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तांत्रिक सेक्स क्या है, इसे करने के तरीके और फायदे – all about tantric sex in hindi

तांत्रिक सेक्स क्या है, इसे करने के तरीके और फायदे – all about tantric sex in hindi

तंत्र क्या होता है – what is tantra in hindi

तंत्र का अर्थ होता है खुद अपनी आत्मा से या दो लोगों के बीच कनेक्शन होना. यह शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ एनर्जी के जरिए खुद को जोड़ना होता है.

अभ्यास में इसे खुद को रोशनी दिखाना या दो लोगों में खुद की आत्माओं को मेडिटेटिव, सहज और सेक्स के बारे में बताना होता है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है तांत्रिक सेक्स करने का तरीका

तांत्रिक सेक्स करने का तरीका – tantric sex practices in hindi

खुद के शरीर को जानना

  • योग की ही तरह तंत्र भी खुद के शरीर और आत्मा को जानना है.
  • जब आप तंत्र को सीखते है और प्रैक्टिस करते है तो आप अपने शरीर को बेहतर जान पाते है.
  • इससे आपके शरीर की ज़रूरतों, पसंद और भावनाओं को जानने का मौका मिलता है.
  • साथ ही तांत्रिक सेक्स के दौरान शरीर से एनर्जी का चैनल ऑर्गेज़म को बेहतर करता है.

अगर आपका पार्टनर है तो उनके भी शरीर को जानें

  • यह शरीर और दिमाग को अच्छी सीमा तक पहुँचाने पर फोकस करता है.
  • इसका काम होता है कि आप और आपके पार्टनर के बीच गहरा और अच्छा रिश्ता बनाया जाए.
  • तंत्र प्रैक्टिस करते समय आप और आपके पार्टनर को शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से एक साथ रहना होता है.
  • सेक्स कर लेने के बाद भी एक दूसरे की एनर्जी को फीड करने से ग्रो करने में मदद मिलती है.
  • तंत्र से आपको एक दूसरे के व्यक्तित्व को बेहतर रूप से जानने में मदद मिलती है.
  • जिससे आप अंदर और बाहर मौजूद आत्मा को बेहतर रूप से जान पाते है.

तंत्र प्रैक्टिस के लिए –

  • अपने पार्टनर को बताए कि आप सेक्स लाइफ में क्या पसंद करते या करती हैं और अपने अनुभव को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है.
  • इसके बाद अपने पार्टनर के जवाब को स्वीकार करें, फिर चाहे वह हां या ना कुछ भी हो.
  • आप इसके लिए ऑनलाइन गाइड भी ले सकते है.

अपने दिमाग को कैसे तैयार करें – how to prepare your mind in hindi

यह आध्यात्मिक प्रैक्टिस है जिसमें शरीर के साथ दिमाग का भी अहम रोल होता है. इसके दौरान आपको अपना मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने की कोशिश करनी होती है.

इसके लिए अपने विचारों की स्पष्टता और अपने आराम वाले ज़ोन से बाहर आना होता है. जिसके बाद उन्हें एक करना जरूरी होता है.

कुछ लोगों का मानना है कि 10 से 15 मिनट तक मेडिटेशन करने से दिमाग को तंत्र प्रैक्टिस करने में मदद मिलती है. इससे आपको खुद के विचार जानने में मदद मिलती है.

इसे करने के लिए –

  • सांसों की क्रिया पर फोकस करें – 15 से 30 मिनट की सांस की प्रक्रिया आपके पेट, कमर से होती हुई आपके दिमाग में जाती है जिससे आप स्ट्रेस या अपनी इच्छाओं का पता लगा पाते है.
  • कुछ मिनट के लिए स्ट्रेच करें – इससे हमारे शरीर से नकारात्मक विचार बाहर निकलते है और बेहतर महसूस होता है.
  • दिन में कम से कम 30 मिनट लिखें – इससे आध्यात्मिक ग्रोथ को रोकने वाले विचारों को बाहर निकालने में मदद मिलेगी.

अपना स्पेस कैसे तैयार करें – how to prepare your space in hindi

य़ह एक पवित्र क्रिया है जिसका मतलब सेक्स या ऑर्गेज़म से बढ़कर है. यह वहां तक पहुँचने के लिए है. हमारे आसपास के वातावरण का हमारी सोच और क्षमता पर प्रभाव पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि रिलैक्स करके उस क्षण का आनंद उठाया जाए.

जिसके लिए –

  • आप जिस जगह पर है वहां का तापमान सहज हो.
  • मूड बनाने के लिए कैंडल या छोटे बल्ब लगाए जा सकते है.
  • अपने पसंदीदा सेंट से उस जगह को महका सकते है.
  • रोमेंटिक या सेक्सुअल वाइब को बनाएं.

अकेले होने पर इस क्षण को कैसे बनाएं

अकेले होने पर ऐसे कई तरीके है जिन्हें अपनाया जा सकता है. लेकिन ध्यान रहें कि अंत में हस्तमैथुन करना लक्ष्य नही है. आप अकेले खेल सकते है या वहां तक न जाना भी चुन सकते है.

मेडिटेशन

  • खुद को मुक्त करने के लिए मेडिटेशन से बेहतर कुछ नही है. 
  • इससे एनर्जी फ्लो बनाए रखने में मदद मिलती है.
  • साथ ही शरीर को स्ट्रेंथ मिलती है.

सेल्फ मसाज

  •  खुद अपने शरीर की मसाज करें.
  • इसके लिए आप कोई ऑयल या लोशन का इस्तेमाल कर सकते है.

हस्तमैथुन

  • अकेले का मतलब यह कभी नही होता कि ऑर्गेज़म तक पहुँचा जाए.
  • इसके अलावा आप अपने जनानंगों को जानने के लिए टाइम निकाल सकते है.
  • साथ ही आपको किस चीज़ से ज्यादा आनंद मिलता है यह भी पता लगा सकते है.

अपने पार्टनर के साथ कैसे मूवमेंट बनाए

हमेशा याद रखें कि तंत्रा का मतलब सेक्स से कही ज्यादा होता है. तांत्रिक सेक्स प्रैक्टिस करने के लिए मूवमेंट बनाने के लिए 

फोरप्ले

  • यह कुछ भी हो सकता है जैसे ओरल सेक्स से शुरू करना, मसाज करना, साथ में नहाना आदि.
  • लेकिन ऐसे में एक दूसरे के साथ पूर्ण रूप से उपस्थित रहना जरूरी है.
  • एक दूसरे की आंखों में देखना, सांसों के साथ धीरे से मूव करना.
  • एक दूसरे को कामुखता से छूना जिसमें हाथ, पैर, गर्दन और अन्य पार्ट्स हो सकते है.
  • पांच मिनट बाद चुंभन शुरू करना और अपने शारीरिक सेंसेशन पर फोकस करते हुए उस मूवमेंट को महसूस करना.

सेक्स (ऑप्शनल है)

  • तंत्रा दो लोग के बीच कनेक्शन पर ज़ोर देता है. सेक्स करना या नही यह आपके ऊपर है.
  • अगर आप सेक्स चाहते है तो इसकी शुरूआत धीरे से करें. 
  • इसके अलावा अधिक आनंद के लिए नए सेक्स पोजीशन का इस्तेमाल कर सकते है.
  • इसके अलावा एक दूसरे की पसंद और नापसंद के अनुसार चीज़े ट्राई कर सकते है.

एक दूसरे के ऊपर लेटना या गले लगना

  • इससे एनर्जी का आदान प्रदान करने और गहरा कनेक्शन बनाने में मदद मिलती है.
  • इसके लिए स्पूनिंग पोजीशन कारगर होती है इसमें आपकी पार्टनर अपनी बैक करके लेटी हो और आप अपनी चेस्ट को छूते हुए उन्हें पीछे से कडल करें.
  • इसके अलावा, बिस्तर पर एक दूसरे की आंखों में देखते हुए कडल करना जिसमें आपके हार्ट और पेट एक दूसरे के हार्ट और पेट को छू रहें हों.

तांत्रिक सेक्स के टिप्स और ट्रिक्स – tips and tricks for tantric sex in hindi

प्रैक्टिस को बेहतर करने के साथ अलग और आनंददायक बनाने के लिए कुछ चीज़े की जा सकती है –

  • नेकेड होना अच्छा ऑप्शन है – आप कपड़ों में होना या थोड़ा – थोड़ा करके कपड़े हटाना कर सकते है. यह उस तरीके से हो जिससे आप सहज महसूस करें.
  • अपनी सांसों पर ध्यान दें – गहरी सांसे लेना तंत्रा का अहम हिस्सा है. सांसों पर फोकस करने से आप खुद को उस मूवमेंट में रखने में सहज महसूस कर सकते है जिससे आपका अनुभव बेहतर होता है.
  • अपने सभी सेंस को काम पर लगाएं – खुशबूदार कैंडल जलाई जा सकती है, कुछ हल्के और सेंसुअल गाने चलाए जा सकते है. खुद को और अपने पार्टनर को धीरे से छुएं. एक दूसरे की आंखों में देखे और चुंभन का स्वाद ले सकते है. इससे प्लेजर को और अधिक किया जा सकता है.
  • धीरे से शुरू करें – तंत्रा का सबसे जरूरी भाग है कि हर चीज़ को गहराई से महसूस और अनुभव करना. इसलिए रिलैक्स माइंड के साथ हर मूवमेंट का गहराई से आनंद लिया जाना चाहिए.
  • अपनी और अपने पार्टनर के शरीर के जानें – अपने हाथों को उनके शरीर पर प्यार से स्ट्रोक करें. उन्हें अपनी जीभ से आपके मुंह को चुंभन करने दें. या उनके होंठो को अपनी ब्रेस्ट या चेस्ट पर को भी जानने दें.  
  • एक्सपेरीमेंट – किंक और बीडीएसएम इसके उदाहरण है आप ट्राई कर सकते है.

अपनी सांसों को कैसे सिंक्रनाइज़ करें – how to synchronize your breath in hindi

तांत्रिक प्रैक्टिस के लिए सांसों की क्रिया मुख्य माध्यम है. इससे दिमाग को फ्री करने, शरीर से जुड़ने और सारे सेंशेसन को महसूस करने में मदद मिलती है. इस तकनीक को प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी है कि आप सीधे होकर सहज पोजीशन में होकर बैठे.

तकनीक –

  • आंख बंद करें और पेट को ढ़ीला छोड़ दें.
  • नाक से तेज़ी से सांस लें और छोड़े.
  • हर 15 सेकेंड में कम से कम 3 बार सांस लें और छोड़े.
  • जिसके बाद आराम से सांस लें.
  • 20 सेकेंड बाद फिर से प्रक्रिया को दोहराएं और उसमें 5 सेकेंड जोड़ दें.
  • इसी तरह इसे 1 मिनट तक पहुँचाने की कोशिश करें.

4-7-8 ब्रीथ

  • इससे शरीर से टेंशन निकलती है और शरीर रिलैक्स होता है. इसे पार्टनर के साथ किया जा सकता है.
  • अपनी सांसों को सिंक्रनाइज़ करें.
  • नाक से धीरे से 4 काउंट करने तक सांस लें और मुंह से सांस बाहर छोड़कर मुंह बंद कर लें.
  • जिसके बाद 7 काउंड करने तक अपनी सांस को होल्ड करें.
  • मुंह से छोड़कर, बंद कर लें और 8 तक काउंट करें.
  • इसी तरह इस क्रिया को 3 बार और करें

सांसों को गिनना

  • आंखे बंद करके गहरी सांस लें.
  • जिसके बाद नैचुरल रूप से सांस लेते रहें.
  • सांस लें और 1 तक गिना फिर सांस छोड़ दें.
  • अगली बार 2 तक गिने और सांस छोड़ दें.
  • इसी तरह 5 तक गिने और इसे 10 मिनट तक करें.

तांत्रिक सेक्स के फायदे – tantric sex benefits in hindi

नियमित रूप से इस प्रक्रिया को करने से निम्न फायदे होते है

ऑर्गेज़म कंट्रोल

  • इसे करने के लिए खुद को ऑर्गेज़म के करीब तक ले जाएं और क्लाइमैक्स से पहले रूक जाएं.
  • जिसके बाद शरीर में ऑरेगेस्मिक सेंशेसन, टिंगलिंग को होने दें और फिर से शुरू करें.
  • इसे सिर्फ एक बार न करें, बल्कि इसे तब तक रिपीट करें जब तक आप एक्सप्लोसिव फुल बॉडी ऑर्गेज़म तक न पहुँच जाएं.

स्पॉट मसाज

  • इसके करने के लिए अपने पार्टनर के प्रोस्टेट ग्लैंड या योनि का ऊपरी वाल जिसे जी-स्पॉट कहते है उसे प्यार से रब करें.
  • हीट बनने दें और एनर्जी जनरेट होने दें.
  • क्लाइमैक्स के पास आने तक अपने पार्टनर को इमोशन रिलीज करने दें.