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आंखों के नीचे डार्क सर्कल के बारे में – dark circles in hindi

आंखों के नीचे डार्क सर्कल के बारे में – dark circles in hindi

इस लेख में आप जानेंगे आंखों के नीचे डार्क सर्कल क्या होता है, इसके कारण, ट्रीटमेंट और घरेलू उपचार –

डार्क सर्कल क्यो होते है? – what is dark circles in hindi

अगर आजकल के तनाव भरे समय और भागदौड़ भरी ज़िदगी की बात करें तो ऐसे बहुत से महिलाएं व पुरूष है जिनकी आंखों के नीचे डार्क सर्कल होते हैं. जबकि आंखों के नीचे डार्क सर्कल पर झुर्रियां दिखना आपकी उम्र को दर्शाता है.

सबसे बड़ी समस्या की बात यह है कि डार्क सर्कल से पार पाना बहुत मुश्किल है. हालांकि, यह किसी को भी प्रभावित कर सकती है. लेकिन यह सबसे ज्यादा प्रभावित करते है –

  • अधिक उम्र वाले लोगों को
  • जेनेटिक रूप से पीड़ित रोगियों जैसे हाइपरपिग्मेंटेशन
  • जबकि डार्क स्किन टोन वाले लोगों को आंखों के आस-पास हाइपरपीग्मेंटेशन का खतरा अधिक रहता है

अगर इसके सबसे आम कारण को समझने की कोशिश करें तो थकान को इसका कारण समझा जा सकता है. लेकिन यह सिर्फ अकेला कारण नही है. ऐसे अधिकतर मामलों में डॉक्टर की जरूरत नही होती है.

डार्क सर्कल के कारण – dark circles causes in hindi

आंखों के नीचे डार्क सर्कल होने के कई कारण होते है जिसमें –

थकान

  • ज्यादा नींद लेने या ज्यादा थकान होने के अलावा बहुत कम नींद लेने डार्क सर्कल हो सकते है.
  • नींद में बदलाव के कारण आंखों के नीचे की स्किन डल्ल और पीली हो जाती है
  • जिसके कारण इसके नीचे डार्क टिश्यू और नसे दिखने लगती है.
  • कम नींद लेने से भी आंखों के नीचे फ्लूड जमा होता है जिससे यह उभरी हुई दिखती है.
  • जिस कारण डार्क सर्कल और भारी पलकें दिखाई देती है.

उम्र

  • प्राकृतिक रूप से आयु बढ़ने के कारण डार्क सर्कल हो जाना आम है.
  • जैसे ही आपकी उम्र बढ़ती है वैसे ही हमारी त्वचा पतली होती जाती है.
  • साथ ही हम फैट और कॉलाजेन को लूज़ करते है जो स्किन इलास्टिसीटी के लिए जरूरी है.
  • इसलिए आंखों के नीचे डार्क सर्कल आ जाते है.

आंखों पर तनाव

  • लगातार घूरकर टीवी या स्क्रीन को देखने से आंखों पर तनाव आता है.
  • इससे आंखों के आसपास की नसों पर दबाव पड़ता है जिससे तनाव आता है.
  • इसी तनाव के चलते भी आंखों के नीचे डार्क सर्कल हो जाते है.

एलर्जी

  • आखों की एलर्जी या आंखों का सूखापन डार्क सर्कल की समस्या को ट्रिगर कर सकता है.
  • एलर्जी रिएक्शन होने पर बैक्टीरिया से लड़ने के लिए हमारा शरीर हिस्टामीन रिलीज़ करता है.
  • अन्य लक्षणों में आंखों की खुजली, लाल होना या आंखों का भारीपन आदि भी हो सकते है.
  • हिस्टामिन के कारण भी डार्क सर्कल दिख सकते है.
  • एलर्जी के दौरान खुजाने से समस्या बढ़ सकती है.
  • जिसके बाद सूजन, जलन या नसों को नुकसान हो सकता है.

डिहाइड्रेशन

  • शरीर में पानी की कमी होना डार्क सर्कल के मुख्य कारणों में से एक है.
  • जब हमारा शरीर को सही मात्रा में पानी नही मिल पाता है तो हमारी आंखे डल्ल और सूखी हुई नज़र आने लगती है.

सूरज की रोशनी के प्रति ओवरएक्सपोजर

  • सूरज की रोशनी में ज्यादा रहने से हमारा शरीर अधिक मेलानिन बनाने लगता है.
  • मेलानिन हमारी स्किन को कलर देता है. 
  • लेकिन आंखों के लिए सूरज ओवरएक्सपोजर होना आंखों के आसपास पिगमेंटेशन पैदा करता है.

जेनेटिक्स

  • किसी के भी शरीर की फैमिली हिस्ट्री होने से भी डार्क सर्कल हो सकते है.
  • यह बचपन से शुरू हो सकते है और उम्र बढ़ने पर यह खराब या गायब भी हो सकते है.
  • थायराइड जैसे रोग होने पर भी डार्क सर्कल आदि हो सकते है.

डार्क सर्कल का मेडिकल ट्रीटमेंट – dark circles treatment in hindi

इसके लिए कई तरह के ट्रीटमेंट उपलब्ध है जो इसके परमानेंट इलाज का दावा करते है.

  • पिगमेंटेशन कम करने के लिए केमिकल पील
  • स्किन टाइट करने के लिए लेजर सर्जरी
  • त्वचा के पतले हिस्सों पर पिगमेंट इंजेक्ट करना
  • मेलानिन के कारण हुए त्वचा के रंग में बदलाव को टिश्यू फिल्लर से भरना
  • स्किन के नीचे से अधिक फैट और त्वचा को निकाल देना
  • जरूरत होने पर सर्जीकल इंम्पलांट आदि

किसी भी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट को लेने से पहले डॉक्टर से उससे जुड़े जोखिम, खर्चा और रिकवरी टाइम के बारे में जान लेना चाहिए.

डार्क सर्कल का घरेलू उपचार – dark circles home remedies in hindi

आंखों के नीचे डार्क सर्कल के कई कारण हो सकते है लेकिन इसके घरेलू उपचार से इनकी रोकथाम की जा सकती है –

ठंडी सिकाई

  • इसके लिए आप किसी साफ कपड़े में बर्फ रख कर सिकाई कर सकते हैं.
  • इसे कम से कम 20 मिनट तक प्रभावित एरिया पर किया जाना चाहिए.
  • सिकाई करने से सूजन में कमी आती है और नसों के लिए भी अच्छा होता है.
  • इससे आंखों का भारीपन और डार्क सर्कल कम होते है.
  • बर्फ पीघल जाने पर प्रोसेस को रिपीट कर सकते हैं.

अधिक नींद ले सकते है

  • नींद के तरीके में बदलाव के कारण डार्क सर्कल हो जाते है इसलिए थोड़ी ज्यादा नींद भी ली जा सकती है.
  • डार्क सर्कल से बचने के लिए 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए.

सिर को ऊंचा रख कर सोए

  • आंखो के नीचे फ्लूड जमा होने से बैग जैसा उभार दिखता है.
  • जिससे बचने के लिए आपके सिर की पोजीशन ऊंची की जा सकती है.
  • ऐसा करने से आंखों के नीचे फ्लूड जमा नही होता है.
  • साथ ही सूजन या फूलाव नही दिखता है.

ठंडे टी बैग्स का उपयोग

  • ठंडे टी बैग को आंखों के ऊपर रखने से काफी लाभ होते है.
  • चाय में कैफीन और एंटीऑक्सिडेंट होते है जिससे ब्लड सर्कुलेशन और नसों की सिकुड़न के अलावा स्किन के नीचे तरल नही रूकता है.
  • इसके लिए 2 ब्लैक या ग्रीन टी के बैग को गर्म पानी 5 मिनट के लिए सोखें.
  • जिसके बाद 15 से 20 मिनट तक फ्रीज़ में इसे ठंडा होने दें.
  • ठंडा हो जाने के बाद आंखे बंद कर 10 से 20 मिनट तक इन टी बैग को आंखें पर रखें.
  • इन्हें हटाने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धोएं.

मैकअप से ठका जा सकता है

  • ऐसा बहुत से लोगों द्वारा पहले से ही किया जा रहा है.
  • इसके अलावा बहुत सारी ऐसी कॉस्मेटिक सामग्री होती है जो स्किन के कलर से डार्क पार्ट को मिला सकती है.
  • जबकि इनसे एलर्जी होने पर तुरंत रोका जाना चाहिए.
  • कंडीशन ज्यादा खराब होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

अंत में

काफी सारे लोगों के लिए डार्क सर्कल का होना अस्थाई होता है. जो एजिंग या अनिद्रा के कारण हो सकता है. आप इन्हें घरेलू उपचारों की मदद से लाभ उठाकर ठीक भी कर सकते है. जबकि समस्या लंबे समय तक रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए.

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Kartik bhardwaj

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