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भेंगापन के बारे में – squint eyes in hindi

भेंगापन के बारे में – squint eyes in hindi

इस लेख में आप जानेंगे भेंगापन क्या होता है, प्रकार, बच्चों में इसके संकेत और लक्षण, कारण, निदान, इलाज – 

भेंगापन क्या होता है – what is squint eyes in hindi

  • आंखों का तीरछापन या कहें स्ट्राबिस्मस एक कंडीशन होती है जिसमें आंखे ठीक से अलाइन नहीं होती है.
  • जिसमें एक आंख स्पॉट पर फोकस होती है.
  • वहीं दूसरी आंख ऊपर, नीचे, दाएं या बाएं हो सकती है.
  • यह हमेशा रह सकती है या कुछ घंटो तक रह सकती है.
  • यह आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि आंखें और पलक की गति को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियां समेत एक्सट्राऑकुलर मांसपेशियां एक साथ काम नहीं करती हैं.
  • इसी कारण एक समय पर दोनों आंखे एक स्पॉट को नहीं देख पाती है.
  • यह दिमाग के डिसऑर्डर के कारण भी हो सकता है जिससे आंखें सही ढंग से समन्वय नहीं कर सकती हैं.
  • भेंगापन के कारण बाइनोकुलर विजन असंभव बनाता है. 
  • इसलिए व्यक्ति के लिए गहराई की धारणा की सराहना करना कठिन होता है. (जानें – आंखों के लिए जरूरी विटामिन)

भेंगापन के प्रकार क्या क्या है – what are the types of squint eyes in hindi

भेंगापन को आंखों की पोजीशन के आधार पर पहचाना जाता है जिसमें निम्न स्थिति को विशेषित किया गया है –

  • हाइपरट्रोपिया – जब आंख ऊपर की ओर होती है.
  • हाइपोट्रोपिया – जब आंख नीचे की ओर होती है.
  • इसोट्रोपिया – जब आंख अंदर की ओर घुमी होती है.
  • एक्सोट्रोपिया – जब आंख बाहर की तरफ होती है.

इसका निदान शुरूआत में होने पर इलाज काफी प्रभावी होता है. पहले समय में इसका इलाज संभव नहीं माना जाता था. 6 साल तक की आयु होने तक इसका इलाज काफी प्रभावी माना जाता है. लेकिन भेंगापन का इलाज कभी भी किया जा सकता है. (जानें – आंखों में तेज़ दर्द के कारण)

बच्चों में इसके संकेत और लक्षण – squint eyes signs and symptoms in children in hindi

  • भेंगापन का संकेत कम उम्र से काफी स्पष्ट होता है. 
  • दोनों में से एक आंख से सीधे आगे नहीं दिखता है. 
  • जबकि मामूली भेंगापन कम ध्यान देने योग्य हो सकता है.
  • शिशु और नवजात शिशु क्रॉस-आइड हो सकते हैं, खासकर यदि वे थके हुए होते हैं. 
  • इसका मतलब यह नहीं है कि उनको भेंगापन है. माता-पिता अपने डॉक्टर से जांच करा सकते हैं.
  • अगर शिशु की एक आंख बंद है या आपको देखते समय सिर घुमाता है तो यह डबल विजन या भेंगापन का संकेत हो सकता है.
  • शिशु के अंदर भेंगापन या तो पैदा होने के साथ या पहले 6 महीनों में विकसित हो सकता है.

भेंगापन के कारण क्या होते है – what are the causes of squint eyes in hindi

  • अनुवांशिक
  • जन्म के साथ
  • बीमारी
  • दूर की दृष्टि की समस्या
  • दृष्टि समस्या
  • मायोपिया
  • हाइपरमेट्रोपिया
  • कोर्निया की समस्या
  • जेनेटिक्स
  • खसरा

निदान और इलाज – diagnosis and treatment of squint eyes in hindi

  • आंखों की नियमित जांच जरूरी होती है जिससे इसके विकसित होना का पता समय से लग सके.
  • इसके बाद आंखों में दवा डालकर कोर्निया समेत रेटिना आदि का जांच की जाती है.

उपचार विकल्प

समय पर इलाज रोगों के रिस्क को कम कर देता है जिसमें निम्न शामिल है –

  • चश्मा – दूर या पास की दृष्टि की समस्या होने के कारण भेंगापन होने पर सही नंबर के चश्मे लगाकर इसे ठीक किया जा सकता है.
  • बोटॉक्स – इसे आंख के सर्फस पर मांसपेशी में इंजेक्ट किया जाता है. यह कारण का पता न लगने पर दिया जाता है. साथ ही यह अस्थाई रूप से इंजेक्ट की गई मांसपेशियों को कमजोर कर उन्हें ठीक से अलाइन कर देता है.
  • आई पैच – सही आंख के ऊपर पहनने से भेंगापन वाली आंख ठीक से काम करती है.
  • आई ड्रॉप 
  • सर्जरी का इस्तेमाल अन्य उपचारों के प्रभावी न होने पर किया जाता है. इससे आंखों को ठीक कर बाइनोकुलर विजन को सही किया जा सकता है. काफी मामलों में दोनों आंखों का ऑपरेशन किया जाता है.
  • आंखों की एक्सरसाइज – इसमें पेंसिल को हाथ में पकड़कर उसकी नोक को देखना होता है. इसके दौरान सिर स्थिर रहता है और पेंसिल आपके हाथ में आंखों के सामानतर हाइट पर होती है. जिसे दूर और पास करके एक्सरसाइज की जाती है. (जानें – गुहेरी के कारण और घरेलू इलाज)

किसी अन्य समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए.