Select Page

योनि में खुजली के बारे में – vaginal itching in hindi

योनि में खुजली के बारे में – vaginal itching in hindi

महिलाएं को योनि में खुजली का होना काफी परेशान करने वाली स्थिति होने के साथ साथ कुछ मामलों में दर्द के लक्षणों के साथ आती है जो किसी इर्रिटेट करने वाले तत्व, इंफेक्शन या मेनोपोज़ के कारण हो सकती है.

इसके होने के कारण कुछ स्किन डिस्ऑर्डर या सेक्सुअली ट्रांसमिट रोग हो सकते है. जबकि बहुत ही रेयर मामलों में योनि की खुजली का कारण तनाव या वुल्वा कैंसर हो सकता है.

अधिकतर वेजाइना में खुजली के मामले आम होते है. हालांकि, खुजली बहुत ज्यादा या गंभीर हो जाने पर आपको डॉक्टर से बात करके सलाह लेनी चाहिए. जिससे वह योनि में खुजली के कारण को जानकर उचित इलाज दे सकें.

योनि में खुजली के कारण – causes of vaginal itching in hindi

योनि व इसके आसपास के एरिया में खुजली के निम्न कारण हो सकते है जैसे –

यीस्ट इंफेक्शन

  • प्राकृतिक रूप से आने वाले फंगस जो योनि में मौजूद होती है.
  • यह कोई समस्या नही करती है लेकिन इसके विकास होने का पता न चलने पर इंफेक्शन हो जाता है.
  • इस इंफेक्शन को एंटीबायोटिक्स से ठीक किया जा सकता है.
  • योनि में यीस्ट की ग्रोथ के कारण खुजली, जलन और डिस्चार्ज हो सकता है.

खुजली के कारण उत्तेजक

  • योनि पर खुजली को ट्रिगर करने वाले केमिकल के कारण खुजली हो सकती है.
  • इन उत्तेजकों के कारण एलर्जिक रिएक्शन के कारण योनि के साथ साथ शरीर पर खुजली के कारण रैश हो सकते है.
  • डायबिटीज़ या पेशाब रोकने के कारण भी योनि में खुजली और असहजता हो सकती है. 

इसके अलावा सामान्य केमिकल उत्तेजक जैसे –

  • साबुन
  • बबल बाथ
  • फैमिनाइन स्प्रे
  • क्रीम
  • ऑइंटमेंट
  • फैब्रिक सॉफ्टनर
  • कपड़े धोने वाला पाउडर
  • टॉपिकल गर्भनिरोधक
  • सैनटिड टॉयलेट पेपर

स्किन रोग

  • स्किन रोग जैसे सोरायसिस और एक्जिमा के कारण प्यूबिक एरिया पर खुजली और लाल होना हो सकता है.
  • एक्जिमा को अटॉपिक डर्मेटाइटिस भी कहा जाता है, यह अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों में एक रैश होता है.
  • यह रैश लाल, स्कैली होने के साथ इसमें खुजली होती है. यह रैश महिलाओं में योनि पर भी हो सकता है.
  • सोरायसिस में सिर और जोड़ों पर स्कैली और खुजली वाले लाल पैच हो जाते है.
  • लंबे समय तक रहने पर यह लक्षण योनि पर भी हो सकते है.

बैक्टीरियल वेजिनोसिस

  • योनि में खुजली के अन्य कारणों में से एक बैक्टीरियल वेजिनोसिस को माना जाता है.
  • यीस्ट इंफेक्शन की ही तरह यह भी योनि में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के असंतुलन के कारण होता है.
  • इस कंडीशन में हमेशा लक्षण नही दिखते है. 
  • लेकिन लक्षण योनि में असमान्य खुजली और स्मेल डिस्चार्ज के साथ होते है.
  • यह डिस्चार्ज पतला, सफेद या ग्रे हो सकता है जबकि कुछ मामलों में यह फॉमी होता है.

सेक्सुअली ट्रांसमिट रोग

बिना सुरक्षा के सेक्स करने से योनि में खुजली हो सकती है जिसमें –

  • गोनोरिया
  • जेनिटल वार्ट्स
  • जेनिटल हर्पीस
  • क्लामायडिया
  • ट्राइकोमोनियासिस

इसके अलावा पेशाब के दौरान दर्द या जलन, पीला या हरा योनि से डिस्चार्ज आदि इसके अन्य लक्षण होते है.

मेनोपॉज

  • महिलाएं जिनको मेनोपॉज होने वाला है या हो गया है उन्हें योनि में खुजली होने का रिस्क अधिक रहता है.
  • ऐसा शरीर में एस्ट्रोजन लेवल के कम होने के कारण होता है जो बाद में वेजाइनल अट्रोफी कहलाती है.

तनाव

  • शारीरिक और मानसिक तनाव के कारण योनि की खुजली और असहजता आम है.
  • ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तनाव के कारण हमारा इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाता है.
  • जिससे शरीर में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है जिससे खुजली होती है. 

योनिमुख कैंसर

  • रेयर मामलों में योनि में खुजली वुल्वा (योनिमुख) कैंसर का कारण बन सकती है.
  • यह कैंसर महिलाओं में वुल्वा (योनिमुख) में विकसित होता है.
  • यह योनिमुख के इनर या आउटर लिप्स, क्लीटॉरिस और योनि के मुँह पर भी हो सकता है.
  • इसके लक्षणों में खुजली, असामान्य ब्लीडिंग वुल्वा एरिया में दर्द हो सकता है.
  • वुल्वा कैंसर शुरूआती स्टेज में निदान होने पर इलाज संभव है. लेकिन समस्या होने पर नियमित जांच जरूरी है.

योनि में खुजली होने पर डॉक्टर से कब मिलें – when to see your doctor about vaginal itching in hindi

योनि में खुजली का समस्या बन जाने जैसे सोने या रोज के काम में परेशानी होने पर डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए. इसके अलावा एक हफ्ते से अधिक खुजली के साथ निम्न लक्षण हो सकते है जैसे –

  • वुल्वा पर अल्सर या ब्लीस्टर
  • पेशाब करने में परेशानी
  • योनि पर सूजन या लाल होना
  • असमान्य योनि से डिस्चार्ज
  • सेक्स के दौरान परेशानी
  • जेनिटल एरिया में दर्द या ऐंठन

डॉक्टर से मिलने पर वह आपके पेल्विक की जांच करेंगे जिसमें वुल्वा और योनि के अंदर देख सकते हैं. इसके अलावा पेट को दबाकर या गलव पहनकर योनि में फिंगर डालकर जांच कर सकते है. इससे उन्हें आपके प्रजनन अंगों को चेक करने के साथ साथ किसी असमानता का पता चलेगा.

इसके अलावा डॉक्टर आपकी वुल्वा स्किन टिश्यू या डिस्चार्ज का सैंपल भी ले सकते हैं. साथ ही ब्लड या यूरिन टेस्ट भी करवाएं जा सकते है.

योनि में खुजली का इलाज – medical treatment for vaginal itching in hindi

योनि में खुजली का कारण पता लगने पर इलाज के विकल्प दिए जा सकते है. कंडीशन के आधार पर उपचार –

मेनोपॉज

  • इस तरह की खुजली को एंस्ट्रोजन क्रीम, टैबलेट या वेजाइनल रिंग से ठीक की जाती है.

यीस्ट इंफेक्शन

  • इसके इलाज के लिए एंटीफंगल दवाएं दी जाती है.
  • यह कई फॉर्म में जैसे क्रीम, ऑइंटमेंट, गोली के रूप में ओटीसी उपलब्ध होती है.

बैक्टीरियल वेजिनोसिस

  • अधिकतर मामलों में इसका इलाज एंटीबायोटिक्स से किया जाता है.
  • एंटीबायोटिक्स की गोली को मौखिक रूप और क्रीम को योनि पर लगाया जा सकता है.
  • डॉक्टर द्वारा बताएं गए तरीके से ली जानी चाहिए. 

एसटीडी

  • इसका इलाज एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल या एंटीपेरासाइटिक दवाओं से किया जाता है.
  • इंफेक्शन के रहने तक सेक्स नही करना चाहिए और दवाओं को नियमित रूप से लेना चाहिए.

अन्य कारण

  • यह बिना किसी उपचार के अपने आप ठीक हो जाती है.
  • इसके अलावा आप स्टेरॉइड क्रीम या लोशन लगा सकती है जिससे इंफ्लामेशन और असहजता कम हो सके. 

योनि में खुजली के घरेलू उपाय – vaginal itching home remedy in hindi

अच्छी हाइजिन और लाइफ़स्टाइल आदतों के साथ योनि में खुजली से बचा जा सकता है. इसके अलावा खुजली और जलन को कम करने के लिए कई स्टेप्स फॉलो किए जा सकते है जैसे –

  • गुनगुने पानी के साथ अपने जनानंग एरिया को साफ करना.
  • सेक्स के दौरान कंडोम का उपयोग करना.
  • कॉटन के अंडरवियर का उपयोग
  • खुशबू वाले साबुन, लोशन और बबल बाथ का इस्तेमाल न करना.
  • वेजाइनल स्प्रे का उपयोग न करें.
  • बाउल मूवमेंट के बाद आगेे और पीछे से साफ करना.
  • स्विमिंग और एक्सरसाइज के बाद गीले कपड़े बदलना.
  • यीस्ट इंफेक्शन के रिस्क को कम करने के लिए दही खाएं. 

इसके अलावा किसी अन्य समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए.