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पेनिस की टाइट चमड़ी (फाइमोसिस) – tight foreskin in hindi

पेनिस की टाइट चमड़ी (फाइमोसिस) – tight foreskin in hindi

पेनिस की टाइट चमड़ी क्या होता है – what is tight foreskin in hindi

पुरूषों में लिंग के सिरे पर स्थित स्किन को पीछे खींचा जा सकता है. लेकिन गंभीर मामलों में यह पेनिस के सिरे की चमड़ी टाइट होने के कारण पीछे जाने में समस्या होती है. इस कंडीशन को फिमोसिस (फाइमोसिस) भी कहा जाता है.

अधिकतर मामलों में फाइमोसिस के मामले यौवन से पहले ही ठीक हो जाते है. परंतु इस समस्या का यौवन तक रहना जारी रह सकता है. फिमोसिस से संबंधित कोई गंभीर समस्याएं नही होती है. लेकिन इसके कारण सूजन, पेशाब करने में परेशानी आदि कष्ट हो सकते है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है पेनिस की टाइट चमड़ी के कारण, उपचार और बचाव –

पेनिस की टाइट चमड़ी के कारण – causes of tight foreskin in hindi

आपकी आयु के आधार पर फिमोसिस के कारणों की पहचान की जा सकती है. बच्चों और व्यस्कों को पेनिस की टाइट चमड़ी का अनुभव अन्य कारणों से हो सकता है.

फिजियोलॉजिक फिमोसिस 

  • युवा लड़कों को टाइट चमड़ी का कारण जन्मजात भी हो सकता है. इसका मतलब है कि जन्म के समय से ही पेनिस की चमड़ी टाइट हो सकती है.
  • इसे फिजियोलॉजिक फिमोसिस के रूप में जाना जाता है जो लगभग 7 वर्ष की आयु तक अपने आप ठीक हो जाती है.
  • खतना करवा चुके पुरूषों में फिमोसिस होना नामुमकिन है.

पैथोलॉजिक फिमोसिस

  • इसकी दूसरी केटेगरी पैथोलॉजिक फिमोसिस होती है जो इंफेक्शन, इंफ्लामेशन या किसी अन्य कारण के चलते स्कैरिंग से हो सकती है.
  • पैथोलॉजिक फिमोसिस होने के निम्न कारण हो सकते है जैसे –

बैलेनाइटिस (Balanitis) 

  • पेनिस के सिरे (हेड) पर होने वाली त्वचा की जलन को बैलेनाइटिस कहा जाता है.
  • यह स्थिति बिना खतना हुए पुरूषों को ज्यादा प्रभावित करती है.
  • बैलेनाइटिस के लक्षण जैसे लाल होना, खुजली और सूजन समेत पेनिस की स्किन का टाइट होना होता है.
  • साथ ही बैलेनाइटिस के कारण पेशाब के दौरान जलन हो सकती है.
  • अच्छी हाइजिन बनाए रखने से बैलेनाइटिस का उपचार और रोकथाम में मदद मिल सकती है.
  • पेनिस के गुनगुने पानी से साफ रखने और पेशाब आदि के बाद सूखा रखने से मदद मिल सकती है.
  • कुछ मामलों में डॉक्टर आपको कोई टॉपिकल क्रीम या एंटीबायोटिक दवा दे सकते हैं.

बैलेनोपोस्थाइटिस (Balanoposthitis)

  • जब पेनिस के सिरे की चमड़ी में सूजन और जलन के साथ चमड़ी टाइट होने को इस स्थिति के रूप में जाना जाता है.
  • इसके अलावा कैंडिडियासिस नाम के यीस्ट इंफेक्शन का कारण भी यही होता है.
  • इसके लिए एंटीबायोटिक्स या एंटीफंगल वाली टॉपिकल क्रीम इलाज करने में काफी मदद करती है.

एसटीआई

  • सेक्सुअली ट्रासमिटेड इंफेक्शन के कारण भी पेनिस फॉरस्किन टाइट होने के साथ जलन, सूजन हो सकती है.
  • जेनिटाइल हर्पस – जिसमें दर्द के साथ पेनिस या स्क्रोटम पर छोटे छाले और द्रव की थैली हो सकती है.
  • गोनोरिया – जिसमें टेस्टिकल्स में दर्द, पेनिस से डिसचार्ज, पेशाब अधिक आना होता है.
  • सिफिल्स – पेनिस पर म्यूकस पैच, बुखार, अच्छा महसूस न करना, मांसपेशियों की ऐंठन, रैश आदि हो सकते है.

अन्य स्किन कंडीशन

अन्य कंडीशन जो फिमोसिस का कारण बन सकती है –

एक्ज़िमा

  • लंबे समय की कंडीशन में स्किन पर सूखे पैच बन जाते है.
  • इसके होने का कारण इस्तेमाल किए जाने वाला साबून, खुद को सूखाने का तरीका और अन्य कारण हो सकते है.
  • इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेकर स्थिति को कम किया जा सकता है.
  • डॉक्टर आपको लक्षण के आधार पर ऑइंटमेंट समेत अन्य दवाएं दे सकते है.

सोरायसिस

  • इस क्रोनिक स्किन कंडीशन से पपड़ी पड़ना, स्किन पर असमान्य सेल प्रोडक्शन के कारण ड्राई पैच हो सकते है.
  • इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार लिया जाना चाहिए.

लाइकेन प्लेनस

  • खुजली वाला गैरनिरंतर स्किन डिसऑर्डर के दौरान पेनिस पर चमकदार, फ्लैट बम्प दिख सकता है.
  • इस तरह के रैश को हटाने के लिए टॉपिकल स्टेरॉइड काफी प्रभावी रहते है.
  • इन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद लिया जाना चाहिए.

लाइकेन स्कलैरोसुस

  • इसके कारण चमड़ी या ग्लैन (पेनिस के सिरे वाली चमड़ी) पर सफेद पैच हो जाता है.
  • इससे पेनिस फॉरस्किन की स्कैरिंग भी हो सकती है.
  • इसके गंभीर मामलों में खतना कराने की जरूरत पड़ती है.

पेनिस की टाइट चमड़ी के उपचार विकल्प – tight foreskin treatment options in hindi

फिमोसिस का इलाज उसके कारण और गंभीरता के आधार पर किया जाता है. कुछ मामलों में किसी इलाज की जरूरत नही होती है. लेकिन पेनिस की टाइट चमड़ी के कारण लक्षण दिखाई देते है तो अपने डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार विकल्पों को जानना चाहिए.

एक्सरसाइज

  • उपचार और बचान दोनों के लिए आराम से पेनिस की फॉरस्किन को पीछे की तरफ खींचे.
  • ऐसा बहुत कम आयु में पेनिस को साफ करने के लिए किया जाना चाहिए.
  • लेकिन ध्यान रहें कि त्वचा को इतना पीछे न खींचे की वह फट जाए.
  • जानकारी न होने पर डॉक्टर से पूछकर जानकारी ली जा सकती है.
  • कभी भी ज़बरदस्ती फॉरस्किन को पीछे नही करना चाहिए.

ओटीसी

  • डॉक्टर द्वारा प्रीस्क्राइब की गई दवाओं को लगाने से आराम मिल सकता है.
  • इसे फॉरस्किन पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है.
  • दवा जानने के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

सर्जरी

  • खतना – इसमें सर्जरी के माध्यम से फॉरस्किन का भाग हटा दिया जाता है. जबकि इसे छोटी आयु में ही कर दिया जाता है. व्यस्कों को समस्या गंभीर होने पर डॉक्टर इसकी सलाह दे सकते हैं.
  • फ्रेनुलोप्लास्टी – इसमें सर्जरी द्वारा पेनिस के सिरे की टाइट चमड़ी को हटा दिया जाता है.
  • प्रीपूटियोप्लास्टी – इस प्रक्रिया के दौरान पेनिस की चमड़ी को काटकर निकाल दिया जाता है. यह खतना से कम व्यापक सर्जरी है.
  • जबकि सर्जरी के साथ ब्लीडिंग और इंफेक्शन का रिस्क रहता है.

पेनिस की टाइट स्किन को रोकथाम – tight foreskin prevention in hindi

  • कम आयु से ही आराम से फॉरस्किन को पीछे खींचकर पेनिस को साफ करने की आदत डालने से बाद में फिमोसिस से बचा जा सकता है.
  • जबकि पेनिस की स्किन के ज्यादा टाइट होने के कारण या सिरे की स्किन पर कोई चिपकाव आदि होने पर डॉक्टर को सूचित करना चाहिए.
  • पेनिस या फॉरस्किन पर किसी भी प्रकार के इंफेक्शन के लक्षण दिखते है तो इलाज कराया जाना चाहिए.
  • सही इलाज से स्कैरिंग के रिस्क समेत फिमोसिस के खतरे को कम किया जा सकता है.

अंत में

पेनिस की टाइट फॉरस्किन के कारण सेक्स के दौरान परेशानी, पेशाब करने में कठिनाई और इंफेक्शन का अधिक रिस्क हो सकता है. लेकिन उपचार के साथ लक्षणों को ठीक किया जा सकता है. 

समस्या होने पर डॉक्टर को सूचित कर उचित उपचार लिया जाना चाहिए. जिससे स्थिति के आधार पर वह आपको दवाएं या जरूरत होने पर सर्जरी की सलाह आदि दे सकते हैं.