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बालों के झड़ने की रोकथाम के टिप्स – hair loss prevention tips in hindi

बालों के झड़ने की रोकथाम के टिप्स – hair loss prevention tips in hindi

बालों के झड़ने की समस्या को रोकने केे लिए या हेयर लॉस को धीमा करने के लिए लोग बहुत सारी चीजें करते है. कुछ कंडीशन जैसे प्रेगनेंसी के बाद बालों का झड़ना, जो खुद ठीक हो जाता है. ध्यान रहें कि रोज़ हर व्यक्ति के थोड़े बहुत बाल झड़ते है जो सामान्य है. 

लेकिन बालों का लगातार झड़ते रहने पर डॉक्टर से उपचार की जरूरत पड़ती है. जिसमें वह आपकी समस्या के आधार पर हेयर लॉस के कारण जैसे – थायरॉइड, तनाव, स्कैल्प इंफेक्शन, एंड्रोडेनिक एलोपेसिया या एजिंग हो सकते है.

आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने वाले है बालों के झड़ने की रोकथाम के टिप्स –

बालों के झड़ने की रोकथाम के लिए डाइट – hair loss prevention diet in hindi

प्रोटीन

  • हमारे बालों के फॉलिसिल (कूप) केराटीन नाम के प्रोटीन से बने होते है.
  • बालों के झड़ने की समस्या से परेशान कुछ लोगों पर हुए अध्ययन में पाया गया कि ऐसे लोगों में कई पोषक तत्वों की कमी होती है.
  • उन्ही पोषक तत्वों में से एक एमिनो एसिड होता है जो प्रोटीन के ब्लॉक बनाता है.
  • हालांकि इसके लिए अभी अध्ययन जारी है.
  • लेकिन ऐसा देखा गया है कि प्रोटीन डाइट खाने से हेयर लॉस री रोकथाम की जा सकती है.
  • इसके लिए आप अंडे, नट्स, बीन्स, फिश, कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट आदि.

विटामिन ए

  • यह रेटीनॉइड से बने होते है, जो बालों की ग्रोथ का मुख्य कारण है.
  • साथ ही इसके सेवन से स्कैल्प भी हेल्दी रहता है जिससे बालों की जड़ मजबूत रहती है.
  • विटामिन ए वाले फ़ूड्स जैसे शकरकंद, पालक आदि होते है.

मेडिटेरियन डाइट

  • कच्चे फलों और ताज़ी हर्ब्स वाली डाइट के बहुत लाभ होते है.
  • अध्ययन के अनुसार, इसे लेने से पुरूषों व महिलाओं में गंजेपन की समस्या कम या धीमी हो जाती है.
  • इसके लिए फ़ूडस जैसे – तुलसी, सलाद आदि का हफ्ते में कम से कम 3 दिन सेवन करना चाहिए.

बालों के झड़ने को रोकने के लिए सप्लीमेंट – hair loss prevention supplements in hindi

मल्टीविटामिन

  • बालों की ग्रोथ के लिए विटामिन ए, बी, सी, डी, आयरन, सेलेनियम और जिंक जरूरी होते है.
  • इनके सेवन से हेयर ग्रोथ के साथ ही बालों का झड़ना कम हो जाता है.
  • यह आपको काफी सारे स्टोर पर मिल सकते है या आप डॉक्टर से सलाह लेकर इनका सेवन कर सकते है.

विटामिन डी

  • यह बालों के फिर से ग्रोथ करने के लिए जरूरी होता है.
  • जिसकी रोज़ाना अपनी डाइट में 800 से 1000 आईयू के बीच सेवन किया जाना चाहिए.

बायोटिन

  • विटामिन एच या बी7 का उपयोग फैटी एसिड को संश्लेषण करन के लिए किया जाता है.
  • इसकी कमी होने पर हेयर लॉस की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
  • साथ ही यह बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी होता है.
  • रोज़ाना इसे 3 से 5 एमजी तक सेवन किया जा सकता है.

जिनसेंग

  • इसमें मौजूद तत्व हमारी खोपड़ी पर बालों के विकास को बढ़ाता है.
  • इसके उपयोग को लेकर कई तरह के अध्ययन अभी जारी है.
  • लेकिन इसको उपयोग करने के तरीके के बारे में डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए.

बालों के झड़ने पर देखभाल करने के टिप्स – hair loss care tips in hindi

नियमित रूप से धोना

  • बालोंं को नियमित रूप से धोने से इनके झड़ने की समस्या को कम किया जा सकता है.
  • साथ ही इससे खोपड़ी का साफ और हेल्दी रहना देखा जाता है.
  • इसके लिए हल्का शैम्पू इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • जबकि ऐसा न करने पर बालो का सूखापन, बाल टूटना जिससे हेयर लॉस देखने को मिलता है.

नारियल तेल

  • हाल के अध्ययनों से पता चला है कि नारियल तेल का उपयोग करने से बालों के नुकसान से बचा जा सकता है.
  • यह यूवी लाइट से बालों को बचाते है.
  • नारियल तेल में लौरिक एसिड होता है जो बालों में प्रोटीन को बाइंड करता है.
  • जिससे बालों की जड़े मजबूत होती है और हानिकारक चीजों से बचाव होता है.
  • सिर पर नारियल को मसाज करने से बेहतर ब्लड फ्लो के साथ बालों की फिर से ग्रोथ होती है.

ऑलिव ऑयल

  • बालों को सूखेपन, टूटने या गंभीर समस्या होने पर अरंडी के तेल का उपयोग किया जाता है.
  • मेडिटेरियन डाइट के उपयोग में ऑलिव ऑयल मुख्य होता है.
  • इसका उपयोग करने से जेनेटिक हेयर लॉस की समस्या धीमी हो जाती है.
  • इसके दो चम्मच की सिर पर मालिश करने के 30 मिनट इसे धो लें.

जेंटल स्टाइलिंग

  • बालों को टाइट नही बांधना चाहिए इससे बालों की जड़ कमज़ोर होती है.
  • बालों को खुला छोड़कर सूखने देना चाहिए इससे खोपड़ी पर खुजली आदि नही होती है.
  • बालों के लिए हेयर ड्रायर, कर्ल करने या स्ट्रेट करने वाले उपकरणों से बालों की समस्या हो सकती है.

केमिकल ट्रीटमेंट

  • हेयर कलर, पर्मस आदि से बालों और खोपड़ी को नुकसान हो सकता है.
  • अपने स्टाइलिस्ट को ऑर्गेनिक हेयर ड्राई आदि अन्य गैर केमिकल तरीको का उपयोग करवाना चाहिए.

बालों के झड़ने की समस्या का ट्रीटमेंट – hair loss treatment in hindi

लेज़र थेरेपी

  • जेनेटिक या कीमेथेरेपी के कारण हेयर लॉस होता है.
  • लेज़र का कम उपयोग बालों की घनत्वता को बेहतर करने में मदद करता है.
  • इस थेरेपी में स्टेम सेल्स को बढ़ाकर काम किया जाता है.

प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा

  • खोपड़ी पर इसे इंजेक्ट करने से बालों की ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है.
  • साथ ही हेयर लॉस की समस्या कम होती है.
  • इसमें ब्लड से प्लेटलेट को अलग करके खोपड़ी पर इंजेक्ट किया जाता है.

हेयर लॉस से बचाव के लिए दवाएं – hair loss prevention medication in hindi

  • माइनॉक्सिडील – यह आसानी से उपलब्ध होने वाली दवा है जिसके लिक्विड या फॉम के रूप में खोपड़ी पर इस्तेमाल किया जा सकता है. जबकि इससे जलन, एक्ने जैसे साइड इफेक्ट भी हो सकते है.
  • फिनास्टेराइड – इसे प्रोपेसिया कहा जाता है, इससे बालों के झड़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और नए बालों की ग्रोथ देखने को मिलती है.
  • फेनाइलेफ्रिन – इसकी टॉपिकल फॉर्म का उपयोग करने से स्टाइलिंग के कारण होने वाले हेयर लॉस से बचा जा सकता है. ध्यान रहें इसके उपयोग करते समय यह आंखों में न जाएं.

हेयर लॉस से बचने के लिए घरेलू उपचार – hair loss prevention natural home remedies in hindi

जरूरी ऑयल

  • सही ऑयल का उपयोग करने से हेयर लॉस को कम किया जा सकता है.
  • इसके लिए ऑयल जैसे – जजोबा, लेवेंडर, लेमनग्रास आदि का उपयोग किया जा सकता है.

प्याज का रस

  • एलोपेसिया ऐरेटा से ग्रसित लोगों को प्याज के रस का उपयोग करने पर लाभ मिलते है.
  • दिन में दो बार खोपड़ी पर लगाने से बालों का विकास फिर से होने लगता है.
  • साथ ही यह डैंड्रफ की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है.

मसाज

  • खोपड़ी पर मसाज करने से बहुत से लाभ मिलते है.
  • साथ ही इससे बालों की ग्रोथ भी होती है.

योगा

तनाव के कारण बालों के झड़ने की समस्या को योग के जरिए ठीक किया जा सकता है जिसके लिए निम्न योग अभ्यास किए जा सकते है -.

  • अधो मुख श्वानासन
  • उत्तानासन
  • उष्ट्रासन
  • सर्वांगासन
  • मत्स्यासन
  • जानुशीर्षासन

हेयर लॉस के कारण – causes of hair loss in hindi

  • मेडिकल कंडीशन – जैसे एलोपेसिया एरिटा, खोपड़ी का इंफेक्शन आदि
  • हार्मोनल बदलाव – प्रेगनेंसी, शिशु को जन्म देने के बाद, मेनोपोज़, थाइराइड समस्या
  • दवाएं या सप्लीमेंट – कैंसर दवा, हाई बीपी, डिप्रेशन या गठिया
  • रेडिएशन उपचार – कैंसर के लिए
  • तनाव – शरीरिक या मानसिक
  • स्टाइलिंग करने – टाइट पॉनीटेल आदि

जरूरी बातें

अचानक या बहुत ज्यादा बालों के झड़ने की समस्या होने पर डॉक्टर से मिलना चाहिए. इसके अलावा थायरॉइड आदि होने पर घरेलू उपचार से लाभ नही मिलता है. ऐसे में ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है.