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याददाश्त बेहतर करने के घरेलू उपाय – memory improve tips in hindi

याददाश्त बेहतर करने के घरेलू उपाय – memory improve tips in hindi

हम में से बहुत से लोग ऐसे होते है जिन्हें कई कारणों के चलते चीज़े या बातें याद रखने में परेशानी होती है. ऐसे लोगों की याददाश्त कमज़ोर होने लगती है जिस कारण वह चीज़ो को भूलने लगते है.

हालांकि, कभी – कभी चीज़े याद न आना या भूल जाना कोई खासा भूलने की बिमारी नही दर्शाता है और न ही इसका लक्षण है. परंतु इस समस्या का लंबा हो जाना और ज्यादा भूलने लगने पर परेशानी हो सकती है.

ऐसी स्थितियों जैसे मेमोरी लॉस, खासकर अल्ज़ाइमर रोग वाली न्यूरोलॉजिकल कंडीशन होने में जेनेटिक्स काफी बड़ा कारण होते है.

रिसर्च की मानें तो हमारे लाइफस्टाइल और डाइट का असर हमारी याद रखने की क्षमता पर काफी ज्यादा पड़ता है. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है याददाश्त बढ़ाने के कुछ ऐसे ही उपाय जिन्हें आप घर पर भी कर सकते है –

चीनी का उपयोग कम करना

  • चीनी का अधिक सेवन करन से कई तरह की स्वास्थ स्थिति और गंभीर रोग होने का ख़तरा रहता है.
  • साथ ही चीनी के अतिरिक्त सेवन से हमारे याद रखने की क्षमता को भी नुकसान पहुँचता है.
  • रिसर्च की माने तो अधिक शुगर डाइट से दिमाग की याद रखने वाली क्षमता कम होती है.
  • खासकर दिमाग में शॉर्ट टर्म मेमोरी को स्टोर करने वाले हिस्से पर प्रभाव पड़ता है.
  • इसलिए किसी भी फ़ूड में ज्यादा चीनी मिलाकर पीने से नुकसान होता है.
  • नोट – ध्यान रहें कि फ़ूड्स में मौजूद प्राकृतिक शुगर से कोई नुकसान नही होता है.

ओमेगा-3 फैटी एसिड

  • हमारे संपूर्ण हेल्थ के लिए ईपीए(EPA) और डीएचए(DHA) जरूरी होते है, जो फिश ऑयल में काफी अधिक होते है.
  • इनके नियमित सेवन करने से हार्ट से संबंधित रोगों का रिस्क कम होता है.
  • साथ ही इससे सूजन, जलन, तनाव और घबराहट जैसी स्थितियों में राहत मिलती है.
  • उसी तरह यह हमारे दिमाग को भी हेल्दी रखने में बहुत कारगर है.
  • कई अध्ययनों के अनुसार, वृद्ध लोगों में फिश ऑयल या फिश ऑयल स्पलीमेंट का सेवन करने से याद रखने की क्षमता बेहतर होती हैं.

मेडिटेशन के लिए समय निकालें

  • इसे करने से न केवल आपको पॉजीटिव रहने और सोचने बल्कि पूरी हेल्थ में कई तरह के लाभ होते है.
  • मेडिटेशन करने पर तनाव और दर्द में कमी के अलावा काफी रिलैक्स भी मिलता है.
  • इसे करने से ब्लड प्रेशर भी कम होना और याद रखने की क्षमता में सुधार देखने को मिलता है.
  • साथ ही इसे करने से हमारे दिमाग में न्यूरॉन सेल बढ़ जाते है.
  • मेडिटेशन करने से सभी आयु के लोगों में दिमाग की क्षमता का सुधार होता है.

हेल्दी वजन बनाए रखना

  • अपने शरीर और दिमाग पर नियंत्रण रखने के लिए वजन पर कंट्रोल करना बहुत जरूरी है.
  • काफी सारे अध्ययनों की माने तो मोटापा आने के कारण दिमाग की क्षमता भी कम हो जाती है.
  • मोटापा होने के कारण अल्ज़ाइमर होने की भी आशंका बढ़ जाती है.

पूरी नींद लेना

  • कम या पूरी नींद न लेने से भी चीज़े याद रखने में समस्याएं हो सकती है.
  • हमारे दिमाग के ठीक से फंक्शन करने के लिए नींद का पूरा होना बहुत जरूरी होता है जिससे आप बातों को याद रख सकें.
  • अगर आपकी रोज़ कम नींद लेते है तो यह आपकी याददाश्त को भी प्रभावित कर सकता है.

शराब का सेवन कम करना

  • काफी सारे लोग शराब या इससे बनी चीज़ो का अधिक सेवन करते है जिसका उल्टा प्रभाव उनके दिमाग और सेहत पर पड़ता है.
  • शराब के दिमाग पर न्यूरोटॉक्सिक प्रभाव होते है जिसके रोज़ाना सेवन से याद रखने की क्षमता इफेक्ट होती है.
  • इसलिए शराब आदि चीज़ों के सेवन से बचना चाहिए.

दिमाग की कसरत

  • अपने दिमाग की क्षमता को बेहतर करन के लिए ऐसे गेम्स खेले जा सकते है जिनसे दिमाग की एक्सरसाइज हो जाती है.
  • ऐसे बहुत से गेम्स होते है जैसे – क्रॉसवर्ड, शब्द याद रखने वाले या ऐसी बहुत सारी मोबाइल एप्स है जो दिमाग को काफी बेहतर तरीके से ट्रेन करने में काफी सहायक है जिससे याद रखने की क्षमता बेहतर होती है.
  • दिमाग के मजबूत होने से डिमेंशिया जैसी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है.

कार्ब्स का सेवन कम करना

  • खराब कार्ब्स जैसे – केक, कूकीज़, सफेद चावल और सफेद ब्रेड का ज्यादा सेवन करने मेमोरी को नुकसान पहुँचता है.
  • इन फूड्स का हाई ग्लािसेमिक लेवल होता है जिससे यह जल्दी पच जाते है लेकिन इससे ब्लड शुगर लेवल भी बहुत तेज़ी से बढ़ता है.
  • अध्ययनों के अनुसार वेस्टन देशों में खाएं जाने वाले भोजनों में खराब कार्ब्स की मात्रा ज्यादा होती है जिस कारण डिमेंशिया, याद न रख पाना और दिमाग के याद रखने वाले फंक्शन प्रभावित होते है.

विटामिन डी लेवल का पता होना

  • हमारे शरीर में बहुत सारी चीज़ो में विटामिन डी बहुत जरूरी है.
  • इसका लेवल कम होने से की प्रकार की स्वास्थ समस्याएं जिसमें याद रखने की क्षमता हानि होना भी शामिल है.
  • ठंडी जगहों पर विटामिन डी की कमी होना काफी आम है खासकर डार्क स्कीन वाले लोगों में इसकी संभावना ज्यादा रहती है.

एक्सरसाइज करना

  • पूरे शरीर और दिमाग के लिए एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है.
  • रिसर्च के अनुसार बच्चों से लेकर अधिक आयु वाले लोगों तक के लिए एक्सरसाइज करने से याद रखने की क्षमता के साथ साथ दूसरे हेल्थ बेनिफिट भी है.
  • ऐसा करने से शरीर में न्यूरॉन की ग्रोथ और विकास होता रहता है जिससे दिमाग बेहतर होता है.

एंटी इंफ्लामेटरी फ़ूड का सेवन करना

  • अपनी डाइट में एंटी-इंफ्लामेटरी फूड्स का सेवन अधिक करने से याददाश्त बेहतर होती है.
  • फ्री रेडिकल के कारण होने वाले तनाव और जलन, डाइट में मिलने वाले एंटीऑक्सिडेंट की मदद से कम होते है.
  • इसके लिए आप अपनी डाइट में बैरीज़ को शामिल कर लाभ उठा सकते है.

करक्यूमिन

  • यह हल्दी में मौजूद एक तत्व होता है जिसमें पॉलीफेनोल्स नाम का कंपाउंड होता है.
  • करक्यूमिन एक प्रकार का एंटी-ऑक्सिडेंट है जिसके हमारे शरीर में अच्छे एंटी-इंफ्लामेटरी इफेक्ट होते है.
  • हालांकि, इसके मानव अध्ययन सीमित है लेकिन जानवरों पर हुए अध्ययनों ने मेमोरी बूस्ट करने वाले रिजल्ट दिखाएं है.

कोकोआ का सेवन ज्यादा करना

  • यह सिर्फ स्वादिष्ट न होकर बल्कि न्यूटिशियस भी होता है.
  • इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट की पॉवरफुल डोज़ होती है जिसे फ्लेवोनॉयड्स कहा जाता है.
  • फ्लेवोनॉयड्स को दिमाग के लिए बेहतर माना जाता है.
  • इसके सेवन से ब्लड फ्लो बढ़ जाता है जिसमें याददाश्त बढ़ाने वाले दिमाग के कई हिस्से होते है.
  • चॉकलेट के अधिक फायदे उठाने के लिए डार्क चॉकलेट का सेवन किया जाना चाहिए.

अंत में

अपनी याददाश्त को बेहतर करने के लिए कई आसान, टेस्टी तरीके मौजूद है. दिमाग और शरीर की एक्सरसाइज के साथ अच्छी क्वालिटी चॉकलेट के अलावा अपनी डाइट में चीनी के सेवन को कम करने से आप बेहतर लाभ उठा सकते है. इन्हें अपनी रोज़ाना के रूटीन में शामिल करने से न सिर्फ दिमाग के स्वास्थ बल्कि याददाश्त भी काफी बेहतर हो सकती है.