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एनल सेक्स क्या है, सुरक्षा, जरूरी बातें, सवाल और तरीका – anal sex in hindi

एनल सेक्स क्या है, सुरक्षा, जरूरी बातें, सवाल और तरीका – anal sex in hindi

एनल सेक्स क्या है? – what is anal sex in hindi

हमारे समाज में सेक्स ऐसा मुद्दा है जिसके बारे में खुलकर चर्चा या जानकारी नही दी जाती है. उसके ऊपर से एनल सेक्स जिसे गुदा सेक्स भी कहा जाता है, एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में लोगों को सही जानकारी नही होती हैं.

अगर आपको अब भी समझ नही आया तो एनल सेक्स (पीछे से सेक्स करना) आजकल काफी पॉपुलर हो गया है. इसके पीछे के कारण पॉर्न आदि वीडियो को कहा जा सकता है जिसमें यह सब दिखाया जाता है.

क्या एनल सेक्स सुरक्षित है? – Is it safe to have anal sex in hindi

आजकल के जोड़ों की बात करें तो वे सेक्स के दौरान कुछ नया करना पसंद करते है. लेकिन कुछ भी नया करने से पहले आपको उसके बारे में जानकारी, उससे जुड़े रिस्क समेत तरीके के बारे में पता होना चाहिए.

अमेरिका की हेल्थ एजेंसी सीडीसी के मुताबिक, एनल सेक्स में रूचि रखने वाले जोड़े अधिकतर 45 वर्ष से कम आयु के हैं. 

ऐसा हो सकता है कि हम में से बहुत से लोगों को लगता होगा कि एनल सेक्स का मतलब एनस में पेनिस को घूसाना है. लेकिन आप दूसरे ऑप्शन भी आज़मा सकते हैं.

गुदा मैथुन (एनल सेक्स) को ओरल सेक्स के जरिए भी किया जा सकता है जिसमें आप अपनी फिंगर या जीभ का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा सेक्स टॉय जैसे वाइब्रेटर, डिलडो आदि का प्रयोग भी किया जा सकता है.

किसी भी दूसरी सेक्सुअल एक्टिवीटी की तुलना में, गुदा में पेनिस डालना काफी असुरक्षित होता है. इसके लिए कही अधिक प्लानिंग, तैयारी और बातचीत की आवश्यकता होती है.

सेक्स के दौरान सुरक्षा सबसे पहले और जरूरी होती है. लेकिन इसके साथ ही मज़ा भी बहुत जरूरी है.

एनल सेक्स करने से पहले जान लें यह जरूरी बातें – Important things to know before anal sex in hindi

इसे शुरू करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे आपको या आपके पार्टनर को किसी भी प्रकार की इंजरी या बिमारी का खतरा कम किया जा सकें. जब आप आश्वस्त होंगे तो आप इसका पूरा मज़ा उठा पाएंगे. पता होने वाली जरूरी बातें –

लूब्रिकेशन

  • योनि (वेजाइना) की तुलना में गुदा (एनस) में लूब्रिकेशन की कमी होती है
  • प्राकृतिक रूप से योनि का एक काम या कहे उपयोग सेक्स के लिए भी होता है.
  • महिलाओं के उत्तेजित होने पर वेजाइना अपने आप गीली हो जाती है जबकि गुदा के साथ ऐसा नही है.
  • एनल सेक्स के लिए आपको गुदा को लूब्रिकेट करना होता है.
  • बिना लूब्रिकेशन के सेक्स करने पर गुदा के अंदर के टिश्यू को नुकसान हो सकता है जिसके चलते दर्द और ब्लीडिंग हो सकती है.

टिश्यू को नुकसान होने का खतरा

  • वेजाइनल टिश्यू की तुलना गुदा के अंदर मौजूद टिश्यू बहुत अधिक संवेदनशील होते है.
  • गुदा द्वार के आसपास के स्किन टिश्यू हमारे पाचन तंत्र के बचाव का काम करते है.
  • जबकि गुदा के अंदर वाले टिश्यू ज्यादा पतले, नाजुक होने के कारण पेनिस घूसने से फट सकते है जिस कारण खून निकल सकता है.
  • जिसके चलते दोनों पार्टनर को इंफेक्शन, वाइरस या बैक्टीरिया होने का खतरा बढ़ जाता है.
  • टिश्यू को नुकसान के चलते दोनों पार्टनर को सेक्स से जुड़े संक्रमण के होने का भी ख़तरा हो जाता है.

मस्ल का रिलैक्स होना जरूरी

  • वेजाइना की ही तरह, गुदा की भी मांसपेशी होती है जिसके रिलैक्स होने से पेनिस आसानी से गुदा में प्रवेश कर सकता है.
  • दरअसल होता यह है कि एनल स्फिंक्टर रेक्टम की रक्षा करता है. जबकि एनल सेक्स के लिए इस मस्ल का रिलैक्स होना जरूरी है.
  • इससे न केवल अच्छा अनुभव होता है बल्कि मज़ा भी पूरा उठाया जा सकता है.
  • साथ ही इससे टिश्यू को नुकसान या किसी दर्द का रिस्क भी कम हो जाता है.
  • मांसपेशी को रिलैक्स करने के लिए पेनिस प्रवेश करने के प्रयास के दौरान समय और धीरज दोनों की जरूरत होती है.

बैक्टीरिया आदि संक्रमण

  • वेजिना की ही तरह गुदा में भी काफी सारे बैक्टीरिया होते है.
  • एहतियात न लेने पर गुदा के अंदर या आसपास मौजूद बैक्टीरिया फैल सकता है.
  • अगर आप कंडोम का उपयोग करते है तो ध्यान रहें कि वेजाइनल सेक्स के लिए अलग कंडोम और एनल सेक्स के लिए अलग कंडोम का प्रयोग करें.
  • अगर आप कंडोम नही पहने रहें है या अपने हाथ या सेक्स टॉय का प्रयोग कर रहें है तो अपने अंग को ठीक से धोएं.
  • एनल सेक्स में एहतियात न लेने पर हेपेटाइटिस ए और ई कोली जैसे बैक्टीरिया का खतरा रहता है.

एनल सेक्स के बारे में पूछे जानें वाले सबसे अधिक सवाल

नीचे दिए गए सवाल जोड़ों को उनकी समस्याओं का निदान करने में सहायक हो सकते है –

क्या एनल सेक्स से चोट लग सकती है? – kya anal sex se injury ho sakti hai?

इसका जवाब हां और नही दोनों हो सकते हैं –

  • अगर आप एनल सेक्स सही तरीके से करते है तो आप अच्छा महसूस कर सकते है. 
  • लेकिन ऐसा जरूरी नही कि पहली बार करने पर आपको कोई भी परेशानी नही हो.
  • पहली बार गुदा में पेनिस के प्रवेश से परेशानी महसूस हो सकती है.
  • अगर आपको कोई भी परेशानी महसूस हो तो तुरंत रूक जाएं और समय लें.
  • इसके अलावा शुरूआत करने के लिए फिंगर या छोटे टॉय का इस्तेमाल किया जा सकता है.

क्या एनल सेक्स के दौरान या बाद में खून निकलना आम है? – kya anal sex ke baad bleeding ho sakti hai?

हां ऐसा हो भी सकता है और ऐसा नही भी हो सकता हैं –

  • ऐसा हो सकता है कि पहली या दूसरी बार करने पर आपको ब्लीडिंग हो जाए.
  • लेकिन भविष्य में यह रूक जानी चाहिए.
  • ब्लीडिंग बंद न होने पर या हर बार एनल सेक्स करने के बाद स्थिति खराब होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए.
  • इसका कारण पेनिस का कठोर रूप से प्रवेश करना हो सकता है.
  • इसके अलावा यह किसी रोग की ओर भी संकेत कर सकता है.

क्या एनल सेक्स करने से शौच करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है? – kya anal sex krne se poop ki shamta effect ho sakti hai? 

  • एनल सेक्स कर लेने के बाद हो सकता है कि आपको बाथरूम जाने की इच्छा हो लेकिन यह शौच को प्रभावित नही करता है.
  • साथ ही कुछ मिथक के अनुसार इससे गुदा द्वार बड़ा नही होता है
  • इसलिए आपको पेट से जुड़ी कोई समस्या नही होती है.

एनल सेक्स के साइड इफेक्टस और रिस्क – anal sex ke side effects aur risk in hindi

  • सेक्स करने के दौरान सेक्स से जुड़े संक्रमण जैसे एचआईवी, गोनोरिया, क्लामाइडिया और हर्पस आदि एनल सेक्स के दौरान हो सकते है.
  • महिला व पुरूष दोनों में ही एचआईवी फैलने का खतरा सबसे ज्यादा एनल सेक्स से ही होता है.
  • एनल सेक्स करने के कारण टिश्यू को नुकसान पहुंचता है जिसके कारण बवासीर होने का खतरा रहता है.
  • हालांकि यह बहुत कम होता है लेकिन एनल सेक्स से कोलन में छिद्र होने का खतरा रहता है. जिसके लिए बाद में सर्जरी की जरूरत पड़ती है.
  • जबकि गुदा से भारी ब्लीडिंग, दर्द आदि होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए.

सुरक्षित एनल सेक्स कैसे करें? – How to perform safe anal sex in hindi

अपने पार्टनर के साथ एनल सेक्स करना काफी मज़ेदार हो सकता है. इसके लिए जरूरी है कि आप थोड़ी प्लानिंग और तैयारी पहले से करें. अगर आप दोनों इसे करना चाहते है तभी इसके लिए आगे बढ़े जिसमें सबसे पहले –

एनल सेक्स से पहले अपने पार्टनर से बात करें

  • इसके लिए जरूरी है कि दोनों पार्टनर एक दूसरे से बात करें.
  • सिर्फ मज़ा उठाने के लिए यह कर लेना, काफी सारी समस्या पैदा सकता है.

एनिमा का उपयोग करें

  • अगर आपको डर है कि चीज़े गंदी हो जाएंगी
  • इसके अलावा सेक्स के दौरान सब कुछ सही रहें इसलिए पेट साफ करने के लिए एनिमा आदि लिया जा सकता है.

नाखून छोटे रखें

  • सेक्स के दौरान कुछ कटे नही इसलिए नाखून छोटे रखने चाहिए.
  • गुदा के टिश्यू काफी संवेदनशील होते है और ब्लीडिंग का खतरा बहुत ज्यादा होता है.
  • बड़े नाखून से बैक्टीरिया फैलने का रिस्क अधिक हो जाता है.
  • हमेशा एनल सेक्स के बाद खुद को ठीक से साफ करें और हाथ धोएं.

कंडोम या डेंटल डैम का उपयोग

  • एनल सेक्स करने वाले लोगों को एसटीआई होने का खतरा ज्यादा होता है इसलिए कंडोम या डेंटल डैम का उपयोग करें.
  • जब आप वेजाइना से गुदा की तरफ जाते है तो कंडोम जरूर बदलें.
  • कंडोम इस्तेमाल न करने पर पेनिस को ठीक से धोएं और साफ करें.
  • टॉय का प्रयोग करने भी उसे ठीक से धोएं.

सेक्स पोजीशन में आए

  • इसके लिए आप कई सेक्स पोजीशन का लुफ्त उठा सकते है.
  • मिशनरी, डॉगी स्टाइल आदि कई पोजीशन इसके लिए उपयोग की जा सकती है.

गीला करने के लिए लूब्रिकेशन

  • इसके लिए आप बाज़ार से लूब्रिकेंट या कोई पानी वाले ऑप्शन उपयोग कर सकते है.
  • ऐसा करने से कंडोम फटते नही है.
  • ज्यादा ल्यूब को साफ करने के लिए आप कपड़ा या वाइप्स का उपयोग कर सकते है.

स्लो शुरूआत करें और पार्टनर से पूछते रहें

  • जल्दी से तेज़ शुरूआत न करें.
  • 10 से 15 मिनट का फॉरप्ले कर खुद को और पार्टनर को तैयार करें.
  • गुदा मांसपेशी को रिलैक्स होने पर पेनिस का प्रवेश करें. इससे अधिक आनंद का अनुभव होगा.
  • पहले राउंड में पूरा लिंग प्रवेश न करें.
  • शुरू में फिंगर या सेक्स टॉय का उपयोग किया जा सकता है.

शौच के कुछ कण आ सकते है

  • यह एनल सेक्स की सच्चाई है कि आपको कुछ शौच के कण देखने को मिल सकते है.
  • जिसके बाद हो सकता है कि आप असहज हो जाएं, इसलिए यह पहले से ही पता होना चाहिए.

क्या एनल सेक्स से ऑर्गेज़म होता है? – kya anal sex se orgasm hota hai?

  • जी हां, एनल सेक्स से ऑर्गेज़म हो सकता है लेकिन इसे इस तरीके से नही देखना चाहिए.
  • गुदा के आंदर काफी संवेदनशील नर्व होती है इसलिए ऐसा अधिक नही करना चाहिए.
  • पुरूषों में प्रोस्टेट ग्लैंड सेक्स उत्तेजना को बढ़ाता है.
  • जबकि महिलाओं में क्लीटोरल क्लाइमैक्स तक पहुंचने में मदद करती है.
  • इसके अलावा जरूरी नही कि हर महिला एनल सेक्स में ऑर्गेज़म तक पहुंच जाए.
  • ऑर्गेज़म तक जाने के लिए ओरल या वेजाइनल सेक्स जरूरी है.

अंत में

अगर आप और आपके पार्टनर के बीच की रिलेशनशिप बहुत मजबूत है और आप जानते है कि अपने पार्टनर को कैसे खुश करना है तो एक दूसरे से बात कर सकते है. ऐसे लोग न सिर्फ अपनी सेक्स लाइफ को अच्छा बना सकते है बल्कि ऊपर बताई गई बातों को फॉलो करके सेफ एनल सेक्स के जरिए ज्यादा आनंद उठाया जा सकता है.