इस लेख में आप जानेंगे आंखों के सूखापन का घरेलू उपचार, वातावरण, डाइट, आखों की ड्रॉप्स, ड्राई आई सिंड्रोम और बचाव –

आंखों के सूखापन का घरेलू उपचार – dry eyes home remedies

वातावरण में बदलाव

  • वातावरण के फ़ैक्टर आंखों में सूखापन आने के सबसे आम कारणों में से एक है.
  • इसलिए जरूरी है कि सिग्रेट से बचें और आंधी आदि के मौसम में घर के अंदर ही रहें.
  • साईकल चलाना, मोटरसाईकल चलाना या किसी अन्य चीज़ की सवारी जहां आंखों पर सीधी तेज़ हवा लगे आदि एक्टिविटी के दौरान आंखों पर सही चश्मा आदि पहनें. (जानें – नैचुरल रूप से आंखों की रोशनी बेहतर कैसे करें)
  • घर में सही मॉइस्चर को बनाए रखने के लिए ह्यूमिडफायर लगाया जा सकता है.

डाइट

  • रिसर्च के अनुसार, ओमेगा-3 फैटी एसिड के सेवन से ड्राई आंखों की समस्या से राहत मिलती है.
  • इस फैटी एसिड को शरीर से इंफ्लामेशन को कम करने के रूप में जाना जाता है.
  • यह आंखों की इंफ्लामेशन को कम करके, अधिक आंसू के बनने और अच्छी गुणवत्ता वाले आंसू बनने में मदद करता है.

ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए निम्न फ़ूड्स का सेवन कर सकते है –

  • अलसी के बीज
  • ताड़ का तेल
  • सोयबीन तेल
  • चियासीड्स
  • वालनट्स
  • फैटी फिश
  • अंडा

ड्रॉप्स या ऑइंटमेंट आज़मा सकते है

  • आंखों के लिए काफ़ी सारे ओटीसी दवाएं है जो मदद कर सकती है.
  • आई ड्रॉप्स की मदद से अस्थाई राहत मिल सकती है.
  • इनमें परिरक्षक होते है जो इनके अंदर होने वाली बैक्टीरियल ग्रोथ को रोकते है.
  • आई ड्रॉप्स के खुल जाने के बाद परिररक्षक से आंखों के रिएक्ट करने पर आपको परिरक्षक मुक्त ड्रॉप्स का उपयोग करना चाहिए.
  • ऑइंटमेंट ड्रॉप्स के मुकाबले पतली होती है जो आंखों की बॉल को कोट करती है, इससे लंबे समय तक सूखेपन से राहत मिलती है. (जानें – आंखों के लिए जरूरी विटामिन के बारे में)
  • हालांकि, ऑइंटमेंट के उपयोग से दृष्टि बाधित हो सकती है, इसलिए सोते समय इनका उपयोग करना चाहिए.

ड्राई आई सिंड्रोम

  • आंखों में आंसू न होना या खराब गुणवत्ता के कारण होने वाली कंडीशन को ड्राई आई सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है जो आंखों का सूखापन होता है.

इसके लक्षणों में –

  • धुंधली दृष्टि
  • आंखों में कुछ महसूस होना
  • लाइट के प्रति संवेदनशीलता
  • लाल आंखे होना
  • दोनों आंखों में खुजली, सूखापन और दर्द महसूस होना
  • आंखों की थकान
  • आंखों के अंदर या आसपास म्यूकस

निम्न फ़ैक्टर के कारण आंखों का सूखापन हो सकता है –

  • एलर्जी
  • संपर्क
  • वातावरण फ़ैक्टर
  • कुछ मेडिकल कंडीशन
  • कुछ दवाएं
  • एजिंग

डॉक्टर से कब मिलें

  • अगर ऊपर बताए गए उपचारों से आपको राहत नहीं मिलती है या आपको लगता है कि आप किसी गंभीर कंडीशन पीड़ित है तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करें.
  • आंखों का सूखापन अस्थाई होता है और आयु बढ़ने के साथ ही यह नैचुरल होता है.
  • लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर हो सकता है.
  • राहत के लिए आप घरेलू उपाय अपना सकते है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह ले सकते है.

निम्न लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें

  • आंखे लाल होना
  • आंखों की सूजन
  • आंख की इंजरी
  • मुंह सूखा रहने
  • जोड़ों में दर्द, सूजन या कठोरता
  • खुद से घरेलू उपचार करने के बाद भी सूखापन रहने
  • आंखों से डिस्चार्ज
  • मध्यम उत्तेजना से अधिक दर्द

ड्राई आंखों से बचाव

आई ड्रॉप्स या ऑइंटमेंट के अलावा कई आसान तरीकों से बचाव किया जा सकता है –

आंखों को आराम दें

  • लगातर पढ़ते रहने, टीवी या कंप्यूटर देखने से आंखों का सूखापन हो सकता है.
  • ऐसा इसलिए क्योंकि इसके दौरान हम लोग आंखों से एक चीज़ ज्यादा देर तक घूरते रहते है.
  • घूरते रहने से आंखों के अंदर लूब्रिकेशन खत्म हो जाता है.
  • इसलिए किसी भी चीज़ को घूर कर नहीं देखें और पलक घपकाते रहें.

स्मोकिंग से बचें

  • इससे शरीर को कई नुकसान होते है.
  • लेकिन इसका सबसे पहले नुकसान आंखों को पहुंचता है.

ओमेगा-3 फैटी एसिड

  • कुछ लोगों को डाइट में ओमागा-3 फैटी एसिड को शामिल लाभ मिलता है.
  • यह अलसी के बीज या फिश ऑयल कैप्सूल आदि में मिल सकते है.

सर्दियों में ह्यूमिडफायर

  • बर्फिले स्थान पर रहने वाले लोग जो घरों में हीटर चलाते है उनको इसकी जरूरत ज्यादा होती है.
  • इससे घर के अंदर के वातावरण में नमी रहती है.
  • ह्यूमिडफायर न होने के मामलों में आप कमरे में ही पानी को किसी चीज़ पर उबालने के लिए रख दें उससे हवा में नमी होने लगेगी.

गर्म सिकाई का उपयोग करें और पलकों को धोएं

  • आंखों पर गर्म सिकाई करें और फिर पलकों को बैबी शैम्पू से धो लें.
  • ऐसा करने से पलकों के ग्लैंड से निकलने वाले टियर की गुणवत्ता बेहतर होती है.
  • ध्यान रहें कि आप आंखों से साबून को ठीक से साफ कर लें, ऐसा न करने पर आंखों में जलन, खुजली आदि हो सकती है.

तेज़ हवा वाले कामों से बचें

  • उदाहरण के लिए पंखा और हेयर ड्रायर के एक्सपोजर को सीमित करें.
  • तेज़ हवा वाली एक्टिविटी आदि करने से पहले आंखों पर सही सनग्लास पहनें जिससे ड्राई होने से बचाव किया जा सके.

अंत में

ड्राई आई या आंखों का सूखपान तब होता है जब टियर ग्लैंड आंखों को लूब्रिकेट रखने के लिए जरूरी मात्रा में आंसू का उत्पादन नहीं करते है. यह कंडीशन काफी असहज और दर्द भरी हो सकती है. इसके होने के कारण मेडिकल और वातावरण दोनों फ़ैक्टर हो सकते है. (जानें – गुलाब जल के फ़ायदे)

ऐसे में घरेलू उपचारों का लाभ उठाकर इससे राहत पाई जा सकती है.

References –

 

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