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अश्वगंधा के हेल्थ बेनेफिट्स – ashwagandha health benefits in hindi

अश्वगंधा के हेल्थ बेनेफिट्स – ashwagandha health benefits in hindi

अश्वगंधा भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाई जाती है. अश्वगंधा एक बहुत ही बेहतरीन प्राकृतिक औषधीय जड़ी बूटी है, जिसका सेवन शरीर की अनेकों समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है. इस जड़ी बूटी को भारतीय जीन्सेंग या विंटर चेरी भी कहा जाता है. 

अश्वगंधा का अर्थ ‘घोड़े की गंध’ है, जो इसकी जड़ों की विशिष्ट गंध को दर्शाता है. अश्वगंधा मुख्य रूप से को दिमाग के लिए बेहतर बताया जाता है. इसके अलावा तनावग्रस्त लोगों को भी अश्वगंधा का सेवन करने की सलाह दी जाती है. 

अश्वगंधा एक अनुकूलन है और तनाव से लड़ने में मदद करता है. इसको अक्सर पुनर्योजक के रूप में प्रयोग किया जाता है. यह एक शामक, अनुत्तेजक, मूत्रवर्धक और शारीरिक ऊर्जा और धीरज बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. 

भारत में, मस्तिष्क संबंधी विकारों जैसे कि स्मृति हानि के इलाज के लिए अक्सर बुजुर्ग मरीजों को अश्वगंधा का विवरण दिया जाता है. अश्वगंधा का उपयोग मुख्य रूप से अश्वगंधा चूर्ण के रूप में किया जाता है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है अश्वगंधा के फायदे जिन्हें आज की साइंस भी मानती है –

अश्वगंधा के फायदे – ashwagandha benefits in hindi

यह एक प्राचीन औषधीय जड़ी बूटी है

  • अश्वगंधा आयुर्वेद में सबसे महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों में से एक है. 
  • प्राकृतिक चिकित्सा के भारतीय सिद्धांतों पर आधारित वैकल्पिक चिकित्सा का एक रूप है. 
  • यह तनाव को दूर करने, ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और एकाग्रता में सुधार के लिए पिछले 3,000 से ज्यादा वर्षों से उपयोग की जा रही है. 
  • इसका वानस्पतिक नाम विथानिया सोम्निफेरा है. 
  • इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, जिसमें भारतीय जिनसेंग और शीतकालीन चेरी शामिल हैं.
  • अश्वगंधा का पौधा पीले फूलों वाला एक छोटा झाड़ी होता है जो भारत और उत्तरी अफ्रीका का मूल है. 
  • पौधे की जड़ या पत्तियों से अर्क या पाउडर का उपयोग विभिन्न स्थितियों के उपचार के लिए किया जाता है. 
  • इसके कई स्वास्थ्य लाभों के लिए इसकी उच्च सांद्रता विथेनाओलाइड्स को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो सूजन और ट्यूमर के विकास से लड़ने में काफी प्रभावी मानी जाती है.

ब्लड शुगर के लेवल को कम करने

  • कई तरह के अध्ययनों में, अश्वगंधा को ब्लड शुगर के लेवल को कम करने के लिए बताया गया है.
  • साथ ही यह मस्ल सेल्स में इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर करने में मददगार होती है.
  • कई मानव अध्ययनों ने भी स्वस्थ लोगों और डायबीटिज़ से ग्रसित लोगों में ब्लड शुगर के लेवल को कम करने की अपनी क्षमता की पुष्टि की गई है.

कैंसर में उपयोगी

  • कुछ समय से विज्ञान भी आयुर्वेदिक औषधियों के गुणों को मानने लगा है. 
  • इसी के पक्ष में यह बात सामने आई है कि इसमें कैंसर प्रतिरोधी क्षमता होती है. 
  • इसमें मौजूद एंटीट्यूमर गुण इसे कैंसर से लड़ने के काबिल बनाते हैं.
  • अध्ययनों में देखा गया है कि इसके नियमित उपयोग से नए कैंसर सेल्स की ग्रोथ बाधित होती है.
  • इसके अलावा जानवरों पर हुए अध्ययनों में देखा गया है कि यह ब्रेस्ट, फैफड़ो, कोलन और ओवेरियन कैंसर के इलाज में प्रभावी है.
  • हालांकि, इंसानों पर इसे लेकर शोध अभी जारी है.  

तनाव और घबराहट को कम करने

  • इसे तनाव को कम करने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
  • जानवरों पर अध्ययनों में यह देखने को मिला कि अश्वगंधा का सेवन करने वाले चूहों में स्ट्रेस वाले केमिकल सिगन्ल को ब्लॉक करके काम किया.
  • इंसानों पर हुए कुछ अध्ययनों में तनाव और घबराहट के लक्षण कम होते भी देखे गए.

कोर्टिसोल हार्मोन के लेवल को कम करने

  • इसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है. 
  • यह स्ट्रेस या ब्लड शुगर लेवल के बहुत कम हो जाने के कारण एड्रेनल ग्लैंड से निकलते है.
  • कुछ मामलों में कोर्टिसोल लेवल गंभीर रूप से कम हो जाते है.
  • जिसके कारण पेट पर फैट जमा होने लगती है और हाई ब्लड शुगर लेवल देखने को मिलते है.

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बूस्ट करने और फर्टिलिटी बढ़ाने

  • अश्वगंधा की डोज टेस्टोस्टेरोन के लेवल और फर्टिलिटी हेल्थ पर शक्तिशाली प्रभाव डाल सकती है. 
  • एक अध्ययन में पाया गया कि अश्वगंधा लेने वाले पुरुषों में उच्च एंटीऑक्सीडेंट लेवल देखा गया.
  • साथ ही इससे बेहतर शुक्राणु की गुणवत्ता के अलावा स्पर्म काउंट बढ़ा हुआ देखने को मिला है. 

सूजन व जलन जैसी उत्तेजनाओं को कम करने

  • कई अध्ययनों में देखा गया है कि इससे सूजन में कमी आती है.
  • इंसानों पर हुए अध्ययन में यह भी देखने को मिला है कि इसके सेवन से इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सेल्स बेहतर होते है.
  • साथ ही यह इम्यून सेल्स को इंफेक्शन से लड़ने और हेल्दी रहने में मदद करती है.
  • इसके सेवन से सूजन के कारण वाले तत्वों में कमी आती है.
  • इसे हार्ट रोग के खतरे को भी कम करने के लिए जाना जाता है.

कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने 

  • इसके एंटी-इंफ्लामेटरी प्रभावों के अलावा, अश्वगंधा कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करके हृदय के स्वास्थ्य में सुधार करता है. 
  • अध्ययन में पाया गया है कि अश्वगंधा इन ब्लड फैट को काफी कम कर देता है.

याददाश्त बेहतर करने

  • रोग या चोट के कारण प्रभावित होने पर अश्वगंधा बहुत लाभ देता है.
  • इससे हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाव होता है और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ती है.
  • प्राचीन समय से इसका उपयोग याददाश्त बेहतर करने के लिए किया जाता है.

मांसपेशियों और ताकत को बढ़ाने के लिए

  • अनुसंधान से पता चला है कि अश्वगंधा शरीर की संरचना में सुधार कर सकती है और ताकत बढ़ा सकती है. 
  • जबकि दूसरे अध्ययन में यह सिद्ध हुआ कि अश्वगंधा लेने वालों को मांसपेशियों की ताकत और आकार में काफी अधिक लाभ हुआ है.
  • साथ ही यह शरीर के फैट प्रतिशत में कमी को दोगुना कर देता है.
  • इसके लिए कम से कम 30 दिन तक इसका सेवन किया जाना चाहिए.

डिप्रेशन के लिए लाभकारी

  • अश्वगंधा केवल तनाव से राहत में मदद नहीं करता है, बल्कि यह मस्तिष्क को अवसाद से बचाता है. 
  • यह अल्जाइमर, अवसाद और चिंता के लक्षणों में सुधार करता है. 
  • मस्तिष्क समस्याओं के उपचार में अश्वगंधा के प्रभावशाली होने के मुख्य कारणों में से एक यह है कि इसके शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में वृद्धि लाने वाले मुक्त कणों को नष्ट कर देते हैं. 
  • इसके साथ ही मनोदशा सुधारता है. चिंता और अवसाद दोनों के उपचार में अश्वगंधा प्रभावी है. 
  • अश्वगंधा का प्रमुख लाभ यह है कि एंटी-डिप्रेशन और विरोधी-चिंता वाली दवाओं की तुलना में इसे लेकर कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया नहीं होती है, जो भयानक साइड इफेक्ट भी कर सकते हैं.

क्या अश्वगंधा सभी के लिए सुरक्षित है? – Is it safe to take ashwagandha in hindi

  • अधिकतर लोगों के लिए अश्वगंधा सुरक्षित सप्लीमेंट है जिसके लंबे समय के प्रभावों के बारे में कुछ भी अध्ययन मौजूद नही है.
  • जबकि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके सेवन से बचना चाहिए.
  • इसके अलावा ऑटोइम्यून रोग वाले लोगों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए.
  • साथ ही रूमेटॉइड अर्थेराइटिस, ल्यूप्स, टाइप 1 डायबीटिज़ वाले रोगियों को भी सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
  • थायराइड की दवा लेने वाले रोगियों को इसके सेवन के समय सावधानियाँ बर्तनी चाहिए.
  • इससे ब्लड शुगर और बीपी के लेवल कम हो सकते है.
  • अश्वगंधा का रस ज्यादा प्रभावी होता है.

अंत में

प्रचीन समय से इस्तेमाल की जा रही इस मेडिकल हर्ब के काफी सारे हेल्थ बेनेफिट्स होते है. इसके सेवन से घबराहट, तनाव, डिप्रेशन, फर्टिलिटी बूस्ट करने और पुरूषों में टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने और दिमाग के फंक्शन को बेहतर करने मदद मिलती है. इसे लेने से अच्छी हेल्थ के साथ लाइफ की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है.

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