मैनेजर की कहानी – Story of manager

आज हम बताने वाले है बल्लवगढ़ की रहने वाली अंकिता की कहानी, जो रोजाना शट्ल बस से अपने ऑफिस गुरूग्राम जाया करती थी .

हुआ ये कि पिछले महीने उन्होनें अपनी नौकरी से त्यागपत्र दिया क्योंकि नोएडा में उन्हें अच्छा जॉब ऑफर मिला. जैसे ही उन्होनें अपने ऑफिस में रिजाइन डाला तो वहां के नियमों के अनुसार उसे 2 महीने कम से कम नोटिस पीरियड सर्व करना था. फिर ऐंट्री होती है कोरोनावायरस की

जिसके बाद कंपनी में ऐसा पैनिक या कहे मौके के फायदा उठाया कि वहां उस नामी कंपनी ने सभी कर्मचारियों को “वर्क फ्रॉम होम” देने की बजाए, नोटिस पीरियड काट रहे लोगों को तत्काल प्रभाव से रिलीज़ कर दिया. जिसके बाद 17 मार्च को अंकिता का लास्ट हो गया. जिसके बाद..

अब हुआ ये कि अंकिता ने अगली जॉइन की जाने वाली कंपनी में बात की, जिसके बाद उन लोगों ने कहा कि हां आप पहले जॉइन कर सकते है.

तय हुआ कि अंकिता 23 मार्च को नोएडा वाली कंपनी जॉइन कर लेंगे. पर हुआ ये कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू होता है. जिसे 31 मार्च तक बढ़ा दिया जाता है. अब जॉइन करने की डेट है 1 अप्रैल, 2020.

मंगलवार यानि 24 मार्च को पीएम फिर 8 बजे टीवी पर आते है और बताते है कि लॉकडाउन 21 दिन के लिए बढाया जा रहा है.

अब हुआ ये है कि अंकिता का फिलहाल नोएडा वाली कंपनी से फिस से कोई संपर्क नही हो पाया है.

दूसरा कि उसकी एक महीने की सैलरी का कुछ पता नही है.

तीसरा – कही ये लॉकडाउन कहीं और अधिक बढ़ जाता है तो क्या कंपनी नौकरी देने की स्थिति में होगी?

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