दुनिया की प्राचीन भाषा संस्कृत से जन्मा शब्द योग, भारत में किए जाने वाले व्यायाम की शैली है जो अपने आप में प्राचीनतम है. इसके अभ्यास के दौरान आपके शरीर और आत्मा को साथ लाने में मदद मिलती है. (जानें – वजन घटाने वाले योग के बारे में)

इसमें मेडिटेशन, आसन समेत प्राणायम शामिल होते है जो तनाव को कम करके रिलैक्स करने में मददगार होते है.

योग का नियमित रूप से अभ्यास करने के कई मानसिक और शारीरिक लाभ होते है. आज इस लेख में आप जानेंगे साइंस द्वारा समर्थित कुछ ऐसे ही योगा के बारे में –

योग के फ़ायदे – benefits of yoga

ताकत को बढ़ावा देने

  • योग करने के लाभों में से एक ताकत को बेहतर करना है.
  • कुछ विशेष योगासन ताकत और मांसपेशियों को बनाने में मदद करते है.
  • अध्ययनों में देखने को मिला है कि इन योगासन से ताकत बढ़ने के साथ साथ वजन कम करने में मदद मिलती है.

क्रोनिक दर्द कम करने

  • क्रोनिक दर्द एक लगातार बने रहने वाली समस्या है जो लाखों लोगों को प्रभावित करती है और इसमें चोटों से लेकर गठिया तक कई संभावित कारण होते हैं.
  • रिसर्च में देखा गया है कि योग का अभ्यास करने से कई प्रकार के पुराने दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है.

हार्ट हेल्थ के लिए

  • पूरे शरीर को हेल्दी रखने के लिए हार्ट बहुत जरूरी होता है.
  • हार्ट न केवल ब्लड को पंप करने बल्कि पोषक तत्वों को टिश्यू तक सप्लाई करने का भी काम करता है.
  • अध्ययन के अनुसार, योग से हार्ट का हेल्थ बेहतर होने और कई हार्ट रोगों का रिस्क कम होता है.
  • एक अध्ययन में यह भी देखने को मिला है कि 40 से अधिक आयु वाले लोगों द्वारा योग न किए जानें के मुकाबले ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट कम रहते है.
  • हाई ब्लड प्रेशर को हार्ट समस्याओं जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क रहता है.
  • ब्लड प्रेशर कम रहने से इन समस्याओं का रिस्क कम हो जाता है.
  • कुछ रिसर्च के अनुसार योग के साथ साथ हेल्दी लाइफ़स्टाइल, डाइटरी बदलाव और तनाव मैनेज करने से हार्ट रोग का विकास धीमा हो जाता है. 

नींद की गुणवत्ता बढ़ाने

  • खराब नींद की गुणवत्ता अन्य विकारों के साथ मोटापा, उच्च रक्तचाप और अवसाद से जुड़ी हुई होती है.
  • स्टडी के अनुसार, योगा को रूटीन में शामिल करने से बेहतर नींद की गुणवत्ता होती है.
  • योग को नियमित रूप से करने से नींद का खराब करने वाले सभी फैक्टर से राहत मिलती है.

तनाव कम करने

  • योग को तनाव कम कर रिलैक्स करने का क्षमता के लिए जाना जाता है.
  • एक से अधिक अध्ययनों में देखने को मिला है कि योग करने से तनाव का प्रमुख कारक हार्मोन के लेवल को कम किया जा सकता है.
  • कई अध्ययनों मे देखा गया है कि इससे तनाव, घबराहट के लेवल सेत थकान और डिप्रेशन को कम करने में मदद मिलती है.
  • साथ ही इससे मानसिक और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है.
  • जबकि मेडिटेशन के साथ किए जाने पर योग अधिक ताकतवर रूप से कार्य करता है.

लचीलापन और संतुलन के लिए

  • लचीलेपन और संतुलन को बेहतर बनाने के लिए कई लोग योग को अपनी फिटनेस दिनचर्या में शामिल करते हैं. (जानें – स्टैमिना कैसे बढ़ाएं)
  • प्रत्येक दिन केवल 15-30 मिनट योग का अभ्यास करने से लचीलापन और संतुलन बढ़ाकर प्रदर्शन को बढ़ाने के इच्छुक लोगों के लिए बड़ा अंतर हो सकता है.

जीवन की गुणवत्ता अच्छी करने

  • योग कई व्यक्तियों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए एक सहायक चिकित्सा के रूप में तेजी से सामान्य हो रहा है.
  • योग का अभ्यास करने से जीवन की गुणवत्ता, साथ ही साथ मनोदशा और थकान में सुधार होता है.
  • अन्य अध्ययनों में देखने को मिला है कि योग जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने और कैंसर रोगियों में लक्षण को कम करने में मदद करते है.
  • इसके ब्रेस्ट कैंसर से पीडित महिलाओं पर हुए योग अध्ययन में देखने को मिला कि योग करने से दर्द कम होना, कम थकान और रिलैक्स करने में मदद मिली.
  • अन्य स्टडी में देखा गया कि योग करने से जीवन की गुणवत्ता अच्छी होने, सोशल फंक्शन बेहतर होने के साथ घबराहट और डिप्रेशन के लक्षण कम होने में मदद मिलती है.

घबराहट से राहत देने

  • काफी सारे लोग योग की शुरूआत घबराहट की समस्या से लड़ने के लिए करते है.
  • ऐसे काफी सारे रिसर्च है जिनमें योग को घबराहट कम करने के रूप में माना गया है.
  • अध्ययनों में देखा गया है कि नियमित रूप से योग करने घबराहट के स्तर में कमी आती है.
  • हालांकि आधुनिक विज्ञान में ऐसी कोई स्पष्ट तथ्य नहीं है जो बता सके कि यह कैसे घबराहट के लक्षण को कम करते है.
  • लेकिन योग करने से शांति की अनुभूति होती है जिससे घबराहट का इलाज होता है.

सांस लेने में परेशानी सही करने

  • प्राणायम को सांसों को कंट्रोल करने समेत कई लाभों के लिए जाना जाता है.
  • इससे फेफड़ों की क्षमता को बेहतर करने में मदद मिलती है.
  • जिससे फेफड़ों की समस्या, हार्ट समस्या और अस्थमा के रोगियों के लिए जरूरी होते है.
  • प्राणयाम करने से हार्ट को स्वास्थ रखने, फेफड़ों को हेल्दी और स्टैमिना को बढ़ाने में मदद करता है.

डिप्रेशन से लड़ने

  • कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि योग का अवसाद विरोधी प्रभाव हो सकता है और अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है.
  • योग करने से तनाव का लेवल बढ़ाने वाले हार्मोन कम हो जाते है जो डिप्रेशन से जुड़े होते है.
  • कई रिसर्च में देखने को मिला है कि योग करने से डिप्रेशन से लड़ने, अकेलापन या दूसरे इलाज के साथ लिए जाने पर अवसाद को दूर करने में मदद करते है.

माइग्रेन से राहत

  • दुनियाभर में माइग्रेन (आधे सिर में दर्द) एक समस्या बन गया है.
  • आमतौर पर माइग्रेन का इलाज दवाओं के साथ लक्षणों को मैनेज करने के लिए किया जाता है.
  • योग करने से माइग्रेन के दर्द की फ्रिक्वेंसी कम हो जाती है.

इंफ्लामेशन कम करने

  • अध्ययनों के अनुसार, मानसिक हेल्थ को लाभ देने के अलावा योग से इंफ्लामेशन को कम करने में मदद मिलती है.
  • इंफ्लामेशन एक सामान्य इम्यून रिसपोंस होता है लेकिन क्रोनिक इंफ्लामेशन रहने से हार्ट रोग, डायबिटीज समेत कैंसर जैसे रोगों के विकसित होने का रिस्क बढ़ जाता है.
  • अध्ययन के अंत में यह भी जानने को मिला कि योग का अभ्यास करने से इंफ्लामेशन के कारकों में कमी आती है.
  • जिससे क्रोनिक इंफ्लामेशन और कुछ रोगों से बचाव होता है.

अंत में

कई अध्ययनों ने योग के कई मानसिक और शारीरिक लाभों की पुष्टि की है. इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना आपके स्वास्थ्य को बढ़ाने, शक्ति और लचीलेपन को बढ़ाने और तनाव, अवसाद और चिंता के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है.

योग का अभ्यास करने का समय प्रति सप्ताह केवल कुछ बार ढूँढना आपके स्वास्थ्य के लिए ध्यान देने योग्य अंतर बनाने के लिए पर्याप्त हो सकता है.

References –

 

Share: