Select Page

पेनिस पर लाल स्पॉट – red spot on penis in hindi

पेनिस पर लाल स्पॉट – red spot on penis in hindi

पेनिस यानि पुरूष लिंग पर लाल स्पॉट होने का मतलब यह नहीं होता कि यह गंभीर कंडीशन का लक्षण है. कुछ मामलों में यह खराब हाइजिन या हल्की खुजली हो सकती है.

इस तरह के स्पॉट एक या दो दिन में अपने आप ठीक हो जाते है. इसके अलावा सेक्सुअली ट्रांसमिट रोग के कारण अधिक गंभीर लाल स्पॉट विकसित हो सकते है. यह लंबे समय तक अन्य लक्षणों के साथ रहते है. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है पेनिस पर लाल स्पॉट के बारे मेंस कि इसका इलाज कैसे करें और डॉक्टर को कब दिखाएं – 

लाल स्पॉट के लक्षण – symptoms of red spot on penis in hindi

बैलेनाइटिस

  • पेनिस के सिरे पर होने वाली परेशानी को बैलेनाइटिस कहा जाता है.
  • इसका कारण खराब हाइजिन या इंफेक्शन भी हो सकता है.
  • खतना न होने पर इसके होने के मौके अधिक होते है.
  • लाल स्पॉट, सूजन और खुजली इसके आम लक्षण है.
  • अन्य लक्षणों में पेशाब के दौरान दर्द होना, फोरस्किन के अंदर फ्लूइड बनना, पेनिस की फोरस्किन का टाइट होना आदि.

जननांग दाद

  • यह एक प्रकार की एसटीआई है जो आपके पेनिस पर लाल स्पॉट का कारण बन सकती है.
  • पेनिस के साथ साथ स्क्रोटम, जांघ, प्यूबिक एरिया, नितंब और ओरल सेक्स के मामलों में मुंह में हो सकते है.
  • HSV-2 आदि के कारण जननांग दाद होते है.
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित सेक्स करने से वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है.
  • अन्य लक्षणों में छाले जिनसे ब्लीडिंग होती है, खुजली होना, दर्द या असहजता, छाले के बेहतर होने पर स्कैरिंग या स्कैब का विकसित होना.

सोरायसिस

  • जब स्किन सेल्स तेज़ी से बढ़ते है तो खुजली हो सकती है.
  • यह एक प्रतिरक्षा प्रणाली की स्थिति के कारण होता है जिसमें आपकी सफेद रक्त कोशिकाएं गलती से त्वचा कोशिकाओं पर हमला करती हैं.
  • सबसे आम लक्षण लाल, खुजली वाले बम्प्स या आपके जननांग क्षेत्र में रैश हो सकते है.
  • अन्य लक्षणों में सूखी और सूजी हुई स्किन जिससे खून निकलता है.
  • जोड़ों की सूजन या कठोरता या नाखूनों का पतला या कठोर हो जाना होते है.

कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस

  • किसी एलर्जिक वस्तु को छूने से स्किन पर रिएक्शन हो सकता है इसे कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस कहा जाता है.
  • इसके तुरंत वाले लक्षणों में सूजन, खुजली, ड्राई, स्कैली स्किन, पस वाली फुंसी हो सकती है.
  • फुंसी के बढ़ने पर थकान और बुखार हो सकते है.

उपदंश (सिफलिस)

  • इसका इंफेक्शन, संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित सेक्स करने से फैलता है.
  • सबसे पहले लक्षणों में से एक गोल, लाल या पेनिस और प्यूबिक एरिया पर बिना दर्द वाले छाले हो सकते है.
  • इलाज न मिलने पर यह शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है.
  • इंफेक्शन बढ़ने पर सिरदर्द, पैरालायसिस, लिम्फ नोड की सूजन, बुखार और शरीर पर अन्य भागों पर रैश आदि.

यीस्ट इंफेक्शन

  • यीस्ट इंफेक्शन या थ्रश जिसका कारण कैंडिडा फंगस होता है.
  • यह संक्रमित पार्टनर के साथ सेक्स या खराब हाइजिन के कारण हो सकता है.
  • इसके सबसे आम लक्षणों में लाल स्पॉट या खुजली होती है.
  • अन्य लक्षणों में पेनिस की फोरस्किन टाइट होना, गंध होना और पेनिस के सिर पर सफेद पस आदि. 

खाज (स्कैबीज)

  • स्केबीज तब होता है जब माइट्स आपकी त्वचा में रहने, त्वचा के सेल्स को खाने और अंडे देने में डूब जाते हैं.
  • ये घुन निकट संपर्क के माध्यम से फैलते हैं – आमतौर पर यौन गतिविधि – किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जो पहले से ही उनके पास है.
  • सबसे उल्लेखनीय लक्षण खुजली और जलन हैं जहां घुन आपकी त्वचा में खोदता है.
  • अन्य लक्षणों में ड्राई स्किन, स्कैली स्किन, फुंसी, स्किन पर सफेद रंग की लाइन जहां माइट्स आती है.

जॉक इच

मोल्लुसकम कंटेजियोसम

  • पॉक्सवायरस के कारण होने वाले स्किन इंफेक्शन को मोल्लुसकम कंटेजियोसम कहा जाता है.
  • यह स्किन संपर्क में आने के कारण होता है जैसे संक्रमित व्यक्ति के साथ टॉवल, कपड़े शेयर करना आदि.  
  • इसके कारण पेनिस और आसपास के एरिया पर लाल, खुजली वाले बमप्स हो सकते है.
  • खुजाने से यह शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है.

एक्जिमा

  • एटोपिक डर्मेटाइटिस (एक्जिमा) एक स्किन कंडीशन है जो आपके लिंग पर जलन पैदा कर सकती है.
  • यह आमतौर पर आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों जैसे तनाव, धूम्रपान और एलर्जी दोनों का परिणाम है.
  • सबसे आम लक्षण लाल होना, चिड़चिड़ापन या आपके जननांग क्षेत्र में रैश होते हैं.
  • अन्य लक्षणों में फुंसियों से पस निकलना, बार बार खुजली होना, सूखी और स्कैली स्किन आदि.

लाल स्पॉट का इलाज – treatment options of red spot on penis in hindi

बैलेनाइटिस

  • कुछ मामलों में बैलेनाइटिस को अच्छी हाइजिन के साथ ठीक किया जा सकता है.
  • अपनी फोरस्किन को नियमित रूप से साफ करते रहना चाहिए.
  • फोरस्किन को सूखा रखने और नैचुरल साबून आदि का उपयोग करना चाहिए.
  • लक्षणों के दो दिन में बेहतर न होने पर डॉक्टर से मिलें.
  • डॉक्टर द्वारा एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल या स्टेरॉइड क्रीम लिख सकते है.

जननांग दाद

  • यह समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें.
  • इसका कोई इलाज नहीं है लेकिन डॉक्टर आपको एंटीवायरल दवाएं प्रीस्काइब कर सकते है.
  • इन दवाओं से लक्षणों से राहत पाने और सेक्स पार्टनर को वायरस फैलाने से बचाव होता है.

सोरायसिस

  • इसके लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.
  • डॉक्टरों द्वारा कुछ नए या अलग थेरेपी के लिए अनुशंसित किया जा सकता है.
  • इसके इलाज में टॉपिकल, फोटोथेरेपी, रेटिनॉइड और बायोलॉजिक्स होते है.
  • आप लोशन लगाना, मॉइस्चराइजर, रोजाना नहाना, शराब तंबाकू को सीमित करना जरूरी होता है. (जानें – सोरायसिस का आयुर्वेदिक इलाज)

कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस

  • अधिकतर मामलों में यह खुद से ठीक हो जाता है.
  • इसके लिए आप ठंडी सिकाई, गर्म ओटमील बाथ या ओटीसी दवाएं ले सकते है.
  • फुंसी होने, रैश के फैलने या बुखार होने पर डॉक्टर से मिलकर सलाह ली जानी चाहिए.

उपदंश (सिफलिस)

  • यह रोग होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें.
  • लंबे समय तक इलाज न मिलने पर अधिक गंभीर लक्षण हो सकते है.
  • शुरूआती स्टेज में इलाज मिलने पर इंजेक्शन या एंटीबायोटिक्स के साथ इलाज किया जा सकता है.
  • ब्लड टेस्ट में इंफेक्शन साफ न होने तक सेक्स नहीं करना चाहिए.

यीस्ट इंफेक्शन

  • ढीले कपड़े और हाइजिन बेहतर करने से पुरूषों में यीस्ट इंफेक्शन को ठीक किया जा सकता है.
  • लक्षणों के लंबे समय तक रहने या गंभीर होने पर डॉक्टर से मिलें.
  • राहत के लिए एंटीफंगल क्रीम प्रीस्क्राइब भी किया जा सकता है. 

खाज (स्कैबीज)

  • खाज होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
  • वह आपको टॉपिकल क्रीम आदि लगाने की सलाह दे सकते है.
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से ही क्रीम लगाई जानी चाहिए.

जॉक इच

  • हाइजिन बेहतर करने से लक्षणों में राहत मिलती है.
  • लक्षणों के लंबे समय तक रहने पर डॉक्टर से संपर्क करें.
  • इसके इलाज के लिए डॉक्टर द्वारा एंटीफंगल क्रीम या ऑइंटमेंट लिख सकते है.

मोल्लुसकम कंटेजियोसम

  • अधिकतर मामलों में यह अपने आप ठीक हो जाती है.
  • लक्षणों से राहत मिलने पर लेजर सर्जरी, टॉपिकल थेरेपी आदि हो सकते है.

एक्जिमा

  • यदि आपको संदेह है कि आपके लक्षण एक एक्जिमा भड़कने का परिणाम हैं, तो अपने डॉक्टर को दिखाए.
  • वे आपके लक्षणों को कम करने और भड़कने को रोकने में मदद करने के लिए नए या विभिन्न उपचारों की सिफारिश करने में सक्षम हो सकते हैं.
  • इलाज में एंटीबायोटिक्स, टॉपिकल दवाएं आदि दी जाती है.
  • आप ठंडी सिकाई, लोशन लगाना या एलोवेरा, मॉइस्चराइजर लगा सकते है.

डॉक्टर से कब मिलें

निम्न समस्या होने पर डॉक्टर से मिलना चाहिए –

  • स्पॉट पर इंफेक्शन के संकेत
  • एसटीआई के लक्षण जैसे थकान और बुखार
  • इन स्पॉट में बहुत अधिक दर्द या खुजली हो सकती है.

अंत में

यदि आवश्यक हो तो आपका डॉक्टर आपके लक्षणों का आकलन कर और निदान कर सकते है. वे घर पर अपने लक्षणों को कम करने या किसी आवश्यक दवा को निर्धारित करने के तरीके के बारे में भी जानकारी दे सकते हैं.