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शरीर को डिटॉक्स करने के टिप्स – Body detox tips in hindi

शरीर को डिटॉक्स करने के टिप्स – Body detox tips in hindi

शरीर के अंदर बहुत सारे तत्व होते है, हमारी लाइफस्टाइल और डाइट आदि खराब होने पर शरीर के अंदर गंदगी जमा हो जाती है जिसे साफ करने की आवश्यकता होती है. इस अंदर की गंदगी को साफ करने की प्रक्रिया को डिटॉक्सिफिकेशन कहते है.

शरीर को डिटॉक्स कैसे करें – how to detox body in hindi

डिटॉक्स की प्रक्रिया को करने के लिए कुछ बड़ा करने की जरूरत नही होती है. हमारे शरीर के अंदर खुद को डिटॉक्स करने के लिए कुछ डाइट या कुछ स्पेशल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने की जरूरत नही होती है. 

अपने शरीर के डिटॉक्स करने वाले सिस्टम को बेहतर कर अंदर मौजूद गंदगी को तेज़ी से बाहर किया जा सकता है. साथ ही इससे बेहतर स्वास्थ और वजन घटाने में मदद मिलती है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है शरीर को डिटॉक्स करने की प्रक्रिया को फास्ट करने के तरीके –

शरीर को डिटॉक्स करने के टिप्स – body cleanse tips in hindi

शराब का सेवन सीमित करना

  • हमारे शरीर में शराब का 90 फीसदी लिवर में जमा होता है.
  • लिवर एंजाइम शराब को मेटाबॉलाइज़ कर टॉक्सिन बना देते है जिस कारण लीवर कैंसर की संभावना हो जाती है.
  • जबकि ज्यादा शराब पीने से कई तरह की समस्याएं जैसे फैटी लीवर रोग, लीवर पर सूजन आदि हो सकते है.
  • ऐसी समस्या होने पर हमारा लिवर फंक्शन बिगड़ जाता है जिसके चलते यह अन्य प्रकार के टॉक्सिन आदि को शरीर से नही निकाल पाता है.
  • अपने शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए शराब के सेवन से बचना चाहिए.

अच्छी नींद

  • हमारे शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने के लिए नींद का पूरा होना बहुत जरूरी होता है.
  • खराब नींद के कारण तनाव, घबराहट, हाई बीपी, हार्ट रोग, टाइप 2 मधुमेह और मोटापा आदि रोग होने का खतरा रहता है.
  • नींद लेने से हमारे दिमाग को आराम मिलता है और अल्जाइमर रोग का कारण बनने वाले बेटा-अमलॉइड प्रोटीन भी डिटॉक्स हो जाता है.
  • अच्छी और पूरा नींद लेने से पूरे शरीर का स्वास्थ और डिटॉक्सिफिकेशन सिस्टम सुचारू रूप से काम करता रहता है.
  • किसी भी इंसान को एक दिन में 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है.

ज्यादा पानी पीना

  • प्यास बुझाने के अलावा भी पानी पीने के बहुत फायदे होते है.
  • पानी पीने से शरीर का तापमान, जॉइंट को चिकनाई, पाचन में सहायता और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद मिलती है.
  • साथ ही पानी पीने से हमारे शरीर के सेल्स अपने आप रिपेयर होते रहते है और शरीर से न्यूट्रिएंट को ब्रेक डाउन करने और एनर्जी का इस्तेमाल करने के लिए किया जाता है.
  • हालांकि, इस तरीके से हमारे शरीर में मौजूद यूरिया और कार्बन डाइऑक्साइड की गंदगी को निकाल देता है और हमारे खून में नही मिलता है.
  • पानी पीने से पसीना, पेशाब और सांसों के जरिए हमारे शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है.

शुगर और प्रोसेस्ड फ़ूड का सेवन कम करें

  • रोजाना ऐसे फ़ूड का सेवन करने से काफी सारी सेहत से जुड़ी समस्या हो सकती है.
  • ज्यादा शुगर वाले फ़ूड खाने से गंभीर रोग जैसे – मोटापा, कैंसर, हार्ट रोग और मधुमेह आदि हो सकते है.
  • साथ ही इनसे हमारे शरीर की डिटॉक्सिफाई करने की क्षमता पर भी फर्क पड़ता है जिससे लिवर और किडनी पर फर्क पड़ता है.
  • शुगर वाले प्रोडक्ट का नियमित और ज्यादा सेवन करने से फैटी लिवर जैसी स्थितियों को जन्म दे सकता है.
  • किसी भी समस्या से बचने का तरीका है कि जंक फ़ूड का सेवन कम किया जाए जिससे हमारे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन सिस्टम सुचारू रूप से काम करता रहें.

एंटीऑक्सिडेंट फ़ूड का सेवन

  • शराब, तंबाकू, स्मोकिंग, खराब डाइट और अधिक प्रदूषक जैसे फैक्टर के कारण मुक्त कण (फ्री रेडिकल्स) की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है.
  • जिस कारण हार्ट रोग, लिवर रोग, डिमेंशिया, अस्थमा और कुछ प्रकार के कैंसर का ख़तरा ज्यादा बढ़ जाता है.
  • फ्री रेडिकल्स के कारण क्षतिग्रस्त हुए सेल्स से बचाव एंटीऑक्सिडेंट्स करते है.
  • एंटीऑक्सिडेंट में भरपूर फ़ूड का सेवन करने से फ्री रेडिकल के दुष्प्रभाव का कम किया जा सकता है.
  • विटामिन ए, सी, ई, सेलेनियम, लाइकोपेन आदि के अलावा बैरीज़, फ्रूट, नट्स, कोकोआ, सब्जियाँ और कॉफी, ग्रीन टी बेनिफिट्स में अधिक मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते है.

हाई प्रीबायोटिक फ़ूड

  • शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन सिस्टम को हेल्दी रखने के लिए आंतों का स्वास्थ रहना बहुत जरूरी होता है.
  • आंतों के कारण हमारा शरीर खुद को डिटॉक्स कर पाता है और गंदगी को बाहर कर देता है.
  • प्रीबायोटिक एक प्रकार का फाइबर होता है जो अच्छे बैक्टीरिया को पोषक तत्वों को बनाने में मदद करता है.
  • आंतों में मौजूद अच्छा बैक्टीरिया खराब बैक्टीरिया के साथ असंतुलित होकर एंटीबायोटिक्स, खराब डेंटल हाइजिन और डाइट की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है.
  • लगातार बने रहने पर खराब बैक्टीरिया हमारे इम्युन सिस्टम समेत डिटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है.
  • प्रीबायोटिक्स के अच्छे सोर्स टमाटर, केला, प्याज़, लहसुन और ओट्स आदि होते है.

नमक का सेवन कम करना

  • कुछ लोगों के लिए डिटॉक्स का मतलब शरीर से अधिक पानी को निकालना होता है.
  • लेकिन ज्यादा नमक खाने और कम पानी पीने से हमारे शरीर में फ्लूड की मात्रा अधिक हो सकती है.
  • जिस कारण हमारी किडनी या लिवर पर इसका प्रभाव पड़ सकता है.
  • साथ ही ज्यादा नमक खाने के कारण फ्लूड बनने से पेट फूलने जैसी परेशानी हो सकती है.
  • ऐसे में पानी पीने से जमा गंदगी को शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलती है.
  • सोडियम के प्रभाव को कम करने के लिए पोटेशियम युक्त फ़ूड जैसे आलू, राजमा, केला, पालक आदि का सेवन किया जा सकता है.

एक्सरसाइज करना

  • चाहे आपके शरीर का वजन कितना भी क्यों न हों लेकिन रोजाना एक्सरसाइज करने से टाइप 2 डायबीटिज, हार्ट रोग, हाई बीपी और कुछ प्रकार के कैंसर का रिस्क कम हो जाता है.
  • इसके कई हेल्द बेनिफिट होते है जैसे इम्युनिटी सिस्टम बेहतर होता है जिससे रोगों से लड़ने में मदद मिलती है.
  • साथ ही इससे सूजन कम होती है और शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन सिस्टम बेहतर होता है.
  • ऐसे में बेहतर है कि आप फिट रहने के लिए एक्सरसाइज, रनिंग आदि जैसी शारीरिक एक्टिविटी जरूर करें.

अन्य डिटॉक्स टिप्स जैसे – body detox tips in hindi

  • सल्फर युक्त भोजन – हाई सल्फर वाले फ़ूड जैसे प्याज़, ब्रोकोली और लहसुन का सेवन करने से खराब कैमिकल शरीर से निकल जाते है.
  • क्लोरेला – अगर आम भाषा में समझने की कोशिश करे तो यह एक प्रकार की काई होती है. जिसके कई पोषक लाभ होते है जिनमे से एक शरीर से टॉक्सिन को बाहर करना भी होता है.
  • धनिया – भारी कैमिकल और टॉक्सिन को बाहर करने के लिए धनिया काफी प्रभावी होता है.
  • ग्लूटाथिओन – यह एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है जो सल्फर युक्त भोजन जैसे अंडे, ब्रोकोली, लहसुन आदि खाने से हमारे शरीर में ग्लूटाथिओन का लेवल बढ़ाने के लिए जाना जाता है जिससे शरीर डिटॉक्सिफाई हो जाता है.
  • नैचुरल प्रोडक्ट – डिटॉक्सिफाई करने के लिए प्राकृतिक चीज़ो पर निर्भर करना चाहिए जैसे सिरका और बेकिंग सोडा का उपयोग टॉक्सिक कैमिकल के प्रभाव को कम कर सकते है.

अंत में

डिटॉक्स डाइट का उपयोग हमारे शरीर से टॉक्सिन को निकाल फेकता है जिससे सेहत में सुधार के अलावा वजन कम करने में भी मदद मिलती है. लेकिन ध्यान रहें कि हमारे शरीर में अपना डिटॉक्सिफिकेशन सिस्टम होता है जिसे किसी डाइट की जरूरत नही होती है.

अगर आप चाहते है कि आपके शरीर को डिटॉक्स सिस्टम मजबूत हो जाए और आपकी पूरी हेल्थ अच्छी हो जाए तो ऊपर बताई गई टिप्स को फॉलो कर सकते हैं.