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अनियमित पीरियड्स के कारण और इलाज – irregular periods causes and treatment in hindi

अनियमित पीरियड्स के कारण और इलाज – irregular periods causes and treatment in hindi

नियमित मासिक धर्म अवधि तब होती है जब आपको हर महीने 5-6 दिनों तक ब्लीडिंग होती हैं. एक सामान्य मासिक धर्म चक्र के दौरान हर साल 11-13 बार पीरियड्स होते है. जबकि एक अनियमित मासिक धर्म अवधि तब होती है जब एक वर्ष में 14 से अधिक बार पीरियड्स साईकल होती है.

इसके अलावा 24 से 38 दिन के भीतर पीरियड्स का आना रेगुलर माना जाता है. जबकि पीरियड्स के समय में बदलाव होने को अनियमित मासिक धर्म का कारण माना जा सकता है.

प्रारंभ में, जब एक किशोर लड़की युवावस्था तक पहुंच जाती है, तो मासिक धर्म चक्र थोड़ा अनियमित होता है. हार्मोन संतुलित होने में कुछ साल या कुछ महीने लगते हैं और उसके बाद पीरियड्स साईकल नियमित अंतराल में होने लगते है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है अनियमित मासिक धर्म के कारण और इलाज –

अनियमित मासिक धर्म के कारण और इलाज – irregular periods causes and treatment in hindi

अनियमित मासिक धर्म के कारण- irregular periods causes in hindi

  • अत्यधिक वजन बढ़ने
  • अचानक से वजन घटने
  • मोटापा
  • भावनात्मक तनाव और चिंता
  • लगातार शारीरिक थकावट रहना
  • बिमारी
  • ज्यादा एक्सरसाइज करना
  • भारी वजन उठाना
  • लंबी यात्रा
  • तापमान में बदलाव
  • गर्भनिरोधक गोलियां और अन्य बर्थ कंट्रोल दवाएँ
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
  • पेल्विक अंगों के साथ अन्य चिकित्सा समस्याएँ
  • अपर्याप्त आराम और नींद
  • प्रोसेस्ड या तला हुआ भोजन बहुत अधिक खाना
  • स्तनपान से मासिक धर्म अनियमितताएं हो सकती हैं
  • पूरी तरह से बंद होने के बाद सामान्य स्थिति वापस आ सकती है
  • एनोरेक्सिया नर्वोसा 
  • बुलिमिया

अनियमित मासिक धर्म का इलाज – irregular periods treatment in hindi

अदरक

  • इसका उपयोग कई रोगों में होता है जिसमें से एक अनियमितता भी है.
  • अदरक के सेवन से पीरियड्स के दर्द को कम किया जा सकता है.
  • इसके सेवन पीएमएल के लक्षण जैसे बेहतर मूड, शारीरिक और भावनात्मक लक्षण में राहत मिलती है.

योगा करें

  • कई तरह के मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं के इलाज में योगा को काफी प्रभावी माना जाता है.
  • नियमित रूप से योगा करने से अनियमित पीरियड्स की समस्या वाले हार्मोन लेवल को कम किया जा सकता है.
  • इससे पीरियड्स का दर्द और इससे जुड़े भावनात्मक लक्षण जैसे घबराहट, डिप्रेशन और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है.
  • योगा शुरू करने के लिए आपको नेट पर काफी सारा कंटेट मिल सकता है या आप जिम जाकर भी कम सकती हैं.

दालचीनी

  • मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं में इसे काफी प्रभावी माना जाता है.
  • एक अध्ययन के अनुसार यह पीसीओएस के उपचार में काफी प्रभावी है.
  • इससे मासिक धर्म दर्द, ब्लीडिंग, मतली और उल्टी के लक्षणों में राहत मिलती है.

विटामिन की डोज़

  • अनियमित मासिक धर्म का कारण शरीर में विटामिन डी के लेवल कम होने को माना जाता है.
  • विटामिन डी के नियमित सेवन इसे ठीक किया जा सकता है.
  • साथ ही विटामिन डी से अन्य हेल्थ समस्याओं जैसे वजन कम करने में मदद और डिप्रेशन से लड़ने में मदद मिलती है.
  • विटामिन बी को भी पीएमएस के लक्षण को कम करने के लिए जाना जाता है.
  • विटामिन बी फ़ूड्स के साथ कैल्शियम का सेवन करना चाहिए.

अनानास (पाइनएप्पल)

  • अनानास में मौजूद तत्व यूटेरस की लिनिंग को सॉफ्ट करके अनियमितता को दूर करते है.
  • साथ ही इसमें एंटी इंफ्लामेटरी और दर्द निवारक गुण होते है. 
  • जिससे सिरदर्द समेत मासिक धर्म ऐंठन में राहत मिलती है.

सेब का सिरका

  • इंसुलिन लेवल बनाए रखने, ब्लड शुगर लेवल कम करने और वजन घटाने के अलावा यह महिलाओं में पीसीओएस की समस्या में मदद कर सकता है.
  • सेब के सिरके का स्वाद थोड़ा कड़वा या खट्टा हो सकता है.
  • इसे लेने के लिए एक चम्मच शहद मिलाया जा सकता है.

नियमित एक्सरसाइज

  • एक्सरसाइज के कई हेल्थ बेनेफिट्स होते है जिसमें से एक पीरियड्स है.
  • इससे हेल्दी वजन बनाए रखने में मदद मिलती है.
  • साथ ही अनियमित मासिक धर्म समस्या जैसे पीसीओएस का उपचार हो सकता है.

हेल्दी वजन बनाए रखना

  • वजन में बदलाव के कारण मासिक धर्म अवधि पर फर्क पड़ता है.
  • मोटापा या अधिक वजन वाली महिलाओं को अनियमित पीरियड्स हो सकते है.
  • जिसे ठीक करने के लिए वजन घटाने की जरूरत पड़ती है.
  • इसके अलावा अचानक से वजन कम होने से भी अनियमितता हो सकती है.

डॉक्टर से कब मदद लें

जीवन में कभी न कभी आपको अनियमित मासिक धर्म (पीरियड्स) का सामना करना पड़ता है. आपको लक्षणों के लिए हमेशा डॉक्टर की जरूरत नही पड़ती है. निम्न स्थितियाँ होने पर डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए.

  • पीरियड्स हैवी या ज्यादा दर्द होना
  • अचानक से मासिक धर्म अनियमित होना
  • 35 दिनों में एक बार पीरियड्स आना
  • 21 दिन में एक से अधिक बार मासिक धर्म आना
  • 3 महीनों तक पीरियड्स न आना
  • एक हफ्ते से अधिक मासिक धर्म रहना

निम्न स्थितियों के आधार पर डॉक्टर आपको दवाएँ दे सकते है – 

  • तनाव
  • इटिंग डिसऑर्डर
  • बर्थ कंट्रोल
  • ब्रेस्टफीडिंग
  • मेनोपोज़
  • प्यूबर्टी
  • पीसीओएस
  • थायरॉइड समस्या

अंत में

कुछ लाइफ़स्टाइल बदलाव और घरेलू उपचार की मदद के साथ मासिक धर्म चक्र को ठीक किया जा सकता है. जबकि पीरियड्स अनियमितता की समस्या गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर बताए गए उपचार का पालन किया जाना चाहिए.