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विटामिन बी-12 फ़ूड्स – vitamin b12 foods in hindi

विटामिन बी-12 फ़ूड्स – vitamin b12 foods in hindi

कई तरह के जानवरों से संबंधित प्रोडक्ट में पाएं जाने वाला विटामिन बी12 वाटर सॉल्यूबल विटामिन है. यह हमारे शरीर को रेड ब्लड सेल्स और डीएनए बनाने में मदद करने के अलावा हमारे नर्वस सिस्टम को हेल्दी रखता है.

अगर आप मांसाहार का सेवन करते है तो आपके लिए डाइट में विटामिन बी12 लेना आसान रहता है. लेकिन निम्न स्थितियों में विटामिन बी12 की रोजाना की जरूरत पूरी नही हो पाती है –

  • गर्भवती होने
  • शाकाहारी आहार
  • खून की कमी
  • आयु ज्यादा होना
  • पाचन समस्या

इसके अलावा कुछ दवाओं के कारण भी हमारे शरीर में विटामिन बी12 के लेवल कम हो सकते है जैसे –

  • प्रोटोन पंप इनहिबीटर्स
  • एच2 रिसेप्टर एंटागोनिस्ट
  • मेटाफॉर्मिन

टॉप विटामिन बी12 फ़ूड्स – vitamin b12 foods in hindi

ब्रेकफास्ट सीरियल्स

  • नाश्ते में सीरियल्स लेना विटामिन बी12 की अच्छी सोर्स मानी जाती है.
  • इसके अलग ब्रेंड में अलग मात्रा होती है.
  • अच्छी मात्रा वाले प्रोडक्ट को चुनें.

दूध

  • दूध को विटामिन बी12 की अच्छी सोर्स माना जाता है.
  • इसे कैल्शीयम और विटामिन डी का भी अच्छा सोर्स माना जाता है.
  • अगर आप फैट और कैलोरी का सेवन कम करना चाहते है तो ऐसे में लो फैट या टोन्ड दूध पीना चाहिए.

दही

  • इससे विटामिन बी-12 के साथ कैल्शीयम, विटामिन डी और जरूरी प्रोबायटिक्स के लाभ मिलते है.
  • अगर आप रोजाना दही का सेवन करते है तो ध्यान रखें दही को बिना चीनी के खाएं.

अंडे

  • हालांकि यह मछली और मांस की तरह हाई विटामिन बी12 का सोर्स नही होते है.
  • लेकिन इसमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है.
  • अधिक विटामिन बी12 के लिए अंडे को दूध के साथ लेने से लाभ मिलता है.

चिकन ब्रेस्ट

  • आसानी से उपलब्ध होने वाला यह फ़ूड विटामिन बी12 के अलावा नियासिन में हाई होता है.
  • इसके अलावा यह कोलेस्ट्रोल को भी कम करने में मदद करता है.

साल्मन

  • इस फैटी फिश के कई हेल्थ बेनेफिट्स होते है.
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड की अच्छी सोर्स होने के साथ विटामिन बी12 का लाभ भी देती है.
  • साथ ही यह हार्ट रोग, स्ट्रोक और कोलेस्ट्रोल कम करने में मदद करती है.
  • ब्लड प्रेशर को लो करने के साथ शरीर की इंफ्लामेशन भी कम होती है.

शकाहारी विटामिन बी12 फ़ूड्स – vegan vitamin b12 foods in hindi

  • ब्रेकफास्ट सीरियल्स
  • चावल
  • एनर्जी बार
  • नॉन डेयरी दूध
  • न्यूट्रिशनल यीस्ट

विटामिन बी12 की कमी से बचने के लिए सिर्फ शाकाहारी डाइट पर निर्भर नही रहा जाना चाहिए. इसके लिए फॉर्टिफाइड दूध के साथ प्रोबायोटिक्स का सेवन किया जाना चाहिए जिससे बी12 का अवशोषण बेहतर रूप से हो सके.

विटामिन बी12 फ्रूट्स – vitamin b12 fruits in hindi

  • विटामिन बी12 फलों में नही पाया जाता है.
  • लेकिन विटामिन बी के अन्य तत्व फलों में होते है जो हमारे शरीर के लिए जरूरी है.
  • अधिकतर फलों में फॉलिक एसिड हाई होता है.
  • साथ ही यह हाई फाइबर के सोर्स भी होते है.
  • हाई फाइबर डाइट लेने से मोटापा, हार्ट रोग और डायबीटिज़ का खतरा कम हो जाता है.

विटामिन बी12 क्यों जरूरी है – why vitamin b12 is important in hindi

हमारे शरीर को विटामिन बी12 की जरूरत होती है जबकि इसे हमारा शरीर खुद से नही बना सकता है. इस कारण हमें विटामिन बी12 वाले फ़ूड्स का सेवन करना चाहिए. अगर आप विटामिन बी12 का सेवन नही करते है तो आपको निम्न विटामिन बी12 की कमी के लक्षण देखने को मिल सकते है –

  • कब्ज
  • वजन कम होना
  • भूख न लगना
  • थकान
  • कमजोरी
  • याद्दाश्त की समस्याएं
  • संतुलन की समस्या
  • डिमेंशिया
  • सुन्न होना और टिंगलिंग
  • मुंह के छाले

जब आपके शरीर में विटामिन बी12 की कमी होती है तो आपका शरीर खुद से हेल्दी रेड ब्लड सेल्स नही बना पाता है. जिस कारण से नए सेल्स बनने से पहले ही पुराने सेल्स खत्म हो जाते है. जबकि इलाज न मिलने पर मेगालॉब्लास्टिक अनेमिया हो सकता है जो विटामिन बी12 की कमी के कारण होता है.

इस कंडीशन के हो जाने पर आप डाइट से विटामिन बी12 की पूर्ण मात्रा नही ले पाते है और इसके इलाज के लिए विटामिन बी12 इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है. 

विटामिन बी12 की कमी के लक्षणों का पता लगाने के लिए आपको टेस्ट और उपचार की जरूरत पड़ती है. खून की कमी के लक्षणों में –

  • डायरिया
  • कमजोरी
  • भूख कम लगना
  • पीलापन
  • ज्यादा थकान होना आदि

विटामिन बी12 की रोजाना की जरूरत – vitamin b12 daily requirements in hindi

विटामिन बी12 की रोजाना की जरूरत आपकी आयु पर निर्भर करती है.

  • आयु 0 से 6 महीने (दोनों लिंग) – 0.4 एमसीजी
  • आयु 7 से 12 महीने (दोनों लिंग) – 0.5 एमसीजी
  • आयु 1 से 3 वर्ष (दोनों लिंग) – 0.9 एमसीजी
  • आयु 4 से 8 वर्ष (दोनों लिंग) – 1.2 एमसीजी
  • आयु 9 से 13 वर्ष (दोनों लिंग) – 1.8 एमसीजी
  • आयु 14 और उससे अधिक (दोनों लिंग) – 2.4 एमसीजी
  • गर्भवती महिलाएं – 2.6 एमसीजी
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं – 2.8 एमसीजी

किसी भी गर्भवती महिला के लिए जरूरी है कि वह विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा लें जिससे शिशु को विटामिन बी12 की कमी के साथ जन्म न लेना पड़े.

अंत में

मांसाहार का सेवन करने वाले अधिकतर लोगों को विटामिन बी12 की पूर्ण मात्रा आसानी से मिल जाती है. शकाहारी भोजन काने वाले लोग जो दूध का सेवन नही करते है उनके लिए इसकी कमी को पूरा करना काफी चुनौती पूर्ण हो सकता है. लेकिन ऐसे बहुत सारे फ़ूड्स है जो विटामिन बी12 में पूर्ण होने के साथ आपके अन्य पोषक तत्वों की जरूरत को पूरा करते है.

इसके अलावा कुछ मेडिकल कंडीशन वाले लोगों को विटामिन बी12 की मात्रा लेने में समस्या होती है. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरत पड़ने पर विटामिन बी12 का इंजेक्शन लिया जाता है. अगर आपको विटामिन बी की कमी के लक्षण है तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए. साथ ही उनके द्वारा बताए गए उपचार को फॉलो करना चाहिए.