आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है साबुत अनाज वाले फ़ूड्स की लिस्ट के बारे में –

साबुत अनाज वाले फ़ूड्स – whole grain foods

ब्राउन चावल

  • दुनियाभर में इसे सफेद चावल के विकल्प के रूप में देखा जाता है.
  • ऐसा इसलिए क्योंकि ब्राउन राइज में साबुत अनाज की सारी लेयर होती है.
  • जबकि सफेद चावलो में सिर्फ एक लेयर बचती है. (जानें – ब्राउन चावल और सफेद चावलों में क्या होता है अंतर)
  • जिस कारण ब्राउन राइज में विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट अधिक होते है.
  • इसमें मोजूद तत्वों के कारण यह ब्लड प्रेशर कम करने, इंफ्लामेशन और खराब कोलेस्ट्रोल को घटाने में मदद करते है.

जौ

  • यह सेलेनियम, मैग्नीज़, जिंक, कॉपर, फोस्फोरस, पोटेशियम, फ़ाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन बी में हाई होता है.
  • बाजार में आपको इसके कई प्रकार मिल सकते है.
  • साथ ही ही ग्लूटेन फ्री नहीं होता है.

मक्का

  • इसमें चावल और गेहूँ से अधिक पोषक तत्वों का मात्रा उपलब्ध होती है.
  • बिना प्रोसेस वाले मक्का में हाई कॉपर, जिंक, फोस्फोरस, मैग्नीज़, विटामिन बी, एंटीऑक्सीडेंट, पोटेशियम आदि मौजूद होते है.
  • कई अध्ययनों में देखने को मिला है कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मैकुलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद के रिस्क को कम करते है. (जानें – ग्लूटेन फ्री फ़ूड्स के बारे में)
  • इन दोनों को अंधापन का मुख्य कारण माना जाता है.

राई

  • इसका उपयोग कई सदियों से किया जा रहा है.
  • यह गेहूँ से अधिक पोषक तत्वों से पूर्ण होता है.
  • इसमें अधिक मिनरल और कम कार्ब्स होते है.
  • इसलिए गेहूँ की तुलना में राई के सेवन के बाद ब्लड शुगर लेवल एकदम से तेजी से नहीं बढ़ता है.
  • साथ ही राई में फ़ाइबर हाई होता है.
  • रिसर्च के अनुसार डाइटरी फ़ाइबर का सेवन करने से आंतो में कार्ब्स का अवशोषण धीमा हो जाता है.
  • जिससे ब्लड शुगर का लेवल धीमा बढ़ता है.

किनोआ

  • कई सालों से उपयोग किए जा रहे फ़ूड्स में से एक है.
  • इसमें विटामिन, फ़ाइबर, मिनरल, प्रोटीन आदि होते है.
  • यह एंटीऑक्सीडेंट का सोर्स होने के कारण शरीर से फ्री रेडिकल्स को दूर करता है.
  • फ्री रेडिकल्स के कारण हार्ट रोग, कैंसर, क्रोनिक इंफ्लामेशन आदि हो सकते है.
  • यह कुछ प्लांट में से एक है जिसमें सभी जरूरी अमिनो एसिड मौजूद होते है.

कूटू

  • इसमें कई सारे पोषक तत्व मौजूद होते है जैसे फ़ाइबर, विटामिन बी, फोस्फोरस, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम आदि.
  • साथ ही कूटू प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन फ्री होता है.
  • कूटू में प्रतिरोधक स्टार्च होता है जो ब्लड शुगर कंट्रोल को बेहतर करने, पाचन स्वास्थ, हार्ट हेल्थ और वजन घटाने में मदद करता है.

मकई

  • इसे हेल्दी स्नैक्स में से एक माना जाता है.
  • इसके विशेष गुण गर्म पकाएं जाने पर यह फुल जाता है.
  • इनमें फ़ाइबर, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, फोस्फोरस, विटामिन बी के कई प्रकार मौजूद होते है.
  • बाजार में मिलने वाले मकई में कई अनहेल्दी फैट, नमक, प्लेवर आदि मौजूद होते है जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते है. 

साबुत अनाज वाले पास्ता

  • यह साबुत अनाज से बने हुए होते है जिससे इनमें विटामिन, मिनरल और फ़ाइबर मौजूद होते है.
  • साथ ही फ़ाइबर सामग्री ज्यादा होने के कारण इसका सेवन करने के बाद भूख आदि कम लगती है.
  • हालांकि यह किनोआ और ब्राउन राइज जितना हेल्दी नहीं होता है लेकिन साबुत अनाज से बना होता है.

दलिया

  • इसे सब्जी, सलाद आदि के साथ मिलाकर बनाया जा सकता है.
  • इसमें आयरन, मैग्नीज और मैग्नीशियम होता है.
  • फ़ाइबर का सोर्स होने के साथ ही यह इंफ्लामेशन को कम करने, हार्ट रोग के रिस्क को घटाने और कुछ कैंसरो के अंदेशे को भी कम करता है.

ओट्स

  • ओट्स को हेल्दी अनाज के रूप में विश्वभर में जाना जाता है.
  • इसमें न सिर्फ विटामिन, मिनरल और फ़ाइबर होता है बल्कि यह नैचुरल रूप से ग्लूटेन फ्री होते है.
  • यह एंटीऑक्सीडेंट में रिच होते है, जो लो ब्लड प्रेशर और कोलन कैंसर के रिस्क को कम करने से लिंक होता है. 
  • साथ ही ओट्स सॉल्यूबल फ़ाइबर के अच्छे सोर्स होते है जो पाचन में सहायक होने के अलावा पोषण का बेहतर अवशोषण करते है.
  • साबुत अनाज वाले ओट्स का सेवन करना चाहिए, जबकि फटाफट ओट्स आदि से बचना चाहिए उनमें अतिरिक्त शुगर होती है.

ब्रेड

  • साबुत अनाज से बनी ब्रेड को डाइट में शामिल करना आसान है.
  • बाजार में कई प्रकार की ऐसी ब्रेड उपलब्ध है जिनका सेवन किया जा सकता है.
  • ब्रेड को कई रूप से सैंडविच आदि या दाल आदि को बीच में रखकर खाया जा सकता है.

बाजरा

  • इसका उपयोग सदियो से भोजन में किया जाता रहा है.
  • पोषक तत्वों में पूर्ण होने के साथ साथ यह मैग्नीशियम, मैग्नीज़, जिंक, पोटेशियम, आयरन, फाइबर और कुछ विटामिन बी के प्रकार इसमें मौजूद होते है.
  • नैचुरल रूप से यह ग्लूटेन मुक्त होता है.
  • रिसर्च के अनुसार यह इंफ्लामेशन, ट्राइग्लिसराइड्स और ब्लड शुगर लेवल को बेहतर करने में मदद करता है.

साबुत गेहूँ

  • यह काफ़ी पॉपुलर और कई तरह के सीरियल्स में उपयोग किए जाने वाला अनाज है.
  • इसमें पास्ता, नूड्ल, पकी हुए वस्तु आदि शामिल होते है.
  • गेहूँ काफी लोकप्रिय है लेकिन इसमें ग्लूटेन की मात्रा भी होती है.
  • कुछ लोगों को ग्लूटेन से परेशानी होती है जो इम्यून के नाकारात्मक प्रभाव को ट्रिगर कर सकता है.
  • जबकि जिन लोगों को ग्लूटेन संबंधी कोई परेशानी नहीं होती है वह इसे डाइट में आसानी से शामिल कर सकते है.
  • साबुत गेहूँ में डाइटरी फ़ाइबर, मिनरल, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते है.

अंत में

पूरी दुनिया में अनाज सभी घरों की रसोई में मिलता है. साबुत अनाज हाई आयरन, मैग्नीशियम, मैग्नीज़, फोस्फोरस, सेलेनियम, डाइटरी फ़ाइबर और विटामिन बी से पूर्ण होते है.

रिफाइंड अनाज के स्थान पर साबुत आनाज को चुनने से कई तरह के रोगों का रिस्क कम हो जाता है जैसे हार्ट रोग, टाइप 2 डायबिटीज, कैंसर आदि.

साबुत अनाज बहुत कम प्रोसेस होते है इसलिए रिफाइंड फ़ूड्स से कहीं अधिक पोषक तत्वों से पूर्ण होते है.

रिफाइंड अनाज के स्थान पर साबुत अनाज का सेवन करने से काफी सारे हेल्थ बेनेफिट्स मिल सकते है जैसे क्रोनिक रोगों का रिस्क कम होना जिसमें कैंसर, हार्ट रोग, टाइप 2 डायबिटीज शामिल है.

इसके अलावा किसी अन्य समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से बात कर संपर्क किया जाना चाहिए.

References –

 

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