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योनि मसाज थेरेपी के बारे में – yoni massage therapy in hindi

योनि मसाज थेरेपी के बारे में – yoni massage therapy in hindi

इस लेख में आप जानेंगी योनि मसाज थेरेपी का अभ्यास करने के टिप्स, बेनेफिट्स, ऑर्गेज़म, स्खलन, कैसे शुरू करें, तकनीक, पोजीशन, एवसांस तकनीक के अलावा अकेले या पार्टनर के साथ मिलकर थेरेपी के तरीके –

योनि मसाज थेरेपी क्या होती है – what is yoni massage therapy in hindi

  • सेक्स और फोरप्ले न होते हुए यह एक प्रकार की कामुख मसाज होती है. 
  • इस थेरेपी का मकसद आप और आपके शरीर को अधिक सहज महसूस कराने के साथ साथ खुद को जानने की बेहतर समझ विकसित करती है.
  • यह अकेले या पार्टनर के साथ बिना अगले लेवल तक जाएं की जा सकती है.

योनि मसाज थेरेपी के फायदे – what are the benefits of yoni massage therapy in hindi

  • योनि मसाज थेरेपी की मदद आप खुद अपने शरीर को बिना सेक्स किए हुए स्लो, मेथोडिकल और कामुख रूप से जान पाती है.
  • सेक्सुअल ट्रॉमा के मामलों में भी यह थेरेपी काफी मददगार होती है.
  • कुछ के लिए यह धीमा और उपयोगी तरीका शरीर को खुद से जोड़ने और सकारात्मकता के लिए मदद करती है.

ऑर्गेज़म और स्खलन का क्या?

  • योनि मसाज थेरेपी काफी उत्तेजित करने वाली हो सकती है.
  • इस क्रिया के दौरान काफी सारे संवेदनशील एरिया जैसे ब्रेस्ट और पेट पर फोकस करने में मदद मिलती है.
  • अगर आप क्लाइमैक्स करती है तो भी घबराने की जरूरत नही है.
  • आपको एक से अधिक ऑर्गेज़म का अनुभव, खासकर इस तांत्रिक अभ्यास को विकसित करने पर हो सकता है.
  • ऐसा जरूरी नही कि यह अभ्यास उत्तेजित करने वाला ही हो.
  • काफी लोगों के लिए यह सेक्स के अलावा भावनात्मक हो सकता है.
  • इससे सबसे अधिक लाभ के लिए जरूरी है कि अपनी इच्छाएं व्यक्त की जाए.
  • अपनी एनर्जी को अपनी पसंद पर फोकस करने के अलावा दूसरे सेंशेसन जानने में मदद मिलती है.

योनि मसाज थेरेपी कैसे शुरू करें – how to start yoni massage therapy in hindi

यह एक मानसिक अभ्यास है जिसमें शरीर के साथ साथ दिमाग का भी इस्तेमाल होता है. अनुभव करते समय शरीर और मन दोनों तैयार रहें.

दिमाग को तैयार करें

  • अगर आपने कभी ऐसा कुछ अभ्यास नही किया है तो ऐसे में आपको शुरूआती स्टेज में अधिक एनर्जी की जरूरत पड़ेगी.
  • खुले दिमाग और मन के साथ इस अभ्यास को शुरू करना चाहिए.
  • इस थेरेपी के अनुभव को लेकर दिमाग में चल रही बातें और विचारों को छोड़ दें.
  • वार्म अप के लिए कुछ मिनटों तक प्राणयाम करने चाहिए.
  • गहरी, धीमी और सुनने वाली सांस लेने के अलावा हवा को पेट के अंदर या बाहर करना.
  • इन सभी सांस लेने की क्रियाओं को अभ्यास के दौरान किया जाना चाहिए.

अपने लिए जगह तैयार रखें

  • आप बेड, फ्लोर पर या फर्नीचर आदि को हटाकर आरामदायक जगह बना सकती है.
  • तकीया, ब्लैंकेट आदि को नीचे रखकर, लाइटों को धीमा करके माहौल बनाया जा सकता है.

शरीर को तैयार करना

शुरू करने के लिए

  • तकीये को कमर के नीचे और दूसरे तकीये को सिर के नीचे रखें.
  • घुटनों को मोड़कर पैरों के तलवों को नीचे रखें.
  • योनि (वेजाइना) को देखने के लिए पैरो को खोलें.

कामुख रूप से छूने के साथ शरीर को वार्म अप करें

  • पेट के निचले हिस्से और बैली को मसाज करें.
  • धीरे धीरे ब्रेस्ट को मसाज करें खासकर निप्पल के आसपास.
  • जिसके बाद निप्पल को प्यार से पकड़े या पींच करें.
  • जिसके बाद योनि पर फिर से फोकस करते हुए मसाज को पैरों के ऊपरी हिस्से और जांघ के अंदरूनी हिस्सों तक मसाज करें.

मसाज करने की तकनीक – massage techniques to try in hindi

योनि मसाज हर किसी महिला के लिए अलग हो सकती है. शुरूआत करने के लिए यह तकनीक अच्छी है.

कपिंग

  • अपने हाथों को कप के आकार में बांध लें और योनि के ऊपर होल्ड करें.
  • अपने हाथों को गोल मोशन में मूव करें.
  • योनि मुख पर हाथों को धीरे धीरे फ्लैट कर लें.
  • पूरे एरिया को मसाज करने के लिए हथेली का इस्तेमाल करें.

सर्कलिंग

  • फिंगर की टिप के साथ, क्लीटोरिस पर गोल सर्कल में रब करें.
  • छोटे, बड़े या टाइट सर्कल में कर सकती हैं.
  • फिंगर के प्रेशर में बदलाव किया जा सकता है.

पुश और पुल्ल

  • क्लीटोरिस पर प्यार से नीचे की तरफ पुश करें.
  • जिसके बाद क्लीट पर प्रेशर रखते हुए फिंगर को नीचे की तरफ ले जाएं.
  • इस प्रक्रिया को क्लीटोरिस शाॉफ्ट के दोनों तरफ दोहराएं.

टग्गिंग

  • हाथ के अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच प्यार से क्लीट को पकड़े.
  • जिसके बाद प्यार से क्लीट को शरीर से बाहर की तरफ टग करें.
  • योनि के लिप्स को शरीर से बाहर की तरफ टग कर रिलीज करें.
  • योनि के एरिया के बीच प्यार से टग्गिंग करें.

रोलिंग

  • क्लीटोरिस को अपने अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच होल्ड करें.
  • धीमे और प्यार से क्लीटोरिस को रब करें. 

पोजीशन

मसाज थेरेपी तकनीक के साथ, आप और आपके पार्टनर कई तांत्रिक पोजीशन को आजमा सकते है इससे लगाव और उत्तेजना बेहतर करने में मदद मिलती है.

अकेले होने

अकेले योनि मसाज करना काफी अच्छा है. इसके लिए खुद को सहज पोजीशन में रखकर रिलैक्स करते हुए मसाज की तैयारी करें.

लोटस

  • कमर सीधे रखते हुए बैठे आसन लगाकर बैठें..
  • हाथों को आराम देते हुए, हथेलियों को घुटनों पर रखें.
  • जिसके बाद धीरे से शुरू करते हुए कपालभाति करें. 

हैंड ऑन हार्ट

  • कमर को सीधे रखते हुए आसन लगाकर बैठें.
  • जिसके बाद प्यार से सीधे हाथ को हार्ट के ऊपर रखें.
  • आंखे बंद करके अपनी हार्टबीट को महसूस करना शुरू करें.
  • हार्ट की एनर्जी, भावनाएं आदि पर फोकस करें.
  • गहरी सांसे लेते हुए, अपने हाथ और हार्ट के बीच कनेक्शन बनने दें.

पार्टनर के साथ होने

पार्टनर के साथ किसी भी पोजीशन में तांत्रिक सेक्स संभावनाएं होती है. निम्न तरीके प्रयोग किए जा सकते है.

लोटस

  • अपने पार्टनर को कमर सीधी करके बैठाएं.
  • जिसके बाद पार्टनर की गोद में अपने पौरों को उससे रैप करते हुए बैठ जाएं.
  • आपके पैरों के टखने पार्टनर की पीठ की तरफ रहेंगे.
  • एक दूसरे की आंखों में देखते हुए सांसों की क्रिया शुरू करें.
  • सांसों में सामंजस्य बनाए.

स्पूनिंग

  • आप और आपके पार्टनर कही आरामदायक बेड या फ्लोर पर लेटकर इसे शुरू कर सकते है.
  • महिला पार्टनर को लेफ्ट साइड लेटना होगा.
  • मसाज मिलने वाले को धीरे से हल्की हल्की मसाज मिलनी चाहिए.
  • अपने हार्ट और पेट को मिलाएं.
  • गहरी सांसे और कोशिश करें की एक साथ सांसे लें. इससे कनेक्शन बनाने में मदद मिलती है.

अभ्यास में बेहतर हो जाने के बाद

इस अभ्यास में बेहतर हो जाने के बाद आप नई तकनीक प्रयोग कर सकते है जिससे ज्यादा आनंद मिल सकें.

जी-स्पॉट मसाज

  • अपनी एक या दो फिंगर को हल्का से मोड़कर सी शेप में बना लें.
  • फिंगर को प्यार से योनि में प्रवेश करवाएं.
  • ज्यादा आराम के लिए ल्यूब और आरामदायक हो सकता है.
  • जब फिंगर पूरी तरह से प्रवेश कर जाती है तो योनि की प्यार से मसाज करें.
  • सॉफ्ट, स्पंजी सेक्शन को महसूस करें जो क्लीटोरिस के पीछे होता है.
  • मिलने पर प्यार से मसाज करें.
  • ऑर्गेज़म के लिए प्यार से फिंगर को कर्ल कर आगे की तरफ बढ़ाए.
  • इसके अलावा अपने स्ट्रोक को फास्ट और स्लो किया जा सकता है.
  • प्रेशर भी कम या ज्यादा किया जा सकता है.
  • ज्यादा आनंद के लिए दूसरे हाथ से क्लीटोरिस मसाज की जा सकती है.

ऑर्गेज़म कंट्रोल

इससे ऑर्गेज़म को कंट्रोल करने और जल्दी से करने के अलावा आपको संवेदनशीलता बढ़ाना और क्लाइमैक्स पर ज्यादा मज़ा लेने के लिए किया जा सकता है. इसे करने के लिए –

  • जब आपको लगे कि आपका शरीर क्लाइमैक्स तक पहुँचने वाले है तब धीमे हो जाए. प्यार से अपना या पार्टनर के हाथ को बाहर निकाल लें.
  • इसके बाद कूलडाइन होने का इंतजार करें. हाथ को हार्ट पर रखकर गहरी और धीमी सांस लें.
  • तैयार हो जाने पर हस्तमैथुन को फिर से शुरू कर सकते है.
  • इसके बाद आपकी मर्जी है कि आप कब ऑर्गेज़म करना चाहती है उसी तरह से रूकना और शुरू करना है.  

अंत में

अगर आपको इस थेरेपी में मज़ा आता है और इसे सीखना चाहते है तो इसके लिए प्रोफेशनल मदद ले सकते है.