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PCOS के साथ वजन कम कैसे करें – how to lose weight with pcos in hindi

PCOS के साथ वजन कम कैसे करें – how to lose weight with pcos in hindi

महिलाओं को होने वाली समस्याएं जैसे हार्मोनल असंतुलन, अनियमित पीरियड्स, एक या दोनों ओवरी में सिस्ट विकसित होने को पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है. (जानें – पीसीओएस के लिए होम्योपैथी उपचार)

इस कंडीशन से दुनियाभर में काफी महिलाएं परेशान होती है. इसके दौरान हार्मोनल असंतुलन, इंसुलिन प्रतिरोध समेत पीसीओए के कारण होने वाली इंफ्लामेशन के चलते, इस रोग से ग्रसित महिलाओं को वजन घटाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

लेकिन क्या आप जानते है कि पीसीओएस की समस्या होने पर करीब 5 फीसदी वजन घटाने से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध, हार्मोन लेवल, मासिक धर्म चक्र, फर्टिलिटी समेत महिलाओं में जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है पीसीओएस के साथ वजन कम करने के टिप्स – 

पीसीओएस के साथ वजन कैसे घटाएं – how to lose weight with pcos in hindi

हेल्दी फैट

  • अपने आहार में भरपूर मात्रा में हेल्दी फैट होने से आप भोजन के बाद अधिक संतुष्ट महसूस कर सकते हैं. 
  • साथ ही वजन घटाने और पीसीओएस के अन्य लक्षणों से निपट सकती हैं.
  • फैट कैलोरी में अधिक होते है, इन्हें डाइट में शामिल करने से पेट को भरा हुआ रखने और भूख कम करने में मदद मिलती है.
  • हेल्दी फैट में एवोकाडो, ऑलिव ऑयल, नारियल तेल आदि शामिल होते है.

किण्वित फ़ूड्स खाएं

  • वजन को बनाएं रखना और मेटाबॉलिज़म के लिए हेल्दी इंटेस्टाइन बैक्टीरिया अहम रोल निभाता है.
  • अध्ययनों के अनुसार, पीसीओएस वाली महिलाओं में कम हेल्दी आंत बैक्टीरिया हो सकते हैं.
  • इसके अतिरिक्त, उभरते हुए रिसर्च बताते हैं कि कुछ प्रोबायोटिक स्ट्रैन का वजन कम करने पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
  • हाई प्रोबायोटिक्स वाले फ़ूड्स जैसे दही आदि के सेवन से इंटेस्टाइन को काफी लाभ मिलता है. 

कार्ब्स के सेवन को सीमित करें

  • अपने कार्ब के सेवन को कम करने से इंसुलिन के लेवल पर कार्ब्स के प्रभाव के कारण पीसीओएस को मैनेज करने में मदद मिल सकती है.
  • पीसीओ के साथ लगभग 70% महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोध होता है. 
  • इंसुलिन प्रतिरोध तब होता है जब आपके सेल्स हार्मोन इंसुलिन के प्रभाव को पहचानना बंद कर देते है.
  • आपके शरीर में ब्लड शुगर मैनेज और एनर्जी स्टोर करने के लिए इंसुलिन आवश्यक है. 
  • रिसर्च के अनुसार सामान्यता, शरीर में इंसुलिन के हाई लेवल के साथ बॉडी फैट और वजन बढ़ने आदि फैक्टर का पीसीओएस वाली महिलाओं में लिंक होता है.
  • पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में लो ग्लाइसैमिक डाइट काफी लाभ देती है.
  • ग्लाइसैमिक इंडैक्स भोजन के खाए जाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को जांचने का तरीका है.

तनाव को मैनेज करने

  • वजन बढ़ने में तनाव को एक बड़ा रिस्क फैक्टर माना जाता है.
  • तनाव को मैनेज करके वजन को कम किया जा सकता है.
  • क्रोनिक तनाव के कारण बैली फैट का रिस्क बढ़ जाता है.
  • बैली फैट के कारण इंफ्लामेशन बढ़ने के मौके ज्यादा हो जाते है जिससे शरीर में तनाव का लेवल बढ़ सकता है.
  • तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन, योगा समेत अन्य एक्सरसाइज की जा सकती है. (जानें – बेस्ट मेडिटेशन एप के बारे में)

प्रोसेस्ड और अतिरिक्त शुगर वाले फ़ूड्स से बचें

  • पीसीओएस के साथ वजन कम करने के लिए एक और टिप कुछ अनहेल्दी फ़ूड्स के सेवन को कम करना है.
  • प्रोसेस्ड फ़ूड् और अतिरिक्त चीनी का सेवन ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाकर, इंसुलिन प्रतिरोध के आपके जोखिम को बढ़ा सकते हैं, जो मोटापे से जुड़ा हुआ होता है.
  • पीसीओएस वाली महिलाओं का शरीर चीनी को अलग तरह से प्रोसेस करता है.
  • इसके अलावा चीने के सेवन के बाद पीसीओएस वाली महिलाओं को ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल में ज्यादा तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है.
  • रिफाइंड कार्ब्स और अतिरिक्त चीनी वाले फ़ूड्स जैसे केक, कूकीज़, कैंडी, फ़ास्ट फ़ूड आदि होते है.

फाइबर का सेवन

  • हाई फाइबर डाइट को पीसीओएस वाली महिलाओं में वजन घटाने के रूप में जाना जाता है.
  • फाइबर आपके पेट को भरा हुआ महसूस करवाने में मदद करता है.
  • एक अध्ययन के अनुसार, पीसीओएस ग्रसित महिलाओं द्वारा हाई फाइबर के सेवन से इंसुलिन प्रतिरोध, पूर्ण बॉडी फैट और बैली फैट कम होता है.

इंफ्लामेशन कम करने

  • संक्रमण या चोट के लिए आपके शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया सूजन होती है.
  • लेकिन क्रोनिक इंफ्लामेशन पीसीओएस के साथ महिलाओं में आम है और मोटापे से जुड़ी हुई होती है. 
  • चीनी और प्रोसेस्ड फ़ूड्स सूजन में योगदान कर सकते हैं.
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड, ऑलिव ऑयल, पूर्ण अनाज, फल और सब्जियों वाली डाइट काफी सूजन से बचाव में मदद करती है.

प्रोटीन का सेवन

  • प्रोटीन के सेवन से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और भोजन के बाद पेट भरा हुआ महसूस करवाने में मदद मिलती है.
  • इसे भूख को कम करने और वजन कम करने में मददगार माना जाता है.
  • साथ ही प्रोटीन को कैलोरी बर्न और भूख वाले हार्मोन को मैनेज करने के रूप में जाना जाता है.
  • भोजन के अलावा प्रोटीन को लेने का सबसे अच्छा तरीका हाई प्रोटीन स्नैक्स समेत अंडे, सीफूड आदि है. 

नियमित एक्सरसाइज

  • वजन घटाने के लिए एक्सरसाइज भी बेहतर तरीकों में से एक है.
  • नियमित एक्सरसाइज डाइट से पेट की चर्बी को कम करने और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार को तेज़ करने में मदद मिलती है.

पूरी नींद लेना

  • हमारी सेहत के लिए जरूरी होता है अच्छी और पूरी नींद लेना.
  • पीसीओएस होने पर रात को सोने में परेशानी, दिन के दौरान नींद आना, स्लीप एपनिया और अनिद्रा हो सकते है.
  • कम नींद के कारण भूख लगाने वाले हार्मोन की सक्रियता अधिक हो जाती है.
  • इसके कारण आपको सारे दिन भूख लगती है और ज्यादा खाने के कारण वजन बढ़ने के मौके अधिक हो जाते है.
  • नींद पूरी न लेने से मोटापा या अधिक वजन होना लिंक होता है.

अंत में

पीसीओएस से पीड़ित महिला के लिए वजन घटाना किसी समस्या से कम नहीं हो सकता है. संतुलित डाइट के माध्यम जिसमें लो इंफ्लामेटरी फ़ूड्स, रिफाइंड कार्ब्स और हाई प्रोसेस फ़ूड्स का सेवन कम करना शामिल है. इसके स्थान पर पूर्ण अनाड, प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर की मदद से वजन कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही कुछ सप्लीमेंट भी मदद कर सकते है. (जानें – वजन कम करने के लिए इडियन डाइट प्लान)

लाइफ़स्टाइल बदलाव भी एक अहम फैक्टर होता है जिसमें रेगुलर एक्सरसाइज, तनाव मैनेज करना और नींद पूरी करना जरूरी है. किसी अन्य समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए.