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हेयरलाइन फ्रैक्चर – hairline fracture in hindi

हेयरलाइन फ्रैक्चर – hairline fracture in hindi

इस लेख में आप जानेंगे हेयरलाइन फ्रैक्चर क्या होता है, इसके लक्षण, कारण, रिस्क फैक्टर, निदान, जटिलताएं और इलाज – 

हेयरलाइन फ्रैक्चर क्या होता है – what is hairline fracture in hindi

  • हेयरलाइन फैक्चर को स्ट्रेस फ्रैक्चर भी कहा जाता है, यह छोटा क्रैक या हड्डी में गंभीर चोट हो सकती है.
  • एथलीटों को इस तरह की इंजरी होना काफी आम है.
  • अधिकतर दौड़ने और कूदने वाले खेलों में इस तरह की इंजरी होती है.
  • ऑस्टियोअर्थेराइटिस वाले रोगियों को भी हेयरलाइन फ्रैक्चर विकसित होने के मौके अधिक होते है.
  • समय के साथ हड्डी को माइक्रोस्कोपिक नुकसान होने पर, बार बार एक ही एक्शन या ज्यादा इस्तेमाल हेयरलाइन फ्रैक्चर के कारण होते है.
  • किन्हीं दो कार्यों के बीच खुद के शरीर को स्वस्थ रहने का समय न देने के कारण इंजरी का रिस्क बढ़ जाता है.
  • हाथों और पैरों की हड्डियों में हेयरलाइन फ्रैक्चर का खतरा अधिक रहता है.
  • ऐसा इसलिए क्योंकि दौड़ने और जंप करने के दौरान हाथ और पैरों की हड्डियाँ काफी ज्यादा तनाव लेती है.
  • पैरों में पंजे की दूसरी और तीसरी हड्डी इससे सबसे अधिक प्रभावित होती है.
  • यह पतली हड्डियां होती है और दौड़ने या जंप करने के दौरान इनपर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है.
  • इसके अलावा एडी, एंकल (टखना), नेवीकुलर (पैर के बीच में ऊपर वाली हड्डी) में हेयरलाइन फ्रैक्चर का रिस्क रहता है.

हेयरलाइन फ्रैक्चर के लक्षण क्या है – what are the symptoms of hairline fracture in hindi

  • इसका सबसे आम लक्षण दर्द होना है.
  • वजन उठाने वाली एक्टिविटी बंद नही करने पर, समय के साथ यह दर्द अधिक गंभीर होता जाता है.
  • आराम करने पर दर्द कम हो जाता है और वहीं किसी काम के दौरान बढ़ जाता है.
  • अन्य लश्रणों में सूजन, चोट, ऐंठन हो सकती है.

हेयरलाइन फ्रैक्चर के कारण क्या है – what causes hairline fracture in hindi

  • अधिकतर हेयरलाइन फ्रैक्चर मामले ज्यादा इस्तेमाल या एक ही तरह की एक्टिविटी को दोहराते रहने के कारण होती है.
  • किसी गतिविधि को ज्यादा समय या रेपीटेशन करने से हेयरलाइन फ्रैक्चर का रिस्क बढ़ जाता है.
  • उदाहरण के लिए अगर आप रनिंग करते है और अचानक से आप दूरी या हफ्ते में अधिक बार रनिंग करने लगते है तो इससे इंजरी हो सकती है.
  • इसके अलावा एक्सरसाइज के प्रकार को बदलने से भी हेयरलाइन फ्रैक्चर का रिस्क बढ़ सकता है.
  • उदाहरण के लिए अच्छा तैराक होने पर, खुद को रनिंग जैसी एक्टिविटी में साथ साथ शामिल करने से भी इंजरी हो सकती है.
  • कई सारी गतिविधियों के कारण हमारी हड्डियां उस तनाव को झेलना सीख लेती है और पूरानी हड्डियों को बदलने के लिए नई हड्डियां बन जाती है.

हेयरलाइन फ्रैक्चर का रिस्क किसको सबसे अधिक है –  who is most at risk of developing hairline fracture in hindi

  • कुछ खेल – बास्केटबाल, टेनिस, डांस, लंबी दूरी की दौड़, जिमनास्टिक आदि से हेयरलाइन फ्रैक्चर का रिस्क बढ़ जाता है.
  • पोषक तत्वों की कमीविटामिन डी की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती है. इसके अलावा इटिंग डिसऑर्डर वाले लोग इसके रिस्क पर होते है. विटामिन डी की मात्रा न मिलने के कारण सर्दियों के मौसम में रिस्क ज्यादा रहता है.
  • फूट समस्या – खराब जूते, फ्लैट पैर, हाई आर्क, रिजिड आर्क आदि.
  • कमजोर हड्डी – कंडीशन जैसे – ऑस्टियोअर्थेराइटिस या दवाएं जो हड्डियों के घनत्व और ताकत को प्रभावित कर देती है. इस कारण सामान्य गतिविधियों और रोजमर्रा के कामों को करने पर हेयरलाइन फ्रैक्चर हो सकता है.
  • सेक्स – खासकर, 50 से अधिक आयु वाली महिलाओं में इसका रिस्क अधिक होता है. इसके अलावा महिला एथलीटों में हेयरलाइन फ्रैक्चर का रिस्क अधिक रहता है. इसके अलावा बहुत अधिक डाइटिंग करने से इटिंग डिसऑर्डर, मासिक धर्म डिस्फंक्शन और समयपूर्व ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है. जिससे महिला एथलीटों में इंजरी का रिस्क बढ़ जाता है.
  • पहले हेयरलाइन फ्रैक्चर होने – एक हेयरलाइन फ्रैक्चर होने पर दूसरे का रिस्क बढ़ जाता है.

हेयरलाइन फ्रैक्चर का निदान कैसे होता है – how is hairline fracture diagnosed in hindi

  • हेयरलाइन फ्रैक्चर की आशंका होने पर डॉक्टर से मिलकर जितनी जल्दी हो सके उपचार लेना चाहिए.
  • आपके डॉक्टर द्वारा मेडिकल हिस्ट्री, आम स्वास्थ, डाइट, दवाएं और अन्य फैक्टर पूछे जा सकते है.
  • शारीरिक जांच – इसमें दर्द वाली जगह पर आराम से प्रेशर डालकर जांच की जाती है.
  • एमआरआई – हेयरलाइन फ्रैक्चर का पता लगाने का सबसे बेहतर तरीका एमआरआई है.
  • एक्स-रे – इंजरी के बाद यह तुरंत एक्स-रे में नही दिखाई देते है. चोट के कम से कम दो हफ्ते बाद यह नज़र आते है.
  • बोन स्कैन – इसके लिए नसो में छोटी डोज़ रेडियोएक्टिव मटेरियल की दी जाती है जो हड्डियों के रिपेयर होने वाले एरिया में फैल जाता है. इससे उस एरिया में ब्लड सप्लाई बढ़ जाती है.

क्या हेयरलाइन फ्रैक्चर का इलाज न होने पर दूसरी कंडीशन हो सकती है?

  • इसके दर्द को नज़रअंदाज करने से हड्डी पूरी तरह से टूट सकती है.
  • जिसके बाद हड्डी को जुड़ने में ज्यादा समय और इलाज की जरूरत पड़ती है.
  • इसका इलाज जल्दी से जल्दी किया जाना चाहिए.

हेयरलाइन फ्रैक्चर का इलाज क्या है – how are hairline fracture treated in hindi

  • आराम करना और बर्फ से सिकाई करना बहुत जरूरी होता है.
  • इसके अलावा डॉक्टर आपको एनएसएड्स लिख सकते है जिससे दर्द और सूजन में आराम मिलता है.
  • फ्रैक्चर के बाद फिजियोथेरेपी उपचार भी दिया जा सकता है.
  • डॉक्टर द्वारा उपचार इंजरी की जगह और गंभीरता के आधार पर दिया जाता है.
  • चोट वाले पैर पर ज्यादा वजन या तनाव नही डालना चाहिए.
  • इसके लिए जूते आदि पहन सकते है.
  • पूरे तरीके से ठीक होने के लिए 6 से 8 हफ्तों का समय लगता है.
  • इस दौरान कोई भी तनाव वाली एक्टिविटी नही करना चाहिए.
  • कुछ हेयरलाइन फ्रैक्चर में सर्जरी की जरूरत पड़ती है.

अंत में

जख्मों को भरने के दौरान किसी भी प्रकार की हाई इमपैक्ट एक्टिविटी से बचना चाहिए. खासकर ऐसी गतिविधि जिनसे फ्रैक्चर का रिस्क बढ़ सकता है. चोट ठीक हुई या नही इसको देखने के लिए डॉक्टर द्वारा एक्स-रे आदि करवाया जा सकता है.

ठीक हो जाने के बाद धीरे धीरे करके एक्सरसाइज रूटीन पर वापस आना चाहिए. कुछ रेयर मामलों में हेयरलाइन फ्रैक्चर पूर्ण रूप से ठीक नही हो पाते है जिससे क्रोनिक और लंबे समय तक दर्द रहता है. ऐसे में डॉक्टर से बात करके दर्द से बचाव और इंजरी को खराब होने से बचाने के लिए बात करनी चाहिए.