इस लेख में आप जानेंगे फीमेल इंजेकुलेशन से जुड़े सवाल-जवाबों के बारे में –

फीमेल इजेकुलेशन क्या होता है? – what is female ejaculation

  • चाहे आपको कुछ भी सुना हो, लेकिन इजेकुलेशन के लिए सिर्फ पेनिस होना ही जरूरी नहीं है.
  • इसके लिए आपको यूरेथ्रा की जरूरत होती है.
  • यूरेथ्रा एक ट्यूब होती है जो शरीर से यूरिन को निकालने में मदद करती है.
  • जबकि इजेकुलेशन वह फ्लूइड होता है जो यूरिन न होकर, यूरेथ्रा से चरमोत्कर्ष या ऑर्गेज़म के समय रिलीज होता है. (जानें – निप्पल ऑर्गेज़म के बारे में)
  • ध्यान रहें कि फीमेल इजेकुलेशन योनि को गिला (लूब्रिकेट) करने वाले सर्वाइकल फ्लूइड से अलग होता है.

क्या यह आम है?

  • जी हां, छोटे अध्ययनों और सर्वे आदि में मिलने वाले आंकड़े काफी हैरान करने वाले थे.
  • रिसर्च के अनुसार करीब 54 फीसदी महीलाओं ने कम से कम एक बार फीमेल इजेकुलेशन का अनुभव किया है.
  • वहीं 14 फीसदी ने लगभग सभी ऑर्गेज़म के साथ इजेकुलेशन को महसूस किया.
  • सभी आयुवर्ग के अधिकतर अध्ययनों में रिसर्चरों ने पाया कि करीब 70 महिलाओं ने इजेकुलेशन का अनुभव किया.

क्या इजेकुलेशन और स्क्वरटिंग एक ही चीज़ होती है?

  • काफी सारे लोग इन दोनों शब्दों को एक दूसरे के लिए इस्तेमाल करते है.
  • लेकिन कुछ रिसर्च का मानना है कि इजेकुलेशन और स्क्ववरटिंग दो अलग चीज़े है.
  • स्क्वरटिंग के दौरान निकलने वाला फ्लूइड पानी वाला यूरिन होता है, जो कभी कबी थोड़ी इजेकुलेशन के साथ होता है. (जानें – योनि से डिस्चार्ज के बारे में)
  • यह ब्लैडर से आकर, यूरेथ्रा के माध्यम से निकलता है जो पेशाब करने जैसा होता है.

इजेकुलेशन असल में क्या होता है?

  • फीमेल इजेकुलेशन पतला, सफेद रंग का फ्लूइड होता है.
  • एक अध्ययन के अनुसार, फीमेल इजेकुलेशन में कुछ कंपोनेंट सीमेन जैसे होते है.
  • साथ ही इसमें छोटी मात्रा में क्रिएटिन और यूरिया भी होता है जो पेशाब के मुख्य कंपोनेंट है.

फ्लूइड कहा से आता है?

  • यह फीमेल प्रोस्टेट से निकलता है जिसे केने ग्लैंड कहा जाता है.
  • यह योनि के सामने वाली दिवार पर स्थित यूरेथ्रा से घिरा हुआ होता है.
  • इसमें ओपनिंग होती है जो इजेकुलेशन को रिलीज करती है.
  • एक अध्ययन की माने तो यह ग्लैंड ज्यादा फ्लूइड निकलने की मात्रा के लिए यूरेथ्रा की ओपनिंग को बढ़ा सकता है.

यह यूरिन नहीं होता है?

  • नहीं, इजेकुलेशन अधिकतर प्रोस्टेट से रिलीज होते है जो थोड़े से यूरिन के साथ निकलते है.
  • जबकि स्क्वरटिंग के दौरान निकलने वाला फ्लूइड एक मिला हुआ यूरिन होता है जिसमें थोड़ी स्खलन की मात्रा होती है.

क्या यह दोनों होते है?

  • इजेकुलेशन में यूरिया और क्रिएटिन होते है जो यूरिन में मौजूद कंपानेंट होते है.
  • लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इजेकुलेशन और यूरिन एक ही है.
  • इन दोनों में बहुत सारी सामानताएं होती है.

इजेकुलेशन होने पर कैसा महसूस होता है?

  • यह एक से दूसरे व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है.
  • कुछ के लिए यह बिना इजेकुलेशन वाला ऑर्गेज़म होता है.
  • वहीं अन्यों के लिए यह हल्के गर्म और जांघों के बीच झटकों जैसा हो सकता है.
  • असली इजेकुलेशन को ऑर्गेज़म के साथ होना माना जाता है.
  • कुछ रिसर्च करने वाले लोगों के अनुसार यह ऑर्गेज़म के अलावा जी-स्पॉट को उत्तेजित करने से भी हो सकता है.
  • इसमें आपकी उत्तेजना, पोजीशन या तकनीक समेत तीव्रता काफी अहम रोल निभाते है.

क्या इसका कोई स्वाद या गंध होती है?

  • स्वाद हर किसी का अलग हो सकता है.
  • वहीं गंध की बात करें तो यह यूरिन जैसी नहीं होती है.
  • इसमें किसी प्रकार की गंध नहीं होती है.

क्या इजेकुलेशन और जी-स्पॉट के बीच कोई कनेक्शन होता है?

  • कुछ साइंटफिक लेखों के मुताबिक जी स्पॉट उत्तेजना, ऑर्गेज़म, फीमेल इंजेकुलेशन एक दूसरे से लिंक होते है.
  • जबकि अन्य के मुताबिक इनके बीच ऐसा कोई कनेक्शन नहीं होता है.
  • जी स्पॉट कोई अलग हिस्सा नहीं होता है. यह योनि के अंदर ही एक स्पॉट है जो क्लीट एरिया का हिस्सा होता है.
  • जी स्पॉट उत्तेजित करने के लिए क्लीट को उत्तेजित करना पड़ता है.
  • इसके मिल जाने पर इजेकुलेट करना आसान हो जाता है.
  • जिससे काफी अच्छे ऑर्गेज़म हो सकते है.

इसे कैसे आज़माया जा सकता है?

  • किसी भी चीज़ का अभ्यास करना सबसे बेहतर है.
  • खुद को उत्तेजित कर पता लगाना सबसे बेहतर तरीका है.
  • पार्टनर के साथ अभ्यास करने में भी कोई बुराई नहीं है.
  • इसके अलावा जी-स्पॉट का पता लगाकर उत्तेजित करने के मामलों में पार्टनर का वहां तक पहुंच पाना ज्यादा बेहतर हो सकता है.
  • वाइब्रेटर का उपयोग करके योनि के सामने वाली दिवार पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • सही क्लीट या योनि उत्तेजना से भी इजेकुलेशन हो सकता है.
  • इसके लिए जरूरी है कि रिलैक्स होकर, अनुभव को मज़ा उठाएं.
  • आप अलग तकनीक और पोजीशन का उपयोग कर सकती हैं.

अगर में इजेकुलेट न कर पाऊ तो क्या?

  • कोशिश करने में बहुत मज़ा आता है, लेकिन कोशिश करें कि इस पर इतना निर्भर न बने कि यह आपकी खुशी से दूर हो जाए.
  • इजेकुलेशन होता है या नहीं, इसके अलावा भी आप अच्छी सेक्स लाइफ का लुफ्त उठा सकती है.
  • सबसे जरूरी है कि उस चीज़ का पता लगाएं कि आपको किसमें मज़ा आता है.
  • साथ ही आप कितनी सहज है उसका भी ध्यान रखना चाहिए.

अंत में

याद रखने की कोशिश करें तो लाइफ के जैसे ही सेक्स भी एक सफर है जिसकी कोई लक्ष्य नहीं है. कुछ महिलाओं को इंजेकुलेशन होता है, कुछ को नहीं. इसलिए जरूर है कि सफर का आनंद लें.

References –

 

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