Select Page

विटामिन-सी की अच्छी मात्रा वाले फ़ूड्स – vitamin c rich foods in hindi

विटामिन-सी की अच्छी मात्रा वाले फ़ूड्स – vitamin c rich foods in hindi

हमारे शरीर के लिए जरूरी विटामिनों में से एक विटामिन-सी, अधिकतर फलों और सब्जियों से मिल जाता है. एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण इसका हमारी त्वचा और इम्यूनिटी सिस्टम पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

विटामिन सी की फायदा हमारे जोड़ने वाले टिश्यू, हड्डियाँ, दांत, छोटी ब्लड धमनियाँ आदि में होता है. जबकि हमारा शरीर खुद से विटामिन सी नही बना पाता और न ही स्टोर कर पाता है. इसलिए रोज़ाना की डाइट के जरिए इसका सेवन करना जरूरी हो जाता है.

रोज़ाना पूरे दिन में विटामिन सी की 90 एमजी मात्रा का सेवन किया जाना चाहिए. जबकि ऐसा न होने पर उन्हें विटामिन सी की कमी के लक्षण जैसे – मसू़ड़ों से खून आना, चोट लगना, इंफेक्शन, घाव का जल्दी से न भरना, खून की कमी आदि हो सकते है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है विटामिन सी की अच्छी मात्रा वाले फ़ूड्स – 

विटामिन सी की अच्छी मात्रा वाले शाकाहारी फ़ूडस – vegetarian vitamin c rich foods in hindi

आलूबुखारा (काकाडु प्लम)

  • संतरो की तुलना में इसमें 100 गुना अधिक विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है.
  • इसके अलावा यह पोटेशियम, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट लूटिन का भी अच्छा सोर्स होता है.
  • यह आँखों की हेल्थ के लिए अच्छा होता है.
  • रोज़ाना एक आलूबुखारा खाने से पूरे दिन की विटामिन सी जरूरत पूर्ण हो जाती है.

बारबाडोस चेरी

  • एक कप करीब -करीब 49 ग्राम लाल चेरी करीब 822 एमजी विटामिन सी प्रदान करती है.
  • जानवरों पर हुए अध्ययनों से पता चला है कि इसमें कैंसर रोधी गुण भी होते है.
  • साथ ही यह स्कीन की क्षति और खराब डाइट के कारण हुए डीएनए क्षति को भी ठीक करता है.
  • लेकिन इंसानों पर हुए अध्ययनों में ऐसा कुछ नही देखने को मिला है.

रोज हिप्स फ्रूट

  • यह छोटा, खट्टे-मीठे स्वाद वाला फल होता है जो विटामिन सी से पूर्ण होता है.
  • छह रोज हिप्स फल करीब 119 एमजी विटामिन सी की मात्रा उपलब्ध कराते है.
  • इसके अलावा यह फल एजिंग में भी यह बहुत फायदा देता है.
  • अध्ययनों के अनुसार, विटामिन सी के नियमित उपभोग से सूरज की रोशनी के कारण होने वाले स्कीन के नुकसान, झुर्रिया कम होना, ड्राईनेस, मलिनिकरण आदि समस्याओं से बचाव होता है.
  • साथ ही विटामिन सी से चोट के भरने और डर्मेटाइटिस जैसी स्कीन इंफ्लामेशन कंडीशन ठीक होती है.

मिर्च

  • एक हरी मिर्च में 109 एमजी विटामिन सी होता है. जिसके मुकाबले लाल मिर्च में इसकी मात्रा 65 एमजी होती है.
  • साथ ही यह केप्साइसिन नाम के कंपाउंड का अच्छा सोर्स होती है जिस कारण यह तीखी होती है.
  • केप्साइसिन को दर्द और जलन कम करने के लिए जाना जाता है.
  • कुछ तथ्यों के अनुसार एक चम्मच करीब 10 ग्राम लाल मिर्च पाउडर को फैट बर्न करने के लिए भी उपयोग में लिया जा सकता है.

अमरूद

  • एक अमरूद में 126 एमजी विटामिन सी होता है जो लाइकोपीन एंटीऑक्सीडेंट में पूर्ण होता है.
  • इसका फायदा ब्लड प्रेशर लो करने के अलावा पूरे कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करने के लिए किया जाता है.

पीली शिमला मिर्च

  • पकने के बाद इनमें विटामिन सी की मात्रा अधिक हो जाती है.
  • इसके ½ कप करीब 75 ग्राम में 137 एमजी विटामिन सी की मात्रा होती है जो हरी शिमला मिर्च से दोगुनी होती है.
  • विटामिन सी की सही मात्रा लेना आंखों के स्वास्थ के लिए बहुत जरूरी होता है.
  • इसके नियमित सेवन से मोतियाबिंद का विकास कम होता है.

काले अंगूर

  • ½ कप करीब 55 ग्राम में 101 एमजी विटामिन सी होता है.
  • इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्लेवोनॉइड के कारण इनका रंग काला होता है.
  • अध्ययनों में पाया गया है कि हाई एंटीऑक्सीडेंट डाइट लेने से ऑक्सीडेंट के कारण होने वाली क्षति कम होती है.
  • जिससे तीव्र रोग जैसे – हार्ट रोग, कैंसर और अन्य बीमारियों से बचाव होता है.

अजवायन

  • संतरों की तुलना में अजवायन में तीन गुना अधिक विटामिन सी की मात्रा होती है.
  • जो इस तरह की भोजन में उपयोग की जाने वाली हर्ब्स में सबसे अधिक है.
  • 28 ग्राम ताज़ा अजवायन में 45 एमजी विटामिन सी होता है.
  • अपने भोजन में 3 से 6 ग्राम के बीच अजवायन लेने से शरीर को फायदा होता है.
  • इससे बेहतर इम्युनिटी, ताकत और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है.
  • सांसों से जुड़ी समस्याओं जैसे गला पकना आदि में अजवायन काफी लाभ देती है.
  • सबसे जरूरी कि विटामिन सी में ज्यादा होने की वजह से यह एंटीबॉडिज़ बनाने, वायरसों को खत्म करने और बैक्टीरिया वाले इंफेक्टेड सेल्स को साफ करती है.

अज़मोद

  • 2 चम्मच करीब 8 ग्राम अज़मोद लेने से 10 एमजी विटामिन सी मिलता है.
  • प्लांट आधारित सोर्स की तुलना में यह भी विटामिन सी अच्छी मात्रा में देते है.
  • साथ ही नॉन हेमे आयरन का अवशोषण करते है जिससे आयरन की कमी दूर होती है.
  • शाकाहरीयों के लिए यह विटामिन सी का बहुत अच्छा सोर्स है.

सरसो पालक

  • एक कप कच्चे काटे हुए सरसो पालक में 195 एमजी विटामिन सी होता है.
  • हालांकि इसे पकाने से विटामिन सी की मात्रा कम हो जाती है.
  • लेकिन पकाने के बाद इसके एक कप में 117 एमजी विटामिन की मात्रा रहती है.
  • इसके अलावा दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों की ही तरह सरसो पालक विटामिन ए, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीज़, फाइबर और फोलेट में भी हाई होता है.

काले

  • इसके एक कप में 80 एमजी तक विटामिन सी होता है.
  • इसके अलावा काले में विटामिन के, कैरोटेनॉइड लूटिन और ज़ियेजैंथिन होता है. 
  • एक कप पके हुए काले में 53 एमजी विटामिन सी होता है.
  • पकाने से इसमें विटामिन सी की मात्रा कम हो जाती है.
  • काले में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो क्रोनिक इंफ्लामेट्री रोगों कम करते है.

किवी

  • इसके मीडियम पैक में 71 एमजी विटामिन सी की मात्रा होती है.
  • अध्ययनों के अनुसार, किवी फल से ऑक्सीडेंटिव स्ट्रेस कम होना, कोलेस्ट्रोल लेवल कम होना और बेहतर इम्यूनिटी देखने को मिलती है.
  • साथ ही इससे ब्लड क्लॉट और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है.
  • विटामिन सी की कमी वाले लोगों को दिन में 2 किवी फ्रूट खाने चाहिए.

ब्रोकोली

  • 1 ½ कप पकी हुई ब्रोकोली सब्जी में 51 एमजी तक विटामिन सी होता है.
  • ऐसा कई अध्ययनों में देखा गया है कि ज्यादा विटामिन सी वाली सब्जियाँ खाने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेल कम होता है.
  • साथ ही कैंसर का रिस्क कम होता है, हार्ट रोग से बचाव और प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर होती है.

लीची

  • एक लीची में करीब 7 एमजी विटामिन सी होता है.
  • साथ ही लीची में ओमेगा-3 फैटी एसिड और ओमेगा-6 फैटी एसिड भी होते है जो दिमाग, हार्ट और ब्लड वेसल्स को लाभ देते है.
  • हालांकि लीची पर कोई अध्ययन मौजूद नही है लेकिन यह विटामिन सी की अच्छी सोर्स होती है.

स्प्राउट्स

  • 1 ½ कप पके हुए स्प्राउट्स में 49 एमजी तक विटामिन सी होता है.
  • इसके अलावा यह हाई फाइबर, विटामिन के, फोलेट, विटामिन ए, मैग्नीज़ और पोटेशियम के अच्छे सोर्स होते है.
  • हड्डियों के स्वास्थ के लिए विटामिन सी और विटामिन-के दोनों महत्वपूर्ण होते है.
  • बोन के फाइबर वाले पार्ट के बनने में विटामिन सी मदद करता है.

नींबू

  • एक नींबू में 83 एमजी तक विटामिन सी होता है.
  • जबकि इसका जूस एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है.
  • फलों और सब्जियों को काटने से इनमें मौजूद एंजाइम में ऑक्सीजन मिल जाती है जिससे ऑक्सीडेशन होती है.
  • जिसके बाद फल ब्राउन रंग का हो जाता है.
  • त्वचा के खुले हिस्से पर नींबू का रस लगाने से त्वचा के मलिनीकरण से बचा जा सकता है.

पपीता

  • एक कप करीब 145 ग्राम पपीता में 87 एमजी विटामिन सी होता है.
  • इसके अलावा विटामिन सी याददाश्त बेहतर करने के साथ साथ दिमाग पर एंटी-इंफ्लामेटरी इफेक्ट से बचाव करता है.

स्ट्रॉबेरी

  • इसके एक कप या 152 ग्राम में 89 एमजी तक विटामिन सी होता है.
  • इसके अलावा यह फोलेट, मैग्नीज़, फ्लेवानॉइड और अन्य एंटीऑक्सीडेंट का बेहतर सोर्स होते है.
  • साथ ही यह कैंसर से बचाव, डिमेंशिया और डायबीटिज जैसे रोगों से बचाव करते है.
  • यह दिमाग और हार्ट के स्वास्थ में मदद करते है.

संतरे

  • एक मीडियम साइज के संतरे में 70 एमजी तक विटामिन सी होता है.
  • इसके सेवन से विटामिन सी की मात्रा काफी हद तक पूरी हो जाती है.
  • इसके अलावा अन्य रसभरे फ्रूट भी आपकी विटामिन सी जरूरतों को पूरा कर सकते है.

अंत में

विटामिन सी हमारे शरीर में बहुत से महत्वपूर्ण कार्य करने और रोगों से बचाव के लिए जरूरी होता है. जिसमें सबसे जरूरी – हमारा बेहतर इम्यून सिस्टम, जोड़ने वाले टिश्यू, हार्ट का स्वास्थ और ब्लड वेसल्स की हेल्थ है.

इसकी सही मात्रा न मिलने पर शरीर पर कई नाकारात्मक प्रभाव हो सकते है. हालांकि रस वाले फल विटामिन सी की अच्छी मात्रा के सोर्स होते है लेकिन इसके अलावा भी अन्य फल और सब्जियाँ है जो इसकी अच्छी सोर्स है.

ऊपर बताए गए फलों का सेवन करके आप अपनी रोज़ाना की विटामिन सी जरूरतों को पूरा कर सकते है और खुद को अनेक प्रकार के रोगों से बचाव कर सकते है.

References –

Share:

About The Author

Kartik bhardwaj

Hi, I have an experience of more than 6 years Ex - Tangerine(To the New), DD News, ABP News, RSTV, Express Magazine and Lybrate Inc.