुत ज्यादा दर्द रहता है. इसके अलावा इन्हें भरने में समय लगता है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

माउथ अल्सर के कारण – mouth ulcers causes in hindi

मुँह के अल्सर होने के कोई विशेष कारण नही होते है. लेकिन कुछ ऐसे फैक्टर है जो इनका कारण बन सकते है जैसे –

  • भावनात्मक तनाव
  • नींद कम लेना
  • मासिक धर्म के दौरान हार्मोनल बदलाव
  • एलर्जी के कारण माउथ बैक्टीरिया
  • जिंक, आयरन, फॉलेट, विटामिन बी12 की कमी
  • खराब रूप से ब्रश करना
  • दांतों के काम के दौरान मुँह की इंजरी, स्पोर्ट्स इंजरी आदि
  • फंगल, वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन
  • डेंटल एंब्रेस

माउथ अल्सर कुछ गंभीर स्थितियों को इंगित करता है जिनमें मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है –

  • डायबिटीज़ मैलीटस
  • सीलिएक रोग (शरीर ग्लूटेन को बर्दाशत नही कर पाता है)
  • पूरे शरीर में इंफ्लामेशन होना
  • इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुँचाने वाले वायरस और बैक्टीरिया
  • एचआईवी एड्स
  • इंफ्लामेटरी बाउल रोग

माउथ अल्सर के लक्षण – mouth ulcers symptoms in hindi

यह तीन प्रकार के होते है – माइनर, मेजर और हेर्पेटिफोर्म 

माइनर

  • छोटे मुँह के अल्सर ओवल या राउंड अल्सर होते है जो एक से दो हफ्तों के भीतर ठीक हो जाते है.

मेजर

  • बड़े मुँह के अल्सर बड़े होने के साथ छोटे छालों से बड़े होते है.
  • इन्हें ठीक होने में 6 हफ्तों तक का समय लग सकता है.
  • इनके कारण मुँह के अंदर लंबे समय तक स्कारिंग रहती है.

हेर्पेटिफोर्म

यह पीनपॉइंट साइज के होते है जो 10 से 100 के क्लस्टर में होते है. इस तरह के अल्सर के आकार जरूरी नही की गोल या ओवल ही हो. यह एक से दो हफ्तों के बीच ठीक हो जाते है.

  • असामान्य रूप से यह माउथ अल्सर बढ़े होते है
  • 3 हफ्ते से अधिक अल्सर रहने
  • बिना दर्द वाले छाले
  • माउथ अल्सर से होंठे तक आ जाते है
  • ओटीसी या नैचुरल दवाओं से कंट्रोल न हो पाने वाला दर्द
  • खाने और पीने में परेशानी
  • हाई फीवर या डायरिया

माउथ अल्सर का पता कैसे लगाएं – how are mouth ulcers diagnosed in hindi

डॉकटर आपके मुँह को देखकर माउथ अल्सर का पता लगा सकते है. अगर आपको गंभीर माउथ अल्सर नियमित रूप से रहते है तो आपको अन्य मेडिकल कंडीशन के टेस्ट की जरूरत है.

माउथ अल्सर के घरेलू उपचार – mouth ulcer home remedies in hindi

माउथ अल्सर होने पर किसी प्रकार के उपचार की जरूरत नही होती है. हालांकि, अगर आपको मुँह के अल्सर है और उनमें अधिक दर्द होता है तो दर्द से राहत और इलाज के लिए निम्न चीज़े की जा सकती है –

  • टॉपीकल पेस्ट का उपयोग
  • अल्सर पर बर्फ लगाना
  • दर्द और सूजन कम करने के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई स्टेरॉइड से कुल्ला करें
  • मुँह के अल्सर को बेकिंग सोडा से कवर करें
  • अल्सर पर मैग्नीशिया का दूध लगाए.
  • नमक के पानी और बेकिंग सोडा से कुल्ला करें
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए ओटीसी लगाए
  • माउथ अल्सर पर टी बैग लगाए
  • नैचुरल सप्लीमेंट जैसे फॉलिक एसिड, विटामिन बी-6, विटामिन बी-12 और जिंक लें.
  • नैचुरल उपचार जैसे कैमोमाइल चाय, एकिनेसिया, लोहबान और मुलेठी ली जा सकती है.

माउथ अल्सर से बचाव के टिप्स – tips to prevent mouth ulcers in hindi

  • इसके लिए आप कुछ निम्न स्टेप्स को फॉलो करके माउथ अल्सर को फिर से होने से रोक सकते है. 
  • इसके अलावा फ़ूड्स जिनके कारण अल्सर होता है उनका सेवन करने से बचना चाहिए. 
  • एसिडिक फ़ूड्स जैसे पाइनएप्पल, ग्रेपफ़ूट्स, संतरा, नींबू, चिप्स या तीखा भोजन खाने से बचना चाहिए.
  • इसके स्थान पर पूर्ण आनाज वाला भोजन और सब्जियाँ खानी चाहिए.
  • हेल्दी डाइट के साथ रोजाना मल्टीविटामिन लिए जाने चाहिए.
  • भोजन खाते समय बात नही करनी चाहिए. इससे गाल कटने से बचा जा सकता है.
  • अपने जीवन में तनाव कम करके अच्छी ओरल हाइजिन जैसे डेंटल फ्लॉस और भोजन के बाद ब्रश करना आदि किया जा सकता है.
  • सबसे जरूरी है कि नींद व आराम ठीक से करना.
  • इससे न केवल माउथ अल्सर से बचाव होता है बल्कि इसके होने के कारणों का भी सफाया हो जाता है. 

कुछ लोगों के लिए सॉफ्ट टूथब्रश और सोडियम वाले माउथवॉश को इस्तेमाल न करना मदद कर सकता है. जबकि समस्या गंभीर होने जैसे ओरल थ्रश का गंभीर होना आदि जैसी कंडीशन में डॉक्टर से सलाह लेकर उचित उपचार लिया जाना चाहिए.