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विटामिन डी की कमी के लक्षण – vitamin d deficiency symptoms in hindi

विटामिन डी की कमी के लक्षण – vitamin d deficiency symptoms in hindi

हमारे शरीर के लिए जरूरी तत्वों में से एक विटामिन डी बहुत महत्वपूर्ण होता है. जिसका असर हमारे पूरे शरीर पर होता है.

दूसरे विटामिन की तुलना में विटामिन डी एक हार्मोन के रूप में काम करता है और हमारे शरीर में हर सिंगल सेल इसका रिसेप्टर होता है.

जब हमारी त्वचा सूर्य की रोशनी के संपर्क में आती है तो हमारा शरीर कोलेस्ट्रोल के साथ मिलकर विटामिन डी को बनाता है.

इसके अलावा यह कुछ फ़ूडस जैसे फैटी फिश और डेयरी प्रोडक्ट में भी मिलता है. हालांकि, विटामिन डी को सिर्फ डाइट से प्राप्त करना बहुत मुश्किल होता है.

पूरे दुनिया के परिपेक्ष से देखे तो विटामिन डी की कमी विश्व की समस्याओं में से एक मुद्दा है. इसका पता ब्लड में विटामिन के कम लेवल होने से चलता है.

विटामिन डी की कमी के रिस्क फैक्टर –

  • डार्क स्कीन होना
  • ज्यादा आयु
  • मोटापा
  • ज्यादा वजन होना
  • दूध आदि का सेवन न करना
  • सूर्य की कम रोशनी वाले देशों में रहना
  • बाहर निकलने पर हमेशा सन स्क्रीन का इस्तेमाल
  • घर के अंदर रहना

हालांकि जो लोग बाहर सूर्य की रोशनी में घूमते है उन्हें विटामिन डी की कमी होने के कंडीशन बहुत ही रेयर होती है क्योंकि उनका शरीर भरपूर मात्रा में विटामिन डी बनाता है.

लेकिन इसकी कमी होने पर जीवन में काफी सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है विटामिन डी की कमी के लक्षण जो इस प्रकार है –

विटामिन डी की कमी के लक्षण – vitamin d deficiency symptoms in hindi

जल्दी बीमार पड़ना

  • विटामिन डी का सबसे जरूरी काम है हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना.
  • ऐसा होने से हमारा शरीर वायरस और बैक्टीरिया से बेहतर रूप से लड़ सकता है और बीमार बहुत कम पड़ता है.
  • जबकि विटामिन डी की कमी के कारण सर्दी या फ्लू आदि होने का खतरा रहता है.
  • काफी सारे अध्ययनों में देखने को मिला है कि विटामिन डी की कमी के कारण रेस्पिरेट्री ट्रेक्ट इंफेक्शन जैसे सर्दी, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया हो सकते है.
  • कुछ अध्ययनों के मुताबिक, इसकी सही मात्रा लेने से इंफेक्शन के खतरे से बचा जा सकता है.

थकान होना

  • वैसे तो थकान के बहुत सारे कारण होते है लेकिन विटामिन डी की कमी उन्ही में से एक है.
  • हालांकि, इसे थकान के प्रमुख कारणों के रूप में देखा नही जाता है.
  • लेकिन ब्लड में विटामिन डी के लेवल कम होने से थकान और जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है.

कमर दर्द और हड्डियों के लिए

  • यह कई प्रकार से हड्डियों के स्वास्थ में मदद करता है.
  • इसके सेवन से हमारा शरीर कैल्शियम को बेहतर रूप से अवशोषित कर पाता है.
  • हड्डी में दर्द और कमर में दर्द होने ब्लड में विटामिन डी लेवल कम होने के कारणों में से एक है.
  • काफी बड़े अध्ययनों में यह भी देखा या है कि विटामिन डी की कमी और क्रोनिक लोवर कमर के दर्द एक दूसरे से जुड़े हुए है.

हेयर लॉस

  • बालों के झड़ने के कारणों में से एक तनाव को समझा जा सकता है.
  • जबकि पोषण की कमी के कारण भी हेयर लॉस की समस्या गंभीर होती है.
  • महिलाओं में विटामिन डी के लेवल की कमी के कारण हेयर लॉस होता है.
  • शरीर से बालों के झड़ने की गंभीर समस्या जिसे अलोपेशिया एरेटा जो ऑटोइम्यून रोग होता है विटामिन डी की कमी के कारण होता है.

डिप्रेशन

  • अवसादग्रस्त मूड होने कारणों में से एक विटामिन डी की कमी भी होती है.
  • हालांकि ऐसा ज्यादा आयु वाले लोगों में होता है.
  • कुछ लोगों को ठंडे मौसम में डिप्रेशन आदि हो जाता है क्योंकि उन्हें ठीक मात्रा में विटामिन डी नही मिल पाता है.

घाव भरने में देरी

  • किसी इंजरी या चोट के कारण होने वाले घाव के भरने का समय शरीर में विटामिन डी के लेवल पर निर्भर करता है.
  • ऐसा देखने को मिलता है कि जिन लोगों के शरीर में विटामिन डी की कमी होती है उनके घाव भरने में समय लगता है.
  • साथ ही यह इंफ्लामेशन को कंट्रोल करने और इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है.

हड्डियों को नुकसान

  • हड्डी के मेटाबॉलिज्म और कैल्शियम अवशोषण में विटामिन डी का महत्त्वपूर्ण रोल होता है.
  • बोन लॉस से निदान किए गए अधिक आयु वाले लोगों में विटामिन डी की कमी देखने को मिलती है.
  • हड्डियों में कैल्शियम और अन्य मिनरल का नुकसान जो लो बोन डेंसिटी कहलाता है, विटामिन डी की कमी के कारणों में से एक है.
  • जबकि विटामिन डी का सही मात्रा में नियमित सेवन करने से ब्लड लेवल और बोन मास के अलावा फ्रैक्चर को रिस्क को कम करता है.

मांसपेशियों में दर्द

  • मस्ल्स में दर्द का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है.
  • ऐसा देखा गया है कि इसकी कमी वाले लोगों को इसके हाई डोज़ देने से काफी तरह के दर्द से राहत मिलती है.
  • साथ ही यह विटामिन डी की कमी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है. 

अंत में

इसकी कमी होना बहुत आम है जिसके बारे में काफी सारे लोगों को पता नही होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लक्षण कुछ स्पष्ट नही होते है जिससे विटामिन डी के लेवल कम है या समस्या कुछ और है जान पाना मुश्किल हो जाता है. 

अगर आपको लगता है कि आप विटामिन डी की कमी से ग्रसित है तो ऐसे में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. इसकी कमी होने पर इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है.

इसकी कमी को ठीक करने के लिए सूर्य की रोशनी में रहना, विटामिन डी से भरपूर फ़ूड का सेवन किया जा सकता है. जिससे कमी दूर होगी और आपको खुद को फिट रखने में मदद मिलेगी.