आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है पुदीने के फ़ायदों के बारे में –

पुदीना के फ़ायदे – mint benefits

अपच में लाभ

  • पुदीना को पेट संबंधी परेशानियों जैसे पेट खराब होना और अपच में राहत देने के लिए जाना जाता है.
  • अपच की समस्या तब होती है जब भोजन पेट में लंबे समय तक रहता है और पाचन तंत्र तक नहीं पहुंचता है.
  • कई अध्ययनों में देखने को मिला है कि पुदीना का सेवन करने से भोजन पेट में तेज़ी से गुजरता है जिससे अपचन नहीं होता.

स्तनपान दर्द को कम करने

  • स्तनपान कराने वाली माताओं द्वारा निप्पल पर छाले व उभार जैसा महसूस होता है जिससे स्तनपान करवा पाना दर्द के साथ मुश्किल हो जाता है.
  • स्टडी के अनुसार, स्किन पर पुदीना लगाने से स्तनपान संबंधी दर्द से राहत मिल सकती है.
  • कुछ अध्ययनों में देखने को मिला है कि पुदीना ऑयल को हर बार स्तनपान के बाद लगाने से दर्द और निप्पल क्रैक कम हो जाते है.

पोषक तत्वों में पूर्ण

  • इसमें कम कैलोरी, आयरन, फोलेट, मैग्नीज़, विटामिन ए, फ़ाइबर होते है.
  • पुदीना का स्वाद काफी अच्छा होता है इसे कई रेसिपी में जोड़ा जा सकता है.
  • पुदीना को विटामिन ए का अच्छा सोर्स माना जाता है, जो फैट सॉल्यूबल विटामिन होता है.
  • यह फैट सॉल्यूबल विटामिन आंखों की हेल्थ और रात के विजन के लिए जरूरी है.
  • साथ ही दूसरे हर्ब्स और स्पाइस की तुलना में इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी अधिक होते है.
  • जबकि मुक्त कणों के कारण होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट काफी जरूरी होते है.

सांसों की बंदबू से राहत

  • सांसों की बदबू से राहत पाने के लिए पुदीना फ्लेवर वाली चिंगम खा सकते है.
  • विशेषज्ञों के अनुसार, काफी सारे मुंह की गंध दूर करने वाले प्रोडक्ट कुछ घंटे ही काम करते है.
  • हालांकि, यह प्रोडक्ट सिर्फ सांसों की गंध को कवर करते है और बैक्टीरिया को कम नहीं करते है.
  • जबकि पुदीना की ताज़ा पत्तियों का सेवन करने से मुंह की गंध के साथ साथ बैक्टीरिया भी मरता है. 

दिमाग के फंक्शन को बेहतर करने

  • पाचन में सहायक होने के अलावा पुदीने की खुशबू के भी कई लाभ होते है.
  • पुदीने की खुशबू के बेनेफिट्स में दिमाग का फंक्शन बेहतर करने में मदद शामिल है.
  • कई अध्ययनों में देखने को मिला है कि पुदीने की खुशबू को सूंघने से याद्दाश्त बेहतर होती है.
  • साथ ही घबराहट, थकान और निराशा में कमी देखने को मिलती है.
  • हालांकि सभी अध्ययन एक ही बात से सहमत नहीं होते है लेकिन अधिकांश रिसर्च का मानना है कि इससे दिमाग का फंक्शन बेहतर होता है.

डाइट में आसानी से शामिल होना

  • आप पुदीना को ग्रीन सलाद, मिठाई, स्मूदी और पानी के साथ ले सकते है.
  • जबकि पेपरमिंट चाय भी डाइट में शामिल करने का एक तरीका है.
  • आप ताज़ा पत्तियो या सूखाकर इस्तेमाल कर सकते है.
  • स्किन पर लगा भी सकते है या कैप्सूल आदि के रूप में भी लिया जा सकता है.

इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम में राहत

  • यह सबसे आम पाचन संबंधी डिसऑर्डर होता है.
  • इसके दौरान पेट में दर्द, गैस, पेट पूलना और मल त्याग की आदतों में बदलाव होता है.
  • आईबीएस के इलाज में डाइटरी बदलाव और दवाओं का सेवन शामिल होता है.
  • रिसर्च के अनुसार, पुदीना का सेवन करने से पेट की परेशानी में मदद मिलती है.
  • इसमें मेंथॉल नाम का कंपाउंड होता है जो पाचन तंत्र की मांसपेशियों को रिलैक्स करके आईबीएस लक्षणों में राहत देकर मदद करता है.

अंत में

भारत में भोजन के अलावा आयुर्वेद आदि चिकित्सा समेत घरेलू उपाय और रसोई में पुदीना का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. इसे भोजन में ताज़ा व सूखाकर दोनों रूप से उपयोग किया जाता रहा है.

चाय, सलाद, फ़ूड्स और पेय पदार्थों आदि में पुदीना काफ़ी लोकप्रिया रहा है. पुदीना के कई लाभ होते है, रिसर्च के अनुसार पुदीना को स्किन पर लगाया जा सकता है.

इसकी खुशबू के कई फ़ायदे होते है या इसे कैप्सूल के रूप में भी लिया जा सकता है.

कई सारे पेय पदार्थों और भोजन में पुदीना स्वाद के साथ साथ काफी हेल्दी भी होता है. इसे आसानी से कई डाइट में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा यह एरोमाथेरेपी, स्किन के लिए, कैप्सूल आदि के रूप में लिया जा सकता है.

पुदीने के फ़ायदों में दिमाग का फंक्शन अच्छा करने, अपच के लक्षण में राहत, स्तनपान के दर्द में आराम, सांस की बदबू और सर्दी के लक्षणों में राहत मिलती है.

References –

 

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