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विटामिन डी की मात्रा वाले फ़ूड – VITAMIN D RICH FOOD IN HINDI

विटामिन डी की मात्रा वाले फ़ूड – VITAMIN D RICH FOOD IN HINDI

हमारे शरीर के संपूर्ण स्वास्थ के लिए जरूरी तत्वों में से एक विटामिन डी होता है जिस हमारा शरीर सूर्य की रोशनी में खड़े होने पर बनाता है.

अगर पूरे विश्व की बात करें तो दुनिया के 50 फीसदी से अधिक लोगों को पर्याप्त सूर्य की रोशनी नही मिल पाती है जिस कारण उनमें से काफी सारे लोगों को विटामिन डी की कमी का सामना करना पड़ता है.

इसका एक कारण यह भी है कि लोग अपना ज्यादा समय घर के अंदर गुज़ारते है, बाहर निकलने पर भी सूर्य की रोशनी से खुद को कवर करके रखते है. साथ ही फास्ट फ़ूड का अधिक सेवन करते है जो विटामिन के अच्छे सोर्स नही होते है.

अगर डॉक्टर के नज़रिये से समझने की कोशिश करें तो हमें भोजन से एक दिन में कम से कम 800 आईयू विटामिन डी लेना चाहिए. जबकि अगर आपको पर्याप्त सूर्य की रोशनी नही मिलती है तो ऐसे में आपको 1000 आईयू का सेवन करना चाहिए.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है विटामिन डी फ़ूड जो काफी हेल्दी फ़ूड होते है –

विटामिन डी वाले फ़ूड – vitamin d rich food in hindi

साल्मन

  • यह मछली होती है जो विटामिन डी का बहुत अच्छा स्त्रोत मानी जाती है.
  • इसके दो प्रकार होते है – वाइल्ड (जगली) और फार्मड (पशुपालन)
  • जिसमें वाइल्ड साल्मन को विटामिन डी का काफी अच्छा सोर्स माना जाता है इससे 988 आईयू तक विटामिन डी प्राप्त होता है.
  • जबकि फार्मड साल्मन में औसतन 250 आईयू विटामिन डी होता है.

हेरिंग मछली और सार्डिन

  • पूरी दुनिया में लोग इस मछली को कच्चा, पका हुआ आदि तरीकों से खाते है.
  • इस छोटी मछली को विटामिन डी का अच्छा सोर्स माना जाता है.
  • हेरिंग मछली में प्रति 100 ग्राम पर 216 आईयू तक विटामिन होता है.
  • ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि हेरिंग मछली में हाई सोडियम भी होता है.
  • जबकि सार्डिन मछली में 177 आईयू तक विटामिन डी होता है.

कैन में आने वाली टूना मछली

  • इसके फलेवर और आसानी से स्टोर करने के कारण बहुत लोगों को यह पसंद है.
  • इसमें 268 आईयू प्रति 100 ग्राम में मिलते है.
  • साथ ही यह नियासिन और विटामिन के का भी अच्छी सोर्स होती है.
  • हालांकि इसमें मिथाइलमरकरी भी होती है जो शरीर में घूलने पर कोई गंभीर रोग पैदा कर सकती है.
  • इसलिए वाइट टूना के मुकाबले लाइट टूना मछली खाना सुरक्षित रहता है.

एग योल्क

  • मछली का सेवन न करने वालों को पता होना चाहिए कि सीफ़ूड विटामिन डी का अकेला सोर्स नही होता है.
  • अंडे भी इसके अच्छे सोर्स होते है.
  • जबकि एग वाइट में बहुत सारे प्रोटीन मिलते है, फैट, विटामिन और मिनरल आदि इसके योल्क में पाए जाते है.
  • 1 एग योल्क में 37 आईयू विटामिन डी होता है.
  • अंडे के अंदर विटामिन डी का लेवल मुर्गी को दिए जाने वाले खाने के धूप में रखें रहने से होता है.
  • विटामिन डी युक्त खाना देने पर एक योल्क में 6000 आईयू तक विटामिन डी हो सकता है.

मशरूम

  • यह विटामिन डी का एकमात्र पौधा आधारित सोर्स होता है.
  • इंसानों की ही तरह यह भी सूर्य की रोशनी से बढ़ते है.
  • मशरूम विटामिन डी2 बनाते है जिससे खून में विटामिन डी का लेवल बढ़ जाता है.
  • जबकि जानवर विटामिन डी3 बनाते है जो अधिक प्रभावी होता है.
  • अच्छी सूर्य की रोशनी वाले मशरूम के 100 ग्राम में 2300 आईय तक विटामिन डी2 होता है.  

कॉ़ड लिवर ऑयल

  • यह एक जाना माना सप्लीमेंट है.
  • अगर आपको मछली पसंद नही तो आप कॉड लीवर ऑयल वाले कैप्सूल आदि भी खा सकते है.
  • इसके एक चम्मच में 448 आईयू तक विटामिन डी होता है.
  • पिछले काफी वर्षों से इसे बच्चों में होने वाली विटामिन की कमी के उपचार रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है.
  • कॉ़ड लीवर ऑयल विटामिन ए का भी अच्छा सोर्स होते है इसलिए ध्यान रखना चाहिए कि कही कोई विटामिन ए टॉक्सिक न हो जाए.
  • साथ ही यह ओमेगा 3 फैटी एसिड में भी हाई होते है लेकिन इसकी अधिक मात्रा नही ली जानी चाहिए.

विटामिन डी के नैचुरल सोर्स सीमित है लेकिन शाकाहारियों के लिए

गाय का दूध

  • सबसे अधिक सेवन किए जाने वाले दूध में से एक गाय का दूध कई पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, फास्फोरस और राइबोफ्लेविन होते है.
  • इसके 115-130 आईयू प्रति कप (237 एमएल) में होते है.

सोया दूध

  • इसके एक कप में 107 से 117 आईयू तक विटामिन डी होता है.

ऑरेंज जूस

  • इसमें विटामिन डी के अलावा कैल्शियम की भी अच्छी मात्रा होता है.
  • इसे ब्रेकफास्ट में भी लिया जा सकता है.
  • इसके एक कप में 100 आईयू तक विटामिन डी होता है.

ओट्स

  • सीरियल्स और ओट्स भी विटामिन डी के अच्छे सोर्स होते है.
  • आधा कप ओट्स में 54 से 136 आईयू तक विटामिन डी होता है.

विटामिन डी और कैल्शियम

  • कैल्शियम के अवशोषण के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी है.
  • इससे हड्डीयों की ताकत बना रहती है.
  • विटामिन डी और कैल्शियम का सेवन हड्डीयों के स्वास्थ के लिए जरूरी है इससे गठिया जैसी स्थितियों से बचा जा सकता है.
  • 1 से 70 वर्ष तक की आयु वाले लोगों को एक दिन में करीब 600 आईयू तक विटामिन डी जरूरी होती है.
  • इतनी अमाउंट में यह सोर्स फ़ूड और सूर्य की रोशनी दोनों को मिलाकर ही मिल सकती है.
  • जबकि 70 से अधिक आयु वाले लोगों को हर दिन 800आईयू तक विटामिन डी की जरूरत होती है.
  • आयु के अनुसार इसकी जरूरत अलग होती है जैसे 1 से 8 वर्ष के बच्चों को 2500 एमजी प्रति दिन और 9 से 18 आयु के लोगों को 3000 एमजी प्रति दिन की जरूरत होती है.

अंत में

सुबह उठकर सूर्य की रोशनी लेना विटामिन डी का बहुत अच्छा सोर्स माना जाता है. हालांकि बहुत से लोगों के लिए ऐसा कर पाना बहुत कठिन होता है. सिर्फ अकेले डाइट से पूरा पोषण ले पाना भी बहुत मुश्किल होता है. लेकिन फ़ूड और थोड़ी सूर्य की रोशनी लेना अच्छा हो सकता है.