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पुरूष और महिलाओं के निप्पल से जुड़े तथ्य – facts about male and female nipples in hindi

पुरूष और महिलाओं के निप्पल से जुड़े तथ्य – facts about male and female nipples in hindi

हर किसी की अपने शरीर के अंगों को लेकर पसंद और नापसंद अलग-अलग होती है. लेकिन अपनी चेस्ट और ब्रेस्ट को लेकर सभी के अंदर काफी सारी संवेदनाएं होती है.

अगर विशेषता महिलाओं की बात करें तो ब्रेस्ट का साइज अच्छा दिखाने के लिए ब्रेस्ट का साइज बढ़ाने वाली सर्जरी, बूब लिफ्टिंग ब्रा और निप्पल बान्स का उपयोग किया जाता है. महिलाओं की ब्रेस्ट खासकर निप्पल को शिशु को फीड कराने के लिए होता है. हालांकि, इससे यह भी समझा जाता है कि पुरूषों के निप्पल ज्यादा अलग नही होते है.

सभी के अलग शरीर और हाइट की तरह, हर किसी के निप्पल का साइज और शेप अलग होती है. इसलिए सभी को अपने निप्पलस के आकार और शेप के बारे में पता होना चाहिए. जिससे बेहतर स्वास्थ और प्लेजर को बढ़ावा मिल सकें. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है –

महिलाओं की ब्रेस्ट से जुड़े कुछ अनजाने तथ्य – amazing facts about women’s breast in hindi

महिलाओं की सेहत समस्याओं का निदान निप्पल से किया जा सकता है

  • महिलाओं की सेहत का पता लगाने के लिए निप्पल के रंग को मेजर फैक्टर माना जाता है.
  • निप्पल का नैचुरल रंग स्ट्राबैरी जैसा लाल होता है.
  • स्तनपान कराने वाली माताओं के निप्पल का रंग नीला होता है.
  • अधिक आयु होने पर इनका रंग काला हो जाता है.

4 से 8 प्रकार के निप्पल होते है

  • निप्पल फ्लैट, उभड़नेवाला, उल्टे या अवर्गीकृत हो सकते है.
  • ऐसा भी हो सकता है कि एक निप्पल उभड़नेवाला हो और दूसरा उल्टा हो.
  • इस तरह निप्पल के प्रकार 8 होते है.

निप्पल परिवेश (घेरा) नही होता है

  • निप्पल की पोजीशन ब्रेस्ट के सेंटर में होती है.
  • यह मैमरी ग्लैंड से जुड़ा होता है जहां दूध बनता है.
  • निपप्ल के आसपास के घेरा का रंग डार्क होता है.

क्या उल्टे निप्पल होना आम है

  • उल्टे निप्पल वह होते है जो बाहर की तरफ उभड़ने की जगह अंदर की ओर होते है.
  • इनका फंक्शन आम निप्पल की ही तरह होता है.
  • साथ ही एक निप्पल उल्टा होना और दूसरा ठीक होना भी आम है.
  • इसके अलावा उल्टे निप्पल के बाहर निकलने के आसार होते है.
  • उल्टे निप्पल स्तनपान कराने के बाद ठीक हो सकते है और इनसे स्तनपान पर कोई फर्क नही पड़ता है.
  • कामोत्तेजना और ठंडा तापमान के कारण अस्थाई रूप से निप्पल उभड़ सकते है.
  • पीयरसींग या सर्जरी कराने से अंदर घुसे हुए निप्पल बाहर आ सकते है.

क्या एक परिवेश (घेरा) में 2 निप्पल हो सकते हैं

  • इसे डबल या दोमुखि निप्पल कहते है.
  • अलग शरीर के अनुसार, हो सकता है कि दोनों निप्पल से शिशु को दूध पिलाया जा सकें.
  • हालांकि स्तनपान के दौरान शिशु के लिए दोनों निप्पल को मुँह में फिट करना मुश्किल हो सकता है.

क्या निप्पल पर बाल सच में होते है

  • निप्पल के आसपास बम्पस असल में हेयर फॉलीसिल होते है जो महिला व पुरूष दोनों के शरीर पर होते है.
  • शरीर से दूसरे हिस्सों में होने वाले बालों की तुलना में यह बाल ज्यादा डार्क दिखाई देते है.
  • दूसरे बालों की ही तरह इन्हें ट्रिम, वैक्स आदि किया जा सकता है.

एवरेज निप्पल की हाइट कितनी होती है

  • एक अध्ययन में देखा गया है कि निप्पल के आसपास का घेरा 4 सेंटीमीटर के डायमीटर होने पर निप्पल का डायमीटर 1.3 सेंटीमीटर होता है.
  • जबकि इसकी हाइट 0.9 सेंटीमीटर होती है.

हमेशा स्तनपान को कोई मानक नही माना जाता है

  • शिशु को स्तनपान कराना जरूरी होता है.
  • लेकिन पश्चिमी देशों में पहले ऐसा नही होता था. वहां के पैसे वाले लोग स्तनपान के लिए दूसरी महिलाओं को रखा करती थी.
  • लेकिन भारत में माताओं ने हमेशा से ही अपने शिशु को खुद का दूध पिलाया है.

महिलाओं में निप्पल दर्द होना काफी आम है

  • स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह कुछ नया नही होता है.
  • कई कारणों जैसे खराब पोजीशन आदि से दर्द हो सकता है. लेकिन स्तनपान के दौरान दर्द नही होना चाहिए.
  • लेकिन जो महिलाएं माँ नही बनी है उन्हें निप्पल में कठिनाई, दर्द या सूजन होना पीएमएस या हार्मोन बदलाव के कारण हो सकता है.
  • इसके अलावा – स्कीन पर जलन, एलर्जी या स्पोर्टस् ब्रा से स्कीन को नुकसान होना हो सकता है.
  • निप्पल कैंसर बहुत ही रेयर कंडीसन होती है और निप्पल से खून या डिस्चार्ज होने या लगातार दर्द बने रहने पर डॉ़क्टर से सलाह ली जानी चाहिए.

निप्पल साइज में बदल सकते है

  • ऐसा प्रेगनेंसी के दौरान देखने को मिलता है.
  • अध्ययनों में देखा गया है कि गर्भवती महिलाओं में निप्पल की चौड़ाई और मोटाई बढ़ती है.
  • साथ ही घेरा भी बड़ा हो जाता है. 

किसी भी असाधारण निप्पल डिस्चार्ज के बार में डॉक्टर को बताएं

  • एक या दोनों ब्रेस्ट की निप्पल से डिस्चार्ज होना स्वास्थ समस्याओं की ओर ईशारा करता है.
  • यह हाइपोथायरॉयडिज्म और सिस्ट के अलावा दवाओं में बदलाव के कारण हो सकता है.
  • लेकिन डिस्चार्ज में खून दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए.

कंडीशन जिसमें लोग बिना निप्पल के पैदा होते हैं

  • इसे अथेलिया कहा जाता है जिसके उपचार केे लिए ब्रेस्ट को फिर से बनाया जाता है.
  • शरीर की आदतों के अनुसार सर्जन आपके पेट आदि से टिश्यू लेकर इसे बनाते है.

क्या ज्यादा निप्पल होना मुमकिन है

  • ज्यादा निप्पल होने की कंडीशन को सुपरनुमेरेरी निप्पल कहा जाता है.
  • दुनिया में ऐसे सिर्फ कुछ ही मामले है जिनमें ऐसा कुछ देखा गया है.

निपप्ल में क्रैक आदि हो सकते है

  • कुछ मामलों में स्तनपान कराने वाली महिलाओं में ऐसा देखा गया है.
  • इसके अलावा वर्कआउट के कारण यह लाल, खुजली या पपड़ी पड़ना हो सकता है.
  • इसके लिए सही स्पोर्ट्स ब्रा पहनना जरूरी है.
  • निप्पल के बचाव के लिए पेट्रोलियम जेली लगाई जा सकती है जिससे कपड़ों के कारण ऐसा न हो.

निप्पल के उभाड़ से सेक्स की उत्तेजना बढ़ती है

निप्पल का रंग बदलता है

  • तापमान में बदलाव के कारण
  • प्रेगनेंसी के दौरान निपप्ल का रंग बदल जाता है और यह डार्क हो जाते है.

ब्रेस्ट और निप्पल की नर्व महिलाओं और पुरूषों में अलग होती है

  • नर्व सप्लाई को लेकर हुए अध्ययनों में पाया गया है कि महिलाओं में नर्व ज्यादा फैली हुई होती है.
  • जबकि पुरूषों में नर्व ज्यादा फैली हुई नही होती है.

ब्रेस्ट सर्जरी से निप्पल की सेंसिटिविटी प्रभावित होती है

  • आज के समय में सर्जरी काफी पॉपुलर है.
  • इससे निप्पल सेंसिटिविटी के नुकसान का रिस्क रहता है.

निप्पल के आसपास घेरे में बम्पस होने चाहिए

  • यह एक विशेष ग्लैंड होते है जिसे एरोलोर ग्लैंड कहा जाता है.
  • इससे लिपॉइड लिक्विड निकलता है जो निप्पल और इसके आसपास के घेरे को लूब्रिकेट रखता है.

पुरूषों के निप्पल से दूध पिया जा सकता है

  • पुरूषों में ब्रेस्ट होना और उससे दूध निकलना एक प्रकार की कंडीशन होती है जो बहुत ही रेयर होती है.
  • इसे गलैक्टोरिया कहा जाता है जो पुरूषों को प्रभावित करती है.