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आंखों की एक्सरसाइज – eye exercises

आंखों की एक्सरसाइज – eye exercises

इस लेख में आप जानेंगे आंखों की एक्सरसाइज के बारे में, आंखों की हेल्थ टिप्स और विजन थेरेपी –

आंखों की एक्सरसाइज – eye exercises

20-20-20 का नियम

  • काफ़ी सारे लोगों को आंखों में तनाव एक समस्या होता है.
  • मानव आंखों से आप किसी एक चीज़ को लंबे समय तक घूर नहीं सकते हैं.
  • अगर आप सारे दिन लैपटॉप या कंप्यूटर आदि पर काम करते है तो आंखों में स्ट्रेन आ सकते है.
  • जिससे आई फ्लोटर आदि परेशानियां हो सकती है.
  • ऐसे में 20-20-20 नियम का पालन करना चाहिए.
  • इसे करने के लिए हर 20 मिनट के बाद, 20 फीट दूर किसी चीज़ को 20 सेकेंड के लिए देखें.

दूर और पास फ़ोकस

  • अपने चेहरे से करीब 10 इंच दूर अंगूठे को रखें और फ़ोकस करें.
  • 10 से 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को खोजें और उस पर 15 सेकेंड के लिए फ़ोकस करें.
  • इसके बाद अंगूठें पर फिर से फ़ोकस करें.
  • इसे 5 बार रिपीट करें.

फ़िगर 8

  • फ्लोर पर किसी 10 फीट दूर के पॉइंट को चुन लें और उस पर फ़ोकस करें.
  • इसके बाद अपनी आंखों से कल्पना कर 8 नंबर को बनाएं.
  • जिस दिशा से शुरू किया है उसे कम से कम 30 सेकेंड करें और फिर दिशा बदल लें.

फ़ोकस बदलाव

  • अपनी आंखों से कुछ इंच दूर फिंगर को पॉइंट कर होल्ड करें.
  • अपनी फिंगर पर फ़ोकस करें.
  • इसके बाद फिंगर को धीरे धीरे चेहरे से दूर ले जाते हुए फ़ोकस को बनाए रखें.
  • बीच में एक क्षण के लिए कही दूर देखें.
  • दूर जा चूकी फिंगर पर फ़ोकस करें और धीरे से फ़िर से आंखों के पास ले आए.
  • कही और देखें, किसी दूर स्थित जगह पर फ़ोकस करें.
  • इस प्रक्रिया को 3 बार रिपीट करें.

हेल्दी आंखों के लिए टिप्स

  • साल में एक बार दवा डालकर आंखों को चेक करवाया जाना चाहिए. (जानें – आंखों की सूजन के बारे में)
  • किसी परेशानी या समस्या होने पर आंखों को चेक करवाना चाहिए.
  • काफी सारे लोगों को महसूस नहीं होता कि वह चश्मे के साथ बेहतर देख सकते हैं.
  • ऐसी बहुत सारी आंखों के रोग है जिनका कोई लक्षण नहीं होता है.
  • अपनी फैमिली हिस्ट्री को जानें काफी सारे आंखों के रोग जेनेटिक होते है.
  • डायबिटीज, परिवार का आंखों की परेशानी का इतिहास, आदि होने पर आप रिस्क पर होते है.
  • सूर्य की रोशनी में निकलते समय सनग्लास आदि पहनने चाहिए इससे आंखों का बचाव होता है.
  • संतुलित डाइट लेनी चाहिए जिससे आंखों को जरूरी विटामिन व मिनरल मिलते रहें.
  • चश्मे आदि की जरूरत होने पर उन्हें पहने इससे आंख कमज़ोर नहीं होती है.
  • स्मोकिंग आदि करने से बचें इससे पूरे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

विजन थेरेपी क्या होता है?

  • कुछ डॉक्टर इस ट्रीटमेंट फिल्ड में विशेषज्ञता हासिल करते है जिसे विजन थेरेपी कहा जाता है.
  • इसमें आंखों की एक्सरसाइज को विशेष ट्रीटमेंट के हिस्से के रूप में उपयोग किया जाता है.
  • विजन थेरेपी का उद्देश्य आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करना होता है.
  • साथ ही इससे खराब दृष्टि की समस्या समेत आंखों की परेशानी का पता लगाया जा सकता है.
  • भेंगापन, लेजी आई, डिस्लेक्सिया और आंखों के हिलते रहने वाली कंडीशन का इलाज विजन थेरेपी से किया जाता है.

आंखों की समस्या

  • कई सदियों से लोग आंखों की एक्सरसाइज को प्रोमोट करते आए है.
  • हालांकि आंखों की एक्सरसाइज को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण काफी कम है.
  • लेकिन यह एक्सरसाइज आंखों के स्ट्रेन आदि से राहत देकर बेहतर महसूस करवा सकती है.
  • अगर आपको आम आंखों की कंडीशन जैसे मायोपिया, हाइपरोपिया आदि है तो आपको इनका खास लाभ नहीं होगा.
  • मोतियाबिंद, आयु संबंधी मैकुलर डिजनरेशन, ग्लूकोमा आदि होने पर आंखों की एक्सरसाइज थोड़ा बहुत लाभ दे सकती है.
  • आंखों की एक्सरसाइज से आपका विजन बेहतर नहीं होता है लेकिन इससे आंखों में खुजली आदि होने पर सहजता महसूस होती है.
  • लैपटॉप कंप्यूटर पर सारे दिन बैठ रहने के कारण होने वाली आंखों की कंडीशन को डिजीटल आई स्ट्रैन कहा जाता है.
  • इसके कारण ड्राई आंखे, धुंधली दृष्टि, सिरदर्द, आई स्ट्रेन आदि हो सकता है. 

अंत में

आंखों की एक्सरसाइज से लोगों की दृष्टि बेहतर होती है ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. लेकिन इनसे कोई नुकसान भी नहीं होता है.

नियमित रूप से आंखों का जांच करवाना जरूरी होता है. जबकि किसी समस्या का निदान किए जाने पर इलाज किया जा सकता है.

References –

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Kartik bhardwaj

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