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खर्राटे रोकने के घरेलू उपाय – snoring remedies in hindi

खर्राटे रोकने के घरेलू उपाय – snoring remedies in hindi

अगर नींद में आप खर्राटे लेते है तो आप अकेले नही है. पूरी दुनिया में ऐसे बहुत सारे लोग है जिनको सोने के दौरान खर्राटे आते है. कुछ लोगों के खर्राटे तो इतने तेज़ होते है कि वह दूसरे लोगों को परेशान करते है.

खर्राटे आने का कारण – जब नींद के दौरान हवा का फ्लो आपके गले से होकर गुजरता है तो गले में मौजूद रिलैक्स टिश्यू वाइब्रेट करते है जिससे कठोर और शोर वाली आवाज़ आने लगती है.

किसी किसी को खर्राटे इतने तेज़ आते है कि इससे दूसरों व खुद की भी नींद खुल जाती है. हालांकि, अगर आपको इससे समस्या नही है तो भी इसे इग्नोर नही किया जा सकता है. 

खर्राटे लेने एक गंभीर समस्या का कारण हो सकता है जैसे –

  • मोटापा
  • स्लीप एपनिया
  • नींद में बदलाव
  • नाक, मुँह या गले की बनावट के कारण

अन्य मामलों में खर्राटे का कारण कमर के बल सोना, रात को सोने से पहले शराब पीना आदि हो सकता है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है खर्राटों को रोकने के घरेलू उपाय –

खर्राटे रोकने के घरेलू उपाय – snoring remedies in hindi

कुछ मामलों में खर्राटे किसी अन्य समस्या के कारण हो सकते है ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर रोग का निदान किया जाना चाहिए.

खर्राटों के कारण कई फैक्टर जैसे सोने की पोजीशन आदि को आसान घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है. इसके अन्य कारणों के आधार पर खर्राटों का निदान किया जा सकता है.

मोटापा कम करना

  • इससे गले में खर्राटे के कारण वाले टिश्यू की अमाउंट को कम करने में मदद मिलती है.
  • इसके अलावा आप अपने कैलोरी के सेवन को सीमित करके जैसे ज्यादा हेल्दी फ़ूड्स खाना और थोड़ा कम भोजन करना किया जा सकता है.
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करना जरूरी है जिससे वजन कम किया जा सकें.
  • सबसे जरूरी, मदद के लिए डॉक्टर से सलाह ले सकते है.

डेंटल माउथपीस

  • इससे हवा का फ्लो बाधित नही होता है.
  • जिससे सांस लेने में आसानी रहती है और खर्राटे नही आते है.
  • इसके इस्तेमाल के लिए आपको डेंटिस्ट से बात करनी चाहिए.

करवट लेकर सोना

  • कमर के बल सोने से बहुत बार आपकी जीभ पीछे गले की ओर चली जाती है.
  • इससे हवा का फ्लो बाधित होता है और खर्राटे आने लगते है.
  • जबकि करवट लेकर सोने से हवा का फ्लो बाधित नही होता है और खर्राटे भी कम होते है.

सीपीएपी का इस्तेमाल

  • जरूरत पड़ने पर सोने के दौरान इस मास्क का प्रयोग हवा के फ्लो को बाधित नही करता है.
  • इसका उपयोग स्लीप एपनिया के इलाज में किया जाता है.

तकीया

  • सिर की पोजीशन थोड़ी ऊपर करने से खर्राटे की समस्या कम होती है.
  • इससे सांस लेने में परेशानी नही होती है.
  • खर्राटे की समस्या होने पर तकीया कम से कम 4 इंच मोटा होना चाहिए.

पीलर प्रोसीज़र

  • ट्रीटमेंट के दौरान मुँह में पैलेट लगाए जाते है.
  • इससे खर्राटे कम हो जाते है.

नेजल स्ट्रीप

  • नेजल पैसेज पर स्ट्रीप लगाने से नाक बंद नही होती है.
  • इससे सांस लेने में आसानी होती है.
  • साथ ही खर्राटे नही आते है.

क्रोनिक एलर्जी का इलाज

  • अनेक प्रकार की एलर्जी के कारण नाक में हवा का फ्लो प्रभावित हो सकता है.
  • जिससे मुँह से सांस लेनी पड़ती है और खर्राटे के मौके अधिक हो जाते है.
  • इसके इलाज के लिए डॉक्टर से बात कर प्रीस्काइब की गई ओटीसी दवाएं ली जानी चाहिए.

नाक की बनावट ठीक करना

  • कुछ लोगों की नाक के बनावट की समस्या जन्म के साथ या किसी चोट के कारण होती है.
  • जिस कारण नाक की दोनों साइड की संरेखण समस्या हो जाती है.
  • ऐसे में हवा का फ्लो बाधित होकर नींद के दौरान मुँह से सांस लेने और खर्राटे का कारण बनता है.
  • इस कंडीशन का इलाज करने के लिए सर्जरी की जरूरत होती है जिसके लिए डॉक्टर से बात की जानी चाहिए.

सोने से पहले शराब का सेवन न करना

  • सोने से कम से कम 2 घंटे पहले शराब का सेवन नही करना चाहिए.
  • शराब के सेवन से गले की मांसपेशियाँ रिलैक्स हो जाती है जिससे खर्राटे आते है.

सोमनोप्लासटी (रेडियोफ्रीकवेंसी टिश्यू एबलेशन)

  • इस उपचार के दौरान लो इंटेस्टिटी रेडियो वेवस का इस्तेमाल किया जाता है.
  • जिससे टिश्यू सिकुड़ जाता है और खर्राटे कम हो जाते है.

सोने से पहले कोई सीडेटिव न लें

  • अगर आप सीडेटिव लेते है और खर्राटे लेते है तो डॉक्टर से बात करनी चाहिए.
  • रात को सोने से पहले सीडेटिव न लेने से खर्राटे की समस्या को कम किया जा सकता है.

स्मोकिंग न करें

  • इससे खर्राटे की कंडीशन और भी अधिक खराब हो सकती है.
  • इसके लिए डॉक्टर से बात कर थेरेपी आदि ली जा सकती है.

नींद पूरी लेना

  • रोज रात को कम से कम 7 से 8 घंटों की नींद लेना जरूरी है.
  • साथ ही नियमित समय से सोने और उठने से लाभ मिलता है.

अंत में

खर्राटे न सिर्फ आपकी बल्कि आपके आस पास के लोगों की नींद भी खराब कर सकते है. परेशान करने के अलावा यह गंभीर हेल्थ समस्या की तरफ भी ईशारा कर सकता है. समस्या अधिक गंभीर होने पर या कोई अन्य सवाल होने पर डॉक्टर से तुरंत मिलकर सलाह लेनी चाहिए.