आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है प्रकृतिक रूप से टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने के घरेलू उपाय –

नैचुरल तरीके से टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने के घरेलू उपाय – How to increase testosterone level naturally in hindi

एक्सरसाइज करना

  • लाइफस्टाइल रोगों से बचने के लिए एक्सरसाइज करना काफी कारगर है.
  • इससे न केवल रोगों से बचाव बल्कि टेस्टोस्टेरोन भी बूस्ट होते है.
  • अध्ययनों की माने तो रेगुलर एक्सरसाइज करने वाले लोगों का टेस्टोस्टेरोन लेवल हाई होता है.
  • अधिक आयु वाले लोगो को एक्सरसाइज करने से टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ना, फिटनेस और रिएकशन टाइम बेहतर होता है.
  • मोटापे से ग्रसित लोगों पर हुए अध्ययनों की माने तो ऐसे लोगों को वजन घटाने की डाइट से ज्यादा बेहतर नतीजे एक्सरसाइज करने से मिलते है.
  • साथ ही टेस्टोस्टेरोन का लेवल भी बढ़ता है.
  • कम समय और लंबे समय के नतीजों के लिए वजन उठाने वाली और खुद की ताकत बढ़ाने वाली एक्सरसाइज टेस्टोस्टेरोन को बूस्ट करती है.
  • एक्सरसाइज के साथ कैफीन आदि अन्य सप्लीमेंट भी लिए जा सकते है.

प्रोटीन, फैट और कार्ब्स खाना

  • आप क्या खाते है इसका असर सीधे आपके टेस्टोस्टेरोन और अन्य हार्मोन के स्तर पर पड़ता है.
  • इसलिए लंबे समय को देखते हुए आपको अपने कैलोरी और डाइट पर ध्यान देना चाहिए.
  • लंबे समय तक डाइटिंग करना या ज्यादा खाना आपके टेस्टोस्टेरोन लेवल को प्रभावित कर सकते है.
  • हेल्दी लेवल बनाए रखने और फैट घटाने में मदद करने के लिए प्रोटीन का सेवन किया जाना चाहिए.
  • कार्ब्स का सेवन भी बहुत अहम होता है रिसर्च के अनुसार ताकत बढ़ाने की ट्रेनिंग के साथ कार्ब्स खाने से टेस्टोस्टेरोन लेवल ठीक रहते है.
  • इसके अलावा जरूरी फैट भी टेस्टोस्टेरोन और स्वास्थ के लिए जरूरी होते है.
  • इसलिए पूर्ण अनाज वाली डाइट सबसे बेहतर रहती है और हार्मोन लेवल को संतुलित रखती है.

तनाव कम करना

  • रिसर्च के अनुसार लंबे समय तक स्ट्रेस रहना कॉर्टिसोल हार्मोन के लेवल को बढ़ा सकते है.
  • कॉर्टिसोल हार्मोन के बढ़ने से टेस्टोस्टेरोन का लेवल बहुत तेज़ी से कम हो सकता है.
  • जब एक हार्मोन का लेवल बढ़ता है तो दूसरे हार्मोन का लेवल कम हो जाता है.
  • तनाव और हाई कॉर्टिसोल हार्मोन के कारण ज्यादा भोजन खाने, वजन बढ़ने और शरीर के आसपास खराब बॉडी फैट का स्टोर होना होता है.
  • ऐसा होने पर टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम हो जाता है.
  • अच्छी हेल्द और हार्मोन लेवल के लिए आपको तनाव वाली स्थितियों को कम करना होगा.
  • साथ ही पूर्ण फ़ूड, रेगुलर एक्सरसाइज, अच्छी नींद और संतुलित लाइफस्टाइल से टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ सकता है.

विटामिन डी का सेवन

  • रिसर्च की माने तो इसके कई स्वास्थ लाभ है और यह नैचुरल टेस्टोस्टेरोन बूस्टर के रूप में भी काम करता है.
  • इसके लिए विटामिन डी3 युक्त सप्लीमेंट के साथ सूर्य की रोशनी लेने पर आप करीब 3000 आईयू तक की मात्रा ले सकते है.

विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट

  • वैसे तो मल्टीविटामिन के लाभों पर विश्वभर में चर्चा जारी है लेकिन कुछ विटामिन और मिनरल बहुत लाभ देते है.
  • एक अध्यन के अनुसार, ज़िंक और विटामिन बी सप्लीमेंट से स्पर्म की क्वालिटी 74 फीसद तक बेहतर होती है.
  • एथलीट्स द्वारा ज़िंक का सेवन किया जाता है क्योंकि इससे टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ता है.
  • कुछ अध्ययनों की माने तो विटामिन ए, सी और ई हमारे सेक्स हार्मोन और टेस्टोस्टेरोन लेवल में अहम भूमिका निभाते है.

अच्छी नींद लेना

  • हेल्थ और डाइट के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है.
  • यह टेस्टोस्टेरोन लेवल को भी प्रभावित करती है.
  • अच्छी नींद न सिर्फ टेस्टोस्टेरोन लेवल बल्कि पूरी हेल्थ के लिए अच्छी होती है.
  • इसके लिए जरूरी है कि 7 से 10 घंटों की नींद लेना.

अश्वगंधा

  • इसे कई प्रकार के रोगों में इलाज में लिया जाता है.
  • लेकिन अश्वगंधा का इस्तेमाल पुरूषों में इंफर्टिलिटी की समस्या होने पर भी किया जाता है.
  • यह टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ाकर काम करता है. 

अदरक

  • इसका सेवन करने से टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि होती है.
  • सेक्सुअल हेल्थ के अलावा यह आम स्वास्थ समस्याओं में भी लाभ देती है.
  • साथ ही सेक्स हार्मोन के लेवल को बढ़ाती है.

एस्ट्रोजन को सीमित करना

  • अच्छी सेक्स लाइफ के लिए टेस्टोस्टेरोन लेवल और सेक्स हार्मोन अहम भूमिका निभाते है.
  • एस्ट्रोजन जैसे केमिकल का हाई एक्सपोजर होने से यह लेवल प्रभावित होते है.
  • इसलिए प्लास्टिक जैसी चीज़ो में मौजूद केमिकल से बचना चाहिए.
  • शराब और किसी प्रकार के नशे से बचना चाहिए क्योंकि यह इसका स्तर बढ़ा देते है.

टेस्टोस्टेरोन का लेवल क्यों मायने रखता है?

  • 25 से 30 वर्ष की आयु के बीच टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने शुरू हो जाते है.
  • रिसर्च के अनुसार, कम टेस्टोस्टेरोन लेवल और मोटापा एक दूसरे से लिंक है.
  • इसके अलावा समय से पहले मौत होने का भी रिस्क बढ़ जाता है.
  • हेल्दी टेस्टोस्टेरोन लेवल के साथ एस्ट्रोजन और प्रोगेस्टेरोन हार्मोन महिलाओं के लिए भी जरूरी है.

अंत में

हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोन होते है, सभी का अलग-अलग काम होता है. महिला व पुरूष दोनों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन होता है. पुरूषों की बात करें तो टेस्टोस्टेरोन मुख्य सेक्स हार्मोन होता है जबकि महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा काफी कम होती है. साथ ही महिलाओं में और भी सेक्स हार्मोन होते है.

आसान शब्दों में समझने की कोशिश करें तो यह एक प्रकार का स्टेरॉयड हार्मोन होता है जो पुरूषों के टेस्टिकल्स और महिलाओं की ओवरी में बनता है.

पुरूषों में प्युबर्टी (यौवनावस्था) आने पर कई प्रकार के शारीरिक बदलाव जैसे मांसपेशीयां बढ़ना, आवाज़ भारी होना और बालों का बढ़ना आदि बदलाव टेस्टोस्टेरोन के लेवल बढ़ने से होते है.

हालांकि, जीवनभर इसके लेवल को बनाए रखना बहुत जरूरी होता है. अगर युवाओं की बात करें तो अच्छे स्वास्थ, रोग से बचाव, शारीरिक बनावट, सेक्सुअल फंक्शन आदि के लिए टेस्टोस्टेरोन का हेल्दी लेवल रहना जरूरी होता है.

टेस्टोस्टेरोन लेवल के तेज़ी से बढ़ने से मांसपेशी बनाने और जीवन शक्ति बढ़ाने का काम कुछ हफ्तों में हो जाता है.

महिला व पुरूष दोनों के स्वास्थ और अच्छी सेक्स लाइफ के लिए यह बहुत जरूरी रोल पैदा करता है.

रिसर्च के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ ही महिला व पुरूष दोनों को ध्यान रखना चाहिए कि उनके टेस्टोस्टेरोन के लेवल बढ़े रहें.

इसलिए हम सभी को हेल्दी लाइफस्टाइल और टेस्टोस्टेरोन लेवल को बेहतर करने के लिए जरूरी चीज़े करनी चाहिए क्योंकि इससे न सिर्फ हेल्थ बल्कि हमारा शरीर भी बेहतर होता है.

References –

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