Select Page

सिर के पिछले हिस्से और गर्दन में दर्द – pain in back of head and neck in hindi

सिर के पिछले हिस्से और गर्दन में दर्द – pain in back of head and neck in hindi

सिर के पिछले हिस्से में दर्द – pain in back side of head in hindi

तीव्रता के अनुसार सिरदर्द हल्के से लेकर गंभीर हो सकता है. यह सिर में किसी भी जगह हो सकता है.

सिर के पिछले हिस्से में होने वाले दर्द के निम्न कारण हो सकते है. यह कुछ अन्य स्थितियों के कारण हो सकता है. इस तरह के लक्षणों में सिर के किसी भी हिस्से में दर्द का अनुभव होता है.

सिर के पिछले हिस्से में दर्द के कारण – what causes pain in the back of the head in hindi

सिर के पिछले हिस्से में दर्द के अलग अलग कारण हो सकते है. अधिकतर मामलों में सिरदर्द के कारण शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द या कुछ स्थितियों को ट्रिगर कर सकती है.

दर्द का प्रकार, जगह और अन्य लक्षणों के साथ आप कैसा महसूस कर रहे है, इस आधार पर डॉक्टर द्वारा सिरदर्द का निदान किया जाता है.

सिर के पिछले हिस्से और गर्दन में दर्द – pain in back of head and neck in hindi

ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया

  • यह तब होती है जब सिर (स्कैल्प) से स्पाइनल कॉर्ड तक जाने वाली नसों को क्षति पहुँचती है.
  • काफी सारे लोग इसे माइग्रेन समझने की भूल करते है.
  • इस स्थिति के दौरान सिर से लेकर गर्दन तक तीव्र, ऐंठन, चुभन वाला दर्द पूरे स्कैल्प तक होता है.

इसके अन्य लक्षणों में –

हरनियेटिड डिस्क

  • हमारी गर्दन में मौजूद सर्वाइकल स्पाइन में परेशानी के कारण गर्दन में दर्द होता है.
  • इस तरह के सिरदर्द को सर्विकोजेनिक सिरदर्द कहा जाता है.
  • इस तरह का दर्द शुरू होन के बाद सिर के पीछे महसूस होता है.
  • काफी सारे मामलों में यह दर्द आंखों के पीछे भी महसूस होता है.
  • इसके अन्य लक्षणों में कंधों समेत हाथ के ऊपरी हिस्सों में दर्द होता है.
  • सर्विकोजेनिक सिरदर्द लेटने पर ज्यादा गंभीर हो जाते है.
  • लेटने पर व्यक्ति अचनाक से बीच में उठता है और सिर के ऊपर उसे वजन जैसे प्रेशर महसूस होता है.

खराब पोस्चर

  • हम किसी तरह से चलते है या किस तरह से बैठते है इसका हमारे शरीर पर खासकर सिर और गर्दन समेत अन्य अंगों पर काफी असर पड़ता है.
  • खराब पोस्चर से कमर, कंधे और गर्दन में काफी तनाव बढ़ता है जिससे सिरदर्द होता है.
  • आपको खोपड़ी में तीव्र दर्द महसूस हो सकता है.

गठिया

  • इस तरह के सिरदर्द इंफ्लामेशन और गर्दन के एरिया के आसपास सूजन के कारण होते है.
  • इस कारण सिर के पिछले हिस्से और गर्दन में दर्द होता है.
  • जबकि किसी भी प्रकार की मूवमेंट होने पर ज्यादा तीव्र दर्द हो सकता है.
  • इस तरह का सिरदर्द किसी भी प्रकार के गठिया के कारण हो सकता है.
  • रूमेटॉइड अर्थेराइटिस और ऑस्टियोअर्थेराइटिस इनमें सबसे आम है.

सिर के पिछे और राइट साइड में दर्द – pain in the right side and back of head in hindi

टेंशन के कारण सिरदर्द

  • तनाव व टेंशन के कारण सिरदर्द होना काफी आम है.
  • इस तरह के सिरदर्द सिर के पीछे और राइड साइड में होते है.
  • साथ ही इससे गर्दन या खोपड़ी में ऐंठन हो सकती है.

सिर के पीछे और लेफ्ट साइड में दर्द – pain in the left side and back of the head in hindi

माइग्रेन

यह सिर में किसी भी हिस्से में हो सकते है, लेकिन काफी सारे लोग सिर के पीछे और लेफ्ट साइड में इसका अनुभव करते है. इसके कारण –

  • मतली
  • आंखों में पानी आना
  • लाइट या आवाज की संवेदनशीलता
  • तीव्र, चुभन वाला दर्द

माइग्रेन का दर्द लेफ्ट साइड से शुरू होता है और राइट साइड तक पहुँचता है.

लेटने पर सिर के पिछले हिस्से में दर्द – pain in the back of the head when lying down in hindi

क्लस्टर सिरदर्द काफी रेयर होते है लेकिन यह बहुत ज्यादा दर्दनाक होते है. इसका नाम क्लस्टर इसलिए है क्योंकि थोड़े थोड़े समय में यह दर्द आते जाते रहते है. क्लस्टर सिरदर्द का अनुभव करने वाले लोगों को इनका अनुभव समय समय पर होता रहता है जो हफ्तों से लेकर महीनों तक रह सकता है.

यह दर्द सिर के पिछले हिस्से से लेकर दोनों साइड में हो सकता है. लेटने पर यह दर्द और ज्यादा हो जाता है. इसके अन्य लक्षणों में –

  • मतली
  • तीव्र, चुभन और जलन वाला दर्द
  • नाक भरी रहना
  • लाइट और साउंड की संवेदनशीलता

सिर के पिछले हिस्से में दर्द का इलाज – how is pain in the back of the head treated in hindi

काफी सारे सिरदर्द का इलाज ओटीसी दवाओं के साथ किया जा सकता है. जबकि सिरदर्द की वजह के मुख्य कारण का पता होने पर इसका इलाज अच्छे से किया जा सकता है.

ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया

  • गर्म व ठंडी थेरेपी के अलावा एनएसएड्स, मसाज और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं से किया जाता है.

हरनियेटिड डिस्क

  • इसका इलाज हाल की कंडीशन का इलाज करके किया जाता है.
  • इसके इलाज में फिज़ियोथेरेपी, हल्की फुल्की स्ट्रचिंग और सर्जरी से की जाती है.
  • लेकिन अच्छे परिणामों के लिए एक्सरसाइज बेस्ट है. 

गठिया के कारण सिरदर्द का इलाज

  • इसका इलाज एंटी इंफ्लामेटरी और इंफ्लामेशन कम करने के लिए हीट से किया जाता है.

टेंशन के कारण सिरदर्द का इलाज

  • इसके लिए ओटीसी दवाएं ली जा सकती है.
  • भविष्य में यह दोबारा न हो, इसके लिए डॉक्टर द्वारा दवाएं प्रीस्क्राइब की जा सकती है.

माइग्रेन के इलाज के लिए

  • इसके दर्द में आराम के लिए डॉक्टर द्वारा कुछ दवाएं लिखी जा सकती है.
  • इसके अलावा माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले कारणों का पता लगाकर उचित उपचार दिया जा सकता है.

खराब पोस्चर

  • लंबे समय के इलाज के लिए आपको अपना पोस्चर ठीक करना होगा.
  • इसके लिए जरूरी है कि अपने हाथ कंधों में दर्द को कम करने के लिए ठीक से पोस्चर रखें.
  • इसके अलावा जल्दी में दर्द कम करने के लिए डॉक्टर आपको एनएसएड्स देंगे.

क्लस्टर सिरदर्द के लिए

  • इसके लिए सिरदर्द की अवधि, तीव्रता को कम करने के लिए काम होता है.
  • तीव्र क्लस्टर सिरदर्द को कम करने के लिए इंजेक्शन का उपयोग किया जा सकता है.
  • लोकल एनेस्थेटिक का उपयोग भी होता है.
  • गंभीर मालमों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है.

डॉक्टर को कब दिखाए –

  • अगर आपको सिरदर्द एक या उससे अधिक दिन तक रहता है तो डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए.
  • सिरदर्द के किसी विशेष पैटर्न के होने
  • आंखों के पीछे सिरदर्द होना
  • और सबसे जरूरी समय के साथ दर्द बढ़ते जाने पर होता है.

इन सभी के अलावा सिरदर्द के कारण आपके व्यक्तित्व में परिवर्तन आने, मूड स्वींग, बुखार, गर्दन में ऐंठन, फोकस करने में परेशानी होने, बोलने में परेशानी, देखने में दिक्कत, कमजोरी, सिर के पिछले हिस्से में दर्द, रात को दर्द के कारण नींद लेने में परेशानी होना आदि होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.