Select Page

नाक बहने का घरेलू इलाज – how to stop runny nose in hindi

नाक बहने का घरेलू इलाज – how to stop runny nose in hindi

यह एक ऐसी भावना है जिसे लगभग हर व्यक्ति जानता हैं. इसके दौरान ग्रसित व्यक्ति नाक से सांस न ले पाना या नाक से बलगम निकलना और सिर में अजीब बैचेनी का अनुभव होता है. ऐसे में आंखों में पीड़ा और पानी आने के कारण इन्हें बंद रखना बेहतर लगता है.

नाक बहने की समस्या असहज हो सकती है. लेकिन इसका घरेलू इलाज आसानी से किया जा सकता है. नाक बहने के कई कारण हो सकते है जैसे साइनस के वायरल इंफेक्शन सबसे आम है उदाहरण के लिए सर्दी-खांसी का हो जाना.

अन्य मामलों में एलर्जी, हे फीवर आदि समस्या के कारण नाक बहने की समस्या हो सकती है.

नाक बहने के कारण – naak bahane ke karan

  • आपकी नाक बहने की समस्या कई चीजों के कारण हो सकती है जिसमें साइनसाइटिस और राइनाइटिस शामिल हैं.
  • साइनसाइटिस एक संक्रमण है जो सूजन और आपके साइनस की सूजन का कारण बनता है. 
  • वैज्ञानिकों के अनुसार साइनसाइटिस के मामले वायरस के कारण होते हैं, जिनका एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज नहीं किया जा सकता है. 
  • साइनस संक्रमण एंटीबायोटिक्स निर्धारित करने वाले प्रमुख कारणों में से एक है, लेकिन ये इन संक्रमणों के 2 से 10 प्रतिशत के उपचार में ही प्रभावी हैं.
  • क्रोनिक साइनसिसिस एक भड़काऊ स्थिति है जो आम तौर पर तीन महीने से अधिक समय तक रहती है. 
  • नाक के पॉलीप्स, जो कि गैर-खतरनाक विकास हैं, अक्सर पुरानी साइनसिसिस के साथ होते हैं. 
  • यदि आपको एलर्जी राइनाइटिस है, तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली हिस्टामाइन की रिहाई को ट्रिगर करती है जो आपके नाक के झिल्ली को परेशान करती है. 
  • इससे कंजेशन और छींक आती है. एलर्जी राइनाइटिस से साइनसाइटिस हो सकता है.

नाक बहने का घरेलू इलाज – how to stop runny nose in hindi

गर्म पानी से नहाना

  • जल्दी आराम के लिए आप गर्म पानी में नहा सकते हैं.
  • यह गर्म चाय और भाप लेने के जैसा होता है जिसमें बंद नाक में आराम मिलता है.
  • अच्छे परिणामों के लिए अपने मुँह को भाप के सामने रखें जिससे बंद नाक खुल जाएं.

तरल पदार्थ लेना

  • खुद के शरीर में पानी की कमी न होने दें.
  • खुद को हाइड्रेट रखने से नाक बहने की समस्या के लक्षणों में राहत मिलती है.
  • साथ ही इससे साइनसिस के अंदर का म्यूकस पतला हो जाता है जिससे बलगम आसानी से निकल जाता है.
  • शरीर से पानी को कम करने वाले तरल पदार्थ जैसे कॉफी या शराब आदि नही पीएं जाने चाहिए.

नाक को साफ रखना

  • नाक में कंजेशन या बंद होना और जलन से राहत के लिए नाक को साफ या भरी हुई न रहने देना बहुत प्रभावी है. 
  • ऐसे में नाक को साफ रखने के लिए सलाइन सॉल्यूशन(एक प्रकार का नमकीन घोल) से धीरे-धीरे अपने नाक के मार्ग को साफ रखना चाहिए. 

गर्म चाय

  • गर्म चाय आदि चीज़े कभी कभी काफी लाभ देते है.
  • गर्म तरल की हीट और स्टीम से नाक खुल जाती है और आपको सांस लेने में आसानी रहती है.
  • हर्बल चाय इसमें काफी लाभ देती है.
  • नाक बहने के साथ ही इससे गले की खराश में भी आराम मिलता है.

चिकन सूप

  • यह कोई पुरानी कहानी नहीं है. कई अध्ययनों में पता चला है कि यह साइनस को निकालने में मदद करता है. 
  • साल 2000 के अध्ययन में पाया गया कि चिकन सूप साइनस कंजेशन और जुकाम से जुड़ी सूजन को कम करता है.

तीखा भोजन

  • तीखा भोजन खाने से आपकी नाक बहने की स्थिति और भी खराब हो सकती है लेकिन इसमें राहत भी मिलती है.
  • बंद नाक होने पर तीखा भोजन लाभ देता है. 

गर्म और ठंडा कंप्रेस

  • अपने साइनस पर गर्म और ठंडे कंप्रेस को बारी-बारी लेने में मदद मिलती है.
  • तीन मिनट के लिए अपनी नाक, गाल और माथे पर लिपटी हुई गर्म सेक के साथ लेटें.
  • गर्म सेक निकालें और इसे ठंडे सेक के साथ 30 सेकंड के लिए बदलें.
  • ऐसा दो से तीन बार करें.
  • आप इस प्रक्रिया को हर दिन दो से छह बार दोहरा सकते हैं.

मिर्च

  • मिर्च में कैपसैसिन नाम का केमिकल होता है जो नर्व दर्द और सोरायसिस के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
  • जबकि नाक पर लगाए जाने से वह बहती नाक के कारण हुए कंजेशन को खोल सकता है.

भाप लेना

  • भाप बलगम को ढीला करके जमाव से राहत दिलाने में मदद करता है. 
  • एक कटोरी गर्म पानी और एक बड़े तौलिया का उपयोग करके अपने आप को एक भाप उपचार दें. 
  • यदि आप चाहें तो मेन्थॉल, कपूर या नीलगिरी के तेल को पानी में मिलाएं. 
  • तौलिया को अपने सिर के ऊपर रखें ताकि यह भाप के अंदर फंसते हुए कटोरे के किनारे पर गिरे. 
  • ज्यादातर लोग ऐसा तब तक करते हैं जब तक कि भाप नष्ट न हो जाए. 
  • एक गर्म स्नान से भाप भी काम कर सकती है लेकिन एक कम केंद्रित अनुभव है.

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए

यदि आपको अनुभव हो तो डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए:

  • लक्षण जो 10 दिनों से अधिक समय तक रहते हैं
  • 102 ° F (38.9 ° C) या उससे अधिक का बुखार
  • लक्षण जो बदतर हो जाते हैं, जिसमें आपके बुखार में स्पाइक शामिल है या नाक के निर्वहन में वृद्धि हुई है
  • दृष्टि में परिवर्तन आदि

अंत में

ऐसे बहुत सारी बीमारियों के घरेलू उपचार है जिनकी मदद से बिना दवा लिए नाक बहने की समस्या का समाधान किया जा सकता है. हालांकि यह उपाय सर्दी, वायरल इंफेक्शन या एलर्जी के कारण होने वाली नाक बहने की समस्या को पूर्ण ठीक नही करते है.

लेकिन इनसे आपको काफी राहत महसूस हो सकती है. जबकि सर्दी खांसी, वायरल और एलर्जी होने पर सीधे डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार लिया जाना चाहिए.