इस लेख में आप जानेंगे बालों के सफेद होने के कारण और बचाव के बारे में –

सफेद बालों के कारण – white hair causes

जिन लोगों के बालों का रंग काला होता है उनके सिर पर सफेद बालों को जल्दी से नोटिस किया जा सकता है. साथ ही सफेद बालों को आयु बढ़ने के संकेत के रूप में देखा जाता है. (जानें – बालों के लिए चावलों के पानी के बारे में)

वहीं आपके हाई स्कूल या कॉलेज के दिनों में बिना रंग वाले हेयर स्ट्रेंड दिख सकते है. अगर आप किशोरावस्था के अंतिम चरण या जीवन में 20 के दशक की आयु में हैं तो आपको सिर पर एक या अधिक सफेद बाल दिख सकते है.

बालों के पिगमेंटेशन को फिर से बहाल करने के तरीके है लेकिन वह इसके सफेद होने के कारणों पर निर्भर करते है. समयपूर्व बालों के सफेद होने के सामान्य कारण –

ऑटोइम्यून रोग

  • समयपूर्व बालों के सफेद होने के कारणों में से एक ऑटोइम्यून रोग भी है.
  • इसके होने का कारण शरीर द्वारा इम्यून सिस्टम के सेल्स को अटैक करना होता है.
  • एलोपेशिया और विटिलिगो के मामलों में, इम्यून सिस्टम बालों को अटैक कर पिगमेंट खोने के कारण बनता है.

स्मोकिंग

  • समयपूर्व बालों के सफेद होना और स्मोकिंग के बीच लिंक है.
  • एक अध्ययन के अनुसार, सिगरेट पीने और 30 साल की आयु से पहले बालों के सफेद होना शुरू होने के बीच कनेक्शन पाया गया.
  • ऐसा पहले तथ्यों में बताया गया है कि स्मोकिंग करने से फेफड़ों के कैंसर और हार्ट रोग का रिस्क बढ़ जाता है.
  • जबकि लंबे समय के प्रभाव फेफड़ों और हार्ट से कहीं अधिक जाकर बालों पर भी पड़ जाते है.
  • स्मोकिंग करने से ब्लड वैसल्स संक्रीण हो जाती है जिससे हेयर फॉलिकल्स तक ब्लड फ्लो कम हो जाता है और बाल झड़ने लगते है.

तनाव

  • समय समय पर सभी को तनाव का सामना करना पड़ता है.
  • क्रोनिक तनाव के परिणामस्वरूप – नींद में परेशानी, भूख में बदलाव, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर आदि होते है.
  • तनाव का असर आपके बालों पर भी पड़ता है.
  • साल 2013 में जानवरों पर हुए अध्ययन में देखा गया कि तनाव और हेयर फॉलिकल्स के स्टेम सेल्स में कमी में कनेक्शन देखा गया.
  • अगर आप बालों के सफेद स्ट्रेंड को नोटिस करते है तो इसका कारण तनाव भी हो सकता है.

थायराइड डिसऑर्डर

  • हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायइडिज्म जैसी थायराइड समस्या के कारण हार्मोन बदलाव होते है जिसके कारण भी समय से पहले बालों को सफेद होना देखने को मिलता है. (जानें – थायराइड कैंसर के बारे में)
  • गले के बेस पर मौजूद तीतली के आकार का ग्लैंड थायराइड होता है.
  • थायराइड का मुख्य काम शरीर में मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करना होता है.
  • थायराइड की हेल्थ बालों के रंग को प्रभावित कर सकती है.
  • ओवरएक्टिव या अंडरएक्टिव थायराइड के कारण शरीर में मेलेनिन कम विकसित होता है.

जेनेटिक्स

  • बालों का रंग सफेद होने में मेकअप एक अहम रोल निभाता है.
  • आयु के शुरूआती सालों में सफेद बालों का अर्थ होता है कि आपके माता पिता या दादा दादी के भी उस आयु पर सफेद बाल होंगे.
  • आप जेनेटिक्स को बदल नहीं सकते है लेकिन सफेद बालों के पसंद न होने पर आप उन्हें कलर कर सकते हैं.

विटामिन बी-12 की कमी

  • कम आयु में सफेद बालों का होना शरीर में विटामिन बी-12 की कमी को दर्शाता है.
  • हमारे शरीर को एनर्जी देने, बालों के रंग और ग्रोथ के लिए विटामिन बी-12 काफी जरूरी होता है.
  • विटामिन बी-12 की कमी एनीमिया संंबंधी एक कंडीशन से जुड़ी होती है जिसमें शरीर इस विटामिन का जरूरी मात्रा में सेवन नहीं कर पाता है.
  • शरीर में हेल्दी रेड ब्लड सेल्स के लिए विटामिन बी-12 की जरूरत होती है.
  • रेड ब्लड सेल्स का काम शरीर अलग अलग सेल्स तक ऑक्सीजन पहुंचाना होता है जिसमें हेयर सेल्स भी शामिल है.
  • इसकी कमी के कारण हेयर सेल्स कमजोर होने के अलावा मेलेनिन विकास प्रभावित हो सकता है.

क्या बालों का सफेद होना नॉर्मल है?

  • आयु बढ़ने के साथ ही बालों के रंग में बदलाव को असामान्य घटनाक्रम नहीं होता है.
  • दुनिया के परिपेक्ष में बात करें तो युवा व्यक्ति के सिर पर काले, ब्राउन, लाल या ब्लॉड बाल हो सकते है.
  • लेकिन आयु के बढ़ने पर आप सिर के कुछ हिस्सों में बालों का पतला होना नोटिस कर सकते हैं.
  • इसके अलावा आपको बालों के रंग में बदलाव देखने को मिल सकता है जैसे ग्रे या सफेद होना आदि.
  • हमारे शरीर पर हेयर फॉलिकल्स होते है जो स्किन सेल्स को लाइन करने वाली छोटी थैली जैसे होते है.
  • जबकि बालों के फॉलिकल्स में पिगमेंट सेल्स होते है जिसे मेलेनिन कहा जाता है. यह सेल्स आपके बालों को रंग देते है. (जानें – सफेद बालों के घरेलू उपाय)
  • परंतु आयु बढ़ने के साथ ही हेयर फॉलिकल्स अपने पिगमेंट खो देते है जिस कारण बाल सफेद हो जाते है.

क्या बालों को सफेद होने से बचाया जा सकता है?

  • सफेद बालों से बचाव या फिर से काला करना इसके कारणों पर निर्भर करता है.
  • जेनेटिक्स कारण होने पर ऐसा कुछ नहीं है जिससे स्थाई रूप से बचाव किया जा सके.
  • किसी हेल्थ समस्या को होने पर डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए और सफेद बालों का कारण जानने चाहिए.
  • किसी अंतनिर्हित समस्या के कारण सफेद बालों की परेशानी हो सकती है. जिसका इलाज करने पर पिगमेंटेशन लौट सकता है लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है.
  • एक अध्ययन के अनुसार, थायराइड समस्या के कारण सफेद बाल, हार्मोन थेरेपी ट्रीटमेंट के बाद फिर से काले हो सकते है.
  • विटामिन बी-12 इंजेक्शन या गोलियां लेने से इसकी कमी को कम किया जा सकता है.
  • साथ ही इससे हेयर फॉलिकल्स की हेल्थ और नैचुरल रंग को फिर से प्राप्त करने में सहायक हो सकता है.
  • तनाव या स्मोकिंग के कारण बालों के सफेद होने के मामलों में ऐसे तथ्य उपलब्ध नहीं है जो इसे सपोर्ट करें.

References –

 

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