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विटामिन बी कॉमप्लेक्स – vitamin b complex in hindi

विटामिन बी कॉमप्लेक्स – vitamin b complex in hindi

इस लेख में आप जानेंगे विटामिन बी कॉमप्लेक्स क्या होता है, इसके फायदे, रोजाना की खुराक, कमी के लक्षण, जटिलताएं, क्या खाए, सप्लीमेंट और ओवरडोज़ के लक्षण –

विटामिन बी कॉमप्लेक्स क्या है – what is vitamin b complex in hindi

यह 8 बी- विटामिन से मिलकर बना होता है जिसमें –

  • बी-1 (थियामिन)
  • बी-2 (रिबोफ्लाविन)
  • बी-3 (नियासिन)
  • बी-5 (पेंटोथेनिक एसिड)
  • बी-6 (पायरिडोक्सिन)
  • बी-7 (बायोटिन)
  • बी-9 (फोलिक एसिड)
  • बी-12 (कोबालामिन)

विटामिन बी के यह सभी जरूरी भाग हमारे शरीर के फंक्शन करने के लिए बहुत जरूरी होते है.

विटामिन बी कॉमप्लेक्स के क्या फायदे होते है – what are the benefits of vitamin b complex in hindi

अच्छे स्वास्थ के लिए बी विटामिन बहुत अहम भूमिका निभाते है. इनका हमारे शरीर के एनर्जी लेवल, दिमाग के फंक्शन और सेल मेटाबॉलिज़्म पर सीधा प्रभाव पड़ता है.

इसके अलावा विटामिन बी कॉमप्लेक्स इंफेक्शन से बचाव के साथ निम्न कारकों में सपोर्ट करते है –

  • एनर्जी लेवल
  • रेड ब्लड सेल्स की ग्रोथ
  • सेल की हेल्थ
  • आंखों की रोशनी अच्छी होना
  • अच्छे पाचन के लिए
  • मांसपेशियों के गठिला होने
  • कार्डियोवस्कुलर हेल्थ के लिए
  • भूख के लिए
  • हार्मोन और कोलेस्ट्रोल बनने के लिए
  • सही नर्व फंक्शन के लिए

महिलाओं के लिए

  • गर्भवती और शिशु को स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बी-विटामिन बहुत जरूरी होते है.
  • यह शिशु के मानसिक विकास के लिए जरूरी होने के अलावा जन्म जात दोषों के रिस्क को कम करते है.
  • गर्भवती महिलाओं में विटामिन-बी मतली को कम करने, एनर्जी लेवल बेहतर करने समेत अन्य रिस्क को कम करते है.

पुरूषों के लिए

रोज कितनी विटामिन बी कॉमप्लेक्स डोज़ की जरूरत होती है – how much vitamin b complex do you need in hindi

महिलाओं के लिए –

  • बी-1 – 1.1 एमजी
  • बी-2 – 1.2 एमजी
  • बी-3 – 14 एमजी
  • बी-5 – 5 एमजी
  • बी-6 – 1.3 एमजी
  • बायोटिन – 30 एमसीजी
  • फोलिक एसिड – 400 एमसीजी
  • बी-12 – 2.4 एमसीजी

पुरूषों के लिए –

  • बी-1 – 1.2 एमजी
  • बी-2 – 1.3 एमजी
  • बी-3 – 16 एमजी
  • बी-5 – 5 एमजी
  • बी-6 – 1.3 एमजी
  • बायोटिन – 30 एमसीजी
  • फोलिक एसिड – 400 एमसीजी
  • बी-12 – 2.4 एमसीजी

वयस्कों और गर्भवती महिलाओं को विटामिन बी की ज्यादा जरूरत होती है. इसके लिए डॉक्टर आपकी जरूरत के अनुसार डोज लिख सकते है.

निम्न स्थितियाँ होने पर विटामिन-बी लेने पर शरीर इसका अवशोषण ठीक से नही कर पाता है. इसके लिए प्रीस्क्राइब कराने से पहले डॉक्टर को बताए –

  • एचआईवी
  • क्रोहन रोग
  • किडनी रोग
  • सीलिएक रोग
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस
  • इंफ्लामेटरी बाऊल रोग
  • रूमेटॉइड अर्थेराइटिस
  • शराब पर आधिनता

इसकी कमी के बारे में कैसे पता लगाए

संतुलित आहार खाने से लोगों को विटामिन बी मिल जाते है. लेकिन फिर भी इसकी कमी हो सकती है. जिसमें निम्न लक्षण दिखाई दे सकते है –

  • मतली
  • भ्रम
  • खून की कमी
  • जीभ पर सूजन
  • थकान
  • स्किन रैश
  • लिप्स पर स्कैली स्किन
  • मुंह के आसपास क्रैक्स
  • पानी की कमी
  • कब्ज
  • हाथ और पैर सुन्न होना या टिंगलिंग रहना
  • पेट में ऐंठन
  • चिड़चिड़ापन
  • डिप्रेशन

इन लक्षणों का अनुभव करने और पता न होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. इसके अलावा यह लक्षण दूसरी स्थितियों के साथ दिख सकते है.

क्या कमी होने से दूसरी कंडीशन का रिस्क बढ़ जाता है?

अगर आपको विटामिन-बी की कमी है और आपको उसके लक्षण अनुभव होते है. इलाज न मिलने पर निम्न स्थितियों का रिस्क बढ़ सकता है –

  • इंफेक्शन
  • पेरिफेरल न्यूरोपैथी
  • स्किन कंडीशन
  • अनेमिया
  • पाचन समस्याएं

महिलाएं जिनको गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड की कमी होती है उनके शिशुओं में जन्मदोष होने के आसार ज्यादा होते है.

यह किन फ़ूड्स में मिलता है?

ऐसे बहुत सारे फ़ूड्स है जिनमें विटामिन बी होते है और वहां से उन्हें अपनी डाइट में शामिल करना आसान होता है. विटामिन-बी निम्न फ़ूड्स में मिलते है –

  • चीज़
  • दूध
  • अंडे
  • मछली
  • मांस
  • पूर्ण अनाज
  • सीरियल्स
  • नट्स
  • बीज
  • फल जैसे कैला, तरबूज, संतरा आदि
  • हरी सब्जियाँ जैसे पालक, काले आदि
  • एवोकाडो, आलू, चकुंदर
  • सोया दूध आदि

क्या सप्लीमेंट जरूरी होते है?

  • अधिकतर लोगों को विटामिन बी अपनी डाइट से मिल जाता है.
  • बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट नही लिए जाने चाहिए.
  • कमी होने पर डॉक्टर आपको डाइट में कोई विशेष बी कॉमप्लेक्स सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते है.

निम्न स्थितियों में सप्लीमेंट की जरूरत हो सकती है –

  • गर्भवती होना
  • शाकाहारी डाइट लेने
  • कोई क्रोनिक हेल्थ कंडीशन होने
  • 50 साल से अधिक आयु

विटामिन-बी कॉमप्लेक्स बहुत अधिक लेने पर क्या होता है – what happens if you get too much vitamin b complex in hindi

  • डाइट से विटामिन-बी कॉमप्लेक्स मिलना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि यह पानी में घुलनशील होते है.
  • जिस कारण यह शरीर में कही भी स्टोर नही होते है और पेशाब के जरिए निकल जाते है.
  • सप्लीमेंट सीधे लेने पर ओवरडोज के मौके बहुत कम होते है.

डॉक्टर द्वारा बिना निदान किए गए होने पर ओवरडोज लेने से निम्न स्थितियां हो सकती है –

इसकी ओवरडोज होने पर तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत होती है. साथ ही सप्लीमेंट लेने की कंडीशन में डॉक्टर से बात करके सलाह ली जानी चाहिए. ज्यादा डोज के कारण नर्व डैमेज हो सकती है जिससे शरीर का मूवमेंट प्रभावित हो सकता है.

अंत में

किसी भी सप्लीमेंट आदि को लेने से पहले डॉक्टर से बात करके सलाह लेनी चाहिए. अगर आपका कोई हेल्थ लक्ष्य है जिसे आप पूरा करना चाहते है तो डॉक्टर आपको उसी अनुसार बेहतर उपचार दे सकते है. कुछ दवाएं और सप्लीमेंट हाल में चल रही दवाओं के साथ इंटरैक्ट कर सकती है. विटामिन बी कमी होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर उचित उपचार लिया जाना चाहिए.