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फीमेल पैटर्न बाल्डनेस – female pattern baldness in hindi

फीमेल पैटर्न बाल्डनेस – female pattern baldness in hindi

इस लेख में आप जानेंगे महिलाओं में गंजापन क्या है, इसके लक्षण, कारण, रिस्क फैक्टर, निदान, उपचार और बचाव – 

फीमेल पैटर्न गंजापन क्या है – what is female pattern baldness in hindi

  • महिलाओं में पैटर्न गंजेपन को एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया भी कहा जाता है. यह महिलाओं में एक पैटर्न से होने वाला हेयर लॉस होता है.
  • यह गंजेपन का पैटर्न पुरूषों में भी होता है लेकिन अंतर यह है कि महिलाओं को हेयर लॉस थोड़ा अलग तरीके से होता है.
  • आयु बढ़ने के साथ साथ महिलाओं में बालों का झड़ना आम है, मेनोपॉज के बाद अधिकतर महिलाओं को गंजेपन का सामना करना पड़ता है.
  • महिलाओं में पैटर्न गंजापन अनुवांशिक होता है जो मेनोपॉज के बाद हार्मोन बदलाव के कारण काफी आम है.
  • बालों के सामान्य से अधिक झड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. जिससे वह गंजेपन के कारण का पता लगा सकें.
  • जितनी जल्दी इलाज मिलेगा उतनी ही जल्दी हेयर लॉस को रोककर बालों को फिर से विकसित करने में मदद मिलेगी.

फीमेल पैटर्न बाल्डनेस कैसे दिखती है – what does female pattern baldness look like in hindi

महिलाओं में पैटर्न गंजेपन के कारण बालों के फिर से विकास होने की प्रक्रिया स्लो हो जाती है. जिससे नए बालों को फिर से आने में समय लगता है. ऐसा इसलिए क्योंकि हेयर फॉलिकल सिकुड़ जाते है जिससे विकसित होने वाले बाल पतले हो जाते है और आसानी से टूट जाते है.

एक दिन में 50 से 100 बालों का गिरना महिलाओं के लिए आम है. लेकिन जिन महिलाओं को गंजेपन की समस्या होती है तो उन्हें ज्यादा हेयर लॉस का सामना करना पड़ता है.

पुरूषों में हेयर लॉस की प्रक्रिया सिर के आगे से शुरू होकर पूरे सिर पर फैल जाती है जिससे गंजापन हो जाता है. जबकि महिलाओं को गंजापन पूरे सिर पर होता है और सिर के आगे वाले हिस्से में भी होता है.

हालांकि महिलाओं का पूरा गंजे हो जाने के आसार बहुत कम होते है लेकिन उनके बाल काफी पतले हो जाते है.

डॉक्टरों के अनुसार फीमेल पैटर्न बाल्डनेस को तीन प्रकार में बाँटा जाता है –

  • टाइप 1 सिर पर पार्ट में छोटी मात्रा में बालों का पतला होना.
  • टाइप 2 में बड़े पार्ट में बालों का ज्यादा पतला होना.
  • टाइप 3 मेंं पूरे सिर के बालों को पतला होना, जिसमें स्कैल्प को देखा जा सकता है. 

महिलाओं में गंजेपन का कारण – female pattern baldness causes in hindi

  • इसके कारणों में से एक जेनेटिक्स होता है जिसमें माता पिता के अलग अलग जीन्स शामिल है.
  • यह माता या पिता दोनों में से किसी के भी जीन्स हो सकते है. 
  • माता पिता को गंजेपन की समस्या होने पर आपको भी यह हो सकती है.
  • इसके अलावा फीमेल पैटर्न बाल्डनेस का कारण एंडोक्रिन कंडीशन या हार्मोन सिक्रेटिंग ट्यूमर को माना जाता है.
  • अन्य लक्षणों जैसे अनियमित पीरियड्स, गंभीर एक्ने या अनचाहे बालों के ज्यादा बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
  • किसी अन्य प्रकार के हेयर लॉस का अनुभव करने पर भी डॉक्टर से संपर्क करें.

क्या महिलाओं को 20 से 30 वर्ष की आयु के बीच फीमेल पैटर्न बाल्डनेस हो सकती है – can women get female pattern baldness in their 20s in hindi

पुरूषों की तुलना में फीमेल पैटर्न बाल्डनेस के मौके आधी आयु से पहले कम होते है. जबकि पुरूष की ही तरह महिलाएं भी 40 या 50 वर्ष की आयु से अधिक या आसपास बालों के झड़ने का सामना करने लगते है.

पुरूषों में सेक्स हार्मोन एंड्रोजन के हाई लेवल के कारण हेयर लॉस की समस्या होती है. महिलाओं में भी बालों के झड़ने की समस्या में एंड्रोजन अहम भूमिका निभाते है. स्मोकिंग को भी फीमेल पैटर्न हेयर लॉस के लिए जिम्मेदार माना जाता है.

इसका निदान कैसे होता है – female pattern baldness diagnosis in hindi

  • अगर आप अपने स्कैल्प पर बालों का पतला होना नोटिस करती है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
  • हेयर लॉस के बारे में जानने के लिए डॉक्टर आपको स्कैल्प की जांच करेंगे.
  • आमतौर पर इसका पता लगाने के लिए किसी टेस्ट की जरूरत नही होती है.
  • किसी अन्य प्रकार के हेयर लॉस का अंदेशा होने पर ब्लड टेस्ट किया जा सकता है.
  • ब्लड टेस्ट में थायराइड हार्मोन, एंड्रोजन, आयरन या बालों को प्रभावित करने वाले अन्य चीज़ों की जांच की जा सकती है.

महिलाओं के गंजेपन का इलाज – female pattern baldness treatment in hindi

महिलाओं में गंजेपन की समस्या होने पर डॉक्टर आपको नई हेयर स्टाइल अपनाने की सलाह दे सकते हैं. जिससे स्कैल्प पर बालों के पतले होने को छिपा सकते है. 

इसका जल्दी पता लगने पर बेहतर उपचार और भविष्य में बालों के झड़ने को कम किया जा सकता है. ट्रीटमेंट में डॉक्टर द्वारा एक या उससे अधिक दवाएं प्रयोग की जाती है. दवाएं जैसे –

  • मिनोक्सीडिल
  • फिनास्टेरिड
  • डूटास्टेरिड
  • स्पीरोनोलैक्टोन

इन दवाओं को डॉक्टर द्वारा प्रीस्क्राइब किया जाता है और उनके द्वारा बताए गए तरीके से ही लिया जाना चाहिए.

अन्य विकल्प

  • डॉक्टर आपको आयरन सप्लीमेंट दे सकते है.
  • अन्य सप्लीमेंट जैसे बायोटिन, फॉलिक एसिड.
  • प्लेटलेट रिच थेरेपी
  • विग पहनना
  • हेयर ट्रांसप्लांट आदि

क्या इसे ठीक किया जा सकता है

  • नही इसे फिर से पहले जैसा नही किया जा सकता है.
  • सही उपचार से हेयर लॉस को रोका जा सकता है और बालों को फिर से ग्रो करने में मदद मिल सकती है.
  • इसके उपचार में कम से कम 12 महीने तक लग सकते है.
  • बालों के झड़ने से बचाने के लिए उपचार को लंबे समय तक लेना पड़ सकता है. 

फीमेल पैटर्न बाल्डनेस की रोकथाम – female pattern baldness prevention in hindi

  • बालों का ख्याल रखें जिसके लिए हेल्दी डाइट जिसमें आयरन फ़ूड्स जैसे हरी सब्जियाँ, दाल आदि शामिल हो.
  • बालों को नुकसान पहुँचाने वाले ट्रीटमेंट न लें जैसे बलीच, स्ट्रेट करने वाली आयरन आदि.
  • किसी दवा के कारण होने वाले हेयर लॉस के लिए डॉक्टर से बात करें.
  • स्मोकिंग न करें इससे हेयर फॉलिकल को नुकसान होता है.
  • बाहर निकलने पर सिर पर कोई कैप आदि पहने जिससे बालों को नुकसान न हो.

इसके अलावा किसी अन्य समस्या व सवाल के लिए डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए.