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घबराहट और डिप्रेशन दूर करने वाले योग

घबराहट और डिप्रेशन दूर करने वाले योग

घबराहट और डिप्रेशन दूर करने के लिए क्या करें

कोविड-19 कोरोनावायरस के चलते हुए लॉकडाउन में लोगों को घर में रहना पड़ रहा है. जिस कारण बहुत से लोगों को बैचेनी, घबराहट और अवसाद जैसी समस्याओं को झेलना होना पड़ रहा है. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है ऐसी ही कुछ बातें जिनसे आप बैचेनी, घबराहट और ड्रिपेशन से छुटकारा पा सकते हैं.

रिसर्च के अनुसार किसी भी प्रकार के मानसिक डिस्ऑर्डर जैसे घबराहट या डिप्रेशन से निपटने के लिए हफ्ते में 150 मिनट एक्सरसाइज करना बहुत ही अच्छा विकल्प होता है.

हालांकि इस रिसर्च में यह भी बताया गया है कि घर के अंदर एक्सरसाइज करने की तुलना में घर के बाहर एक्सरसाइज करने वालों को जल्दी राहत मिलती है.

चूंकि हम लोग लॉकडाउन के समय में है तो ऐसे में घर में एक्सरसाइज करना बेहतर है. इसके लिए आप अपने घर की छत या बालकनी में योग और मैडिटेशन कर सकते है.

डिप्रेशन के लिए योग – yoga for depression in hindi

बालासन 

  • बालासन आराम करने की मुद्रा है, इसलिए इसे कभी किया जा सकता है. 
  • इसे करने से तनाव और थकान में छुटकारा मिलने के साथ ही अवसाद में राहत मिलती है.

शवासन 

  • शवासन एक आराम करने की मुद्रा है. 
  • इस आसन को करने से दिमाग शांत रहता है
  • इससे तनाव और अवसाद जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है.

सुखासन 

  • इसको करने से सुख और शांति मिलती है. इसलिए इसे सुखासन कहते हैं. 
  • इस करने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है. 
  • आसन को नियमित करने से मन उदास नहीं रहता है और अवसाद में राहत मिलती है.

भुजंगासन

  • इसका आसन का मतलब सांप से है. 
  • इस आसन में सांप की तरह फन फैलाने की मुद्रा होती है. 
  • इसको करने से अवसाद को दूर करने में फायदा होता है. 
  • इसके अलावा यह शरी में ऊर्जा बढ़ता है और पीठ दर्द में फायदा करता है.

सेतुबंधासन

  • सेतुबंधासन दो शब्दों से मिलकर बना है. इसमें सेतु का मतलब पुल और बंध का मतलब बांधना से है. 
  • इस आसन में शरीर को सेतु की मुद्रा में बांध या रोक कर रखते हैं. 
  • इससे रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है, जिससे कमर दर्द की समस्या से निजात मिलती है. इसके अलावा यह उदासी को दूर करता है.

घबराहट के लिए योग – yoga for anxiety in hindi

अनुलोम विलोम प्राणायाम

घबराहट के लिए प्राणायाम बहुत ही अधिक लाभकारी होते है इसे करन के लिए –

  • सुखासन की अवस्था में बैठे
  • इसमें सीधे हाथ के अंगूठे ओर मिडल फिंगर का उपयोग होता है.
  • अपने अंगूठे से नाक के सीधे तरफ वाले छिद्र को बंद करें और लेफ्ट वाले छिद्र से चेस्ट में सांस खींचे
  • इसके बाद मिडल फिंगर से लेफ्ट साइड वाले छिद्र को बंद करें और राइट साइड वाले छिद्र से सांस छोड़े
  • फिर राइट वाले छिद्र से ही सांस लें और लेफ्ट वाले छिद्र से सांस छोड़े
  • नोट – हाथ और मिडल फिंगर का उपयोग चलता रहेगा
  • इस प्रक्रिया को शुरूआत में कुछ मिनटों के लिए और बाद में मिनटों को बढ़ा दें  

कपालभाती प्राणायाम

  • इसके लिए भी सुखासन या पद्मासन की अवस्था में बैठे.
  • ध्यान रहें कि आपका पेट भरा हुआ न हो खाना खाने के कम से कम 2 घंटे के अंतराल पर इसे करें
  • शोच या मूत्र की आवृति होने पर पहले निवृत हो लें
  • इसमें आपको नाक से सांस छोड़ने पर ध्यान देना होता है
  • आप जैसे ही नाक तेज़ी से छोड़ने पर फोकस करते है आपका पेट संवत् अपने आप तेज़ी से अंदर बाहर होता प्रतित पड़ने लगता है.
  • इस प्रक्रिया को भी शुरूआत में कुछ मिनट और अभ्यास हो जाने पर अधिक मिनटों तक किया जा सकता है.

इसके अलावा बैचेनी, घबराहट और डिप्रेशन की समस्या अधिक होने पर लोग वैक्लपिक चिकित्सा जैसे होम्योपैथी या आयुर्वेद का सहारा भी ले सकते है.