जानें सोयाबीन के फायदे, पोषण मूल्य, प्लांट कंपाउंड और साइड इफेक्ट –

सोयाबीन के फायदे – What are the health benefits of soybeans in hindi?

हड्डियों का स्वास्थ्य

  • ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी कंडीशन है जिसमें हड्डियों का डेंसिटी कम होने के अलावा फ्रैक्चर का रिस्क बढ़ जाता है.
  • यह कंडीशन अधिक आयु वाली महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है.
  • सोयाबीन का सेवन करने से मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के रिस्क को कम किया जा सकता है.

मेनोपॉज लक्षण का निवारण करने

  • यह वह समय होता है जब महिलाओं के जीवन में मासिक धर्म बंद हो जाता है.
  • इसके दौरान अधिक पसीना आना, हॉट फ्लैश, मूड स्विंग्स आदि होते है.
  • साथ ही एस्ट्रोजन लेवल में कमी देखने को मिलती है.
  • एशिया में अच्छे खानपान के चलते महिलाएं ऐसे लक्षणों का अनुभव कम करती है.

कैंसर रिस्क को कम करने

  • आज के समय में दुनियाभर में मौतों के सर्वाधिक कारणों मे से एक कैंसर है.
  • सोय प्रोडक्ट का सेवन महिलाओं द्वारा अधिक करने से ब्रेस्ट टिश्यू में विकास देखने को मिलता है.
  • जिससे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है.
  • अध्ययनों में देखने को मिला है कि सोयाबीन का सेवन पुरूषों में प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के लिए काफी प्रभावी है.
  • कुछ सोयाबीन कंपाउंड में कैंसर से बचाव करने वाले प्रभाव होते है.

सोयाबीन का पोषण मूल्य – Nutrition facts about Soybeans in hindi

प्रति 100 ग्राम उबले सोयाबीन में –

  • 173 कैलोरी
  • 63 फीसदी पानी
  • 16.6 ग्राम प्रोटीन
  • 3 ग्राम शुगर
  • 9.9 ग्राम कार्ब्स
  • 6 ग्राम फाइबर
  • 9 ग्राम फैट
  • 1.3 ग्राम सैचुरेटिड फैट
  • 1.98 ग्राम मोनोअनसैचुरेटिड फैट
  • 5.06 ग्राम पॉलीअनसैचुरेटिड फैट
  • 0.6 ग्राम ओमेगा-3
  • 4.47 ग्राम ओमेगा-6

फाइबर

  • सोयाबीन में सॉल्यूबल और इनसॉल्यूबल दोनों प्रकार के फाइबर मौजूद होते है.
  • इसमें मौजूद इनसॉल्यूबल फाइबर के कारण संवेदनशील लोगों में पेट फूलना और डायरिया का कारण बन सकता है.
  • कुछ लोगों में सोयाबीन के साइड इफेक्ट के अलावा इसमें मौजूद सॉल्यूबल फाइबर को हेल्दी माना जाता है.

कार्ब्स

  • कार्ब्स में कम होने के अलावा सोयाबीन का ग्लाइसैमिक इंडैक्स भी काफी कम होता है.
  • जिस कारण सोयाबीन का सेवन करने के बाद अचानक से ब्लड शुगर लेवल में तेजी नहीं देखने को मिलती है.
  • इसी कारण डायबिटीज वाले रोगियों के लिए सोयाबीन काफी अच्छे रहते है. 

फैट

  • सोयाबीन की ऑयलसीड्स का उपयोग सोयाबीन ऑयल बनाने के लिए भी किया जाता है.
  • इसमें ड्राई वेट का 18 फीसदी फैट होता है जिसमें पॉलीअनसैचुरेटिड फैट, मोनोअनसैचुरेटिड फैटी एसिड समेत थोड़ी मात्रा में सैचुरेटिड फैट भी होता है.

प्रोटीन

  • सोयाबीन को प्लांट आधारित प्रोटीन का बेस्ट सोर्स माना जाता है.
  • 172 ग्राम सोयाबीन में करीब 29 ग्राम प्रोटीन होता है.
  • साथ ही सोया प्रोटीन का पोषण मूल्य भी अच्छा होता है.
  • कुछ लोगों को सोयाबीन में पाए जाने वाले प्रोटीन से एलर्जी भी हो सकती है.
  • सोय प्रोटीन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल के लेवल में कमी देखने को मिलती है.

सोयाबीन में मौजूद विटामिन और मिनरल

  • विटामिन के1 – इसका प्रकार दलहनों में पाया जाता है जो ब्लड क्लॉटिंग में अहम भूमिका निभाता है.
  • फोलेट – इसे विटामिन बी9 के रूप में जाना जाता है. गर्भावस्था के दौरान यह बहुत जरूरी है.
  • मोलिब्डेनम सोयाबीन में इसकी मात्रा काफी अधिक होती है. यह सीड्स, दलहन, अनाज में पाया जाता है.
  • कॉपर – वेस्टर्न डाइट में इसकी कमी होती है जिसके कारण हार्ट के स्वास्थ पर असर पड़ता है.
  • मैग्नीज – यह अधिकांश फ़ूड्स और पेय पदार्थों में पाया जाता है.
  • फोस्फोरस – सोयाबीन को इस मिनरल का अच्छा सोर्स माना जाता है.
  • विटामिन बी1 – थियामाइन के नाम से भी जाना जाता है जो शरीर के फंक्शन के लिए बहुत जरूरी है.

सोयाबीन में मौजूद अन्य प्लांट कंपाउंड – Other plant compounds in soybeans in hindi

फाइटिक एसिड

  • यह सभी प्लांट सीड्स में पाया जाता है.
  • साथ ही जिंक और आयरन जैसे मिनरल अवशोषण को प्रभावित करता है.
  • इन एसिड के लेवल सोयाबीन को उबालने, स्पाउटिंग आदि करने से कम हो सकते है.

सैपोनिन

  • अध्ययनों में इसने जानवरों पर असर दिखाया है.
  • जिसमें कोलेस्ट्रॉल लेवल में कमी देखने को मिली है.

आइसोफ्लेवोंस

  • दूसरे फ़ूड्स की तूलना में सोयाबीन में आइसोफ्लेवोंस की मात्रा काफी अधिक होती है.
  • आइसोफ्लेवोंस एक यूनिक फाइटोन्यूट्रिएंट होता है जो फीमेल सेक्स हार्मोन एंस्ट्रोजन को दर्शाता है.
  • यह एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है जिसके कई हेल्थ बेनिफिट्स होते है.

सोयाबीन के संभावित साइड इफेक्ट – Concerns & possible side effects of soybeans in hindi

पेट फूलना और डायरिया

  • अन्य दलहन की तरह सोयाबीन में इनसॉल्यूबल फाइबर होता है जो संवेदनशील लोगों में पेट फूलना या डायरिया जैसे लक्षण पैदा कर सकता है.
  • अनहेल्दी न होकर यह लक्षण बेकार महसूस करवा सकते है.
  • जबकि इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम होने पर सोयाबीन के सेवन से बचना चाहिए या बहुत लिमीट कर देना चाहिए.

सोय एलर्जी

  • फ़ूड एलर्जी एक कॉमन कंडीशन है जिसका कारण कुछ भोजन में मौजूद तत्वों के प्रति खतरनाक इम्यून रिएक्शन होता है.
  • सोय एलर्जी का कारण सोय प्रोटीन होता है जो इसे ट्रिगर करता है.

थायराइड फंक्शन कम होना

  • सोय प्रोडक्ट का ज्यादा सेवन करने से कुछ लोगों में थायराइड फंक्शन का दमन हो सकता है.
  • परिणामस्वरूप उन्हें हाइपोथायरॉइडिज्म हो सकता है.
  • हाइपोथायरॉइडिज्म एक ऐसी कंडीशन है जिसमें थायराइड हार्मोन का प्रोडक्शन काफी कम होता है.
  • अगर आसान शब्दों में समझे तो सोय प्रोडक्ट का नियमित सेवन करने से संवेदनशील लोगों में हाइपोथायरॉइडिज्म हो सकता है.
  • विशेषकर से जिन लोगों का थायराइड ग्लैंड अंडरएक्टिव है. (जानें – थायराइड कैंसरे के बारे में)

FAQs – Soybeans in hindi

सोयाबीन में क्या पाया जाता है?

सोयाबीन क्यों नहीं खाना चाहिए?

  • 100 ग्राम सोयाबीन में 20 ग्राम फैट होता है.
  • अगर आप मोटापे से परेशान है तो इसका सेवन करने से पहले सोचें.
  • सोयाबीन वजन बढ़ने का कारण बन सकता है.

क्या सोयाबीन खाने से वजन बढ़ता है?

  • अगर आप किसी प्रकार की वर्कआउट आदि नहीं करते है तो सोयाबीन वजन बढ़ने का कारण बन सकता है.
  • जबकि इसका उपयोग सही तरीके से करने पर हेल्दी रूप से वजन कम करना और वजन बढ़ाना किया जा सकता है.

सोयाबीन का दाना खाने से क्या फायदा है?

  • मानसिक संतुलन को अच्छा करने
  • याददाश्त को बेहतर बनाने
  • दिल की बीमारियों में लाभ
  • हाई बीपी की परेशानी को कम करने
  • लिवर को फायदा पहुंचाने में मदद

अंत में

सोयाबीन मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते है और इनमें अच्छी मात्रा में कार्ब्स और फैट मौजूद होते है. साथ ही यह कई विटामिन, मिनरल और जरूरी प्लांट कंपाउंड से भरपूर होते है.

References –

 

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